‘आज यूपी में विधायकों की औकात जीरो हो गई है। काम निकलवाने के लिए डीएम के पैर छूते हैं। उनकी मर्जी होगी तो काम होगा, नहीं तो नहीं होगा। इस विषय पर ज्यादा नहीं बोलूंगा, नहीं तो आग लग जाएगी। सारा पावर एक जगह सिमट गया है। अगर वह पावर अच्छा काम करेगा तो सबकी नैया पार हो जाएगी। अगर नहीं किया, तो सभी फेल हो जाएंगे।’ भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने एक पॉडकास्ट के दौरान रविवार को ये बातें कहीं। बृजभूषण की 5 बड़ी बातें पढ़िए 1- अब मेरे फोन का असर किसी अधिकारी नहीं रहा
आज की राजनीति का तरीका बदल गया है। अब मेरे फोन का भी किसी अधिकारी पर असर नहीं है। आम आदमी तो हमेशा पिसता रहता है, लेकिन जो चल रहा है, उसे चलने देना चाहिए। आज विधायक की हैसियत ग्राम प्रधान से भी नीचे हो गई है। मैं सभी जगह की बात नहीं कर रहा हूं, लेकिन कई जगह हालात ऐसे ही हैं। विधायकों के कार्यकाल के 3 साल हो गए हैं। जनता के बीच किस उपलब्धि के साथ जाएंगे? इसका उत्तर न मेरे पास है, न ही किसी विधायक के पास। यह पूरी तरह उत्तर प्रदेश सरकार पर निर्भर है। इसमें विधायकों की कोई गलती नहीं है। विधायक केवल इतना कर सकते हैं कि अपने दरवाजे पर लोगों के सुख-दुख में शामिल हों। 2- मेरा जीवन कंट्रोवर्सी से भरा रहा, सलाह देने की स्थिति में नहीं हूं मेरा जीवन कंट्रोवर्सी से भरा हुआ है। मैं सलाह देने की स्थिति में नहीं हूं। मेरे गुरुदेव ने बचपन में एक बात सिखाई थी। कहा था- किसी गरीब और शरीफ इंसान को तकलीफ मत देना। अगर गलती से तकलीफ हो जाए तो माफी मांग लेना। अगर वह न मिले, तो खुद प्रायश्चित कर लेना। 3- छोटी-छोटी मछलियां रगड़ी जाती हैं छोटी-छोटी मछलियां रगड़ी जाती हैं। आप कभी अकेले मिलिए, तब बताऊंगा कि असली माफिया कौन है। आज मैं हेलिकॉप्टर से चलता हूं, लेकिन एक समय था, जब मैं मजदूरी करता था। मुझे एक ट्रॉली गन्ना मिल तक पहुंचाने के लिए 300 रुपए मिलते थे। मैं कोई आसमान से नहीं टपका हूं। मैं कोई राजा-रानी के पेट से पैदा नहीं हुआ। जिनके जीवन में अभाव होता है, उन्हीं के भीतर संघर्ष करने की ताकत होती है। 4- जो किराए पर दाह संस्कार कराए, वैसी शिक्षा भाड़ में जाए मैं लोगों से बस इतना कहना चाहता हूं कि अपने संस्कारों को बचाकर रखें। अपनी जड़ों से जुड़े रहें। आज पढ़-लिखकर लोग बाहर चले जाते हैं। माता-पिता के दाह संस्कार तक में नहीं आते। शिक्षा ऐसी दीजिए कि आपके बच्चे इंसान बनें। जो किराए पर दाह संस्कार कराए। वैसे शिक्षा भाड़ में जाए। आप किसी बड़े हीरो और व्यवसायी से मिलिए। वो कहता है- आज जो सब्जी आपको खिला रहा हूं, वो मेरे फॉर्म हाउस की है। उनका फॉर्म कितना बड़ा है? सिर्फ एक एकड़। हमारे मां-बाप किसी को दो एकड़ तो किसी को पचास एकड़ देकर गए हैं। 5- मैं विपक्ष का सांसद था, तब भी मुलायम सिंह ने मेरा काम किया मैं विपक्ष का सांसद था, उस समय मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे। मैं उनसे मिलने गया। वो लिफ्ट में बैठ चुके थे। जैसे ही उन्होंने मुझे देखा, लिफ्ट रोक दी। मैंने उनसे कुछ बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने पूछा- चिट्ठी लाए हो? मैंने कहा- हां, लाया हूं। मैंने उन्हें दो चिट्ठियां दे दीं। एक काम आसान था, दूसरा थोड़ा मुश्किल था। जो काम आसान था, उसके लिए डीएम का फोन आया और वो काम हो गया। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… सोशल मीडिया पोस्ट लाइक करना अपराध नहीं:इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- IT एक्ट में अश्लील फोटो या वीडियो शेयर करना जुर्म माना जाएगा सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करना और लाइक करना अलग-अलग मामला है। भड़काऊ पोस्ट को लाइक करना नहीं, शेयर करना अपराध है। इस पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 67 लागू नहीं होती। IT एक्ट के तहत केवल अश्लील तस्वीर या वीडियो का प्रसारण ही अपराध के दायरे में आता है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की। पढ़ें पूरी खबर…
