लैंड फॉर जॉब केस में RJD सुप्रीमो लालू यादव से ED ने बुधवार को 4 घंटे तक पूछताछ की। ED ने पूछा- ‘राबड़ी देवी और मीसा भारती को सस्ते में जमीन क्यों बेची गई।’ साथ ही ये भी पूछा- ‘रजिस्ट्री के बाद संजय राय और उसके परिवार को नौकरी मिली, ऐसा क्यों।’ पूछताछ के दौरान पौने 2 बजे लालू को खाना और दवा के लिए लंच ब्रेक दिया गया। वहीं, मीसा भारती और राजद समर्थक बाहर RJD सुप्रीमो का इंतजार करते दिखे। सुबह करीब 11 बजे लालू यादव बेटी मीसा भारती के साथ ED ऑफिस पहुंचे थे। 4 घंटे की पूछताछ के बाद लालू यादव ED दफ्तर से बाहर निकले। लालू से ED के सवाल ED दफ्तर के बाहर RJD समर्थकों की नारेबाजी इससे पहले लालू यादव से ED ऑफिस में मौजूद रजिस्टर पर साइन करवाए गए। फिर ED के अधिकारियों ने लालू से पूछा ‘आप कैसे हैं, चाय-कॉफी कुछ लेंगे लालू जी।’ लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते जमीन के बदले लोगों को नौकरी दी। ED दफ्तर के बाहर RJD समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं। ED ऑफिस के बाहर RJD समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। तेजस्वी बोले- जितना तंग करोगे, उतना हम मजबूत होंगे इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और जांच एजेंसियों पर हमला बोलते हुए कहा, ‘BJP की सारी टीमों का काम अब सिर्फ बिहार में है। वो बुलाते हैं हम लोग जाते हैं। कुछ होना जाना नहीं है। तेजस्वी ने कहा- अगर में राजनीति में नहीं होता तो कोई केस नहीं होता। इससे हम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता। जितना ये लोग तंग करेंगे, हम उतने मजबूत होंगे।’ लैंड फॉर जॉब्स मामले में 20 जनवरी 2024 को ED की दिल्ली और पटना टीम के अधिकारियों ने लालू और तेजस्वी यादव से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। लालू प्रसाद से 50 से ज्यादा सवाल किए थे। उन्होंने ज्यादातर जवाब हां या ना में ही दिए थे। पूछताछ के दौरान कई बार लालू झल्ला भी गए थे। ED ऑफिस की कुछ तस्वीरें देखिए… मंगलवार को राबड़ी और तेजप्रताप से हुई 4 घंटे पूछताछ इससे पहले मंगलवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप से 4 घंटे तक पूछताछ चली। राबड़ी देवी करीब 4 घंटे बाद पौने 3 बजे ED ऑफिस से बाहर निकलीं। मंगलवार सुबह करीब 10.50 बजे राबड़ी देवी अपनी बड़ी बेटी मीसा भारती के साथ पटना के ED दफ्तर पहुंची थीं। दोनों एक ही गाड़ी में थीं। वहीं, दोपहर करीब 12 बजे तेजप्रताप यादव भी ED ऑफिस पहुंचे। तेजप्रताप को पहली बार जमीन के बदले नौकरी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। राबड़ी और तेजप्रताप दोनों से अलग-अलग कमरों में बैठाकर पूछताछ की गई। इसके बाद ED ने राबड़ी देवी से पूछा- क्या आप लंच करेंगी। पूर्व CM ने इसका जवाब हां में दिया। ED के अफसरों ने कहा कि लंच कर लीजिए। कोई दवा लेनी हो तो वो भी ले लीजिए। पूछताछ के दौरान टीम ने राबड़ी से चाय और पानी का भी पूछती रही। इस दौरान पटना ED ऑफिस के बाहर सुबह से ही RJD नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी होती रही। 11 मार्च को तेजप्रताप और हेमा को मिली थी बेल इससे पहले लैंड फॉर जॉब केस में मंगलवार 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचे थे। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। नौकरी के बदले जमीन लेने का है पूरा मामला 7 डील में जानिए लैंड फॉर जॉब डील का पूरा खेल डील-1 : जमीन देने के सालभर के अंदर 3 लोगों को नौकरी मिली CBI ने अपनी शुरुआती जांच में पाया कि 6 फरवरी 2008 को पटना के किशुन देव राय ने अपनी जमीन काफी कम कीमत पर राबड़ी देवी के नाम कर दी। यानी 3,375 वर्ग फीट जमीन सिर्फ 3.75 लाख रुपए में राबड़ी देवी काे बेच दी। साथ ही इसी साल परिवार के 3 मेंबर्स राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार और अजय कुमार को मध्य रेलवे मुंबई में ग्रुप डी के पद पर नौकरी मिल गई। डील-2 : 3.75 लाख में 3,375 वर्ग फीट जमीन देने के बदले 2 को रेलवे में नौकरी फरवरी 2008 में पटना के महुआबाग के संजय राय ने भी सिर्फ 3.75 लाख रुपए में 3,375 वर्ग फीट जमीन राबड़ी देवी को बेच दी। CBI ने अपनी जांच में पाया कि संजय राय के अलावा परिवार के 2 अन्य मेंबर्स को रेलवे में नौकरी मिल गई। डील-3 : 2007 में जमीन दी, 2008 में बेटे का रेलवे में सिलेक्शन पटना की रहने वाली किरण देवी ने नवंबर 2007 में सिर्फ 3.70 लाख रुपए में अपनी 80,905 वर्ग फीट जमीन लालू यादव की बेटी मीसा भारती को बेच दी। इसके बाद 2008 में सेंट्रल रेलवे मुंबई में किरण देवी के बेटे अभिषेक कुमार को नौकरी मिल गई। डील-4 : 9,527 स्क्वायर फीट जमीन के बदले 2 लोगों को मिली नौकरी फरवरी 2007 में पटना निवासी हजारी राय ने अपनी 9,527 स्क्वायर फीट जमीन दिल्ली की कंपनी एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को 10.83 लाख रुपए में बेच दी। बाद में हजारी राय के 2 भतीजों दिलचंद कुमार और प्रेम चंद कुमार को वेस्ट-सेंट्रल रेलवे जबलपुर और साउथ-ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में नौकरी मिल गई। CBI ने पाया कि एके इंफोसिस्टम के सभी अधिकार और संपत्ति साल 2014 में लालू की बेटी मीसा और पत्नी राबड़ी को दे दिए गए थे। राबड़ी देवी ने 2014 में कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लिए और बाद में कंपनी की डायरेक्टर बन गईं। डील-5: 2006 में नौकरी मिली, 2015 में 1360 वर्ग फीट जमीन ली पटना निवासी लाल बाबू राय ने मई 2015 में मात्र 13 लाख रुपए में अपनी 1,360 वर्ग फीट की जमीन राबड़ी देवी के नाम कर दी। CBI ने जांच की तो पता चला कि लाल बाबू राय के बेटे लाल चंद कुमार को 2006 में नॉर्थ-वेस्टर्न रेलवे जयपुर में नौकरी मिली थी। डील-6: नौकरी मिलने के बाद 62 लाख की जमीन गिफ्ट कर दी बृज नंदन राय ने मार्च 2008 में अपनी 3,375 वर्ग फुट जमीन गोपालगंज निवासी हृदयानंद चौधरी को 4.21 लाख रुपए में बेच दी। हृदयानंद चौधरी को साल 2005 में ईस्ट-सेंट्रल रेलवे हाजीपुर में नौकरी मिल गई। 2014 में हृदयानंद चौधरी ने गिफ्ट डीड के जरिए इस जमीन को लालू प्रसाद यादव की बेटी हेमा को ट्रांसफर कर दिया। CBI ने जांच की तो पाया कि हृदयानंद चौधरी और लालू यादव दूर के भी रिश्तेदार नहीं हैं। साथ ही जिस जमीन को गिफ्ट के रूप में दिया गया, उस वक्त सर्कल रेट के अनुसार उसका मूल्य 62 लाख रुपए था। डील-7: 2008 में नौकरी मिली, 2014 में जमीन दी विशुन देव राय ने मार्च 2008 में अपनी 3,375 वर्ग फीट की जमीन सीवान निवासी ललन चौधरी को दे दी। ललन के पोते पिंटू कुमार की साल 2008 में वेस्टर्न रेलवे मुंबई में नौकरी लग गई। इसके बाद ललन चौधरी ने फरवरी 2014 में इस जमीन को हेमा यादव को दे दिया। ————————— लैंड फॉर जॉब स्कैम- तेजप्रताप और हेमा को मिली जमानत:50 हजार के मुचलके पर बेल; CBI ने 78 लोगों को बनाया है आरोपी लैंड फॉर जॉब केस में आज यानी मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है।कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर बेल दी है। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचे थे। लैंड फॉर जॉब केस के वकील वरूण जैन ने बताया- ‘1 सिक्योरिटी और 50 हजार मुचलके पर जमानत दी गई है। गवाहों से टेम्परिंग नहीं करना है। देश छोड़कर जाने से पहले कोर्ट को बताना होगा। इस कंडीशन पर बेल दी गई है।’ पूरी खबर पढ़ें
