देश में वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद यूपी के बरेली में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है- कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज सरकारी जमीन को फर्जी ट्रस्ट बनाकर वक्फ में रजिस्टर्ड करवाया गया। इसके बाद दरगाह बनाकर झाड़-फूंक शुरू कर दिया। SSP अनुराग आर्य ने बताया कि इस मामले में बुधवार दोपहर 12.39 बजे सीबीगंज थाने में सब्जे अली और उनके परिवार के 11 लोगों के खिलाफ वक्फ संशोधन कानून के तहत FIR दर्ज की। इसमें बताया गया कि 3 बीघे सरकारी जमीन पर कब्जा किया। फकीर की मौत के बाद 3 बीघा पर निर्माण कराया
SSP अनुराग आर्य के मुताबिक, सीबीगंज थाना के गांव सारनिया निवासी पुत्तन शाह ने मामले की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की जो सरकारी जमीन है, उस पर गांव के ही सब्जे अली ने सैय्यद हामिद हसन नाम के एक फकीर को पेश करके उस पर कब्जा कर लिया। हामिद हसन की मौत के बाद उनकी पक्की मजार बना ली और 3 बीघा जमीन पर निर्माण कर लिया। पुत्तन शाह ने जब इसका विरोध किया तो उनकी पिटाई की गई। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, तो मामले की जांच कराई गई तो रिकॉर्ड में जमीन सरकारी निकली। राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरकारी निकली तो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद यूपी में पहली कार्रवाई बरेली पुलिस ने की है। – अनुराग आर्य, SSP दरगाह बनाकर झाड़-फूंक कर रहे|
पुत्तन शाह ने जो FIR लिखवाई, उसमें बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां पर एक मजार बना ली गई। अब वहां झाड़-फूंक का काम किया जा रहा है। लोगों से रुपए भी वसूले जा रहे हैं। आरोपी सब्जे अली ने सैयद हामिद हसन दरगाह चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से 24 नवंबर 2020 को रजिस्ट्रेशन करवा लिया। सब्जे अली खुद और पत्नी जकीरा और अपनी चार बेटियां फरहानाज, गुलनाज, शना जाफरी, राहिला जाफरी और इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड मनीष कुमार को अवैध रूप से कब्जा की गई संपत्ति का ट्रस्टी नामित कर दिया। पुलिस ने बताया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के नाम पर सब्जे अली ने करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा कर लिया। पुत्तन शाह की शिकायत पर पूरे मामले की जांच हुई तो राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरकारी निकली। ——————- ये खबर भी पढ़िए- सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर सुनवाई का दूसरा दिन: कोर्ट का कानून पर रोक लगाने से इनकार वक्फ संशोधन कानून पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन सुनवाई होगी। इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 100 से ज्यादा याचिकाएं लगाई गई हैं। बीते दिन 2 घंटे चली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा। वहीं, कानून के रोक लगाने से इनकार कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
देश में वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद यूपी के बरेली में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है- कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज सरकारी जमीन को फर्जी ट्रस्ट बनाकर वक्फ में रजिस्टर्ड करवाया गया। इसके बाद दरगाह बनाकर झाड़-फूंक शुरू कर दिया। SSP अनुराग आर्य ने बताया कि इस मामले में बुधवार दोपहर 12.39 बजे सीबीगंज थाने में सब्जे अली और उनके परिवार के 11 लोगों के खिलाफ वक्फ संशोधन कानून के तहत FIR दर्ज की। इसमें बताया गया कि 3 बीघे सरकारी जमीन पर कब्जा किया। फकीर की मौत के बाद 3 बीघा पर निर्माण कराया
SSP अनुराग आर्य के मुताबिक, सीबीगंज थाना के गांव सारनिया निवासी पुत्तन शाह ने मामले की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की जो सरकारी जमीन है, उस पर गांव के ही सब्जे अली ने सैय्यद हामिद हसन नाम के एक फकीर को पेश करके उस पर कब्जा कर लिया। हामिद हसन की मौत के बाद उनकी पक्की मजार बना ली और 3 बीघा जमीन पर निर्माण कर लिया। पुत्तन शाह ने जब इसका विरोध किया तो उनकी पिटाई की गई। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, तो मामले की जांच कराई गई तो रिकॉर्ड में जमीन सरकारी निकली। राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरकारी निकली तो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद यूपी में पहली कार्रवाई बरेली पुलिस ने की है। – अनुराग आर्य, SSP दरगाह बनाकर झाड़-फूंक कर रहे|
पुत्तन शाह ने जो FIR लिखवाई, उसमें बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां पर एक मजार बना ली गई। अब वहां झाड़-फूंक का काम किया जा रहा है। लोगों से रुपए भी वसूले जा रहे हैं। आरोपी सब्जे अली ने सैयद हामिद हसन दरगाह चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से 24 नवंबर 2020 को रजिस्ट्रेशन करवा लिया। सब्जे अली खुद और पत्नी जकीरा और अपनी चार बेटियां फरहानाज, गुलनाज, शना जाफरी, राहिला जाफरी और इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड मनीष कुमार को अवैध रूप से कब्जा की गई संपत्ति का ट्रस्टी नामित कर दिया। पुलिस ने बताया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के नाम पर सब्जे अली ने करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा कर लिया। पुत्तन शाह की शिकायत पर पूरे मामले की जांच हुई तो राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरकारी निकली। ——————- ये खबर भी पढ़िए- सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर सुनवाई का दूसरा दिन: कोर्ट का कानून पर रोक लगाने से इनकार वक्फ संशोधन कानून पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन सुनवाई होगी। इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 100 से ज्यादा याचिकाएं लगाई गई हैं। बीते दिन 2 घंटे चली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा। वहीं, कानून के रोक लगाने से इनकार कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…