पीथमपुर के तारपुरा गांव में रामकी एनवायरो फैक्ट्री में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाना शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे कचरा भस्मक में डाला गया। इंसीनरेटर का तापमान अभी 900 डिग्री है। दूसरे चरण में 1100 से 1200 डिग्री तापमान पर कचरा जलेगा। इसके बाद तीसरी स्टेप में इसे गैस फ्लू ड्रायर में डाला जाएगा। यहां कचरे को पानी और सोडियम सल्फाइड के घोल से गुजारेंगे। केमिकल के छन जाने के बाद राख को सुरक्षित जमीन में दफन कर दिया जाएगा। मप्र प्रदूषण बोर्ड के अफसर मौजूद
फैक्ट्री के इंसीनरेटर में पहले ट्रायल रन में 10 टन कचरा नष्ट किया जाएगा। मौके पर मध्यप्रदेश प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी, धार के जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्र, एसपी मनोज कुमार सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम दो विशेषज्ञ डाक्टरों के साथ कंपनी परिसर के बाहर हैं। फैक्ट्री परिसर के अंदर स्पेशल आर्म्ड फोर्स के 130 जवान तैनात हैं। परिसर के बाहर डीएसपी रैंक के अधिकारी भी हैं। आसपास के सभी रास्तों की नाकाबंदी की गई है। बिना पूछताछ किसी को भी कंपनी परिसर के पास जाने की इजाजत नहीं है। वहीं, पीथमपुर शहर में इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों के पुलिसकर्मी सुरक्षा-व्यवस्था संभाल रहे हैं। करीब 650 जवान शहर के अलग-अलग चौराहों, कॉलोनियों और तारपुरा गांव में मौजूद हैं। 10 से ज्यादा गाड़ियां शहर भर में गश्त कर रही हैं। सीएम बोले- डराने का काम कर रही कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर सरकार कोर्ट का बहाना बना रही है। इसके पीछे उनके नेताओं के आर्थिक हित छिपे थे। मैं स्थानीय नेताओं और प्रशासन को चुनौती देता हूं कि रामकी कंपनी के आस-पास के 10 किलोमीटर के भू-जल की जांच की जाए अगर उसमें कैंसर के तत्व नहीं मिलेंगे तो मैं सार्वजनिक माफी मांगूगा। इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने पलटवार किया- भोपाल में 10 लाख से ज्यादा लोग यूनियन कार्बाइड के कारण मारे गए थे। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रशासन की लापरवाही थी। उन्होंने एक तरफ भोपाल को मरने के लिए छोड़ दिया था, दूसरी तरफ अब डराने का काम कर रहे हैं। माफी तो उन्हें मांगनी ही चाहिए। देखिए, मौके की कुछ तस्वीरें…
5 घंटे में 850 डिग्री पर पहुंचा इंसीनरेटर का तापमान
कचरा जलाने का प्रोसेस शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे शुरू किया गया। इसके लिए पहले इंसीनरेटर को 850 डिग्री तापमान तक गर्म किया गया। इसमें करीब 5 घंटे का समय लगा। प्रति घंटे 600 लीटर डीजल की खपत हुई। सभी कर्मचारी और मजदूर विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ काम कर रहे हैं। पानी में कैंसर के तत्व नहीं मिले तो सार्वजनिक माफी मांगूंगा राख, गैस, सॉलिड पार्टिकल को उचित तरीके से नष्ट करेंगे मध्यप्रदेश प्रदूषण विभाग के रीजनल अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि कचरे से निकलने वाली राख, गैस, सॉलिड पार्टिकल और पानी को उचित तरीके से नष्ट किया जाएगा। यह पूरा काम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की निगरानी में होगा। तारपुरा गांव में किरायेदारों ने खाली किए मकान
रामकी एनवायरो फैक्ट्री से सटे तारपुरा गांव में भी पुलिस के जवान तैनात हैं। स्थानीय ग्रामीण घरों में बंद हैं। सड़कों पर सन्नाटा है। नाम न बताने की शर्त पर लोगों ने बताया कि कुछ किरायेदार डर के कारण मकान खाली कर दूसरी जगह चले गए हैं। हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगे, रोक लगाने की मांग करेंगे पीथमपुर बचाओ समिति के अध्यक्ष हेमंत हिरोले ने कहा- हाई कोर्ट में 11 झूठे हलफनामे पेश कर कचरे के ट्रायल रन की अनुमति ली गई है। हम जल्द ही इस बारे में एक मीटिंग करेंगे। हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट भी पेश करेंगे। इस कचरे के निष्पादन पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। एसडीएम बोले- प्रोटोकॉल से चल रहा काम
एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेशानुसार संबंधित एजेंसी प्रोटोकॉल के अनुसार काम कर रही हैं। लॉ एंड ऑर्डर के लिए इलाके में व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पीथमपुर में 3 दिन चले थे हिंसक प्रदर्शन इससे पहले एक जनवरी की रात को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर से करीब 358 मीट्रिक टन जहरीला कचरा 10 कंटेनर में भरकर पीथमपुर भेजा गया था। इसे रामकी एनवायरो इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। जहरीले कचरे के निष्पादन के खिलाफ पीथमपुर में लगातार तीन दिन विरोध प्रदर्शन हुए थे। आत्मदाह की कोशिश में दो युवक झुलस गए थे। 