CM हाउस का घेराव करने निकले कांग्रेसियों का प्रदर्शन महज एक घंटे में खत्म हो गया। CM हाउस से 3 KM पहले ही पुलिस ने कांग्रेसियों को रोक दिया। राजापुर पुल के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों में थोड़ी देर नोकझोंक हुई। इस दौरान वाटर कैनन के जरिए भीड़ को कंट्रोल किया। इधर, प्रदर्शन में शामिल होने आए राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट चंद कदम चलकर वापस लौट गए। कन्हैया कुमार और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली थाने पहुंची। हालांकि, दोनों को एक घंटे बाद छोड़ दिया गया। कन्हैया कुमार ने कहा कि ‘सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। सूचना मिली कि पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है। सवाल यह उठता है कि हम नौकरी मांग रहे है, लाठी या वाटर कैनन नहीं। नौकरी दे देंगे तो युवाओं को सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने की जरूरत ही नहीं होगी।’ प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए सीएम से मिलकर मांग पत्र देना चाहते थे कन्हैया कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी सीएम नीतीश से मुलाकात करना चाहते थे। कन्हैया कुमार ने 26 दिनों तक बिहार की यात्रा की, जो कल यानी 10 अप्रैल को ही पटना में खत्म हुई। यात्रा के दौरान कन्हैया को आम लोगों से तमाम शिकायतें मिलीं। इसी सिलसिले में वे सीएम से मुलाकात करना चाहते थे। कन्हैया कुमार ने ‘पलायन रोक, नौकरी दो’ के नारे के साथ 26 दिनों तक पदयात्रा की है। 7 अप्रैल को राहुल गांधी भी कुछ मिनटों के लिए बेगूसराय में कन्हैया की यात्रा में शामिल हुए थे। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि, ‘पलायन बिहार की मुख्य समस्या है। बिहार सरकार ने युवाओं के लिए क्या किया। कोई रोजगार नहीं है। सरकार को कोई चिंता नहीं है। सोते सरकार को उठाने का काम करेंगे। मुझे नहीं पता सरकार हमारी सुनेंगे या नहीं। 8 करोड़ युवाओं ने इस बार बदलाव का मन बना लिया है।’ ‘चुनाव के बाद होगा सीएम का फैसला’ इस प्रदर्शन के पहले सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, बिहार में कांग्रेस महागठबंधन में चुनाव लड़ेगी, लेकिन सीएम कौन होगा इसका फैसला चुनाव के बाद होगा। पायलट ने कहा कि, नीतीश जी को अगर मोदी को समर्थन देना ही था, तो बिहार के नौजवानों के लिए 10-20 लाख नौकरी मांग लेते हैं। हमें बुरा नहीं लगता। अगर समर्थन की कीमत बिहार के नौजवानों का भविष्य होता है तो हम भी कहते हैं आप जाइए कोई बात नहीं। बिहार के नौजवान किसी से भीख नहीं मांग रहे हैं। वह इतना चाहते हैं कि रिश्वत और पैसा देकर पेपर आउट ना किया जाए। भेदभाव करके नौकरियों का आवंटन न किया जाए। बिहार के लोग बहुत समझदार हैं। पहले जाति धर्म के नाम पर वोट देते थे, लेकिन अब विकास के नाम पर वोट देते हैं।’ बिहार के युवाओं को सिस्टम पर भरोसा नहीं है। ये बहुत गलत है। बिहार के नौजवान किसी से दया नहीं मांग रहे हैं।’ सचिन पायलट ने कहा कि, कांग्रेस हमेशा जनता और युवाओं के साथ खड़ी रहेगी। केंद्र सरकार ने बिहार से जो वादे किए थे, वो पूरे नहीं हुए। इसलिए हम जवाब मांगने का काम करेंगे। लोकतांत्रिक तरीके से हम पूरे जोश के साथ विरोध करेंगे।’ ‘लोगों की परेशानियों का पत्र तैयार किया’ कन्हैया ने गुरुवार को कहा था कि, ‘हमलोग सीएम नीतीश कुमार से मिलने का प्रयास करेंगे। इस पलायन यात्रा के दौरान सभी जिलों की परेशानी को लेकर मांग पत्र तैयार की गई है। इसे हम मुख्यमंत्री को सौंपने की कोशिश करेंगे। कन्हैया ने कहा था बिहार से पलायन हो रहा है, यह हकीकत है। इसे रोकना चाहिए। इस मुद्दे पर आमसहमति होनी चाहिए। केंद्र में 10 लाख और बिहार में2.75 लाख सरकारी पद खाली हैं। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। कल गुरुद्वारा पहुंचे थे कन्हैया कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की पदयात्रा गुरुवार को राजधानी पटना पहुंची थी। इस यात्रा की शुरुआत गुरुद्वारा से सुबह 10 बजे हुई। उससे पहले सुबह 8:30 बजे सदाकत आश्रम कैंप में झंडोत्तोलन किया गया। 11:30 बजे गुरु का बाग कमेटी हॉल में विश्राम के बाद शाम 4:30 बजे यह यात्रा फिर से शुरू हुई। कांग्रेस अधिवेशन में शामिल होने के कारण कन्हैया सुबह में इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। शाम के समय पदयात्रा में शामिल हुए थे। पटना साहिब गुरुद्वारा माथा टेकने भी गए थे। बीजेपी के गढ़ में कन्हैया की यात्रा कन्हैया ने कल की पदयात्रा के लिए पटना साहिब, कुम्हरार और बांकीपुर जैसे इलाकों को चुना था। ये इलाके आमतौर पर बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का सबसे बड़ा हब इसी इलाके में है। बड़ी संख्या में इन इलाकों में कोचिंग संस्थान हैं। जो यूपीएससी, बीपीएससी, मेडिकल, इंजीनियरिंग के अलावा, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी की तैयारी कराते हैं।
CM हाउस का घेराव करने निकले कांग्रेसियों का प्रदर्शन महज एक घंटे में खत्म हो गया। CM हाउस से 3 KM पहले ही पुलिस ने कांग्रेसियों को रोक दिया। राजापुर पुल के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों में थोड़ी देर नोकझोंक हुई। इस दौरान वाटर कैनन के जरिए भीड़ को कंट्रोल किया। इधर, प्रदर्शन में शामिल होने आए राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट चंद कदम चलकर वापस लौट गए। कन्हैया कुमार और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली थाने पहुंची। हालांकि, दोनों को एक घंटे बाद छोड़ दिया गया। कन्हैया कुमार ने कहा कि ‘सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। सूचना मिली कि पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है। सवाल यह उठता है कि हम नौकरी मांग रहे है, लाठी या वाटर कैनन नहीं। नौकरी दे देंगे तो युवाओं को सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने की जरूरत ही नहीं होगी।’ प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए सीएम से मिलकर मांग पत्र देना चाहते थे कन्हैया कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी सीएम नीतीश से मुलाकात करना चाहते थे। कन्हैया कुमार ने 26 दिनों तक बिहार की यात्रा की, जो कल यानी 10 अप्रैल को ही पटना में खत्म हुई। यात्रा के दौरान कन्हैया को आम लोगों से तमाम शिकायतें मिलीं। इसी सिलसिले में वे सीएम से मुलाकात करना चाहते थे। कन्हैया कुमार ने ‘पलायन रोक, नौकरी दो’ के नारे के साथ 26 दिनों तक पदयात्रा की है। 7 अप्रैल को राहुल गांधी भी कुछ मिनटों के लिए बेगूसराय में कन्हैया की यात्रा में शामिल हुए थे। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि, ‘पलायन बिहार की मुख्य समस्या है। बिहार सरकार ने युवाओं के लिए क्या किया। कोई रोजगार नहीं है। सरकार को कोई चिंता नहीं है। सोते सरकार को उठाने का काम करेंगे। मुझे नहीं पता सरकार हमारी सुनेंगे या नहीं। 8 करोड़ युवाओं ने इस बार बदलाव का मन बना लिया है।’ ‘चुनाव के बाद होगा सीएम का फैसला’ इस प्रदर्शन के पहले सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, बिहार में कांग्रेस महागठबंधन में चुनाव लड़ेगी, लेकिन सीएम कौन होगा इसका फैसला चुनाव के बाद होगा। पायलट ने कहा कि, नीतीश जी को अगर मोदी को समर्थन देना ही था, तो बिहार के नौजवानों के लिए 10-20 लाख नौकरी मांग लेते हैं। हमें बुरा नहीं लगता। अगर समर्थन की कीमत बिहार के नौजवानों का भविष्य होता है तो हम भी कहते हैं आप जाइए कोई बात नहीं। बिहार के नौजवान किसी से भीख नहीं मांग रहे हैं। वह इतना चाहते हैं कि रिश्वत और पैसा देकर पेपर आउट ना किया जाए। भेदभाव करके नौकरियों का आवंटन न किया जाए। बिहार के लोग बहुत समझदार हैं। पहले जाति धर्म के नाम पर वोट देते थे, लेकिन अब विकास के नाम पर वोट देते हैं।’ बिहार के युवाओं को सिस्टम पर भरोसा नहीं है। ये बहुत गलत है। बिहार के नौजवान किसी से दया नहीं मांग रहे हैं।’ सचिन पायलट ने कहा कि, कांग्रेस हमेशा जनता और युवाओं के साथ खड़ी रहेगी। केंद्र सरकार ने बिहार से जो वादे किए थे, वो पूरे नहीं हुए। इसलिए हम जवाब मांगने का काम करेंगे। लोकतांत्रिक तरीके से हम पूरे जोश के साथ विरोध करेंगे।’ ‘लोगों की परेशानियों का पत्र तैयार किया’ कन्हैया ने गुरुवार को कहा था कि, ‘हमलोग सीएम नीतीश कुमार से मिलने का प्रयास करेंगे। इस पलायन यात्रा के दौरान सभी जिलों की परेशानी को लेकर मांग पत्र तैयार की गई है। इसे हम मुख्यमंत्री को सौंपने की कोशिश करेंगे। कन्हैया ने कहा था बिहार से पलायन हो रहा है, यह हकीकत है। इसे रोकना चाहिए। इस मुद्दे पर आमसहमति होनी चाहिए। केंद्र में 10 लाख और बिहार में2.75 लाख सरकारी पद खाली हैं। वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। कल गुरुद्वारा पहुंचे थे कन्हैया कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की पदयात्रा गुरुवार को राजधानी पटना पहुंची थी। इस यात्रा की शुरुआत गुरुद्वारा से सुबह 10 बजे हुई। उससे पहले सुबह 8:30 बजे सदाकत आश्रम कैंप में झंडोत्तोलन किया गया। 11:30 बजे गुरु का बाग कमेटी हॉल में विश्राम के बाद शाम 4:30 बजे यह यात्रा फिर से शुरू हुई। कांग्रेस अधिवेशन में शामिल होने के कारण कन्हैया सुबह में इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। शाम के समय पदयात्रा में शामिल हुए थे। पटना साहिब गुरुद्वारा माथा टेकने भी गए थे। बीजेपी के गढ़ में कन्हैया की यात्रा कन्हैया ने कल की पदयात्रा के लिए पटना साहिब, कुम्हरार और बांकीपुर जैसे इलाकों को चुना था। ये इलाके आमतौर पर बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का सबसे बड़ा हब इसी इलाके में है। बड़ी संख्या में इन इलाकों में कोचिंग संस्थान हैं। जो यूपीएससी, बीपीएससी, मेडिकल, इंजीनियरिंग के अलावा, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी की तैयारी कराते हैं।