सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह इंफाल पहुंचा। जस्टिस बी.आर. गवई के नेतृत्व में जज प्रतिनिधिमंडल मणिपुर में हुए जातीय हिंसा के बाद विस्थापित हुए लोगों से मिलेंगे, और राहत शिविरों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही चुराचांदपुर जिले में मिनी सचिवालय से कानूनी सेवा शिविरों, कानूनी सहायता क्लीनिकों और अस्थायी चिकित्सा सुविधाओं का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे बिष्णुपुर में मोइरांग कॉलेज में एक राहत शिविर जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का जज प्रतिनिधिमंडल रविवार को मणिपुर उच्च न्यायालय में एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। वहीं मणिपुर पुलिस ने उग्रवादी समूहों के सात कैडरों को गिरफ्तार किया। साथ ही राज्य भर में कई छापों के दौरान हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। गिरफ्तार कैडरों के पास बड़ी मात्रा में हथियार मिले मणिपुर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 21 मार्च को मणिपुर पुलिस और एआर की एक संयुक्त टीम ने KCP- PWG संगठन के एक सक्रिय कैडर थंगमंगजम नाओबा सिंह (28 वर्ष) उर्फ पामुबा को मयांग लांगजिंग बाजार, इंफाल पश्चिम से गिरफ्तार किया। उसी दिन एक अलग ऑपरेशन में, मणिपुर पुलिस ने KCP के चार सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया था। 21 मार्च को, मणिपुर पुलिस ने KCP के तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं मुतुम जैक्सन मीतेई (20), अकोईजाम संजोय सिंह (19) और नोंगथोमबम गोपेन सिंह (59) को इंफाल पश्चिम जिले में उनके घरों से गिरफ्तार किया। उनके पास से एक इंसास राइफल और तीन राउंड से भरी एक मैगजीन, दो राउंड से भरी मैगजीन के साथ एक 9 एमएम पिस्तौल, दो एयर गन, एक डबल बैरल गन, लेथोड गन का एक बॉडी पार्ट, इंसास एलएमजी की एक खराब मैगजीन, एसएलआर राइफल की एक मैगजीन, 7.62 एलएमजी की एक खराब मैगजीन, एक लेथोड खोल और एक आंसू धुएं का खोल जब्त किया गया। एक दिन पहले लापता हुई लड़की का शव बुरी हाल में मिला मणिपुर के चुराचांदपुर में शुक्रवार को 9 साल की एक लड़की का शव मिला। पुलिस ने बताया, नाबालिग लड़की गुरुवार शाम करीब 6 बजे लापता हो गई थी। एक दिन बाद उसका शव लानवा टीडी ब्लॉक में विस्थापितों के लिए बने रिलीफ कैंप के पास मिला। पुलिस के मुताबिक पीड़ित के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं। पुलिस ने रेप का संदेह जताया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूछताछ के लिए 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना की निंदा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘मैं अज्ञात बदमाशों द्वारा लड़की की हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। यह मानवता के खिलाफ एक गंभीर अपराध है, और मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि अपराधियों को बिना देरी कटघरे में लाया जाए।’ 5 दिन पहले चुराचांदपुर में हिंसा, एक की जान गई थी
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में मंगलवार रात करीब 10 बजे जोमी और हमार जनजाति के बीच हिंसा हुई थी। इस हिंसा में हमार जनजाति के रोपुई पाकुमटे नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। ये हिंसा तब हुई जब हमार जनजाति के युवकों ने सीलमत क्षेत्र के पास फहराए गए जोमी झंडे को उतार दिया था। 16 मार्च: रविवार देर शाम हमार जनजाति के नेता रिचर्ड हमार पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। रिचर्ड अपनी गाड़ी चला रहे थे, जो एक दोपहिया सवार से टकराने से बची। इससे रिचर्ड की दोपहिया वाहन सवार युवकों से कहासुनी हो गई। जो बाद में इतनी आगे बढ़ गई कि दूसरे पक्ष ने रिचर्ड पर हमला कर दिया। 17 मार्च: इलाके में तनाव बढ़ने के बाद हमार जनजाति के लोगो ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी करना शुरु कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षाबलों ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। इसके बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया। 8 मार्च को फ्री मूवमेंट के दिन हिंसक प्रदर्शन