4 जनवरी को तारपुरा गांव से लगी रामकी एनवायरो इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री पर पथराव किया गया। इसमें कुछ वाहनों के कांच टूट गए। इसके बाद पुलिस ने लोगों को फैक्ट्री के पास से खदेड़ा था। प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। सीएस ने कहा था- जनता को भरोसे में लेकर आगे बढे़ंगे पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर हो रहे विरोध के बीच मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा था- राज्य सरकार इस मामले में हाईकोर्ट से समय देने की मांग करेगी। कोर्ट को मौजूदा परिस्थितियों के बारे में जानकारी देंगे। स्थानीय लोगों को भरोसे में लेकर ही सरकार अब इस मामले में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा था- कचरे की शिफ्टिंग से लेकर आगे की पूरी प्रोसेस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइड लाइन को अक्षरश: पालन किया जा रहा है। सीएम मोहन यादव ने कहा था-कोर्ट के सामने रखेंगे हालात पीथमपुर में विरोध-प्रदर्शन के बीच सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 3 जनवरी की रात इमरजेंसी बैठक की थी। बैठक के बाद सीएम ने बताया था कि जनभावनाओं का आदर करते हुए हाईकोर्ट के सामने सभी परिस्थितियों और व्यावहारिक कठिनाइयों को रखेंगे। उसके बाद ही कोई कार्रवाई करेंगे। सीएम ने कहा था- न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम इसमें आगे नहीं बढ़ेंगे, जब तक माननीय न्यायालय इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं कर दे। ग्राफिक्स से जानिए पूरा घटनाक्रम मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूका का जहरीला कचरा ईंट-भट्टे बराबर टेम्प्रेचर पर जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा कितना जहरीला है? 40 साल पहले जब सर्दियों में भोपाल गैस कांड हुआ तो इस बार भी सर्दी में ही इसे जलाया जाएगा या नहीं? पीथमपुर को ही क्यों चुना गया? हमने ऐसे 15 सवालों के जवाब तलाशे, जो सभी के लिए जानना जरूरी है। सब कुछ जानिए सवाल दर सवाल… सीएम बोले- केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में होगी सिंचाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में सिंचाई होगी। कोई भी किसान अपनी जमीन नहीं बेचना। मप्र सरकार भी किसान सम्मान निधि देती रहेगी। सागर में भी उद्योग लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर
पीथमपुर के तारपुरा गांव में रामकी एनवायरो फैक्ट्री में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाना शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे कचरा भस्मक में डाला गया। इंसीनरेटर का तापमान अभी 900 डिग्री है। दूसरे चरण में 1100 से 1200 डिग्री तापमान पर कचरा जलेगा। इसके बाद तीसरी स्टेप में इसे गैस फ्लू ड्रायर में डाला जाएगा। यहां कचरे को पानी और सोडियम सल्फाइड के घोल से गुजारेंगे। केमिकल के छन जाने के बाद राख को सुरक्षित जमीन में दफन कर दिया जाएगा। मप्र प्रदूषण बोर्ड के अफसर मौजूद
फैक्ट्री के इंसीनरेटर में पहले ट्रायल रन में 10 टन कचरा नष्ट किया जाएगा। मौके पर मध्यप्रदेश प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी, धार के जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्र, एसपी मनोज कुमार सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम दो विशेषज्ञ डाक्टरों के साथ कंपनी परिसर के बाहर हैं। फैक्ट्री परिसर के अंदर स्पेशल आर्म्ड फोर्स के 130 जवान तैनात हैं। परिसर के बाहर डीएसपी रैंक के अधिकारी भी हैं। आसपास के सभी रास्तों की नाकाबंदी की गई है। बिना पूछताछ किसी को भी कंपनी परिसर के पास जाने की इजाजत नहीं है। वहीं, पीथमपुर शहर में इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों के पुलिसकर्मी सुरक्षा-व्यवस्था संभाल रहे हैं। करीब 650 जवान शहर के अलग-अलग चौराहों, कॉलोनियों और तारपुरा गांव में मौजूद हैं। 10 से ज्यादा गाड़ियां शहर भर में गश्त कर रही हैं। सीएम बोले- डराने का काम कर रही कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर सरकार कोर्ट का बहाना बना रही है। इसके पीछे उनके नेताओं के आर्थिक हित छिपे थे। मैं स्थानीय नेताओं और प्रशासन को चुनौती देता हूं कि रामकी कंपनी के आस-पास के 10 किलोमीटर के भू-जल की जांच की जाए अगर उसमें कैंसर के तत्व नहीं मिलेंगे तो मैं सार्वजनिक माफी मांगूगा। इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने पलटवार किया- भोपाल में 10 लाख से ज्यादा लोग यूनियन कार्बाइड के कारण मारे गए थे। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रशासन की लापरवाही थी। उन्होंने एक तरफ भोपाल को मरने के लिए छोड़ दिया था, दूसरी तरफ अब डराने का काम कर रहे हैं। माफी तो उन्हें मांगनी ही चाहिए। देखिए, मौके की कुछ तस्वीरें…
