चंडीगढ़ सेक्टर-10 की कोठी नंबर-575 में हुए हैंड ग्रेनेड बम धमाके के तार पाकिस्तान से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसका खुलासा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में हुआ है। एनआईए का कहना है कि हमले में प्रयोग किया गया हैंड ग्रेनेड एचजी-84 पाकिस्तान में बना था। जांच एजेंसी ने इस मामले में पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और यूएसए बेस्ड गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को मास्टरमाइंड बताया है, जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिलवाया। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया हैंड ग्रेनेड पाकिस्तान में बना था। यह ग्रेनेड सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश में ही बनाए जाते हैं। आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा है और उसी के जरिए यह हैंड ग्रेनेड भारत पहुंचाया गया था। रिटायर्ड एसपी की थी कोठी चार्जशीट के मुताबिक, 10 सितंबर की शाम करीब 6 बजे दो अज्ञात बदमाश ऑटो में आए और कोठी नंबर-575 में हैंड ग्रेनेड फेंककर धमाका कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोठी पंजाब पुलिस के रिटायर्ड एसपी जसकीरत सिंह चहल की थी, जो कुछ साल पहले तक यहां रहते थे। हमलावरों का मकसद चहल को निशाना बनाना था, लेकिन घटना के समय वह कोठी में मौजूद नहीं थे। पाकिस्तान से आई थी सप्लाई एनआईए की जांच में सामने आया कि इस धमाके के पीछे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और गैंगस्टर हैप्पी पासिया का हाथ था। जांच एजेंसियों ने इस मामले में अमृतसर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जबकि दूसरे आरोपी को मोबाइल लोकेशन के आधार पर अगले दिन दिल्ली से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के रोहन और विशाल मसीह के रूप में हुई। इन्होंने सेक्टर-43 आईएसबीटी से सेक्टर-10 कोठी तक जाने के लिए 500 रुपये में एक ऑटो किराये पर लिया था। इस ऑटो के चालक कुलदीप को भी जांच टीमों ने गिरफ्तार किया है। रिंदा और पासिया चलाते हैं टारगेट किलिंग गैंग जांच में खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर हैप्पी पासिया, पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के साथ मिलकर टारगेट किलिंग का काम करता है। एनआईए ने बताया कि रिंदा और पासिया ने 2023 में चंडीगढ़ और पंजाब में कई लोगों की हत्या के लिए कुछ युवकों को टारगेट भी दिया था। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने पिछले साल मोहाली से चार युवकों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने रिमांड के दौरान टारगेट किलिंग की साजिश का खुलासा किया था।
चंडीगढ़ सेक्टर-10 की कोठी नंबर-575 में हुए हैंड ग्रेनेड बम धमाके के तार पाकिस्तान से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसका खुलासा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में हुआ है। एनआईए का कहना है कि हमले में प्रयोग किया गया हैंड ग्रेनेड एचजी-84 पाकिस्तान में बना था। जांच एजेंसी ने इस मामले में पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और यूएसए बेस्ड गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को मास्टरमाइंड बताया है, जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिलवाया। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया हैंड ग्रेनेड पाकिस्तान में बना था। यह ग्रेनेड सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश में ही बनाए जाते हैं। आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा है और उसी के जरिए यह हैंड ग्रेनेड भारत पहुंचाया गया था। रिटायर्ड एसपी की थी कोठी चार्जशीट के मुताबिक, 10 सितंबर की शाम करीब 6 बजे दो अज्ञात बदमाश ऑटो में आए और कोठी नंबर-575 में हैंड ग्रेनेड फेंककर धमाका कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोठी पंजाब पुलिस के रिटायर्ड एसपी जसकीरत सिंह चहल की थी, जो कुछ साल पहले तक यहां रहते थे। हमलावरों का मकसद चहल को निशाना बनाना था, लेकिन घटना के समय वह कोठी में मौजूद नहीं थे। पाकिस्तान से आई थी सप्लाई एनआईए की जांच में सामने आया कि इस धमाके के पीछे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और गैंगस्टर हैप्पी पासिया का हाथ था। जांच एजेंसियों ने इस मामले में अमृतसर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जबकि दूसरे आरोपी को मोबाइल लोकेशन के आधार पर अगले दिन दिल्ली से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के रोहन और विशाल मसीह के रूप में हुई। इन्होंने सेक्टर-43 आईएसबीटी से सेक्टर-10 कोठी तक जाने के लिए 500 रुपये में एक ऑटो किराये पर लिया था। इस ऑटो के चालक कुलदीप को भी जांच टीमों ने गिरफ्तार किया है। रिंदा और पासिया चलाते हैं टारगेट किलिंग गैंग जांच में खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर हैप्पी पासिया, पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के साथ मिलकर टारगेट किलिंग का काम करता है। एनआईए ने बताया कि रिंदा और पासिया ने 2023 में चंडीगढ़ और पंजाब में कई लोगों की हत्या के लिए कुछ युवकों को टारगेट भी दिया था। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने पिछले साल मोहाली से चार युवकों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने रिमांड के दौरान टारगेट किलिंग की साजिश का खुलासा किया था।