सीएस योगी लगातार यूपी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। उन्होंने 19 मार्च को सीएम के रूप में 8 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर योगी ने ANI को एक लंबा इंटरव्यू दिया। इसमें योगी पूरे तेवर में खुलकर बोले। हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। पूरा इंटरव्यू हम आपको पढ़वाएंगे, लेकिन पहले दो बड़ी बातें पढ़िए… पहली- उनकी (राहुल गांधी) मंशा से सभी वाकिफ हैं। वह देश के बाहर भारत की आलोचना करते हैं। लोग उनके स्वभाव और इरादों को समझ चुके हैं। भाजपा के लिए राहुल जैसे कुछ नमूने जरूर रहने चाहिए। भारत में मुसलमान खतरे में नहीं हैं। जिस दिन भारतीय मुसलमान अपने पूर्वजों को समझ लेंगे, इन सभी को बोरिया-बिस्तर बांधकर भागना पड़ेगा। दूसरी- मथुरा की बात क्यों नहीं उठाएंगे? मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मभूमि नहीं है क्या? कोर्ट के ही आदेश का पालन कर रहे हैं, नहीं तो अभी तो वहां बहुत कुछ हो गया होता। सनातन हिंदू धर्म को जो महत्वपूर्ण धर्मस्थल हैं, वो सभी स्थल हमारी विरासत की निशानी हैं। संभल में 94 निकाल लिए हैं। बाकी सभी के शास्त्रीय प्रमाण मौजूद हैं, उन्हें ढूंढ रहे हैं। उनको दिखा रहे हैं, कहां-कहां हैं। जितने कब्जे किए होंगे, एक-एक करके सबको निकालेंगे। जितने अतिक्रमण होंगे, वो हटेंगे। अब विस्तार से पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल- राहुल गांधी ने 2 भारत जोड़ो यात्राएं की, फिर आप उन्हें विभाजनकारी क्यों कहते हैं?
जवाब- 6 दशक तक ये क्या कर रहे थे? अपने नाना, दादी और पिता से पूछें। उनका भारत जोड़ो, भारत तोड़ो का हिस्सा है। राहुल गांधी अगर दक्षिण में जाएंगे, तो उत्तर भारत की निंदा करेंगे। उत्तर में आएंगे, तो दक्षिण की निंदा करेंगे। अगर भारत के बाहर जाएंगे, तो भारत की निंदा करेंगे। इनके आचरण को देश समझ चुका है। लेकिन, देश की राजनीति में भाजपा के लिए राहुल गांधी जैसे कुछ नमूने जरूर रहने चाहिए। भारत को श्रेष्ठ भारत नहीं होना चाहिए? तो उनसे पूछना चाहिए कि वो दशकों तक क्या कर रहे थे? उन्हें अपने दादा, दादी और पिता से पूछना चाहिए था। उन्होंने उस समय ऐसा क्यों नहीं किया? वो हमेशा से अयोध्या विवाद को विवाद ही रहने देना चाहते थे। सवाल- ओवैसी कहते हैं, भाजपा वक्फ बिल के नाम पर मस्जिदों पर कब्जा करना चाहती है?
जवाब- मस्जिदों पर कब्जा करके भाजपा क्या करेगी? वक्फ के नाम पर कितनी जमीन पर कब्जा करोगे? वे गुमराह कर रहे हैं। वक्फ के नाम पर जो भी आता है, उसने उस प्रॉपर्टी का व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया है। औने-पौने दाम पर बेचा है। एक ही प्रॉपर्टी को कई-कई लोगों को बेचा। उससे विवाद हो रहे हैं। जो उन जमीनों पर बस गए हैं, उनके लिए और जिन लोगों ने पैसा दिया है उनके लिए भी। उन सभी की पूंजी डूब जाएगी। इससे बड़ी बेवकूफ बनाने वाली तो कोई बात ही नहीं हो सकती। समय-समय पर वक्फ के नाम पर इन्होंने ऊलजलूल फैसले लिए हैं। वक्फ जिस जमीन को कह देगी कि उनकी है, तो उनकी मान ली जाएगी। हम भौचक हैं कि ये कौन-सा आदेश है? आपको यह पावर किसने दी है कि आप किसी भी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लेंगे? ये नहीं हो सकता है। ये वक्फ संशोधन अधिनियम जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) ने जो सिफारिश किया है, वो आज की जरूरत है। यह देश हित और मुसलमानों के हित में भी होगा। सवाल- अखिलेश यादव कहते हैं, लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल में होने के दावे सिर्फ लीपापोती हैं?