8 मार्च को फ्री मूवमेंट के दिन कुकी समुदाय ने प्रदर्शन किया था। समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर पत्थर बिछाकर और टायर जलाकर सड़कें ब्लॉक करने की कोशिश की। कई जगह वाहनों में आग लगा दी गई। बसों को पलट दिया गया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें 40 लोग घायल हुए थे। 1 मार्च को शाह ने फ्री मूवमेंट की घोषणा की
गृह मंत्री अमित शाह ने 1 मार्च को मणिपुर के हालात पर गृह मंत्रालय में समीक्षा बैठक की थी। गृह मंत्री ने 8 मार्च से मणिपुर में सभी सड़कों पर बेरोकटोक आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा था। साथ ही सड़कें ब्लॉक करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 9 फरवरी को CM का इस्तीफा, 13 को राष्ट्रपति शासन लगा
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उपद्रवियों से सभी लूटे गए हथियार सरेंडर करने को कहा था। अब तक 500 से ज्यादा हथियार सरेंडर किए जा चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… ————————- मणिपुर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मणिपुर के चुराचांदपुर में कर्फ्यू:हमार जनजाति के नेता पर हमले के चलते हिंसा, पुलिस ने हवाई फायरिंग कर उपद्रवियों को खदेड़ा मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में रविवार देर शाम हमार जनजाति के नेता रिचर्ड हमार पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। सोमवार को हमार जनजाति के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर बंद बुलाया। पूरी खबर पढ़ें… मणिपुर हिंसा के 600 दिन- सेना की सख्ती के कारण 1 महीने से शांति, ‘ऑपरेशन क्लीन’ से 20 उग्रवादी पकड़े 22 दिसंबर, 2024 को मणिपुर में जातीय हिंसा के 600 दिन पूरे हुए थे। इन 600 दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब लगातार एक महीने से हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। छिटपुट प्रदर्शन के लिए भी नहीं हुए। सरकारी दफ्तर रोजाना खुले और स्कूल में बच्चों की तादाद बढ़ी। पूरी खबर पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह इंफाल पहुंचा। जस्टिस बी.आर. गवई के नेतृत्व में जज प्रतिनिधिमंडल मणिपुर में हुए जातीय हिंसा के बाद विस्थापित हुए लोगों से मिलेंगे, और राहत शिविरों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही चुराचांदपुर जिले में मिनी सचिवालय से कानूनी सेवा शिविरों, कानूनी सहायता क्लीनिकों और अस्थायी चिकित्सा सुविधाओं का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे बिष्णुपुर में मोइरांग कॉलेज में एक राहत शिविर जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का जज प्रतिनिधिमंडल रविवार को मणिपुर उच्च न्यायालय में एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। वहीं मणिपुर पुलिस ने उग्रवादी समूहों के सात कैडरों को गिरफ्तार किया। साथ ही राज्य भर में कई छापों के दौरान हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। गिरफ्तार कैडरों के पास बड़ी मात्रा में हथियार मिले मणिपुर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 21 मार्च को मणिपुर पुलिस और एआर की एक संयुक्त टीम ने KCP- PWG संगठन के एक सक्रिय कैडर थंगमंगजम नाओबा सिंह (28 वर्ष) उर्फ पामुबा को मयांग लांगजिंग बाजार, इंफाल पश्चिम से गिरफ्तार किया। उसी दिन एक अलग ऑपरेशन में, मणिपुर पुलिस ने KCP के चार सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया था। 21 मार्च को, मणिपुर पुलिस ने KCP के तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं मुतुम जैक्सन मीतेई (20), अकोईजाम संजोय सिंह (19) और नोंगथोमबम गोपेन सिंह (59) को इंफाल पश्चिम जिले में उनके घरों से गिरफ्तार किया। उनके पास से एक इंसास राइफल और तीन राउंड से भरी एक मैगजीन, दो राउंड से भरी मैगजीन के साथ एक 9 एमएम पिस्तौल, दो एयर गन, एक डबल बैरल गन, लेथोड गन का एक बॉडी पार्ट, इंसास एलएमजी की एक खराब मैगजीन, एसएलआर राइफल की एक मैगजीन, 7.62 एलएमजी की एक खराब मैगजीन, एक लेथोड खोल और एक आंसू धुएं का खोल जब्त किया गया। एक दिन पहले लापता हुई लड़की का शव बुरी हाल