बालाघाट के वारासिवनी में सोमवार को देर रात तक मोबाइल देखने से मना करने पर एक युवक ने अपने मां-बाप पर सब्बल से हमला कर दिया। दोनों को गोंदिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां मंगलवार रात करीब 7 बजे मां की मौत हो गई। वहीं पिता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें होश नहीं आया है। मृतका प्रतिभा कटरे का बुधवार सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार किया गया। वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। उसे दोपहर 4 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसडीओपी के अनुसार, बेटे ने पहले पिता को सब्बल मारी थी। मां बीच बचाव करने आई ताे उन्हें भी मार दिया। युवक दो दिन से गुमसुम है। अब वह माता-पिता के फोटो देखने के लिए मांग रहा है। एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कॉलेज टोला के पास रहने वाले किशोर कटरे और प्रतिभा कटरे सरकारी टीचर हैं। दोनों अलग-अलग सरकारी स्कूलों में पढ़ाते हैं। उनका इकलौता बेटा सत्यम (20) नीट की तैयारी कर रहा है। सत्यम मई से अगस्त तक कोटा में नीट की कोचिंग कर चुका है। वह मोबाइल एडिक्ट है। माता-पिता उसे पढ़ाई करने के लिए समझाते थे, लेकिन वह अक्सर मोबाइल में बिजी रहता था। इस पर सोमवार रात को उनमें बहस हुई और सत्यम ने गुस्से में आकर हमला कर दिया। उससे पूछताछ की जा रही है। सत्यम ने खुद डायल 100 को वारदात की सूचना दी थी। हमले से सिर, कान और दिमाग में चोटें आई
सत्यम के बड़े पापा अरविंद कटरे ने बताया कि मैं अपने घायल भाई के साथ गोंदिया के जानकी मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में हूं। बेटे सत्यम के हमले से उनके सिर, कान और दिमाग में चोटें आई हैं। बहू प्रतिभा के सिर का ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने बताया- परिवार में सभी का व्यवहार अच्छा था। सत्यम भी पढ़ाई में होशियार था, लेकिन कोटा से आने के बाद वह शांत रहने लगा था। घटना के दौरान तीनों ही घर में थे। बेटे को पुलिस ने पकड़ लिया है। किशोर को अभी होश नहीं आया
सरपंच कन्हैया खैरवार बताते हैं कि पुलिस से घटना की जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे थे। परिवार और उनके बेटे का व्यवहार अच्छा था। संभवतः बेटा पढ़ाई के कारण परेशान था। रिश्तेदार सीके पटले ने बताया कि अभी किशोर कटरे को होश नहीं आया है। ग्रामीण फत्तुलाल कावरे ने बताया कि कटरे दंपती का व्यवहार अच्छा था। युवक योगेन्द्र कावरे ने बताया कि सत्यम कभी घर से निकलता ही नहीं था। घटना के दिन क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। दुर्गा प्रसाद कावरे ने कहा- चार-पांच साल से वह परिवार यहां रह रहा। सत्यम को उन्होंने कभी खेलते हुए, बाहर किसी से मिलते हुए नहीं देखा। केवल पढ़ाई में ही लगा रहता था। पड़ोसी बोले- सत्यम को कभी बाहर नहीं देखा वहीं घटना के दूसरे दिन कॉलोनी में मातम छाया है। कोई भी इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। कुछ लोगों ने केवल इतना ही बताया कि उन्हें घटना की जानकारी रात में मिली, पर घटना का कारण क्या है, यह पता नहीं है। मोहल्ले वालों का कहना है कि परिवार सीधा सिंपल था। वे लोग ज्यादा किसी से बात नहीं करते थे। पड़ोसियों का कहना था कि सत्यम को उन्होंने कभी बाहर निकलते नहीं देखा।
बालाघाट के वारासिवनी में सोमवार को देर रात तक मोबाइल देखने से मना करने पर एक युवक ने अपने मां-बाप पर सब्बल से हमला कर दिया। दोनों को गोंदिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां मंगलवार रात करीब 7 बजे मां की मौत हो गई। वहीं पिता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें होश नहीं आया है। मृतका प्रतिभा कटरे का बुधवार सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार किया गया। वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। उसे दोपहर 4 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसडीओपी के अनुसार, बेटे ने पहले पिता को सब्बल मारी थी। मां बीच बचाव करने आई ताे उन्हें भी मार दिया। युवक दो दिन से गुमसुम है। अब वह माता-पिता के फोटो देखने के लिए मांग रहा है। एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कॉलेज टोला के पास रहने वाले किशोर कटरे और प्रतिभा कटरे सरकारी टीचर हैं। दोनों अलग-अलग सरकारी स्कूलों में पढ़ाते हैं। उनका इकलौता बेटा सत्यम (20) नीट की तैयारी कर रहा है। सत्यम मई से अगस्त तक कोटा में नीट की कोचिंग कर चुका है। वह मोबाइल एडिक्ट है। माता-पिता उसे पढ़ाई करने के लिए समझाते थे, लेकिन वह अक्सर मोबाइल में बिजी रहता था। इस पर सोमवार रात को उनमें बहस हुई और सत्यम ने गुस्से में आकर हमला कर दिया। उससे पूछताछ की जा रही है। सत्यम ने खुद डायल 100 को वारदात की सूचना दी थी। हमले से सिर, कान और दिमाग में चोटें आई
सत्यम के बड़े पापा अरविंद कटरे ने बताया कि मैं अपने घायल भाई के साथ गोंदिया के जानकी मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में हूं। बेटे सत्यम के हमले से उनके सिर, कान और दिमाग में चोटें आई हैं। बहू प्रतिभा के सिर का ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने बताया- परिवार में सभी का व्यवहार अच्छा था। सत्यम भी पढ़ाई में होशियार था, लेकिन कोटा से आने के बाद वह शांत रहने लगा था। घटना के दौरान तीनों ही घर में थे। बेटे को पुलिस ने पकड़ लिया है। किशोर को अभी होश नहीं आया
सरपंच कन्हैया खैरवार बताते हैं कि पुलिस से घटना की जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे थे। परिवार और उनके बेटे का व्यवहार अच्छा था। संभवतः बेटा पढ़ाई के कारण परेशान था। रिश्तेदार सीके पटले ने बताया कि अभी किशोर कटरे को होश नहीं आया है। ग्रामीण फत्तुलाल कावरे ने बताया कि कटरे दंपती का व्यवहार अच्छा था। युवक योगेन्द्र कावरे ने बताया कि सत्यम कभी घर से निकलता ही नहीं था। घटना के दिन क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। दुर्गा प्रसाद कावरे ने कहा- चार-पांच साल से वह परिवार यहां रह रहा। सत्यम को उन्होंने कभी खेलते हुए, बाहर किसी से मिलते हुए नहीं देखा। केवल पढ़ाई में ही लगा रहता था। पड़ोसी बोले- सत्यम को कभी बाहर नहीं देखा वहीं घटना के दूसरे दिन कॉलोनी में मातम छाया है। कोई भी इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। कुछ लोगों ने केवल इतना ही बताया कि उन्हें घटना की जानकारी रात में मिली, पर घटना का कारण क्या है, यह पता नहीं है। मोहल्ले वालों का कहना है कि परिवार सीधा सिंपल था। वे लोग ज्यादा किसी से बात नहीं करते थे। पड़ोसियों का कहना था कि सत्यम को उन्होंने कभी बाहर निकलते नहीं देखा।