जवाब- प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। क्या आपने किसी श्रद्धालु को यह कहते सुना कि उसे लूट लिया गया? क्या आपने किसी महिला को यह कहते सुना कि उसके साथ छेड़छाड़ हुई? क्या किसी व्यापारी ने कहा कि उसे पैसे देने के लिए मजबूर किया गया? वहां से कोई अपहरण की शिकायत आई क्या? इससे बेहतर उदाहरण क्या हो सकता है? वहां पर हमारी कितनी भी फोर्स रही होगी, लेकिन फोर्स तो एक सीमित संख्या में है। 25 करोड़ की आबादी का राज्य है। अगर पहले से गुटबाजी या दुश्मनी नहीं है, तो कोई क्राइम नहीं कर सकता। यह लीपापोती नहीं, वास्तविकता है। यह तो राज्य की माताएं-बहनें बोलती हैं कि हम आज सुरक्षित हैं। नहीं तो 2017 के पहले कई-कई ऐसे कस्बे और जिले थे, जहां अभिभावक पढ़ने के लिए बेटियों को किसी रिश्तेदार के यहां या कहीं दूर हॉस्टल में भेज देता था। आज बीजेपी की डबल इंजन सरकार के कारण वह बेटी अपने मां-बाप के संरक्षण में अपने घर से स्कूल जाती है। मैं 2018 में कैराना गया था। वहां 2015 में अखिलेश यादव की सरकार में एक व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद परिवार सूरत पलायन कर गया था। उस हत्या के बाद ही कैराना से हिंदू आबादी ने पलायन किया था। 2018 में वो परिवार वापस आया और व्यापार शुरू किया। मैं मिलने गया तो उस परिवार में 6 साल की बच्ची थी। उससे पूछा कि स्कूल जाने में डर नहीं लगता? उसने कहा कि नहीं…अब तो नहीं लगता। सवाल- क्या आप तीसरी बार हैट्रिक के लिए कोशिश कर रहे हैं?
जवाब- हमारी सरकार को पहली बार ये मौका मिला कि आजादी के बाद कोई मुख्यमंत्री लगातार 5 साल तक काम करे और फिर से दो तिहाई बहुमत से सरकार बना ले। पिछले 8 साल से हम सेवा कर ही रहे हैं। सेवा, सुरक्षा और सुशासन को जो मॉडल हमारी पार्टी का था, उसको प्रभावी ढंग से यूपी में लागू किया। तीसरी बार सरकार बनाने के लिए हमारी पार्टी कोशिश करेगी। भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता सीएम बन सकता है। सवाल- ओवैसी कहते हैं कि आपके राज्य में मुसलमान खतरे में है?
जवाब- मुसलमान खतरे में नहीं हैं। उनकी वोट बैंक की राजनीति खतरे में है। जिस दिन अपने पूर्वजों को भारतीय मुसलमान समझ जाएगा, उस दिन इन सब के बोरिया-बिस्तर बंध जाएंगे। इसीलिए ये इस प्रकार की भड़काऊ बातें कहते हैं। भारत के मुसलमानों को याद रखना होगा वो तभी सुरक्षित हैं जब हिंदू सुरक्षित हैं, हिंदू परंपरा सुरक्षित है। सवाल- हिंदू कहां खतरे में हैं?
जवाब- कश्मीर के अंदर क्या हुआ था? अभी बांग्लादेश के अंदर क्या हुआ? पाकिस्तान में क्या हुआ है? 1947 से पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों भारत का हिस्सा थे। ये इतिहास है, सच्चाई है। कश्मीर में 100 हिंदू परिवारों के बीच रहने वाला एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित है। लेकिन क्या 100 मुस्लिम परिवारों के बीच अगर 50 हिंदू परिवार भी रहते हैं, तो क्या वे सुरक्षित हो सकते हैं? नहीं रह सकते… बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान आपके सामने उदाहरण हैं। सवाल- विपक्षी पार्टी कहती हैं कि राणा सांगा ने बाबर को न्योता दिया था?
