कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा- ‘राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं या नहीं, इस पर 10 दिन में जवाब दें। भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने इसे अपर्याप्त माना और सरकार को और स्पष्ट जवाब देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इसका जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) सूर्यभान पांडेय ने बताया, राहुल की तरफ से कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने पूछा है कि केंद्र साफ करे कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या ब्रिटिश। अगली सुनवाई 5 मई को होगी। अब पूरे मामले को समझिए इससे पहले लखनऊ हाईकोर्ट में 24 मार्च को सुनवाई थी। जस्टिस एआर मसूदी और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। सरकार ने 8 सप्ताह का समय मांगा था। इस पर 21 अप्रैल सुनवाई की तारीख तय हुई थी। वहीं, 19 दिसंबर, 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) सूर्यभान पांडेय को केंद्रीय गृह मंत्रालय से जानकारी हासिल करने का निर्देश दिया था। गृह मंत्रालय ने हाईकोर्ट में बताया था कि उन्होंने यूके सरकार को लेटर लिखा है। यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से पेश वकील ने कहा- समय दिया जाए। पूरे मामले में क्या जांच हो रही है। इसकी पूरी रिपोर्ट 8 सप्ताह में तैयार करके पेश करेंगे। क्या है राहुल गांधी की नागरिकता का मामला?
1 जुलाई, 2024 को कर्नाटक के वकील और भाजपा नेता एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता होने का भी आरोप लगाया था। याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया था। विग्नेश शिशिर ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9(2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के पास हैं ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज
इस याचिका में राहुल की ब्रिटिश नागरिकता को कथित तौर पर छुपाने के कारण इसी साल रायबरेली लोकसभा सीट से उनके निर्वाचन को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि उसके पास ब्रिटिश सरकार के सभी दस्तावेज और कुछ ईमेल हैं जो साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं और इस वजह से वह भारत में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। लिहाजा वह लोकसभा सदस्य का पद नहीं संभाल सकते। राहुल गांधी ने 2024 में रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव जीता है। इससे पहले वे अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतते आए हैं। हालांकि, 2019 के चुनाव में राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए थे। दैनिक भास्कर से विग्नेश शिशिर ने अपनी रणनीति का खुलासा किया। पढ़िए पूरी बातचीत… राहुल गांधी की नागरिकता रद्द होगी, याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय और हाईकोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए हैं। भारत सरकार ने मामले पर ब्रिटेन सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमने रायबरेली MP/MLA कोर्ट में 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराने की तैयारी की है। यह दावा है विग्नेश शिशिर का। सवाल: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मामले पर क्या सुनवाई हुई?
जवाब: 25 नवंबर, 2024 को यह मामला हाईकोर्ट में आया। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि 19 दिसंबर, 2024 तक राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की याचिका पर निर्णय लिया जाए। फिर 19 दिसंबर, 2024 को सुनवाई हुई। इस दौरान गृह मंत्रालय ने जवाब दाखिल करने के लिए 8 हफ्ते का समय मांगा। भारत सरकार ने UK सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। सवाल: रायबरेली में दर्ज की जाने वाली रिपोर्ट क्या है?
जवाब: जुलाई, 2024 में हमने रायबरेली के SP से राहुल पर FIR दर्ज करने की अपील की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हम रायबरेली MP/MLA कोर्ट में भी 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराएंगे। यह मामला भी उनकी नागरिकता के संदर्भ में है। सवाल: पहले भी राहुल की नागरिकता पर याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
जवाब: हमारी याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय के समक्ष पुख्ता सबूत पेश किए हैं। हमें ब्रिटिश सरकार से कुछ आधिकारिक पत्राचार मिले हैं, जो मामले को मजबूत करते हैं। इन सभी सबूतों को हमने हाईकोर्ट में दाखिल किया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि इन सबूतों के आधार पर गृह मंत्रालय राहुल की नागरिकता रद्द करेगा। कौन हैं विग्नेश शिशिर?
याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर कर्नाटक के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रोफाइल में उन्होंने खुद को BJP कार्यकर्ता और डॉ. अंबेडकर का फैन बताया है। कोर्ट ने राहुल के खिलाफ फैसला दिया तो क्या होगा, जानने के लिए लखनऊ हाईकोर्ट के सीनियर वकील योगेश सोमवंशी से भास्कर ने बात की, पढ़िए सवाल और उनके जवाब सवाल 1: अगर राहुल के पास दोहरी नागरिकता के आरोप साबित हुए तो क्या होगा?
