हरियाणा विधानसभा में पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा ही कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष हो सकते हैं। प्रदेश के अधिकतर विधायकों की राय के बाद कांग्रेस हाईकमान इसके लिए राजी हो गया है। 7 मार्च को हरियाणा विधानसभा का बजट सेशन होना है। उससे पहले ही इसकी घोषणा हो सकती है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पेंच फंसा हुआ है। यह कुर्सी गैर जाट चेहरे को दी जाएगी। इस पद के लिए पंजाबी या दलित समाज में से चेहरा चुना जाएगा। इस बारे में नए प्रभारी बीके हरिप्रसाद की भी राय ली जा चुकी है। इसके लिए 3 नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। पंजाबी चेहरे पर बात बनी तो थानेसर से MLA अशोक अरोड़ा नए प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं। वह इस दौड़ में शामिल नेताओं में सबसे अनुभवी हैं। इनेलो में रहते हुए वह प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं। वहीं, अगर दलित चेहरे का फैसला हुआ तो इसके लिए झज्जर से MLA गीता भुक्कल और अंबाला से सांसद वरूण चौधरी का नाम सबसे आगे है। इन तीनों नामों पर हुड्डा गुट भी सहमत है। हालांकि, अगर कांग्रेस ने हुड्डा और उनके विरोधी गुट के बीच संतुलन का फॉर्मूला अपनाया तो राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला भी अध्यक्ष हो सकते हैं। उनके लिए सिरसा सांसद कुमारी सैलजा का गुट भी लॉबिंग कर रहा है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी सुरजेवाला के नाम पर राजी हैं। दलित चेहरे को प्रधानगी के ज्यादा आसार
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा अध्यक्ष चौधरी उदयभान अनुसूचित जाति से आते हैं। इससे पहले भी कुमारी सैलजा और अशोक तंवर दलित नेता के तौर पर संगठन संभाल चुके हैं। अगर कांग्रेस उदयभान को हटाकर किसी दूसरे समुदाय से अध्यक्ष बनाती है तो दलित समाज की नाराजगी बढ़ सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि दलित नेता को ही यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके बाद वरूण चौधरी या गीता भुक्कल को प्रधानगी मिल सकती है। हरियाणा कांग्रेस के ये दलित प्रधान रह चुके…
हरियाणा विधानसभा में पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा ही कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष हो सकते हैं। प्रदेश के अधिकतर विधायकों की राय के बाद कांग्रेस हाईकमान इसके लिए राजी हो गया है। 7 मार्च को हरियाणा विधानसभा का बजट सेशन होना है। उससे पहले ही इसकी घोषणा हो सकती है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पेंच फंसा हुआ है। यह कुर्सी गैर जाट चेहरे को दी जाएगी। इस पद के लिए पंजाबी या दलित समाज में से चेहरा चुना जाएगा। इस बारे में नए प्रभारी बीके हरिप्रसाद की भी राय ली जा चुकी है। इसके लिए 3 नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। पंजाबी चेहरे पर बात बनी तो थानेसर से MLA अशोक अरोड़ा नए प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं। वह इस दौड़ में शामिल नेताओं में सबसे अनुभवी हैं। इनेलो में रहते हुए वह प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं। वहीं, अगर दलित चेहरे का फैसला हुआ तो इसके लिए झज्जर से MLA गीता भुक्कल और अंबाला से सांसद वरूण चौधरी का नाम सबसे आगे है। इन तीनों नामों पर हुड्डा गुट भी सहमत है। हालांकि, अगर कांग्रेस ने हुड्डा और उनके विरोधी गुट के बीच संतुलन का फॉर्मूला अपनाया तो राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला भी अध्यक्ष हो सकते हैं। उनके लिए सिरसा सांसद कुमारी सैलजा का गुट भी लॉबिंग कर रहा है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी सुरजेवाला के नाम पर राजी हैं। दलित चेहरे को प्रधानगी के ज्यादा आसार
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा अध्यक्ष चौधरी उदयभान अनुसूचित जाति से आते हैं। इससे पहले भी कुमारी सैलजा और अशोक तंवर दलित नेता के तौर पर संगठन संभाल चुके हैं। अगर कांग्रेस उदयभान को हटाकर किसी दूसरे समुदाय से अध्यक्ष बनाती है तो दलित समाज की नाराजगी बढ़ सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि दलित नेता को ही यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके बाद वरूण चौधरी या गीता भुक्कल को प्रधानगी मिल सकती है। हरियाणा कांग्रेस के ये दलित प्रधान रह चुके…