जवाब- ये वही इतिहास जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करता है। ये वही लोग हैं जो बाबर, औरंगजेब और जिन्ना का महिमामंडन करते हैं। राणा सांगा का इतिहास इन लोगों ने पढ़ा होता, जिनके शरीर के घाव इस बात को बताते थे कि उन्होंने धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए किस प्रकार पराक्रम का परिचय दिया था। ये महाराणा प्रताप, राणा सांगा, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह के बारे में बताएंगे? ये लोग औरंगजेब और बाबर की पूजा करते हैं, अपना आदर्श मानते हैं। सवाल- आपने कहा संभल में 64 तीर्थस्थल हैं, आप कितनी जगह खोदेंगे?
जवाब- जितनी जगह होंगी, उतनी जगह खोदेंगे। निकालेंगे और दुनिया को बोलेंगे कि भगवान ने जिसको आंखें दी हैं, वो आकर देखो तो संभल में क्या हुआ था? इस्लाम कहता है कि किसी भी मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर बनाई गई कोई भी इबादतगाह खुदा को स्वीकार्य नहीं है। फिर आपने क्यों बनाई? आप तो इस्लाम के खिलाफ आचरण कर रहे हैं। हम कानून के दायरे में रहकर सब काम कर रहे हैं। सवाल- ईद और रामनवमी इसे लेकर कोई सख्त निर्देश दिए हैं कि हिंसा नहीं होनी चाहिए?
जवाब- यूपी ही ऐसा पहला राज्य है, जिसने माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर धर्मस्थलों के माइक की आवाज कंट्रोल की और उन्हें उतारा। रंग खेल रहे हैं, तो उससे किसी का अस्तित्व को खराब नहीं हुआ। सख्त निर्देश थे कि जिसको रंग से परहेज है, उस पर मत डालना। लेकिन फिर भी पड़ गया। प्रशासन उसको साफ करके रंगाई-पुताई कर दे रहा है। ये कौन सी बात है। हिंदू से ज्यादा रंग-बिरंगे कपड़े तो मुसलमान पहनते हैं, फिर रंग से परहेज क्यों? ये तो फिर दोहरा आचरण है। रंग-बिरंगी कपड़े पहनेंगे, लेकिन अगर रंग पड़ जाए तो हाय-तौबा मचाते हैं। बहुत सारे मुसलमानों ने होली खेली। शाहजहांपुर में तो नवाब साहब की पूरी झांकी ही निकलती है। सवाल- डीके शिवकुमार ने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान बदल सकते हैं?
जवाब- कर्नाटक सरकार का धर्म के आधार पर आरक्षण बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान का अपमान है। इन्होंने संविधान के साथ 1976 में क्या-क्या नहीं किया? गला घोंटने का काम किया। ये कांग्रेस हमेशा से करती रही है। डीके शिवकुमार जो भी बोल रहे हैं, वही बोल रहे हैं जो कांग्रेस की विरासत से उन्हें मिला है। सवाल- महाराष्ट्र में एक कॉमेडियन ने संविधान दिखाकर कहा इससे अभिव्यक्ति की आजादी मिलती है?