अगर राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस में दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर भारतीय संविधान के आर्टिकल 9(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी पर अपनी नागरिकता छिपाने और गलत जानकारी देने का केस चलेगा। नागरिकता कानून 1955 के तहत राहुल को कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 5 साल की सजा सुनाई जा सकती है। राहुल पर 50 हजार रुपए जुर्माना या फिर सजा और जुर्माना दोनों लग सकते हैं। इसके अलावा उनकी भारतीय नागरिकता भी स्वतः खत्म हो जाएगी। सवाल 2: अगर दोषी पाए तो क्या राहुल की सांसदी भी खत्म हो जाएगी?
लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए भारतीय नागरिकता जरूरी है। अगर राहुल की ब्रिटिश नागरिकता साबित होती है, तो उनकी लोकसभा सदस्यता अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में कोई भी अधिकार और फायदे नहीं मिलेंगे। फिर राहुल न तो चुनाव लड़ पाएंगे और न ही वोट डाल सकेंगे। सवाल 3: राहुल गांधी के पास आगे क्या विकल्प हैं?
राहुल के ब्रिटिश नागरिक होने के पुख्ता सबूत नहीं है, क्योंकि ब्रिटेन में नागरिकता देते वक्त एक शपथ समारोह का आयोजन किया जाता है। राहुल गांधी के ऐसे किसी समारोह की जानकारी नहीं है। इसलिए इस बात के चांस बढ़ जाते हैं कि वे ब्रिटेन के नागरिक नहीं है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट में ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 मामले —————————- यह खबर भी पढ़िए… क्या डीएम से विधायक इतना कमजोर कि पैर छूने पड़ें?:पूर्व सांसद बृजभूषण के बयान से उठे सवाल; DM-MLA में कौन पावरफुल यूपी के अफसर नेताओं की नहीं सुनते। भाजपा नेताओं का यह दर्द अक्सर सामने आता रहा है। अब भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने अपने बयान से इसे और तूल दे दिया है। बृजभूषण ने यहां तक कह डाला कि विधायकों की औकात जीरो हो गई है। काम निकलवाने के लिए डीएम के पैर छूकर नमस्ते करते हैं। बृजभूषण का पूरा बयान क्या है? उन्होंने ऐसा क्यों कहा? विधायक और डीएम के पावर क्या होते हैं? भास्कर एक्सप्लेनर में इस सवालों के जवाब पढ़िए…
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा- ‘राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं या नहीं, इस पर 10 दिन में जवाब दें। भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने इसे अपर्याप्त माना और सरकार को और स्पष्ट जवाब देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इसका जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) सूर्यभान पांडेय ने बताया, राहुल की तरफ से कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने पूछा है कि केंद्र साफ करे कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या ब्रिटिश। अगली सुनवाई 5 मई को होगी। अब पूरे मामले को समझिए इससे पहले लखनऊ हाईकोर्ट में 24 मार्च को सुनवाई थी। जस्टिस एआर मसूदी और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। सरकार ने 8 सप्ताह का समय मांगा था। इस पर 21 अप्रैल सुनवाई की तारीख तय हुई थी। वहीं, 19 दिसंबर, 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) सूर्यभान पांडेय को केंद्रीय गृह मंत्रालय से जानकारी हासिल करने का निर्देश दिया था। गृह मंत्रालय ने हाईकोर्ट में बताया था कि उन्होंने यूके सरकार को लेटर लिखा है। यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से पेश वकील ने कहा- समय दिया जाए। पूरे मामले में क्या जांच हो रही है। इसकी पूरी रिपोर्ट 8 सप्ताह में तैयार करके पेश करेंगे। क्या है राहुल गांधी की नागरिकता का मामला?
1 जुलाई, 2024 को कर्नाटक के वकील और भाजपा नेता एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता होने का भी आरोप लगाया था। याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया था। विग्नेश शिशिर ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9(2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के पास हैं ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज
इस याचिका में राहुल की ब्रिटिश नागरिकता को कथित तौर पर छुपाने के कारण इसी साल रायबरेली लोकसभा सीट से उनके निर्वाचन को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि उसके पास ब्रिटिश सरकार के सभी दस्तावेज और कुछ ईमेल हैं जो साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं और इस वजह से वह भारत में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं। लिहाजा वह लोकसभा सदस्य का पद नहीं संभाल सकते। राहुल गांधी ने 2024 में रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव जीता है। इससे पहले वे अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतते आए हैं। हालांकि, 2019 के चुनाव में राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए थे। दैनिक भास्कर से विग्नेश शिशिर ने अपनी रणनीति का खुलासा किया। पढ़िए पूरी बातचीत… राहुल गांधी की नागरिकता रद्द होगी, याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय और हाईकोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए हैं। भारत सरकार ने मामले पर ब्रिटेन सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमने रायबरेली MP/MLA कोर्ट में 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराने की तैयारी की है। यह दावा है विग्नेश शिशिर का। सवाल: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मामले पर क्या सुनवाई हुई?
