महावीर मंदिर न्यास के सचिव और अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के संस्थापकों में से एक आचार्य किशोर कुणाल का रविवार सुबह निधन हो गया है। वो 74 साल के थे। आज सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। उसके बाद तुरंत महावीर वात्सल्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। आचार्य किशोर कुणाल की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह 9 बजे आवास से शुरू होगी। घर से महावीर वात्सल्य अस्पताल होते हुए महावीर मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। हाजीपुर के कोनहारा घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा। जब देश में वीपी सिंह की सरकार थी तो उस वक्त आचार्य किशोर कुणाल को केंद्र सरकार ने विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच मध्यस्थता के लिए विशेष अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया था। पूर्व IPS किशोर कुणाल बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के समधी भी थे। अशोक चौधरी की बेटी शांभवी की शादी किशोर कुणाल के बेटे सायण कुणाल से हुई है। किशोर कुणाल के निधन पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने शोक जताया है। महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे आचार्य किशोर कुणाल बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के चर्चित महावीर मन्दिर न्यास के सचिव भी थे। महावीर मंदिर न्यास बोर्ड पटना में कई स्कूलों और कैंसर अस्पताल का संचालन करती है। आचार्य किशोर कुणाल राजधानी पटना में ज्ञान निकेतन जैसे चर्चित स्कूल की स्थापना भी की। सीएम नीतीश, डिप्टी सीएम समेत कई नेताओं ने जताया शोक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किशोर कुणाल के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि आचार्य किशोर कुणाल एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील पदाधिकारी थे। उन्होंने महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव के पद पर रहते हुए सामाजिक और धार्मिक कार्यों को अच्छे से किया। उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाया। उनके निधन से प्रशासनिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। किशोर कुणाल के निधन से पूरे बिहार को गहरा सदमा लगा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें । ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री अपनी किताब में कई खुलासे किए किशोर कुणाल ने अपनी किताब दमन तक्षकों में कई खुलासे किए थे। बिहार में चर्चित बॉबी हत्याकांड का जिक्र करते हुए किशोर कुणाल ने अपनी किताब में लिखा था कि गड़े हुए मुर्दे को भी निकाल कर जांच की गई थी। 15 दिनों तक उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा और तो वह पटना के महावीर मंदिर में आकर बैठ गए, लेकिन, अगले 3 दिनों में ही वह इस घटना में सफलता मिली लेकिन जांच को सीबीआई को सौंप दिया गया था। किशोर कुणाल लिखते हैं कि इस मामले में कई सफेदपोशों को यह डर था उनका चरित्र जनता के बीच उजागर हो जाएगा इसलिए 40 विधायक 2 मंत्रियों ने मिल कर इस केस की जांच सीबीआई को दिलवा दी। ——————————– ये खबर भी पढ़ें हनुमान पूजा में हर हाल में अपने गांव आते थे: किशोर कुणाल की मौत पर भावुक हुए दोस्त, कहा- पढ़ाई के अलावा किसी चीज में नहीं रखी रुचि आचार्य किशोर कुणाल की मौत पर उनके पैतृक गांव बरुराज में शोक की लहर है। गांव के लोगों ने बताया कि किशोर कुणाल की अचानक मौत की खबर मिलते ही हम लोग स्तब्ध रह गए। हमारे गांव के लाल, बिहार के धरोहर अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके छोटे भाई नंद किशोर शाही खबर मिलते ही पटना के निकल गए। पैतृक घर के दरवाजे पर ताला है और चारों तरफ सन्नाटा फैला हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… सीएम से SSP ने कहा-हाथ मत डालिए जल जाएंगे:बिहार की हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री, जिससे हिल गई थी सरकार; पढ़िए CBI जांच में क्या निकला… बिहार की एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री, जिससे सरकार हिल गई। एक साथ 44 विधायकों ने सरकार गिराने की धमकी दे दी। बेनकाब होने का ऐसा डर कि कई विधायक पार्टी हाईकमान के पास दिल्ली पहुंच गए। पटना SSP को हटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया गया। एसएसपी को CM हाउस से भी फोन आया, लेकिन जांच नहीं रुकी। सरकार बचाने के लिए CM ने जांच CBI को ट्रांसफर कर दिया। सरकार तो बच गई, लेकिन 40 साल बाद भी बॉबी की मौत राज बनकर रह गई। पूरी खबर पढ़ें