जवाब- अभिव्यक्ति की आजादी कानून के दायरे में है। आपकी अभिव्यक्ति की आजादी किसी दूसरे पर व्यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकती। दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों ने देश का चीरहरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… UP में किस विधायक को जनता दोबारा नहीं चाहती, किसे कितने नंबर मिले; देखिए 403 विधायकों का रिपोर्ट कार्ड 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। इनके जवाब में लोगों ने राय दी। UP में किस विधायक को जनता दोबारा नहीं चाहती, किसे सबसे ज्यादा और किसे सबसे कम नंबर मिले? 403 विधायकों का रिपोर्ट कार्ड देखने के लिए क्लिक कीजिए…
सीएस योगी लगातार यूपी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। उन्होंने 19 मार्च को सीएम के रूप में 8 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर योगी ने ANI को एक लंबा इंटरव्यू दिया। इसमें योगी पूरे तेवर में खुलकर बोले। हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। पूरा इंटरव्यू हम आपको पढ़वाएंगे, लेकिन पहले दो बड़ी बातें पढ़िए… पहली- उनकी (राहुल गांधी) मंशा से सभी वाकिफ हैं। वह देश के बाहर भारत की आलोचना करते हैं। लोग उनके स्वभाव और इरादों को समझ चुके हैं। भाजपा के लिए राहुल जैसे कुछ नमूने जरूर रहने चाहिए। भारत में मुसलमान खतरे में नहीं हैं। जिस दिन भारतीय मुसलमान अपने पूर्वजों को समझ लेंगे, इन सभी को बोरिया-बिस्तर बांधकर भागना पड़ेगा। दूसरी- मथुरा की बात क्यों नहीं उठाएंगे? मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मभूमि नहीं है क्या? कोर्ट के ही आदेश का पालन कर रहे हैं, नहीं तो अभी तो वहां बहुत कुछ हो गया होता। सनातन हिंदू धर्म को जो महत्वपूर्ण धर्मस्थल हैं, वो सभी स्थल हमारी विरासत की निशानी हैं। संभल में 94 निकाल लिए हैं। बाकी सभी के शास्त्रीय प्रमाण मौजूद हैं, उन्हें ढूंढ रहे हैं। उनको दिखा रहे हैं, कहां-कहां हैं। जितने कब्जे किए होंगे, एक-एक करके सबको निकालेंगे। जितने अतिक्रमण होंगे, वो हटेंगे। अब विस्तार से पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल- राहुल गांधी ने 2 भारत जोड़ो यात्राएं की, फिर आप उन्हें विभाजनकारी क्यों कहते हैं?
जवाब- 6 दशक तक ये क्या कर रहे थे? अपने नाना, दादी और पिता से पूछें। उनका भारत जोड़ो, भारत तोड़ो का हिस्सा है। राहुल गांधी अगर दक्षिण में जाएंगे, तो उत्तर भारत की निंदा करेंगे। उत्तर में आएंगे, तो दक्षिण की निंदा करेंगे। अगर भारत के बाहर जाएंगे, तो भारत की निंदा करेंगे। इनके आचरण को देश समझ चुका है। लेकिन, देश की राजनीति में भाजपा के लिए राहुल गांधी जैसे कुछ नमूने जरूर रहने चाहिए। भारत को श्रेष्ठ भारत नहीं होना चाहिए? तो उनसे पूछना चाहिए कि वो दशकों तक क्या कर रहे थे? उन्हें अपने दादा, दादी और पिता से पूछना चाहिए था। उन्होंने उस समय ऐसा क्यों नहीं किया? वो हमेशा से अयोध्या विवाद को विवाद ही रहने देना चाहते थे। सवाल- ओवैसी कहते हैं, भाजपा वक्फ बिल के नाम पर मस्जिदों पर कब्जा करना चाहती है?
जवाब- मस्जिदों पर कब्जा करके भाजपा क्या करेगी? वक्फ के नाम पर कितनी जमीन पर कब्जा करोगे? वे गुमराह कर रहे हैं। वक्फ के नाम पर जो भी आता है, उसने उस प्रॉपर्टी का व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया है। औने-पौने दाम पर बेचा है। एक ही प्रॉपर्टी को कई-कई लोगों को बेचा। उससे विवाद हो रहे हैं। जो उन जमीनों पर बस गए हैं, उनके लिए और जिन लोगों ने पैसा दिया है उनके लिए भी। उन सभी की पूंजी डूब जाएगी। इससे बड़ी बेवकूफ बनाने वाली तो कोई बात ही नहीं हो सकती। समय-समय पर वक्फ के नाम पर इन्होंने ऊलजलूल फैसले लिए हैं। वक्फ जिस जमीन को कह देगी कि उनकी है, तो उनकी मान ली जाएगी। हम भौचक हैं कि ये कौन-सा आदेश है? आपको यह पावर किसने दी है कि आप किसी भी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लेंगे? ये नहीं हो सकता है। ये वक्फ संशोधन अधिनियम जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) ने जो सिफारिश किया है, वो आज की जरूरत है। यह देश हित और मुसलमानों के हित में भी होगा। सवाल- अखिलेश यादव कहते हैं, लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल में होने के दावे सिर्फ लीपापोती हैं?
