क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन-बहनोई के मनरेगा मजदूरी मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। अमरोहा डीएम निधि गुप्ता ने 3 पंचायत सचिव समेत 8 अफसर-कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। डीएम के आदेश पर 8 अफसर-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। डीएम ने तत्कालीन BDO प्रतिभा अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लेटर लिखा है। प्रधान का बैंक खाता सीज करा दिया है। गांव की प्रधान गुले आइशा, शमी की बहन शबीना की सास हैं। इधर, 3 सदस्यीय टीम ने दो दिन पहले डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जिसमें पता चला कि बहन-बहनोई समेत 18 लोगों ने फर्जी मनरेगा कार्ड बनवाकर 8 लाख 68 हजार रुपए लिए। अब इन लोगों से पैसे की वसूली की जाएगी। सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला जानिए- 25 मार्च को दैनिक भास्कर ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इसमें बताया गया था कि अमरोहा के पलौला गांव में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। यहां की करोड़पति ग्राम प्रधान गुले आयशा ने अपने परिवार के सभी सदस्यों, जानने वालों और चहेतों को मजदूर बना दिया था। इनके खाते में पैसे आए और निकाले भी गए। इनमें सबसे बड़ा नाम भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना और जीजा गजनबी का था। रिकॉर्ड के अनुसार, शबीना का मनरेगा में 4 जनवरी, 2021 को रजिस्ट्रेशन हुआ था। 21 मार्च, 2022 से 23 जुलाई, 2024 तक शबीना ने मनरेगा में 374 दिन मजदूरी की है। इसके बदले शबीना के SBI खाते में करीब 70 हजार रुपए आए हैं। उस वक्त भास्कर टीम शबीना की डिटेल्स जानने के लिए पलौला ग्राम प्रधान गुले आइशा की आलीशान कोठी पर पहुंची थी। तीन मंजिला इस कोठी में रंगाई-पुताई चल रही थी। हमने बताया कि यहां आने का मकसद क्या है? बोलीं- सारा कामकाज पति शकील और बेटा गजनबी देखते हैं। उस वक्त दोनों ही घर पर मौजूद नहीं थे। प्रधान ने बताया कि बेटा गजनबी कस्बा जोया में फ्लैट में रहता है। बेटे ने ऑफ कैमरा गलतियां स्वीकारी थी
हम गजनबी का पक्ष जानने के लिए कस्बा जोया में उनके फ्लैट पर पहुंचे। शुरुआत में उन्होंने सारे आरोपों को निराधार बताया। अपना रसूख बताने के लिए क्रिकेटर मोहम्मद शमी, विधायक उमेश कुमार, न्यूज चैनलों के पार्टनर सहित कई बड़े लोगों के नाम गिनाए थे। लेकिन जब हमने एक-एक तथ्य बताना शुरू किया, तो उन्होंने ऑफ कैमरा स्वीकार किया कि हां, कुछ गलतियां शुरुआत में हुई थीं, लेकिन जैसे ही उन गलतियों का आभास हुआ, तो हमने जॉब कार्ड डिलीट करवा दिए थे। 20 लाख के फ्लैट में रहती है शमी की बहन शबीना जिस फ्लैट में शमी की बहन रहती हैं, उसकी मौजूदा कीमत करीब 20 लाख रुपए है। ग्राम प्रधान ने अपने बेटे गजनबी और बहू शबीना को यह फ्लैट दिया हुआ है। शबीना के सगे भाई मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, शमी की कुल संपत्ति 65 करोड़ रुपए के आसपास है। शमी के पास BMW, ऑडी, जगुआर, फॉरच्यूनर जैसी लग्जरी गाड़ियां हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शुरुआत में अफसर चुप्पी साधे रहे, लेकिन डीएम निधि गुप्ता ने जांच के आदेश दे दिए। एक सप्ताह पहले तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच कमेटी ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में 11 लोगों को घोटाले का दोषी पाया गया। इसके बाद, डीएम ने तीन पंचायत सचिव उमा, अंजुम और पृथ्वी, ऑपरेटर शराफत अली, मनरेगा एपीओ बृजभान सिंह, लेखाकार विजेंद्र सिंह और तकनीकी सहायक अजय निमेष समेत 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। सभी पर एफआईआर दर्ज हो गई है। डीएम को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
फर्जीवाड़े में डीएम को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि मनरेगा के पैसे का कैसे बंदरबांट हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मनरेगा के तहत गांव में हुए कई मजदूरी के कार्यों में ज्यादातर जगहों पर प्रधान के तो हस्ताक्षर हुए है। लेकिन मजदूरों के हस्ताक्षर नहीं है। बावजूद इसके मजदूरों के खातों में मजदूरी का पैसा भेजा गया। सीडीओ अश्वनी कुमार ने बताया- मजदूरी के नाम पर लिए गए सभी पैसों को प्रधान के परिवार के सदस्य द्वारा SBI के सरकारी बैंक खाते में जमा करा दिया गया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी की धनवर्षा गैंग से 350 लड़कियों के वीडियो मिले:कौन हैं, पता नहीं; पोर्न साइट को बेचने का भी शक यूपी के संभल में धनवर्षा गैंग ने 350 से ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसाया है। ये गैंग पुलिस के सामने अब भी अड़ी है कि तंत्र-मंत्र करने पर आसमान से नोटों की बारिश होती है। बशर्ते तंत्र-मंत्र के सारे नियम पूरे