लैंड फॉर जॉब केस में RJD सुप्रीमो लालू यादव से ED ने बुधवार को 4 घंटे तक पूछताछ की। ED ने पूछा- ‘राबड़ी देवी और मीसा भारती को सस्ते में जमीन क्यों बेची गई।’ साथ ही ये भी पूछा- ‘रजिस्ट्री के बाद संजय राय और उसके परिवार को नौकरी मिली, ऐसा क्यों।’ पूछताछ के दौरान पौने 2 बजे लालू को खाना और दवा के लिए लंच ब्रेक दिया गया। वहीं, मीसा भारती और राजद समर्थक बाहर RJD सुप्रीमो का इंतजार करते दिखे। सुबह करीब 11 बजे लालू यादव बेटी मीसा भारती के साथ ED ऑफिस पहुंचे थे। 4 घंटे की पूछताछ के बाद लालू यादव ED दफ्तर से बाहर निकले। लालू से ED के सवाल ED दफ्तर के बाहर RJD समर्थकों की नारेबाजी इससे पहले लालू यादव से ED ऑफिस में मौजूद रजिस्टर पर साइन करवाए गए। फिर ED के अधिकारियों ने लालू से पूछा ‘आप कैसे हैं, चाय-कॉफी कुछ लेंगे लालू जी।’ लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते जमीन के बदले लोगों को नौकरी दी। ED दफ्तर के बाहर RJD समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं। ED ऑफिस के बाहर RJD समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। तेजस्वी बोले- जितना तंग करोगे, उतना हम मजबूत होंगे इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और जांच एजेंसियों पर हमला बोलते हुए कहा, ‘BJP की सारी टीमों का काम अब सिर्फ बिहार में है। वो बुलाते हैं हम लोग जाते हैं। कुछ होना जाना नहीं है। तेजस्वी ने कहा- अगर में राजनीति में नहीं होता तो कोई केस नहीं होता। इससे हम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता। जितना ये लोग तंग करेंगे, हम उतने मजबूत होंगे।’ लैंड फॉर जॉब्स मामले में 20 जनवरी 2024 को ED की दिल्ली और पटना टीम के अधिकारियों ने लालू और तेजस्वी यादव से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। लालू प्रसाद से 50 से ज्यादा सवाल किए थे। उन्होंने ज्यादातर जवाब हां या ना में ही दिए थे। पूछताछ के दौरान कई बार लालू झल्ला भी गए थे। ED ऑफिस की कुछ तस्वीरें देखिए… मंगलवार को राबड़ी और तेजप्रताप से हुई 4 घंटे पूछताछ इससे पहले मंगलवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप से 4 घंटे तक पूछताछ चली। राबड़ी देवी करीब 4 घंटे बाद पौने 3 बजे ED ऑफिस से बाहर निकलीं। मंगलवार सुबह करीब 10.50 बजे राबड़ी देवी अपनी बड़ी बेटी मीसा भारती के साथ पटना के ED दफ्तर पहुंची थीं। दोनों एक ही गाड़ी में थीं। वहीं, दोपहर करीब 12 बजे तेजप्रताप यादव भी ED ऑफिस पहुंचे। तेजप्रताप को पहली बार जमीन के बदले नौकरी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। राबड़ी और तेजप्रताप दोनों से अलग-अलग कमरों में बैठाकर पूछताछ की गई। इसके बाद ED ने राबड़ी देवी से पूछा- क्या आप लंच करेंगी। पूर्व CM ने इसका जवाब हां में दिया। ED के अफसरों ने कहा कि लंच कर लीजिए। कोई दवा लेनी हो तो वो भी ले लीजिए। पूछताछ के दौरान टीम ने राबड़ी से चाय और पानी का भी पूछती रही। इस दौरान पटना ED ऑफिस के बाहर सुबह से ही RJD नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी होती रही। 11 मार्च को तेजप्रताप और हेमा को मिली थी बेल इससे पहले लैंड फॉर जॉब केस में मंगलवार 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचे थे। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। नौकरी के बदले जमीन लेने का है पूरा मामला 7 डील में जानिए लैंड फॉर जॉब डील का पूरा खेल डील-1 : जमीन देने के सालभर के अंदर 3 लोगों को नौकरी मिली CBI ने अपनी शुरुआती जांच में पाया कि 6 फरवरी 2008 को पटना के किशुन देव राय ने अपनी जमीन काफी कम कीमत पर राबड़ी देवी के नाम कर दी। यानी 3,375 वर्ग फीट जमीन सिर्फ 3.75 लाख रुपए में राबड़ी देवी काे बेच दी। साथ ही इसी साल परिवार के 3 मेंबर्स राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार और अजय कुमार को मध्य रेलवे मुंबई में ग्रुप डी के पद पर नौकरी मिल गई। डील-2 : 3.75 लाख में 3,375 वर्ग फीट जमीन देने के बदले 2 को रेलवे में नौकरी फरवरी 2008 में पटना के महुआबाग के संजय राय ने भी सिर्फ 3.75 लाख रुपए में 3,375 वर्ग फीट जमीन राबड़ी देवी को बेच दी। CBI ने अपनी जांच में पाया कि संजय राय के अलावा परिवार के 2 अन्य मेंबर्स को रेलवे में नौकरी मिल गई। डील-3 : 2007 में जमीन दी, 2008 में बेटे का रेलवे में सिलेक्शन पटना की रहने वाली किरण देवी ने नवंबर 2007 में सिर्फ 3.70 लाख रुपए में अपनी 80,905 वर्ग फीट जमीन लालू यादव की बेटी मीसा भारती को बेच दी। इसके बाद 2008 में सेंट्रल रेलवे मुंबई में किरण देवी के बेटे अभिषेक कुमार को नौकरी मिल गई। डील-4 : 9,527 स्क्वायर फीट जमीन के बदले 2 लोगों को मिली नौकरी फरवरी 2007 में पटना निवासी हजारी राय ने अपनी 9,527 स्क्वायर फीट जमीन दिल्ली की कंपनी एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को 10.83 लाख रुपए में बेच दी। बाद में हजारी राय के 2 भतीजों दिलचंद कुमार और प्रेम चंद कुमार को वेस्ट-सेंट्रल रेलवे जबलपुर और साउथ-ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में नौकरी मिल गई। CBI ने पाया कि एके इंफोसिस्टम के सभी अधिकार और संपत्ति साल 2014 में लालू की बेटी मीसा और पत्नी राबड़ी को दे दिए गए थे। राबड़ी देवी ने 2014 में कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लिए और बाद में कंपनी की डायरेक्टर बन गईं। डील-5: 2006 में नौकरी मिली, 2015 में 1360 वर्ग फीट जमीन ली पटना निवासी लाल बाबू राय ने मई 2015 में मात्र 13 लाख रुपए में अपनी 1,360 वर्ग फीट की जमीन राबड़ी देवी के नाम कर दी। CBI ने जांच की तो पता चला कि लाल बाबू राय के बेटे लाल चंद कुमार को 2006 में नॉर्थ-वेस्टर्न रेलवे जयपुर में नौकरी मिली थी। डील-6: नौकरी मिलने के बाद 62 लाख की जमीन गिफ्ट कर दी बृज नंदन राय ने मार्च 2008 में अपनी 3,375 वर्ग फुट जमीन गोपालगंज निवासी हृदयानंद चौधरी को 4.21 लाख रुपए में बेच दी। हृदयानंद चौधरी को साल 2005 में ईस्ट-सेंट्रल रेलवे हाजीपुर में नौकरी मिल गई। 2014 में हृदयानंद चौधरी ने गिफ्ट डीड के जरिए इस जमीन को लालू प्रसाद यादव की बेटी हेमा को ट्रांसफर कर दिया। CBI ने जांच की तो पाया कि हृदयानंद चौधरी और लालू यादव दूर के भी रिश्तेदार नहीं हैं। साथ ही जिस जमीन को गिफ्ट के रूप में दिया गया, उस वक्त सर्कल रेट के अनुसार उसका मूल्य 62 लाख रुपए था। डील-7: 2008 में नौकरी मिली, 2014 में जमीन दी विशुन देव राय ने मार्च 2008 में अपनी 3,375 वर्ग फीट की जमीन सीवान निवासी ललन चौधरी को दे दी। ललन के पोते पिंटू कुमार की साल 2008 में वेस्टर्न रेलवे मुंबई में नौकरी लग गई। इसके बाद ललन चौधरी ने फरवरी 2014 में इस जमीन को हेमा यादव को दे दिया। ————————— लैंड फॉर जॉब स्कैम- तेजप्रताप और हेमा को मिली जमानत:50 हजार के मुचलके पर बेल; CBI ने 78 लोगों को बनाया है आरोपी लैंड फॉर जॉब केस में आज यानी मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है।कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर बेल दी है। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचे थे। लैंड फॉर जॉब केस के वकील वरूण जैन ने बताया- ‘1 सिक्योरिटी और 50 हजार मुचलके पर जमानत दी गई है। गवाहों से टेम्परिंग नहीं करना है। देश छोड़कर जाने से पहले कोर्ट को बताना होगा। इस कंडीशन पर बेल दी गई है।’ पूरी खबर पढ़ें