में मिला मणिपुर के चुराचांदपुर में शुक्रवार को 9 साल की एक लड़की का शव मिला। पुलिस ने बताया, नाबालिग लड़की गुरुवार शाम करीब 6 बजे लापता हो गई थी। एक दिन बाद उसका शव लानवा टीडी ब्लॉक में विस्थापितों के लिए बने रिलीफ कैंप के पास मिला। पुलिस के मुताबिक पीड़ित के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं। पुलिस ने रेप का संदेह जताया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूछताछ के लिए 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना की निंदा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘मैं अज्ञात बदमाशों द्वारा लड़की की हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। यह मानवता के खिलाफ एक गंभीर अपराध है, और मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि अपराधियों को बिना देरी कटघरे में लाया जाए।’ 5 दिन पहले चुराचांदपुर में हिंसा, एक की जान गई थी
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में मंगलवार रात करीब 10 बजे जोमी और हमार जनजाति के बीच हिंसा हुई थी। इस हिंसा में हमार जनजाति के रोपुई पाकुमटे नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। ये हिंसा तब हुई जब हमार जनजाति के युवकों ने सीलमत क्षेत्र के पास फहराए गए जोमी झंडे को उतार दिया था। 16 मार्च: रविवार देर शाम हमार जनजाति के नेता रिचर्ड हमार पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। रिचर्ड अपनी गाड़ी चला रहे थे, जो एक दोपहिया सवार से टकराने से बची। इससे रिचर्ड की दोपहिया वाहन सवार युवकों से कहासुनी हो गई। जो बाद में इतनी आगे बढ़ गई कि दूसरे पक्ष ने रिचर्ड पर हमला कर दिया। 17 मार्च: इलाके में तनाव बढ़ने के बाद हमार जनजाति के लोगो ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी करना शुरु कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षाबलों ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। इसके बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया। 8 मार्च को फ्री मूवमेंट के दिन हिंसक प्रदर्शन
8 मार्च को फ्री मूवमेंट के दिन कुकी समुदाय ने प्रदर्शन किया था। समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर पत्थर बिछाकर और टायर जलाकर सड़कें ब्लॉक करने की कोशिश की। कई जगह वाहनों में आग लगा दी गई। बसों को पलट दिया गया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें 40 लोग घायल हुए थे। 1 मार्च को शाह ने फ्री मूवमेंट की घोषणा की
गृह मंत्री अमित शाह ने 1 मार्च को मणिपुर के हालात पर गृह मंत्रालय में समीक्षा बैठक की थी। गृह मंत्री ने 8 मार्च से मणिपुर में सभी सड़कों पर बेरोकटोक आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा था। साथ ही सड़कें ब्लॉक करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 9 फरवरी को CM का इस्तीफा, 13 को राष्ट्रपति शासन लगा
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उपद्रवियों से सभी लूटे गए हथियार सरेंडर करने को कहा था। अब तक 500 से ज्यादा हथियार सरेंडर किए जा चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… ————————- मणिपुर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मणिपुर के चुराचांदपुर में कर्फ्यू:हमार जनजाति के नेता पर हमले के चलते हिंसा, पुलिस ने हवाई फायरिंग कर उपद्रवियों को खदेड़ा मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में रविवार देर शाम हमार जनजाति के नेता रिचर्ड हमार पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। सोमवार को हमार जनजाति के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर बंद बुलाया। पूरी खबर पढ़ें… मणिपुर हिंसा के 600 दिन- सेना की सख्ती के कारण 1 महीने से शांति, ‘ऑपरेशन क्लीन’ से 20 उग्रवादी पकड़े 22 दिसंबर, 2024 को मणिपुर में जातीय हिंसा के 600 दिन पूरे हुए थे। इन 600 दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब लगातार एक महीने से हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। छिटपुट प्रदर्शन के लिए भी नहीं हुए। सरकारी दफ्तर रोजाना खुले और स्कूल में बच्चों की तादाद बढ़ी। पूरी खबर पढ़ें…