जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सोमवार को हालात का जायजा लेने रामबन पहुंचे। खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान की मंजूरी ने मिलने पर उमर सड़क के रास्ते रामबन आए। वे करीब 5.30 बजे रामबन पहुंचे और पैदल ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायता लेने निकल पड़े। रामबन पहुंचने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- मैं लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि किसी चीज की अभी कमी नहीं है। जहां कहीं भी चीजों की कीमतें बढ़ाई जा रही है वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी की जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी की जाएगी। वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे (NH- 44) पर 12 से ज्यादा जगहों पर भारी मात्रा में कीचड़ जमा है। कुछ जगह 20 फीट से ज्यादा कीचड़ जमा है। हाईवे फिर से खोलने में पांच से छह दिन लगने की संभावना है। हाईवे पर सैकड़ों ट्रक और वाहन अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। इसमें हजारों पर्यटक भी शामिल हैं। खराब मौसम और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए रामबन के सभी स्कूल, कॉलेज आज बंद रहे। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विधायक बोले- इस तरह की त्रासदी कभी नहीं देखी
स्थानीय विधायक अर्जुन सिंह राजू ने कहा- इस तरह की त्रासदी हमने कभी नहीं देखी। इस त्रासदी में प्रोपर्टी को जो नुकसान हुआ वो हुआ, लेकिन जो लोगों की जान गई वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हालांकि स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और बंद सड़कों को दोबारा खोलना है। रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें… गुजरात के 50 यात्रियों की बस फंसी, सभी सुरक्षित
गुजरात के 50 यात्रियों से भरी बस भी खराब मौसम के कारण वहां फंसी हुई थी। इस बस में गांधीनगर से 30 और पालनपुर से 20 यात्री सवार थे। सभी यात्री श्रीनगर लौट रहे हैं। एक गुजराती यात्री ने 20 अप्रैल को शाम 6:35 बजे एक वीडियो वायरल कर गुजरात सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। यात्रियों के लिए खाने-पीने का भी इंतजाम किया। पूरी रात बस में बिताने के बाद सभी यात्रियों को आज सुबह रामबन आर्मी कैंप लाया गया और यहां से अब वे श्रीनगर लौट रहे हैं। सभी यात्री सुरक्षित हैं। दूल्हा बारात लेकर पैदल निकला
भारी बारिश और बाढ़ के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे (NH-44) बंद है, इस वजह से रामबन जिले का रहने वाले हाशखोर अहमद अपनी शादी करने के लिए करीब 7 किलोमीटर पैदल ही निकल पड़े। हाशखोर सुबह 6 बजे अपने परिवार के साथ घर से निकले और कार को बीच रास्ते में खड़ा कर दिया। वो पैदल ही बारात लेकर विवाह स्थल तक पहुंचेंगे। हाशखोर ने कहा- अगर सड़क नहीं खुली तो शादी के बाद पत्नी को भी पैदल लाना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि जल्दी से जल्दी हाईवे खोला जाए, क्योंकि कई लोग, बच्चे और बुजुर्ग रास्ते में फंसे हुए हैं। चश्मदीद की जुबानी पूरी घटना समझिए… एक चश्मदीद ने बताया- जम्मू से श्रीनगर जाने के दौरान बारिश तेज हो गई तो मैंने रामबन मैं रुक गया। शनिवार रात करीब 10 बजे मैंने होटल में चेकइन किया। रात करीब 3 बजे शोर-शराबे के बीच मेरी नींद खुली। मैं होटल से नीचे आया तो देखा पानी तेजी से ऊपर की ओर भर रहा था। नीचे का स्टाफ होटल छोड़कर भाग चुका था और हम सारे लोग फंस गए थे। चश्मदीद ने होटल की ओर इशारा करते हुए बताया कि यह होटल तीन मंजिला है। इसकी दो मंजिलें नीचे मलबे में दबी हुई हैं। यह तीसरी मंजिल दिख रही है। करीब 8-10 गाड़ियां नीचे दब गई हैं। मैंने 15 दिन पहले ही नई गाड़ी ली थी, वह भी मलबे में दबी है। उस समय हम 15 लोग ऊपर फंसे थे। होटल का कुछ स्टाफ जो ऊपरी फ्लोर पर था, वह भी फंस गया था। सामने का रास्ता बंद हो गया था। किसी तरह हम सभी ने होटल के पीछे से निकलकर अपनी जान बचाई। चश्मदीद ने बताया जम्मू-कश्मीर में तबाही की 5 तस्वीरें… जम्मू कश्मीर में लैंडस्लाइड की 3 बड़ी घटनाएं… 1 मई, 2024ः कुपवाड़ा में लैंडस्लाइड-बाढ़ से 5 लोगों की मौत जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 1 मई, 2024 को लैंडस्लाइड और बाढ़ से 5 लोगों की मौत हो गई। जम्मू क्षेत्र के डोडा, रियासी, किश्तवाड़, रामबन और कश्मीर के किश्तवाड़ सहित कई पहाड़ी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन हुआ। रामबन जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन के बाद श्रीनगर-जम्मू बंद कर दिया गया। 