’आज यूपी में विधायकों की औकात जीरो हो गई है। काम निकलवाने के लिए डीएम के पैर छूते हैं। उनकी मर्जी होगी तो काम होगा, नहीं तो नहीं होगा। इस विषय पर ज्यादा नहीं बोलूंगा, नहीं तो आग लग जाएगी। सारा पावर एक जगह सिमट गया है। अगर वह पावर अच्छा काम करेगा तो सबकी नैया पार हो जाएगी। अगर नहीं किया, तो सभी फेल हो जाएंगे।’ भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने एक पॉडकास्ट के दौरान रविवार को ये बातें कहीं। बृजभूषण की 5 बड़ी बातें पढ़िए 1- अब मेरे फोन का असर किसी अधिकारी नहीं रहा
आज की राजनीति का तरीका बदल गया है। अब मेरे फोन का भी किसी अधिकारी पर असर नहीं है। आम आदमी तो हमेशा पिसता रहता है, लेकिन जो चल रहा है, उसे चलने देना चाहिए। आज विधायक की हैसियत ग्राम प्रधान से भी नीचे हो गई है। मैं सभी जगह की बात नहीं कर रहा हूं, लेकिन कई जगह हालात ऐसे ही हैं। विधायकों के कार्यकाल के 3 साल हो गए हैं। जनता के बीच किस उपलब्धि के साथ जाएंगे? इसका उत्तर न मेरे पास है, न ही किसी विधायक के पास। यह पूरी तरह उत्तर प्रदेश सरकार पर निर्भर है। इसमें विधायकों की कोई गलती नहीं है। विधायक केवल इतना कर सकते हैं कि अपने दरवाजे पर लोगों के सुख-दुख में शामिल हों। 2- मेरा जीवन कंट्रोवर्सी से भरा रहा, सलाह देने की स्थिति में नहीं हूं मेरा जीवन कंट्रोवर्सी से भरा हुआ है। मैं सलाह देने की स्थिति में नहीं हूं। मेरे गुरुदेव ने बचपन में एक बात सिखाई थी। कहा था- किसी गरीब और शरीफ इंसान को तकलीफ मत देना। अगर गलती से तकलीफ हो जाए तो माफी मांग लेना। अगर वह न मिले, तो खुद प्रायश्चित कर लेना। 3- छोटी-छोटी मछलियां रगड़ी जाती हैं छोटी-छोटी मछलियां रगड़ी जाती हैं। आप कभी अकेले मिलिए, तब बताऊंगा कि असली माफिया कौन है। आज मैं हेलिकॉप्टर से चलता हूं, लेकिन एक समय था, जब मैं मजदूरी करता था। मुझे एक ट्रॉली गन्ना मिल तक पहुंचाने के लिए 300 रुपए मिलते थे। मैं कोई आसमान से नहीं टपका हूं। मैं कोई राजा-रानी के पेट से पैदा नहीं हुआ। जिनके जीवन में अभाव होता है, उन्हीं के भीतर संघर्ष करने की ताकत होती है। 4- जो किराए पर दाह संस्कार कराए, वैसी शिक्षा भाड़ में जाए मैं लोगों से बस इतना कहना चाहता हूं कि अपने संस्कारों को बचाकर रखें। अपनी जड़ों से जुड़े रहें। आज पढ़-लिखकर लोग बाहर चले जाते हैं। माता-पिता के दाह संस्कार तक में नहीं आते। शिक्षा ऐसी दीजिए कि आपके बच्चे इंसान बनें। जो किराए पर दाह संस्कार कराए। वैसे शिक्षा भाड़ में जाए। आप किसी बड़े हीरो और व्यवसायी से मिलिए। वो कहता है- आज जो सब्जी आपको खिला रहा हूं, वो मेरे फॉर्म हाउस की है। उनका फॉर्म कितना बड़ा है? सिर्फ एक एकड़। हमारे मां-बाप किसी को दो एकड़ तो किसी को पचास एकड़ देकर गए हैं। 5- मैं विपक्ष का सांसद था, तब भी मुलायम सिंह ने मेरा काम किया मैं विपक्ष का सांसद था, उस समय मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे। मैं उनसे मिलने गया। वो लिफ्ट में बैठ चुके थे। जैसे ही उन्होंने मुझे देखा, लिफ्ट रोक दी। मैंने उनसे कुछ बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने पूछा- चिट्ठी लाए हो? मैंने कहा- हां, लाया हूं। मैंने उन्हें दो चिट्ठियां दे दीं। एक काम आसान था, दूसरा थोड़ा मुश्किल था। जो काम आसान था, उसके लिए डीएम का फोन आया और वो काम हो गया। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… सोशल मीडिया पोस्ट लाइक करना अपराध नहीं:इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- IT एक्ट में अश्लील फोटो या वीडियो शेयर करना जुर्म माना जाएगा सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करना और लाइक करना अलग-अलग मामला है। भड़काऊ पोस्ट को लाइक करना नहीं, शेयर करना अपराध है। इस पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 67 लागू नहीं होती। IT एक्ट के तहत केवल अश्लील तस्वीर या वीडियो का प्रसारण ही अपराध के दायरे में आता है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की। पढ़ें पूरी खबर…