रांची में बुधवार को भाजपा नेता और जिला परिषद के पूर्व सदस्य अनिल टाइगर की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। उनकी हत्या कांके चौक के पास की गई है। गोली लगते ही लोग उन्हें रिम्स पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर नाराज लोगों ने कांके चौक जाम कर दिया। बीजेपी नेता की हत्या किसने और क्यों की, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, रांची पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक शूटर को गिरफ्तार किया है। बीजेपी ने CM से मांगा इस्तीफा BJP के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘अपराधी बेखौफ होकर जनप्रतिनिधियों पर हमला कर रहे हैं। झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राज्य में न जनप्रतिनिधि सुरक्षित हैं और न ही आम नागरिक। पुलिस के अधिकारी जब जमीन का धंधा करेंगे और करवाएंगे। जमीन दलालों को संरक्षण देंगे तो ऐसी घटनाएं तो होंगी ही। इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम हेमंत सोरेन को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। रांची पुलिस तत्काल अपराधियों को गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करें। निजी काम से आए थे कांके चौक घटना को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक अनिल टाइगर निजी काम से कांके चौक आए हुए थे। जहां उन्हें गोली मारी गई। पुलिस की तफ्तीश में अब तक जो जानकारी हासिल हुई है, उसके अनुसार जमीन विवाद में अनिल टाइगर की हत्या की गई है। अनिल टाइगर कांके इलाके के ही रहने वाले थे। राजनीतिक रूप से सक्रिय थे अनिल टाइगर प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनिल टाइगर जिला परिषद के पूर्व सदस्य थे। वह राजनीतिक रूप से भी काफी सक्रिय माने जाते रहे हैं। उन्होंने आजसू और भारतीय जनता पार्टी के लिए सक्रिय रूप से राजनीति की थी। 26 मार्च 2025 को कांके चौक के पास हुई इस गोलीबारी की घटना ने उनके राजनीतिक योगदान और स्थानीय प्रभाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। ——————– ये भी पढ़ें… जमशेदपुर में ट्रांसपोर्टर की गोली मारकर हत्या:10 साल बाद बेटे ने पिता के मर्डर का लिया बदला, 2014 में भाजपा नेता की हुई थी हत्या मानगो गुरुद्वारा रोड में रविवार की रात 7.45 बजे पूर्व कांग्रेस नेता व विधानसभा में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले जितेंद्र सिंह के छोटे भाई ट्रांसपोर्टर संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले हमलावरों से बचने के लिए संतोष नानक स्टोर के पास ईवी स्कूटी छोड़कर 250 मीटर दौड़ते हुए कंचन दत्ता उर्फ संटू के घर में जान बचाने के लिए घुस गए। पूरी खबर पढ़िए
रांची में बुधवार को भाजपा नेता और जिला परिषद के पूर्व सदस्य अनिल टाइगर की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। उनकी हत्या कांके चौक के पास की गई है। गोली लगते ही लोग उन्हें रिम्स पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर नाराज लोगों ने कांके चौक जाम कर दिया। बीजेपी नेता की हत्या किसने और क्यों की, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, रांची पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक शूटर को गिरफ्तार किया है। बीजेपी ने CM से मांगा इस्तीफा BJP के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘अपराधी बेखौफ होकर जनप्रतिनिधियों पर हमला कर रहे हैं। झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राज्य में न जनप्रतिनिधि सुरक्षित हैं और न ही आम नागरिक। पुलिस के अधिकारी जब जमीन का धंधा करेंगे और करवाएंगे। जमीन दलालों को संरक्षण देंगे तो ऐसी घटनाएं तो होंगी ही। इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम हेमंत सोरेन को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। रांची पुलिस तत्काल अपराधियों को गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करें। निजी काम से आए थे कांके चौक घटना को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक अनिल टाइगर निजी काम से कांके चौक आए हुए थे। जहां उन्हें गोली मारी गई। पुलिस की तफ्तीश में अब तक जो जानकारी हासिल हुई है, उसके अनुसार जमीन विवाद में अनिल टाइगर की हत्या की गई है। अनिल टाइगर कांके इलाके के ही रहने वाले थे। राजनीतिक रूप से सक्रिय थे अनिल टाइगर प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनिल टाइगर जिला परिषद के पूर्व सदस्य थे। वह राजनीतिक रूप से भी काफी सक्रिय माने जाते रहे हैं। उन्होंने आजसू और भारतीय जनता पार्टी के लिए सक्रिय रूप से राजनीति की थी। 26 मार्च 2025 को कांके चौक के पास हुई इस गोलीबारी की घटना ने उनके राजनीतिक योगदान और स्थानीय प्रभाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। ——————– ये भी पढ़ें… जमशेदपुर में ट्रांसपोर्टर की गोली मारकर हत्या:10 साल बाद बेटे ने पिता के मर्डर का लिया बदला, 2014 में भाजपा नेता की हुई थी हत्या मानगो गुरुद्वारा रोड में रविवार की रात 7.45 बजे पूर्व कांग्रेस नेता व विधानसभा में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले जितेंद्र सिंह के छोटे भाई ट्रांसपोर्टर संतोष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले हमलावरों से बचने के लिए संतोष नानक स्टोर के पास ईवी स्कूटी छोड़कर 250 मीटर दौड़ते हुए कंचन दत्ता उर्फ संटू के घर में जान बचाने के लिए घुस गए। पूरी खबर पढ़िए