5 घंटे में 850 डिग्री पर पहुंचा इंसीनरेटर का तापमान
कचरा जलाने का प्रोसेस शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे शुरू किया गया। इसके लिए पहले इंसीनरेटर को 850 डिग्री तापमान तक गर्म किया गया। इसमें करीब 5 घंटे का समय लगा। प्रति घंटे 600 लीटर डीजल की खपत हुई। सभी कर्मचारी और मजदूर विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ काम कर रहे हैं। पानी में कैंसर के तत्व नहीं मिले तो सार्वजनिक माफी मांगूंगा राख, गैस, सॉलिड पार्टिकल को उचित तरीके से नष्ट करेंगे मध्यप्रदेश प्रदूषण विभाग के रीजनल अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि कचरे से निकलने वाली राख, गैस, सॉलिड पार्टिकल और पानी को उचित तरीके से नष्ट किया जाएगा। यह पूरा काम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की निगरानी में होगा। तारपुरा गांव में किरायेदारों ने खाली किए मकान
रामकी एनवायरो फैक्ट्री से सटे तारपुरा गांव में भी पुलिस के जवान तैनात हैं। स्थानीय ग्रामीण घरों में बंद हैं। सड़कों पर सन्नाटा है। नाम न बताने की शर्त पर लोगों ने बताया कि कुछ किरायेदार डर के कारण मकान खाली कर दूसरी जगह चले गए हैं। हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगे, रोक लगाने की मांग करेंगे पीथमपुर बचाओ समिति के अध्यक्ष हेमंत हिरोले ने कहा- हाई कोर्ट में 11 झूठे हलफनामे पेश कर कचरे के ट्रायल रन की अनुमति ली गई है। हम जल्द ही इस बारे में एक मीटिंग करेंगे। हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट भी पेश करेंगे। इस कचरे के निष्पादन पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। एसडीएम बोले- प्रोटोकॉल से चल रहा काम
एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेशानुसार संबंधित एजेंसी प्रोटोकॉल के अनुसार काम कर रही हैं। लॉ एंड ऑर्डर के लिए इलाके में व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पीथमपुर में 3 दिन चले थे हिंसक प्रदर्शन इससे पहले एक जनवरी की रात को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर से करीब 358 मीट्रिक टन जहरीला कचरा 10 कंटेनर में भरकर पीथमपुर भेजा गया था। इसे रामकी एनवायरो इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। जहरीले कचरे के निष्पादन के खिलाफ पीथमपुर में लगातार तीन दिन विरोध प्रदर्शन हुए थे। आत्मदाह की कोशिश में दो युवक झुलस गए थे। 4 जनवरी को तारपुरा गांव से लगी रामकी एनवायरो इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री पर पथराव किया गया। इसमें कुछ वाहनों के कांच टूट गए। इसके बाद पुलिस ने लोगों को फैक्ट्री के पास से खदेड़ा था। प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। सीएस ने कहा था- जनता को भरोसे में लेकर आगे बढे़ंगे पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर हो रहे विरोध के बीच मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा था- राज्य सरकार इस मामले में हाईकोर्ट से समय देने की मांग करेगी। कोर्ट को मौजूदा परिस्थितियों के बारे में जानकारी देंगे। स्थानीय लोगों को भरोसे में लेकर ही सरकार अब इस मामले में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा था- कचरे की शिफ्टिंग से लेकर आगे की पूरी प्रोसेस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइड लाइन को अक्षरश: पालन किया जा रहा है। सीएम मोहन यादव ने कहा था-कोर्ट के सामने रखेंगे हालात पीथमपुर में विरोध-प्रदर्शन के बीच सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 3 जनवरी की रात इमरजेंसी बैठक की थी। बैठक के बाद सीएम ने बताया था कि जनभावनाओं का आदर करते हुए हाईकोर्ट के सामने सभी परिस्थितियों और व्यावहारिक कठिनाइयों को रखेंगे। उसके बाद ही कोई कार्रवाई करेंगे। सीएम ने कहा था- न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम इसमें आगे नहीं बढ़ेंगे, जब तक माननीय न्यायालय इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं कर दे। ग्राफिक्स से जानिए पूरा घटनाक्रम मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूका का जहरीला कचरा ईंट-भट्टे बराबर टेम्प्रेचर पर जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा कितना जहरीला है? 40 साल पहले जब सर्दियों में भोपाल गैस कांड हुआ तो इस बार भी सर्दी में ही इसे जलाया जाएगा या नहीं? पीथमपुर को ही क्यों चुना गया? हमने ऐसे 15 सवालों के जवाब तलाशे, जो सभी के लिए जानना जरूरी है। सब कुछ जानिए सवाल दर सवाल… सीएम बोले- केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में होगी सिंचाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड में सिंचाई होगी। कोई भी किसान अपनी जमीन नहीं बेचना। मप्र सरकार भी किसान सम्मान निधि देती रहेगी। सागर में भी उद्योग लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर