भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में 5 साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी अतुल निहाले को कोर्ट ने मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, वारदात में उसका साथ देने वाली मां और बहन को भी दो-दो साल कैद की सजा दी है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने इस मामले में तीनों को दोषी ठहराया है। घटना 24 सितंबर की है। बच्ची का अपहरण कर युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी थी। बच्ची का शव उसी की मल्टी के एक बंद फ्लैट से बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार, बच्ची की हत्या गला घोंटकर की गई थी। बच्ची के माता-पिता बोले- आरोपी की मां-बहन को मिले 10 साल की सजा
बच्ची की माता-पिता और दादी ने फैसले के बाद कहा- दोषी की मां और बहन को भी कम से कम 10 साल की सजा हो। क्योंकि इन्होंने बच्ची के शव को अपने घर में छिपाकर रखा था। ये अपने बेटे को बचाने का प्रयास कर रही थी। जितना गुनहगार इनका बेटा है, उतने ही ये दोनों भी हैं। पुलिस ने गहन जांच के बाद फ्लैट में रहने वाले अतुल निहाले, उसकी मां बसंती बाई और बहन चंचल भालसे को गिरफ्तार कर लिया था। थाना शाहजहांनाबाद ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 20 दिसंबर को आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया था। पुलिस ने आरोप पत्र के साथ डीएनए जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज और पीड़िता के परिजन, चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों सहित अन्य गवाहों की सूची भी पेश की थी। परिवार समेत बच्ची को तलाशने का नाटक किया
घटना के बाद किसी को शक न हो, इसलिए आरोपी बच्ची के परिजन के साथ उसे तलाशने का नाटक करता रहा। उनके साथ रहकर पुलिस की एक्टिविटी पर भी नजर रखे रहा। जब उसे यकीन हो गया कि वह बच नहीं पाएगा, तो अपने फ्लैट का ताला लगाकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। फॉगिंग के दौरान बच्ची को फ्लैट में खींचा था
अतुल निहाले के खिलाफ खरगोन में पहले से छेड़खानी, चोरी जैसे 6 अपराध दर्ज हैं। उसकी पत्नी दो साल से अलग रह रही है। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि फॉगिंग के दौरान हुए धुएं का फायदा उठाते हुए उसने बच्ची का मुंह बंद कर अपने फ्लैट में खींच लिया था। रेप के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एक दिन तक शव कमरे में बिस्तर के बीच छिपाकर रखा। मक्खियां होने लगीं, तो बॉडी को पानी की टंकी में डाल आया। जहां लाश मिली वहां से बच्ची का फ्लैट 8 फीट दूर
शाहजहांनाबाद इलाके के जिस फ्लैट से 5 साल की मासूम की लाश मिली थी, वह बच्ची के फ्लैट से महज 8 फीट दूर है। इसके बाद भी पुलिस लाश का पता नहीं लगा पा रही थी। जबकि, पुलिस लाश मिलने से दो बार पहले फ्लैट की तलाशी ले चुकी थी। पुलिस को लाश की भनक इसलिए भी नहीं लगी, क्योंकि आरोपी लाश छिपाने की जगह पर फिनाइल का पोंछा लगाते रहे, ताकि बदबू बाहर न फैल सके। ये भी पता चला कि जिस दिन बच्ची लापता हुई, उसके आधे घंटे के भीतर आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी और लाश को बिस्तर के नीचे छिपा दिया था। हत्या से पहले आरोपी ने बच्ची के साथ रेप भी किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। आरोपी ने भी हत्या से पहले रेप करना कबूल किया। अब जानिए कैसे गायब हुई थी मासूम? 5 थानों के 100 पुलिसकर्मियों ने 36 घंटे तक की सर्चिंग जानिए आखिर कैसे बच्ची की लाश तक पहुंची पुलिस?
बच्ची का परिवार जिस फ्लैट में रहता था, उसी के बगल में ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रहे दिनेश श्रीवास्तव का भी फ्लैट है। दिनेश ने बताया था- 26 सितंबर की सुबह 10-11 के बीच में जब वह सो कर उठा, तो बाहर बरामदे से बदबू आ रही थी। मुझे लगा कि शायद मेरे घर में कोई चूहा मरा है। पूरे घर की तलाशी की, मगर चूहा कहीं नहीं मिला। दिनेश ने बताया कि मैंने सामने के फ्लैट वाली चाची से पूछा, उनके यहां भी कुछ नहीं था। इसके बाद आरोपी अतुल भालसे के घर गया। उस समय फ्लैट में अतुल की बहन चंचल भालसे थी। मैंने जब उससे बदबू के बारे में पूछा तो उसने बेहद रूखा सा जवाब दिया, फिर संभल कर बोली कि चूहा मरा है। मैंने फिनाइल का पोंछा लगाया है, कुछ देर बाद बदबू चली जाएगी। पुलिस को मरा चूहा दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की
पुलिस जैसे ही फ्लैट में दाखिल हुई, चंचल ने पुलिस को मरा चूहा दिखा कर गुमराह करने की कोशिश की। चूहा फेंकने के बाद भी जब बदबू नहीं गई, तो पुलिस का शक गहराया। पुलिस ने पूरे फ्लैट की तलाशी ली। बदबू बाथरूम के ऊपर रखी एक प्लास्टिक की टंकी से आ रही थी। पुलिस ने टंकी को नीचे उतारा तो हैरान रह गई। टंकी में मासूम की लाश पड़ी थी। ऊपर से कपड़े और जूते-चप्पल डाल दिए थे। पुलिस ने टंकी सहित मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) पहुंचाया। इस दौरान पुलिस ने मल्टी के सभी फ्लैट के दरवाजे बाहर से बंद करा दिए। पुलिस ने पहले चंचल इसके बाद उसकी मां बसंती और फिर मुख्य आरोपी अतुल निहाले को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने गुनाह कबूल किया, बताया कैसे की हत्या?
पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर श्यामला हिल्स थाने ले गई। वहां पूछताछ में अतुल ने बताया कि मंगलवार को जब नगर निगम की टीम फॉगिंग कर लौटी तो पूरी गली सूनी थी। तभी बच्ची नीचे की तरफ जाती हुई दिखी। उसने बच्ची को बुलाया और दरवाजा बंद कर अंदर कमरे में ले गया। वहां रेप के बाद उसने गला घोंट कर उसे मार डाला और लाश को पलंग के नीचे छिपा दिया। रेप और हत्या की इस पूरी वारदात को उसने 35 मिनट में अंजाम दिया था। शाम को जब उसकी बहन चंचल और मां बसंती काम से लौटीं तो उन्हें अतुल की करतूत का पता चल गया था। 25 सितंबर को बसंती और चंचल के कहने पर अतुल ने लाश को पानी की टंकी में छिपा दिया था। आरोपी मासूम की लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा था। दरअसल उसके गायब होने के बाद से ही पुलिस ने मल्टी परिसर में डेरा डाल रखा था। दो बार तलाशी, फिर भी लाश ढूंढ नहीं सकी पुलिस
जिस फ्लैट से पुलिस ने मासूम की लाश बरामद की थी, उसकी तलाशी पहले दो बार हो चुकी थी। 25 सितंबर 2024 को जब पुलिस आरोपी अतुल के फ्लैट पर पहुंची तो घर पर उसकी बहन चंचल मौजूद थी। जिस कमरे में टंकी रखी थी, उसमें ताला लगा था। चंचल ने पुलिस को बताया था कि मां ताला लगाकर काम पर चली गई है। पुलिस ने केवल हॉल की सर्चिंग की। पुलिस चाहती तो ताला तोड़कर उस कमरे की सर्चिंग कर सकती थी। इससे पहले 24 सितंबर की रात को भी जब सभी फ्लैट की जांच हुई थी, तब चंचल ने तलाशी से इनकार कर दिया था। पीड़ित परिवार ने भी पुलिस के सामने अतुल के परिवार पर भरोसा जताया था। दरअसल, मृतका और अतुल की बहन चंचल के दोनों बच्चे साथ में खेलते थे। अतुल की पत्नी ढाई साल पहले छोड़ गई, नशे में रहता था
अतुल और पीड़िता का परिवार मूलत: खरगोन का रहने वाला है। अतुल का ढाई साल पहले पत्नी से विवाद हुआ था। वह बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। मल्टी में अतुल की मां बसंती चार महीने पहले ही पीड़ित परिवार के सामने वाले फ्लैट में किराए से रहने आई थी। बसंती बंगलों में काम करती है। मल्टी में ही अलग-अलग ब्लॉक में बसंती की बड़ी बेटी चंचल अपने दो बच्चों के साथ और दूसरे ब्लॉक में छोटी बेटी रेनु रहती है। ये दोनों भी बंगलों में काम करती हैं। घटना से एक महीने पहले ही अतुल यहां रहने आया था। वह कोई काम धंधा नहीं करता था, बल्कि नशे की हालत में घर पर ही पड़ा रहता था। ये खबर भी पढ़ें- रेपिस्ट की बहन का ह्यूमन ट्रैफिकिंग कनेक्शन भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में रहने वाली 5 साल की बच्ची से रेप और मर्डर करने वाले अतुल की बहन चंचल का ह्यूमन ट्रैफिकिंग कनेक्शन भी सामने आया था। 35 वर्षीय इस महिला के मोबाइल में कई लड़कियों की तस्वीर मिली थी। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में 5 साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी अतुल निहाले को कोर्ट ने मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, वारदात में उसका साथ देने वाली मां और बहन को भी दो-दो साल कैद की सजा दी है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने इस मामले में तीनों को दोषी ठहराया है। घटना 24 सितंबर की है। बच्ची का अपहरण कर युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी थी। बच्ची का शव उसी की मल्टी के एक बंद फ्लैट से बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार, बच्ची की हत्या गला घोंटकर की गई थी। बच्ची के माता-पिता बोले- आरोपी की मां-बहन को मिले 10 साल की सजा
बच्ची की माता-पिता और दादी ने फैसले के बाद कहा- दोषी की मां और बहन को भी कम से कम 10 साल की सजा हो। क्योंकि इन्होंने बच्ची के शव को अपने घर में छिपाकर रखा था। ये अपने बेटे को बचाने का प्रयास कर रही थी। जितना गुनहगार इनका बेटा है, उतने ही ये दोनों भी हैं। पुलिस ने गहन जांच के बाद फ्लैट में रहने वाले अतुल निहाले, उसकी मां बसंती बाई और बहन चंचल भालसे को गिरफ्तार कर लिया था। थाना शाहजहांनाबाद ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 20 दिसंबर को आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया था। पुलिस ने आरोप पत्र के साथ डीएनए जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज और पीड़िता के परिजन, चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों सहित अन्य गवाहों की सूची भी पेश की थी। परिवार समेत बच्ची को तलाशने का नाटक किया
घटना के बाद किसी को शक न हो, इसलिए आरोपी बच्ची के परिजन के साथ उसे तलाशने का नाटक करता रहा। उनके साथ रहकर पुलिस की एक्टिविटी पर भी नजर रखे रहा। जब उसे यकीन हो गया कि वह बच नहीं पाएगा, तो अपने फ्लैट का ताला लगाकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। फॉगिंग के दौरान बच्ची को फ्लैट में खींचा था
अतुल निहाले के खिलाफ खरगोन में पहले से छेड़खानी, चोरी जैसे 6 अपराध दर्ज हैं। उसकी पत्नी दो साल से अलग रह रही है। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि फॉगिंग के दौरान हुए धुएं का फायदा उठाते हुए उसने बच्ची का मुंह बंद कर अपने फ्लैट में खींच लिया था। रेप के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एक दिन तक शव कमरे में बिस्तर के बीच छिपाकर रखा। मक्खियां होने लगीं, तो बॉडी को पानी की टंकी में डाल आया। जहां लाश मिली वहां से बच्ची का फ्लैट 8 फीट दूर
शाहजहांनाबाद इलाके के जिस फ्लैट से 5 साल की मासूम की लाश मिली थी, वह बच्ची के फ्लैट से महज 8 फीट दूर है। इसके बाद भी पुलिस लाश का पता नहीं लगा पा रही थी। जबकि, पुलिस लाश मिलने से दो बार पहले फ्लैट की तलाशी ले चुकी थी। पुलिस को लाश की भनक इसलिए भी नहीं लगी, क्योंकि आरोपी लाश छिपाने की जगह पर फिनाइल का पोंछा लगाते रहे, ताकि बदबू बाहर न फैल सके। ये भी पता चला कि जिस दिन बच्ची लापता हुई, उसके आधे घंटे के भीतर आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी और लाश को बिस्तर के नीचे छिपा दिया था। हत्या से पहले आरोपी ने बच्ची के साथ रेप भी किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। आरोपी ने भी हत्या से पहले रेप करना कबूल किया। अब जानिए कैसे गायब हुई थी मासूम? 5 थानों के 100 पुलिसकर्मियों ने 36 घंटे तक की सर्चिंग जानिए आखिर कैसे बच्ची की लाश तक पहुंची पुलिस?
