कोडरमा जिले के छतरबर गांव में यज्ञ के लिए भिक्षा मांगने निकली महिलाओं पर पत्थरबाजी की गई है। इस पत्थरबाजी के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। हांलाकि एहतियातन इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। वहीं पुलिस इलाके की मॉनिटरिंग और घटना की जांच ड्रोन से कर रही है। जानकारी के अनुसार चेचाई गांव की महिलाएं यज्ञ के लिए मंगत मांगने निकली थीं। इस दौरान छतरबर में कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर पत्थर फेंका। इसके बाद तनाव बढ़ गया। महिलाओं के सिर पर रखे कलश टूटे दरअसल चेचाई गांव में 9 से 17 अप्रैल तक महायज्ञ का आयोजन होना है। इसलिए गांव की 50-60 महिलाएं 7 गांवों से भिक्षा मांगने निकली थीं। इनमें से 11 महिलाएं अपने सिर पर कलश रखकर लाइन में चल रही थीं। छतरबर गांव से गुजरते समय दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने छत से पत्थर फेंका। इससे महिलाओं के सिर पर रखे कलश क्षतिग्रस्त हो गए। महिलाओं ने तुरंत मोबाइल फोन से अपने गांव के लोगों को सूचना दी। चेचाई के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला और भीड़ को हटाया। भीड़ को हटाया, ड्रोन से ले निगरानी घटना के बाद दोनों गांवों के लोग छतरबर के मुख्य चौक पर जमा हो गए। एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, मुख्यालय डीएसपी रतिभान सिंह और जिले के सभी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और गांव में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 7 गांव से मंगत (भिक्षा) मांगने की है परंपरा मिली जानकारी के अनुसार 9 से 17 अप्रैल तक चलने वाले इस यज्ञ में सात गांव (चेचाई, छतरबर, करमा, झुमरी, करियावर मैसौंधा, पुतो, कानूनगोबीघा) से मंगत (भिक्षा) मांगने की परंपरा है। जिसके तहत आज महिलाएं माथे पर टोकरी लेकर निकली थीं कि तभी यह घटना घटी। छतों पर पुलिस की पैनी नजर घटना के पश्चात छतरबर गांव में ड्रोन मंगवाकर उससे सभी घरों के ऊपर निगरानी की जा रही है। जिसमें यह पुष्टि की जा रही है कि कहीं किसी के छत पर कोई अनावश्यक सामग्री तो नहीं रखी हुई है। एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरतापूर्वक छानबीन की जा रही है। ड्रोन से पूरे गांव में निगरानी की जा रही है। मामले में जो भी लिप्त होंगे, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मामले को लेकर दोनों समुदाय के लोगों को बैठाकर बातचीत की जाएगी।
कोडरमा जिले के छतरबर गांव में यज्ञ के लिए भिक्षा मांगने निकली महिलाओं पर पत्थरबाजी की गई है। इस पत्थरबाजी के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। हांलाकि एहतियातन इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। वहीं पुलिस इलाके की मॉनिटरिंग और घटना की जांच ड्रोन से कर रही है। जानकारी के अनुसार चेचाई गांव की महिलाएं यज्ञ के लिए मंगत मांगने निकली थीं। इस दौरान छतरबर में कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर पत्थर फेंका। इसके बाद तनाव बढ़ गया। महिलाओं के सिर पर रखे कलश टूटे दरअसल चेचाई गांव में 9 से 17 अप्रैल तक महायज्ञ का आयोजन होना है। इसलिए गांव की 50-60 महिलाएं 7 गांवों से भिक्षा मांगने निकली थीं। इनमें से 11 महिलाएं अपने सिर पर कलश रखकर लाइन में चल रही थीं। छतरबर गांव से गुजरते समय दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने छत से पत्थर फेंका। इससे महिलाओं के सिर पर रखे कलश क्षतिग्रस्त हो गए। महिलाओं ने तुरंत मोबाइल फोन से अपने गांव के लोगों को सूचना दी। चेचाई के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला और भीड़ को हटाया। भीड़ को हटाया, ड्रोन से ले निगरानी घटना के बाद दोनों गांवों के लोग छतरबर के मुख्य चौक पर जमा हो गए। एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, मुख्यालय डीएसपी रतिभान सिंह और जिले के सभी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और गांव में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 7 गांव से मंगत (भिक्षा) मांगने की है परंपरा मिली जानकारी के अनुसार 9 से 17 अप्रैल तक चलने वाले इस यज्ञ में सात गांव (चेचाई, छतरबर, करमा, झुमरी, करियावर मैसौंधा, पुतो, कानूनगोबीघा) से मंगत (भिक्षा) मांगने की परंपरा है। जिसके तहत आज महिलाएं माथे पर टोकरी लेकर निकली थीं कि तभी यह घटना घटी। छतों पर पुलिस की पैनी नजर घटना के पश्चात छतरबर गांव में ड्रोन मंगवाकर उससे सभी घरों के ऊपर निगरानी की जा रही है। जिसमें यह पुष्टि की जा रही है कि कहीं किसी के छत पर कोई अनावश्यक सामग्री तो नहीं रखी हुई है। एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरतापूर्वक छानबीन की जा रही है। ड्रोन से पूरे गांव में निगरानी की जा रही है। मामले में जो भी लिप्त होंगे, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मामले को लेकर दोनों समुदाय के लोगों को बैठाकर बातचीत की जाएगी।