जवाब: 25 नवंबर, 2024 को यह मामला हाईकोर्ट में आया। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि 19 दिसंबर, 2024 तक राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की याचिका पर निर्णय लिया जाए। फिर 19 दिसंबर, 2024 को सुनवाई हुई। इस दौरान गृह मंत्रालय ने जवाब दाखिल करने के लिए 8 हफ्ते का समय मांगा। भारत सरकार ने UK सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। सवाल: रायबरेली में दर्ज की जाने वाली रिपोर्ट क्या है?
जवाब: जुलाई, 2024 में हमने रायबरेली के SP से राहुल पर FIR दर्ज करने की अपील की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हम रायबरेली MP/MLA कोर्ट में भी 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराएंगे। यह मामला भी उनकी नागरिकता के संदर्भ में है। सवाल: पहले भी राहुल की नागरिकता पर याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
जवाब: हमारी याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय के समक्ष पुख्ता सबूत पेश किए हैं। हमें ब्रिटिश सरकार से कुछ आधिकारिक पत्राचार मिले हैं, जो मामले को मजबूत करते हैं। इन सभी सबूतों को हमने हाईकोर्ट में दाखिल किया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि इन सबूतों के आधार पर गृह मंत्रालय राहुल की नागरिकता रद्द करेगा। कौन हैं विग्नेश शिशिर?
याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर कर्नाटक के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रोफाइल में उन्होंने खुद को BJP कार्यकर्ता और डॉ. अंबेडकर का फैन बताया है। कोर्ट ने राहुल के खिलाफ फैसला दिया तो क्या होगा, जानने के लिए लखनऊ हाईकोर्ट के सीनियर वकील योगेश सोमवंशी से भास्कर ने बात की, पढ़िए सवाल और उनके जवाब सवाल 1: अगर राहुल के पास दोहरी नागरिकता के आरोप साबित हुए तो क्या होगा?
अगर राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस में दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर भारतीय संविधान के आर्टिकल 9(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी पर अपनी नागरिकता छिपाने और गलत जानकारी देने का केस चलेगा। नागरिकता कानून 1955 के तहत राहुल को कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 5 साल की सजा सुनाई जा सकती है। राहुल पर 50 हजार रुपए जुर्माना या फिर सजा और जुर्माना दोनों लग सकते हैं। इसके अलावा उनकी भारतीय नागरिकता भी स्वतः खत्म हो जाएगी। सवाल 2: अगर दोषी पाए तो क्या राहुल की सांसदी भी खत्म हो जाएगी?
लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए भारतीय नागरिकता जरूरी है। अगर राहुल की ब्रिटिश नागरिकता साबित होती है, तो उनकी लोकसभा सदस्यता अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में कोई भी अधिकार और फायदे नहीं मिलेंगे। फिर राहुल न तो चुनाव लड़ पाएंगे और न ही वोट डाल सकेंगे। सवाल 3: राहुल गांधी के पास आगे क्या विकल्प हैं?
राहुल के ब्रिटिश नागरिक होने के पुख्ता सबूत नहीं है, क्योंकि ब्रिटेन में नागरिकता देते वक्त एक शपथ समारोह का आयोजन किया जाता है। राहुल गांधी के ऐसे किसी समारोह की जानकारी नहीं है। इसलिए इस बात के चांस बढ़ जाते हैं कि वे ब्रिटेन के नागरिक नहीं है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट में ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 मामले —————————- यह खबर भी पढ़िए… क्या डीएम से विधायक इतना कमजोर कि पैर छूने पड़ें?:पूर्व सांसद बृजभूषण के बयान से उठे सवाल; DM-MLA में कौन पावरफुल यूपी के अफसर नेताओं की नहीं सुनते। भाजपा नेताओं का यह दर्द अक्सर सामने आता रहा है। अब भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने अपने बयान से इसे और तूल दे दिया है। बृजभूषण ने यहां तक कह डाला कि विधायकों की औकात जीरो हो गई है। काम निकलवाने के लिए डीएम के पैर छूकर नमस्ते करते हैं। बृजभूषण का पूरा बयान क्या है? उन्होंने ऐसा क्यों कहा? विधायक और डीएम के पावर क्या होते हैं? भास्कर एक्सप्लेनर में इस सवालों के जवाब पढ़िए…