जवाब- प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। क्या आपने किसी श्रद्धालु को यह कहते सुना कि उसे लूट लिया गया? क्या आपने किसी महिला को यह कहते सुना कि उसके साथ छेड़छाड़ हुई? क्या किसी व्यापारी ने कहा कि उसे पैसे देने के लिए मजबूर किया गया? वहां से कोई अपहरण की शिकायत आई क्या? इससे बेहतर उदाहरण क्या हो सकता है? वहां पर हमारी कितनी भी फोर्स रही होगी, लेकिन फोर्स तो एक सीमित संख्या में है। 25 करोड़ की आबादी का राज्य है। अगर पहले से गुटबाजी या दुश्मनी नहीं है, तो कोई क्राइम नहीं कर सकता। यह लीपापोती नहीं, वास्तविकता है। यह तो राज्य की माताएं-बहनें बोलती हैं कि हम आज सुरक्षित हैं। नहीं तो 2017 के पहले कई-कई ऐसे कस्बे और जिले थे, जहां अभिभावक पढ़ने के लिए बेटियों को किसी रिश्तेदार के यहां या कहीं दूर हॉस्टल में भेज देता था। आज बीजेपी की डबल इंजन सरकार के कारण वह बेटी अपने मां-बाप के संरक्षण में अपने घर से स्कूल जाती है। मैं 2018 में कैराना गया था। वहां 2015 में अखिलेश यादव की सरकार में एक व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद परिवार सूरत पलायन कर गया था। उस हत्या के बाद ही कैराना से हिंदू आबादी ने पलायन किया था। 2018 में वो परिवार वापस आया और व्यापार शुरू किया। मैं मिलने गया तो उस परिवार में 6 साल की बच्ची थी। उससे पूछा कि स्कूल जाने में डर नहीं लगता? उसने कहा कि नहीं…अब तो नहीं लगता। सवाल- क्या आप तीसरी बार हैट्रिक के लिए कोशिश कर रहे हैं?
जवाब- हमारी सरकार को पहली बार ये मौका मिला कि आजादी के बाद कोई मुख्यमंत्री लगातार 5 साल तक काम करे और फिर से दो तिहाई बहुमत से सरकार बना ले। पिछले 8 साल से हम सेवा कर ही रहे हैं। सेवा, सुरक्षा और सुशासन को जो मॉडल हमारी पार्टी का था, उसको प्रभावी ढंग से यूपी में लागू किया। तीसरी बार सरकार बनाने के लिए हमारी पार्टी कोशिश करेगी। भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता सीएम बन सकता है। सवाल- ओवैसी कहते हैं कि आपके राज्य में मुसलमान खतरे में है?
जवाब- मुसलमान खतरे में नहीं हैं। उनकी वोट बैंक की राजनीति खतरे में है। जिस दिन अपने पूर्वजों को भारतीय मुसलमान समझ जाएगा, उस दिन इन सब के बोरिया-बिस्तर बंध जाएंगे। इसीलिए ये इस प्रकार की भड़काऊ बातें कहते हैं। भारत के मुसलमानों को याद रखना होगा वो तभी सुरक्षित हैं जब हिंदू सुरक्षित हैं, हिंदू परंपरा सुरक्षित है। सवाल- हिंदू कहां खतरे में हैं?
जवाब- कश्मीर के अंदर क्या हुआ था? अभी बांग्लादेश के अंदर क्या हुआ? पाकिस्तान में क्या हुआ है? 1947 से पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों भारत का हिस्सा थे। ये इतिहास है, सच्चाई है। कश्मीर में 100 हिंदू परिवारों के बीच रहने वाला एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित है। लेकिन क्या 100 मुस्लिम परिवारों के बीच अगर 50 हिंदू परिवार भी रहते हैं, तो क्या वे सुरक्षित हो सकते हैं? नहीं रह सकते… बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान आपके सामने उदाहरण हैं। सवाल- विपक्षी पार्टी कहती हैं कि राणा सांगा ने बाबर को न्योता दिया था?