बच्ची का परिवार जिस फ्लैट में रहता था, उसी के बगल में ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रहे दिनेश श्रीवास्तव का भी फ्लैट है। दिनेश ने बताया था- 26 सितंबर की सुबह 10-11 के बीच में जब वह सो कर उठा, तो बाहर बरामदे से बदबू आ रही थी। मुझे लगा कि शायद मेरे घर में कोई चूहा मरा है। पूरे घर की तलाशी की, मगर चूहा कहीं नहीं मिला। दिनेश ने बताया कि मैंने सामने के फ्लैट वाली चाची से पूछा, उनके यहां भी कुछ नहीं था। इसके बाद आरोपी अतुल भालसे के घर गया। उस समय फ्लैट में अतुल की बहन चंचल भालसे थी। मैंने जब उससे बदबू के बारे में पूछा तो उसने बेहद रूखा सा जवाब दिया, फिर संभल कर बोली कि चूहा मरा है। मैंने फिनाइल का पोंछा लगाया है, कुछ देर बाद बदबू चली जाएगी। पुलिस को मरा चूहा दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की
पुलिस जैसे ही फ्लैट में दाखिल हुई, चंचल ने पुलिस को मरा चूहा दिखा कर गुमराह करने की कोशिश की। चूहा फेंकने के बाद भी जब बदबू नहीं गई, तो पुलिस का शक गहराया। पुलिस ने पूरे फ्लैट की तलाशी ली। बदबू बाथरूम के ऊपर रखी एक प्लास्टिक की टंकी से आ रही थी। पुलिस ने टंकी को नीचे उतारा तो हैरान रह गई। टंकी में मासूम की लाश पड़ी थी। ऊपर से कपड़े और जूते-चप्पल डाल दिए थे। पुलिस ने टंकी सहित मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) पहुंचाया। इस दौरान पुलिस ने मल्टी के सभी फ्लैट के दरवाजे बाहर से बंद करा दिए। पुलिस ने पहले चंचल इसके बाद उसकी मां बसंती और फिर मुख्य आरोपी अतुल निहाले को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने गुनाह कबूल किया, बताया कैसे की हत्या?
पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर श्यामला हिल्स थाने ले गई। वहां पूछताछ में अतुल ने बताया कि मंगलवार को जब नगर निगम की टीम फॉगिंग कर लौटी तो पूरी गली सूनी थी। तभी बच्ची नीचे की तरफ जाती हुई दिखी। उसने बच्ची को बुलाया और दरवाजा बंद कर अंदर कमरे में ले गया। वहां रेप के बाद उसने गला घोंट कर उसे मार डाला और लाश को पलंग के नीचे छिपा दिया। रेप और हत्या की इस पूरी वारदात को उसने 35 मिनट में अंजाम दिया था। शाम को जब उसकी बहन चंचल और मां बसंती काम से लौटीं तो उन्हें अतुल की करतूत का पता चल गया था। 25 सितंबर को बसंती और चंचल के कहने पर अतुल ने लाश को पानी की टंकी में छिपा दिया था। आरोपी मासूम की लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा था। दरअसल उसके गायब होने के बाद से ही पुलिस ने मल्टी परिसर में डेरा डाल रखा था। दो बार तलाशी, फिर भी लाश ढूंढ नहीं सकी पुलिस
जिस फ्लैट से पुलिस ने मासूम की लाश बरामद की थी, उसकी तलाशी पहले दो बार हो चुकी थी। 25 सितंबर 2024 को जब पुलिस आरोपी अतुल के फ्लैट पर पहुंची तो घर पर उसकी बहन चंचल मौजूद थी। जिस कमरे में टंकी रखी थी, उसमें ताला लगा था। चंचल ने पुलिस को बताया था कि मां ताला लगाकर काम पर चली गई है। पुलिस ने केवल हॉल की सर्चिंग की। पुलिस चाहती तो ताला तोड़कर उस कमरे की सर्चिंग कर सकती थी। इससे पहले 24 सितंबर की रात को भी जब सभी फ्लैट की जांच हुई थी, तब चंचल ने तलाशी से इनकार कर दिया था। पीड़ित परिवार ने भी पुलिस के सामने अतुल के परिवार पर भरोसा जताया था। दरअसल, मृतका और अतुल की बहन चंचल के दोनों बच्चे साथ में खेलते थे। अतुल की पत्नी ढाई साल पहले छोड़ गई, नशे में रहता था
अतुल और पीड़िता का परिवार मूलत: खरगोन का रहने वाला है। अतुल का ढाई साल पहले पत्नी से विवाद हुआ था। वह बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। मल्टी में अतुल की मां बसंती चार महीने पहले ही पीड़ित परिवार के सामने वाले फ्लैट में किराए से रहने आई थी। बसंती बंगलों में काम करती है। मल्टी में ही अलग-अलग ब्लॉक में बसंती की बड़ी बेटी चंचल अपने दो बच्चों के साथ और दूसरे ब्लॉक में छोटी बेटी रेनु रहती है। ये दोनों भी बंगलों में काम करती हैं। घटना से एक महीने पहले ही अतुल यहां रहने आया था। वह कोई काम धंधा नहीं करता था, बल्कि नशे की हालत में घर पर ही पड़ा रहता था। ये खबर भी पढ़ें- रेपिस्ट की बहन का ह्यूमन ट्रैफिकिंग कनेक्शन भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में रहने वाली 5 साल की बच्ची से रेप और मर्डर करने वाले अतुल की बहन चंचल का ह्यूमन ट्रैफिकिंग कनेक्शन भी सामने आया था। 35 वर्षीय इस महिला के मोबाइल में कई लड़कियों की तस्वीर मिली थी। पढ़ें पूरी खबर…