प्रयागराज महाकुंभ में टेंट सिटी बसाने वाले लल्लूजी के गोदाम में भीषण आग लग गई है। गोदाम में 5 लाख बांस-बल्लियां, टेंट के पर्दे, रजाइयां और गद्दे रखे हुए थे। इसके चलते आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। गोदाम में रखे गए सिलेंडर फटने लगे। आग की लपटें 3 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही हैं। आग इतनी भयावह है कि उसे बुझाने के लिए सेना को बुलाया गया है। फायर ब्रिगेड की 18 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से भी फायर टेंडर बुलाए गए हैं। दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए ढाल का उपयोग करना पड़ रहा है। तपिश इतनी अधिक है कि दमकलकर्मियों के शरीर पर छाले पड़ रहे हैं। पुलिस ने दो किलोमीटर के क्षेत्र को सील कर दिया है। आसपास के इलाके के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रयागराज डीएम भी मौके पर पहुंच गए हैं। आग कैसे लगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। गोदाम शास्त्री ब्रिज के बीच में काली सड़क पर है। बताया जा रहा है कि सुबह 6:30 गोदाम में मजदूर छोटे सिलेंडर पर खाना बना रहे थे, तभी सिलेंडर फट गया। इसके बाद गोदाम में आग लग गई। आग की लपटें देखकर गोदाम में सो रहे कर्मचारी और आसपास के लोग भाग कर पहुंचे। बाल्टी और पाइप से पानी डालना शुरू कर दिया, लेकिन आग तेजी से बढ़ते देख लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस बार भी महाकुंभ में टेंट का जिम्मा लल्लूजी एंड संस कंपनी के पास था। यह कंपनी 104 साल से रेत पर तंबुओं का शहर बसाने का काम कर रही है। इस कंपनी को कुंभ का विश्वकर्मा कहा जाता है। 4 तस्वीरें देखिए- अब लल्लूजी का कारोबार और महाकुंभ बसाने की जिम्मेदारी बताते हैं- लल्लूजी एंड संस के कार्यालय और गोदाम प्रयागराज के परेड ग्राउंड, रामबाग, झूंसी और नैनी के साथ ही देशभर में हैं। कंपनी हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में लगने वाले मेलों में भी टेंट लगाने का काम करती है। कंपनी का सेटअप दिल्ली, उज्जैन, हरिद्वार और अहमदाबाद में भी है। 2025 महाकुंभ के लिए देश के 6 शहरों से लल्लूजी कंपनी की ओर से सामान मंगवाए गए थे। महाकुंभ या कुंभ मेले में कपड़े के टेंट से लेकर बांस-बल्ली, थाने-चौकी बनाने का काम लल्लूजी की कंपनी के जिम्मे रहा। महाकुंभ में टेंट बनाने की जिम्मेदारी कुल 10 वेंडर्स को मिली है। इसमें 9 ठेके लल्लूजी एंड संस के परिवार के पास हैं। 10वां ठेका हरिद्वार के वृंदावन टेंट हाउस को दिया गया है। लल्लूजी को अखाड़ों का टेंट लगाने के साथ वीआईपी टेंट सिटी और बड़े इवेंट में सारी व्यवस्था देने की जिम्मेदारी भी मिली थी। इस साल महाकुंभ में 4 लाख बल्लियां लगाई गई थीं। आग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
प्रयागराज महाकुंभ में टेंट सिटी बसाने वाले लल्लूजी के गोदाम में भीषण आग लग गई है। गोदाम में 5 लाख बांस-बल्लियां, टेंट के पर्दे, रजाइयां और गद्दे रखे हुए थे। इसके चलते आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। गोदाम में रखे गए सिलेंडर फटने लगे। आग की लपटें 3 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही हैं। आग इतनी भयावह है कि उसे बुझाने के लिए सेना को बुलाया गया है। फायर ब्रिगेड की 18 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से भी फायर टेंडर बुलाए गए हैं। दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए ढाल का उपयोग करना पड़ रहा है। तपिश इतनी अधिक है कि दमकलकर्मियों के शरीर पर छाले पड़ रहे हैं। पुलिस ने दो किलोमीटर के क्षेत्र को सील कर दिया है। आसपास के इलाके के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रयागराज डीएम भी मौके पर पहुंच गए हैं। आग कैसे लगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। गोदाम शास्त्री ब्रिज के बीच में काली सड़क पर है। बताया जा रहा है कि सुबह 6:30 गोदाम में मजदूर छोटे सिलेंडर पर खाना बना रहे थे, तभी सिलेंडर फट गया। इसके बाद गोदाम में आग लग गई। आग की लपटें देखकर गोदाम में सो रहे कर्मचारी और आसपास के लोग भाग कर पहुंचे। बाल्टी और पाइप से पानी डालना शुरू कर दिया, लेकिन आग तेजी से बढ़ते देख लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस बार भी महाकुंभ में टेंट का जिम्मा लल्लूजी एंड संस कंपनी के पास था। यह कंपनी 104 साल से रेत पर तंबुओं का शहर बसाने का काम कर रही है। इस कंपनी को कुंभ का विश्वकर्मा कहा जाता है। 4 तस्वीरें देखिए- अब लल्लूजी का कारोबार और महाकुंभ बसाने की जिम्मेदारी बताते हैं- लल्लूजी एंड संस के कार्यालय और गोदाम प्रयागराज के परेड ग्राउंड, रामबाग, झूंसी और नैनी के साथ ही देशभर में हैं। कंपनी हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में लगने वाले मेलों में भी टेंट लगाने का काम करती है। कंपनी का सेटअप दिल्ली, उज्जैन, हरिद्वार और अहमदाबाद में भी है। 2025 महाकुंभ के लिए देश के 6 शहरों से लल्लूजी कंपनी की ओर से सामान मंगवाए गए थे। महाकुंभ या कुंभ मेले में कपड़े के टेंट से लेकर बांस-बल्ली, थाने-चौकी बनाने का काम लल्लूजी की कंपनी के जिम्मे रहा। महाकुंभ में टेंट बनाने की जिम्मेदारी कुल 10 वेंडर्स को मिली है। इसमें 9 ठेके लल्लूजी एंड संस के परिवार के पास हैं। 10वां ठेका हरिद्वार के वृंदावन टेंट हाउस को दिया गया है। लल्लूजी को अखाड़ों का टेंट लगाने के साथ वीआईपी टेंट सिटी और बड़े इवेंट में सारी व्यवस्था देने की जिम्मेदारी भी मिली थी। इस साल महाकुंभ में 4 लाख बल्लियां लगाई गई थीं। आग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….