जवाब- ये वही इतिहास जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करता है। ये वही लोग हैं जो बाबर, औरंगजेब और जिन्ना का महिमामंडन करते हैं। राणा सांगा का इतिहास इन लोगों ने पढ़ा होता, जिनके शरीर के घाव इस बात को बताते थे कि उन्होंने धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए किस प्रकार पराक्रम का परिचय दिया था। ये महाराणा प्रताप, राणा सांगा, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह के बारे में बताएंगे? ये लोग औरंगजेब और बाबर की पूजा करते हैं, अपना आदर्श मानते हैं। सवाल- आपने कहा संभल में 64 तीर्थस्थल हैं, आप कितनी जगह खोदेंगे?
जवाब- जितनी जगह होंगी, उतनी जगह खोदेंगे। निकालेंगे और दुनिया को बोलेंगे कि भगवान ने जिसको आंखें दी हैं, वो आकर देखो तो संभल में क्या हुआ था? इस्लाम कहता है कि किसी भी मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर बनाई गई कोई भी इबादतगाह खुदा को स्वीकार्य नहीं है। फिर आपने क्यों बनाई? आप तो इस्लाम के खिलाफ आचरण कर रहे हैं। हम कानून के दायरे में रहकर सब काम कर रहे हैं। सवाल- ईद और रामनवमी इसे लेकर कोई सख्त निर्देश दिए हैं कि हिंसा नहीं होनी चाहिए?
जवाब- यूपी ही ऐसा पहला राज्य है, जिसने माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर धर्मस्थलों के माइक की आवाज कंट्रोल की और उन्हें उतारा। रंग खेल रहे हैं, तो उससे किसी का अस्तित्व को खराब नहीं हुआ। सख्त निर्देश थे कि जिसको रंग से परहेज है, उस पर मत डालना। लेकिन फिर भी पड़ गया। प्रशासन उसको साफ करके रंगाई-पुताई कर दे रहा है। ये कौन सी बात है। हिंदू से ज्यादा रंग-बिरंगे कपड़े तो मुसलमान पहनते हैं, फिर रंग से परहेज क्यों? ये तो फिर दोहरा आचरण है। रंग-बिरंगी कपड़े पहनेंगे, लेकिन अगर रंग पड़ जाए तो हाय-तौबा मचाते हैं। बहुत सारे मुसलमानों ने होली खेली। शाहजहांपुर में तो नवाब साहब की पूरी झांकी ही निकलती है। सवाल- डीके शिवकुमार ने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान बदल सकते हैं?
जवाब- कर्नाटक सरकार का धर्म के आधार पर आरक्षण बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान का अपमान है। इन्होंने संविधान के साथ 1976 में क्या-क्या नहीं किया? गला घोंटने का काम किया। ये कांग्रेस हमेशा से करती रही है। डीके शिवकुमार जो भी बोल रहे हैं, वही बोल रहे हैं जो कांग्रेस की विरासत से उन्हें मिला है। सवाल- महाराष्ट्र में एक कॉमेडियन ने संविधान दिखाकर कहा इससे अभिव्यक्ति की आजादी मिलती है?
जवाब- अभिव्यक्ति की आजादी कानून के दायरे में है। आपकी अभिव्यक्ति की आजादी किसी दूसरे पर व्यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकती। दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों ने देश का चीरहरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… UP में किस विधायक को जनता दोबारा नहीं चाहती, किसे कितने नंबर मिले; देखिए 403 विधायकों का रिपोर्ट कार्ड 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। इनके जवाब में लोगों ने राय दी। UP में किस विधायक को जनता दोबारा नहीं चाहती, किसे सबसे ज्यादा और किसे सबसे कम नंबर मिले? 403 विधायकों का रिपोर्ट कार्ड देखने के लिए क्लिक कीजिए…