30 अप्रैल, 2024ः रामबन में लैंडस्लाइड से एक की मौत जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग के सरबल इलाके में एवलांच आया। माछिल में भारी बर्फबारी के चलते 12 से 15 इंच मोटी परत जम गई है। रामबन के करूल इलाके में 13 साल के एक लड़के की लैंडस्लाइड से मौत हो गई। वहीं, रामबन में लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद हो गया। पूरी खबर पढ़ें… 2 मार्च 2024ः जम्मू में लैंडस्लाइड, महिला और 3 बच्चों की मौत जम्मू के रियासी में एक कच्चा मकान लैंडस्लाइड के कारण ढह गया। इसमें एक महिला और उसके 3 बच्चों की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन बंद रहा। रामबन जिले के ढालवास इलाके में लैंडस्लाइड के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया। मुगल रोड पर को एवलांच हुआ। यहां फंसे 7 ट्रैकरों का मैकेनिकल विभाग ने रेस्क्यू किया गया। पूरी खबर पढ़ें… ——————————————————- मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… लैंडस्लाइड क्या है; केरल और हिमाचल में भूस्खलन की असली वजहें, जिनमें सैकड़ों लोग जिंदा दफन हो गए केरल के वायनाड में 29 जुलाई की देर रात अचानक तेज आवाज के साथ चट्टानें और जमीन धंसने लगी और मलबा गिरने लगा। इसकी चपेट में मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांव आ गए। इसमें घर, पुल, सड़कें और गाड़ियां बह गईं। 267 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सोमवार को हालात का जायजा लेने रामबन पहुंचे। खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान की मंजूरी ने मिलने पर उमर सड़क के रास्ते रामबन आए। वे करीब 5.30 बजे रामबन पहुंचे और पैदल ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायता लेने निकल पड़े। रामबन पहुंचने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- मैं लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि किसी चीज की अभी कमी नहीं है। जहां कहीं भी चीजों की कीमतें बढ़ाई जा रही है वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी की जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी की जाएगी। वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे (NH- 44) पर 12 से ज्यादा जगहों पर भारी मात्रा में कीचड़ जमा है। कुछ जगह 20 फीट से ज्यादा कीचड़ जमा है। हाईवे फिर से खोलने में पांच से छह दिन लगने की संभावना है। हाईवे पर सैकड़ों ट्रक और वाहन अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। इसमें हजारों पर्यटक भी शामिल हैं। खराब मौसम और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए रामबन के सभी स्कूल, कॉलेज आज बंद रहे। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विधायक बोले- इस तरह की त्रासदी कभी नहीं देखी
स्थानीय विधायक अर्जुन सिंह राजू ने कहा- इस तरह की त्रासदी हमने कभी नहीं देखी। इस त्रासदी में प्रोपर्टी को जो नुकसान हुआ वो हुआ, लेकिन जो लोगों की जान गई वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हालांकि स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और बंद सड़कों को दोबारा खोलना है। रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें… गुजरात के 50 यात्रियों की बस फंसी, सभी सुरक्षित
