तेलंगाना BRS के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को उनके एक बयान पर फटकार लगाई। रेवंत रेड्डी ने 26 मार्च को तेलंगाना विधानसभा में 10 विधायकों को संबोधित करते हुए बोला था कि राज्य में कोई भी उपचुनाव नहीं होने वाले हैं। कोर्ट ने कहा कि हमको नेताओं के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ता। जैसे हम लोकतंत्र के अन्य दो स्तंभों का सम्मान करते है। नेताओं से भी यही अपेक्षा करते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को संयम रखना चाहिए। इस याचिका की सुनवाई जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने किया। कोर्ट ने कहा कि क्या हमने गलती कर दी, जब हमने कोर्ट की अवमानना करने के लिए आप पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। कोर्ट ने यह बात दिल्ली शराब नीति मामले पर BRS नेता के. कविता को बेल देने पर रेवंत रेड्डी के विवादित बयान का हवाला देकर कही। दरअसल पिछले साल के. कविता को बेल मिलने पर रेवंत रेड्डी ने सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि एक तरफ मनीष सिसौदिया को बेल मिलने पर 15 महीने लग गए वहीं के. कविता को 5 महीने में ही बेल मिल गई। इससे लगता है कि BRS और भाजपा के बीच कोई समझौता हुआ है। क्या है पूरा मामला? ****************** ये खबर भी पढ़ें… तेलंगाना OBC आरक्षण-संसद की मंजूरी के लिए दिल्ली में प्रदर्शन, राहुल गांधी शामिल होंगे कांग्रेस लीडर राहुल गांधी आज बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर में तेलंगाना के पिछड़ा वर्ग संगठनों के प्रदर्शन में शामिल होंगे। ये संगठन 17 मार्च को तेलंगाना विधानसभा में पारित उस बिल के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए आरक्षण को 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने की बात कही गई है। पूरी खबर पढ़ें…
तेलंगाना BRS के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को उनके एक बयान पर फटकार लगाई। रेवंत रेड्डी ने 26 मार्च को तेलंगाना विधानसभा में 10 विधायकों को संबोधित करते हुए बोला था कि राज्य में कोई भी उपचुनाव नहीं होने वाले हैं। कोर्ट ने कहा कि हमको नेताओं के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ता। जैसे हम लोकतंत्र के अन्य दो स्तंभों का सम्मान करते है। नेताओं से भी यही अपेक्षा करते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को संयम रखना चाहिए। इस याचिका की सुनवाई जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने किया। कोर्ट ने कहा कि क्या हमने गलती कर दी, जब हमने कोर्ट की अवमानना करने के लिए आप पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। कोर्ट ने यह बात दिल्ली शराब नीति मामले पर BRS नेता के. कविता को बेल देने पर रेवंत रेड्डी के विवादित बयान का हवाला देकर कही। दरअसल पिछले साल के. कविता को बेल मिलने पर रेवंत रेड्डी ने सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि एक तरफ मनीष सिसौदिया को बेल मिलने पर 15 महीने लग गए वहीं के. कविता को 5 महीने में ही बेल मिल गई। इससे लगता है कि BRS और भाजपा के बीच कोई समझौता हुआ है। क्या है पूरा मामला? ****************** ये खबर भी पढ़ें… तेलंगाना OBC आरक्षण-संसद की मंजूरी के लिए दिल्ली में प्रदर्शन, राहुल गांधी शामिल होंगे कांग्रेस लीडर राहुल गांधी आज बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर में तेलंगाना के पिछड़ा वर्ग संगठनों के प्रदर्शन में शामिल होंगे। ये संगठन 17 मार्च को तेलंगाना विधानसभा में पारित उस बिल के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए आरक्षण को 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने की बात कही गई है। पूरी खबर पढ़ें…