होने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन-बहनोई के मनरेगा मजदूरी मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। अमरोहा डीएम निधि गुप्ता ने 3 पंचायत सचिव समेत 8 अफसर-कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। डीएम के आदेश पर 8 अफसर-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। डीएम ने तत्कालीन BDO प्रतिभा अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लेटर लिखा है। प्रधान का बैंक खाता सीज करा दिया है। गांव की प्रधान गुले आइशा, शमी की बहन शबीना की सास हैं। इधर, 3 सदस्यीय टीम ने दो दिन पहले डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जिसमें पता चला कि बहन-बहनोई समेत 18 लोगों ने फर्जी मनरेगा कार्ड बनवाकर 8 लाख 68 हजार रुपए लिए। अब इन लोगों से पैसे की वसूली की जाएगी। सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला जानिए- 25 मार्च को दैनिक भास्कर ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इसमें बताया गया था कि अमरोहा के पलौला गांव में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। यहां की करोड़पति ग्राम प्रधान गुले आयशा ने अपने परिवार के सभी सदस्यों, जानने वालों और चहेतों को मजदूर बना दिया था। इनके खाते में पैसे आए और निकाले भी गए। इनमें सबसे बड़ा नाम भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना और जीजा गजनबी का था। रिकॉर्ड के अनुसार, शबीना का मनरेगा में 4 जनवरी, 2021 को रजिस्ट्रेशन हुआ था। 21 मार्च, 2022 से 23 जुलाई, 2024 तक शबीना ने मनरेगा में 374 दिन मजदूरी की है। इसके बदले शबीना के SBI खाते में करीब 70 हजार रुपए आए हैं। उस वक्त भास्कर टीम शबीना की डिटेल्स जानने के लिए पलौला ग्राम प्रधान गुले आइशा की आलीशान कोठी पर पहुंची थी। तीन मंजिला इस कोठी में रंगाई-पुताई चल रही थी। हमने बताया कि यहां आने का मकसद क्या है? बोलीं- सारा कामकाज पति शकील और बेटा गजनबी देखते हैं। उस वक्त दोनों ही घर पर मौजूद नहीं थे। प्रधान ने बताया कि बेटा गजनबी कस्बा जोया में फ्लैट में रहता है। बेटे ने ऑफ कैमरा गलतियां स्वीकारी थी
हम गजनबी का पक्ष जानने के लिए कस्बा जोया में उनके फ्लैट पर पहुंचे। शुरुआत में उन्होंने सारे आरोपों को निराधार बताया। अपना रसूख बताने के लिए क्रिकेटर मोहम्मद शमी, विधायक उमेश कुमार, न्यूज चैनलों के पार्टनर सहित कई बड़े लोगों के नाम गिनाए थे। लेकिन जब हमने एक-एक तथ्य बताना शुरू किया, तो उन्होंने ऑफ कैमरा स्वीकार किया कि हां, कुछ गलतियां शुरुआत में हुई थीं, लेकिन जैसे ही उन गलतियों का आभास हुआ, तो हमने जॉब कार्ड डिलीट करवा दिए थे। 20 लाख के फ्लैट में रहती है शमी की बहन शबीना जिस फ्लैट में शमी की बहन रहती हैं, उसकी मौजूदा कीमत करीब 20 लाख रुपए है। ग्राम प्रधान ने अपने बेटे गजनबी और बहू शबीना को यह फ्लैट दिया हुआ है। शबीना के सगे भाई मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, शमी की कुल संपत्ति 65 करोड़ रुपए के आसपास है। शमी के पास BMW, ऑडी, जगुआर, फॉरच्यूनर जैसी लग्जरी गाड़ियां हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शुरुआत में अफसर चुप्पी साधे रहे, लेकिन डीएम निधि गुप्ता ने जांच के आदेश दे दिए। एक सप्ताह पहले तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच कमेटी ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में 11 लोगों को घोटाले का दोषी पाया गया। इसके बाद, डीएम ने तीन पंचायत सचिव उमा, अंजुम और पृथ्वी, ऑपरेटर शराफत अली, मनरेगा एपीओ बृजभान सिंह, लेखाकार विजेंद्र सिंह और तकनीकी सहायक अजय निमेष समेत 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। सभी पर एफआईआर दर्ज हो गई है। डीएम को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
फर्जीवाड़े में डीएम को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि मनरेगा के पैसे का कैसे बंदरबांट हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मनरेगा के तहत गांव में हुए कई मजदूरी के कार्यों में ज्यादातर जगहों पर प्रधान के तो हस्ताक्षर हुए है। लेकिन मजदूरों के हस्ताक्षर नहीं है। बावजूद इसके मजदूरों के खातों में मजदूरी का पैसा भेजा गया। सीडीओ अश्वनी कुमार ने बताया- मजदूरी के नाम पर लिए गए सभी पैसों को प्रधान के परिवार के सदस्य द्वारा SBI के सरकारी बैंक खाते में जमा करा दिया गया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी की धनवर्षा गैंग से 350 लड़कियों के वीडियो मिले:कौन हैं, पता नहीं; पोर्न साइट को बेचने का भी शक यूपी के संभल में धनवर्षा गैंग ने 350 से ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसाया है। ये गैंग पुलिस के सामने अब भी अड़ी है कि तंत्र-मंत्र करने पर आसमान से नोटों की बारिश होती है। बशर्ते तंत्र-मंत्र के सारे नियम पूरे होने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…