दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने पार्टी में बड़े बदलाव किए। पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। शुक्रवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर पर पार्टी के राजनीतिक मामलों की कमेटी PAC की बैठक हुई, जिसमें ये फैसला लिया गया। सौरभ भारद्वाज पूर्व मंत्री गोपाल राय की जगह लेंगे। बैठक में दिल्ली समेत दो राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और 4 राज्यों के नए प्रभारी नियुक्त किए। महराज मलिक जम्मू-कश्मीर के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। पार्टी ने गोपाल राय को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया है। दुर्गेश पाठक को सह प्रभारी होंगे। मनीष सिसोदिया पंजाब के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। सत्येंद्र जैन को सह प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ का प्रभारी संदीप पाठक को बनाया गया है। पंकज गुप्ता गोवा के प्रभारी होंगे। तीन बार के विधायक हैं सौरभ भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने साल 2013 में AAP ज्वाइन की थी। वे ग्रेटर कैलाश विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक रह चुके हैं। उन्होंने AAP सरकार में स्वास्थ मंत्रालय समेत 7 से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी की शिखा रॉय ने उन्हें 3 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हारी AAP 8 फरवरी 2025 को दिल्ली विधानसभा चुनाव का रिजल्ट घोषित हुआ था। 3 बार से दिल्ली की सत्ता में काबिज AAP को बीजेपी ने बाहर का रास्ता दिखाया था। दिल्ली की 70 सीटों में से भाजपा ने 48 पर जीत हासिल की थी। AAP के हिस्से केवल 22 सीटें आईं। दिल्ली के तीन बार के सीएम अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने उन्हें 4089 वोटों से हराया था। कांग्रेस प्रत्याशी संदीप दीक्षित को कुल 4568 वोट मिले थे। चुनाव में भाजपा+ को AAP से 3.6% ज्यादा वोट मिले थे। इससे 26 सीटें ज्यादा मिलीं थीं। पिछली चुनाव में 8 सीटें थीं। भाजपा ने 1993 में 49 सीटें यानी दो तिहाई बहुमत हासिल किया था। 5 साल की सरकार में मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज सीएम बनाए गए थे। 1998 के बाद कांग्रेस ने 15 साल राज किया। इसके बाद 2013 से आम आदमी पार्टी की सरकार थी। इस बार भाजपा की 71% स्ट्राइक रेट के साथ 40 सीटें बढ़ीं। पार्टी ने 68 पर चुनाव लड़ा, 48 सीटें जीतीं। वहीं, AAP को 40 सीटों का नुकसान हुआ। आप का स्ट्राइक रेट 31% रहा। भाजपा ने पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले वोट शेयर में 9% से ज्यादा का इजाफा किया। वहीं, AAP को करीब 10% का नुकसान हुआ है। कांग्रेस को भले ही एक भी सीट नहीं मिली, लेकिन वोट शेयर 2% बढ़ाने में कामयाब रही। पूरी खबर पढ़ें…
———————- ये खबर भी पढ़ें… AAP सरकार के 3 साल, अमृतसर पहुंचे केजरीवाल:पंजाब में CM बदलने की चर्चाएं नकारीं, बोले- पूरे 5 साल भगवंत मान ही रहेंगे पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को आज, 16 मार्च को 3 साल पूरे होने पर पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पत्नी सुनीता केजरीवाल और CM भगवंत मान के साथ अमृतसर में गोल्डन टेंपल पहुंचे। यहां से वह रामतीर्थ भी गए। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने पार्टी में बड़े बदलाव किए। पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। शुक्रवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर पर पार्टी के राजनीतिक मामलों की कमेटी PAC की बैठक हुई, जिसमें ये फैसला लिया गया। सौरभ भारद्वाज पूर्व मंत्री गोपाल राय की जगह लेंगे। बैठक में दिल्ली समेत दो राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और 4 राज्यों के नए प्रभारी नियुक्त किए। महराज मलिक जम्मू-कश्मीर के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। पार्टी ने गोपाल राय को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया है। दुर्गेश पाठक को सह प्रभारी होंगे। मनीष सिसोदिया पंजाब के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। सत्येंद्र जैन को सह प्रभारी बनाया गया है। छत्तीसगढ़ का प्रभारी संदीप पाठक को बनाया गया है। पंकज गुप्ता गोवा के प्रभारी होंगे। तीन बार के विधायक हैं सौरभ भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने साल 2013 में AAP ज्वाइन की थी। वे ग्रेटर कैलाश विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक रह चुके हैं। उन्होंने AAP सरकार में स्वास्थ मंत्रालय समेत 7 से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी की शिखा रॉय ने उन्हें 3 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हारी AAP 8 फरवरी 2025 को दिल्ली विधानसभा चुनाव का रिजल्ट घोषित हुआ था। 3 बार से दिल्ली की सत्ता में काबिज AAP को बीजेपी ने बाहर का रास्ता दिखाया था। दिल्ली की 70 सीटों में से भाजपा ने 48 पर जीत हासिल की थी। AAP के हिस्से केवल 22 सीटें आईं। दिल्ली के तीन बार के सीएम अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने उन्हें 4089 वोटों से हराया था। कांग्रेस प्रत्याशी संदीप दीक्षित को कुल 4568 वोट मिले थे। चुनाव में भाजपा+ को AAP से 3.6% ज्यादा वोट मिले थे। इससे 26 सीटें ज्यादा मिलीं थीं। पिछली चुनाव में 8 सीटें थीं। भाजपा ने 1993 में 49 सीटें यानी दो तिहाई बहुमत हासिल किया था। 5 साल की सरकार में मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज सीएम बनाए गए थे। 1998 के बाद कांग्रेस ने 15 साल राज किया। इसके बाद 2013 से आम आदमी पार्टी की सरकार थी। इस बार भाजपा की 71% स्ट्राइक रेट के साथ 40 सीटें बढ़ीं। पार्टी ने 68 पर चुनाव लड़ा, 48 सीटें जीतीं। वहीं, AAP को 40 सीटों का नुकसान हुआ। आप का स्ट्राइक रेट 31% रहा। भाजपा ने पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले वोट शेयर में 9% से ज्यादा का इजाफा किया। वहीं, AAP को करीब 10% का नुकसान हुआ है। कांग्रेस को भले ही एक भी सीट नहीं मिली, लेकिन वोट शेयर 2% बढ़ाने में कामयाब रही। पूरी खबर पढ़ें…
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