गुजरात के 50 यात्रियों से भरी बस भी खराब मौसम के कारण वहां फंसी हुई थी। इस बस में गांधीनगर से 30 और पालनपुर से 20 यात्री सवार थे। सभी यात्री श्रीनगर लौट रहे हैं। एक गुजराती यात्री ने 20 अप्रैल को शाम 6:35 बजे एक वीडियो वायरल कर गुजरात सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। यात्रियों के लिए खाने-पीने का भी इंतजाम किया। पूरी रात बस में बिताने के बाद सभी यात्रियों को आज सुबह रामबन आर्मी कैंप लाया गया और यहां से अब वे श्रीनगर लौट रहे हैं। सभी यात्री सुरक्षित हैं। दूल्हा बारात लेकर पैदल निकला
भारी बारिश और बाढ़ के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे (NH-44) बंद है, इस वजह से रामबन जिले का रहने वाले हाशखोर अहमद अपनी शादी करने के लिए करीब 7 किलोमीटर पैदल ही निकल पड़े। हाशखोर सुबह 6 बजे अपने परिवार के साथ घर से निकले और कार को बीच रास्ते में खड़ा कर दिया। वो पैदल ही बारात लेकर विवाह स्थल तक पहुंचेंगे। हाशखोर ने कहा- अगर सड़क नहीं खुली तो शादी के बाद पत्नी को भी पैदल लाना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि जल्दी से जल्दी हाईवे खोला जाए, क्योंकि कई लोग, बच्चे और बुजुर्ग रास्ते में फंसे हुए हैं। चश्मदीद की जुबानी पूरी घटना समझिए… एक चश्मदीद ने बताया- जम्मू से श्रीनगर जाने के दौरान बारिश तेज हो गई तो मैंने रामबन मैं रुक गया। शनिवार रात करीब 10 बजे मैंने होटल में चेकइन किया। रात करीब 3 बजे शोर-शराबे के बीच मेरी नींद खुली। मैं होटल से नीचे आया तो देखा पानी तेजी से ऊपर की ओर भर रहा था। नीचे का स्टाफ होटल छोड़कर भाग चुका था और हम सारे लोग फंस गए थे। चश्मदीद ने होटल की ओर इशारा करते हुए बताया कि यह होटल तीन मंजिला है। इसकी दो मंजिलें नीचे मलबे में दबी हुई हैं। यह तीसरी मंजिल दिख रही है। करीब 8-10 गाड़ियां नीचे दब गई हैं। मैंने 15 दिन पहले ही नई गाड़ी ली थी, वह भी मलबे में दबी है। उस समय हम 15 लोग ऊपर फंसे थे। होटल का कुछ स्टाफ जो ऊपरी फ्लोर पर था, वह भी फंस गया था। सामने का रास्ता बंद हो गया था। किसी तरह हम सभी ने होटल के पीछे से निकलकर अपनी जान बचाई। चश्मदीद ने बताया जम्मू-कश्मीर में तबाही की 5 तस्वीरें… जम्मू कश्मीर में लैंडस्लाइड की 3 बड़ी घटनाएं… 1 मई, 2024ः कुपवाड़ा में लैंडस्लाइड-बाढ़ से 5 लोगों की मौत जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 1 मई, 2024 को लैंडस्लाइड और बाढ़ से 5 लोगों की मौत हो गई। जम्मू क्षेत्र के डोडा, रियासी, किश्तवाड़, रामबन और कश्मीर के किश्तवाड़ सहित कई पहाड़ी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन हुआ। रामबन जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन के बाद श्रीनगर-जम्मू बंद कर दिया गया। 30 अप्रैल, 2024ः रामबन में लैंडस्लाइड से एक की मौत जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग के सरबल इलाके में एवलांच आया। माछिल में भारी बर्फबारी के चलते 12 से 15 इंच मोटी परत जम गई है। रामबन के करूल इलाके में 13 साल के एक लड़के की लैंडस्लाइड से मौत हो गई। वहीं, रामबन में लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद हो गया। पूरी खबर पढ़ें… 2 मार्च 2024ः जम्मू में लैंडस्लाइड, महिला और 3 बच्चों की मौत जम्मू के रियासी में एक कच्चा मकान लैंडस्लाइड के कारण ढह गया। इसमें एक महिला और उसके 3 बच्चों की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन बंद रहा। रामबन जिले के ढालवास इलाके में लैंडस्लाइड के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया। मुगल रोड पर को एवलांच हुआ। यहां फंसे 7 ट्रैकरों का मैकेनिकल विभाग ने रेस्क्यू किया गया। पूरी खबर पढ़ें… ——————————————————- मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… लैंडस्लाइड क्या है; केरल और हिमाचल में भूस्खलन की असली वजहें, जिनमें सैकड़ों लोग जिंदा दफन हो गए केरल के वायनाड में 29 जुलाई की देर रात अचानक तेज आवाज के साथ चट्टानें और जमीन धंसने लगी और मलबा गिरने लगा। इसकी चपेट में मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांव आ गए। इसमें घर, पुल, सड़कें और गाड़ियां बह गईं। 267 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं। पूरी खबर पढ़ें…