कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आदिवासियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वन अधिकार कानून को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है, जिसके चलते लाखों आदिवासी परिवार अपनी जमीन से बेदखल होने के खतरे में हैं। मंगलवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस सरकार ने 2006 में यह कानून बनाया था ताकि आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन पर हक मिले। लेकिन मोदी सरकार की लापरवाही की वजह से कई आदिवासियों को जांच किये बगैर उनके जमीन के दावों को खारिज कर दिया गया। दरअसल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन लोगों की जमीन के वन अधिकार कानून के दावे खारिज हो चुके हैं, उन्हें जमीन से हटा दिया जाए। इस फैसले के खिलाफ देशभर में विरोध हुआ, तब कोर्ट ने बेदखली पर रोक लगाई और सरकार को कहा कि वह खारिज दावों की फिर से जांच करे। 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई
आदिवासियों के जमीन का वन अधिकार कानून के अंतर्गत होने के दावों की जांच पर 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होगी। इस मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि 2019 में भी मोदी सरकार आदिवासियों के हक की रक्षा नहीं कर पाई थी और अब भी इस मामले में चुप्पी साधे बैठी है। ******************* ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- कांग्रेस के सामने BJP-RSS मजाक, हम अंग्रेजों से लड़े, इन्होंने देश तोड़ा राहुल गांधी ने नई दिल्ली में गुरुवार को कांग्रेस जिला अध्यक्षों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारे सामने BJP-RSS मजाक हैं। हमारी पार्टी ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ी और अंग्रेजों को देश से भगाया। भाजपा सिर्फ देश को तोड़ने का काम कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आदिवासियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वन अधिकार कानून को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है, जिसके चलते लाखों आदिवासी परिवार अपनी जमीन से बेदखल होने के खतरे में हैं। मंगलवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस सरकार ने 2006 में यह कानून बनाया था ताकि आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन पर हक मिले। लेकिन मोदी सरकार की लापरवाही की वजह से कई आदिवासियों को जांच किये बगैर उनके जमीन के दावों को खारिज कर दिया गया। दरअसल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन लोगों की जमीन के वन अधिकार कानून के दावे खारिज हो चुके हैं, उन्हें जमीन से हटा दिया जाए। इस फैसले के खिलाफ देशभर में विरोध हुआ, तब कोर्ट ने बेदखली पर रोक लगाई और सरकार को कहा कि वह खारिज दावों की फिर से जांच करे। 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई
आदिवासियों के जमीन का वन अधिकार कानून के अंतर्गत होने के दावों की जांच पर 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होगी। इस मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि 2019 में भी मोदी सरकार आदिवासियों के हक की रक्षा नहीं कर पाई थी और अब भी इस मामले में चुप्पी साधे बैठी है। ******************* ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- कांग्रेस के सामने BJP-RSS मजाक, हम अंग्रेजों से लड़े, इन्होंने देश तोड़ा राहुल गांधी ने नई दिल्ली में गुरुवार को कांग्रेस जिला अध्यक्षों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारे सामने BJP-RSS मजाक हैं। हमारी पार्टी ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ी और अंग्रेजों को देश से भगाया। भाजपा सिर्फ देश को तोड़ने का काम कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…