महावीर मंदिर न्यास के सचिव और अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के संस्थापकों में से एक आचार्य किशोर कुणाल का रविवार सुबह निधन हो गया है। वो 74 साल के थे। आज सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। उसके बाद तुरंत महावीर वात्सल्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। आचार्य किशोर कुणाल की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह 9 बजे आवास से शुरू होगी। घर से महावीर वात्सल्य अस्पताल होते हुए महावीर मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। हाजीपुर के कोनहारा घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा। जब देश में वीपी सिंह की सरकार थी तो उस वक्त आचार्य किशोर कुणाल को केंद्र सरकार ने विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच मध्यस्थता के लिए विशेष अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया था। पूर्व IPS किशोर कुणाल बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के समधी भी थे। अशोक चौधरी की बेटी शांभवी की शादी किशोर कुणाल के बेटे सायण कुणाल से हुई है। किशोर कुणाल के निधन पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने शोक जताया है। महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे आचार्य किशोर कुणाल बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के चर्चित महावीर मन्दिर न्यास के सचिव भी थे। महावीर मंदिर न्यास बोर्ड पटना में कई स्कूलों और कैंसर अस्पताल का संचालन करती है। आचार्य किशोर कुणाल राजधानी पटना में ज्ञान निकेतन जैसे चर्चित स्कूल की स्थापना भी की। सीएम नीतीश, डिप्टी सीएम समेत कई नेताओं ने जताया शोक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किशोर कुणाल के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि आचार्य किशोर कुणाल एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील पदाधिकारी थे। उन्होंने महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव के पद पर रहते हुए सामाजिक और धार्मिक कार्यों को अच्छे से किया। उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाया। उनके निधन से प्रशासनिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। किशोर कुणाल के निधन से पूरे बिहार को गहरा सदमा लगा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें । ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री अपनी किताब में कई खुलासे किए किशोर कुणाल ने अपनी किताब दमन तक्षकों में कई खुलासे किए थे। बिहार में चर्चित बॉबी हत्याकांड का जिक्र करते हुए किशोर कुणाल ने अपनी किताब में लिखा था कि गड़े हुए मुर्दे को भी निकाल कर जांच की गई थी। 15 दिनों तक उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा और तो वह पटना के महावीर मंदिर में आकर बैठ गए, लेकिन, अगले 3 दिनों में ही वह इस घटना में सफलता मिली लेकिन जांच को सीबीआई को सौंप दिया गया था। किशोर कुणाल लिखते हैं कि इस मामले में कई सफेदपोशों को यह डर था उनका चरित्र जनता के बीच उजागर हो जाएगा इसलिए 40 विधायक 2 मंत्रियों ने मिल कर इस केस की जांच सीबीआई को दिलवा दी। ——————————– ये खबर भी पढ़ें हनुमान पूजा में हर हाल में अपने गांव आते थे: किशोर कुणाल की मौत पर भावुक हुए दोस्त, कहा- पढ़ाई के अलावा किसी चीज में नहीं रखी रुचि आचार्य किशोर कुणाल की मौत पर उनके पैतृक गांव बरुराज में शोक की लहर है। गांव के लोगों ने बताया कि किशोर कुणाल की अचानक मौत की खबर मिलते ही हम लोग स्तब्ध रह गए। हमारे गांव के लाल, बिहार के धरोहर अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके छोटे भाई नंद किशोर शाही खबर मिलते ही पटना के निकल गए। पैतृक घर के दरवाजे पर ताला है और चारों तरफ सन्नाटा फैला हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… सीएम से SSP ने कहा-हाथ मत डालिए जल जाएंगे:बिहार की हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री, जिससे हिल गई थी सरकार; पढ़िए CBI जांच में क्या निकला… बिहार की एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री, जिससे सरकार हिल गई। एक साथ 44 विधायकों ने सरकार गिराने की धमकी दे दी। बेनकाब होने का ऐसा डर कि कई विधायक पार्टी हाईकमान के पास दिल्ली पहुंच गए। पटना SSP को हटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया गया। एसएसपी को CM हाउस से भी फोन आया, लेकिन जांच नहीं रुकी। सरकार बचाने के लिए CM ने जांच CBI को ट्रांसफर कर दिया। सरकार तो बच गई, लेकिन 40 साल बाद भी बॉबी की मौत राज बनकर रह गई। पूरी खबर पढ़ें