हिमाचल प्रदेश के मंडी IIT में सोमवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब 70 प्रतिशत रक्षा सामग्री का निर्माण खुद कर रहा है। पहले 70 प्रतिशत सामग्री आयात करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा, भारत ने अब रक्षा सामग्री का निर्यात शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में 23 हजार करोड़ रुपए की रक्षा सामग्री का निर्यात की है। 2029 तक इसे बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। राजनाथ ने कहा, आईआईटी मंडी पहले से ही डीआरडीओ के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में काम कर रहा है। उन्होंने इस संस्थान के छात्रों से एआई तकनीक का उपयोग कर रक्षा क्षेत्र में नए अनुसंधान करने का आग्रह किया। उन्होंने आईआईटी की एक नई परिभाषा भी दी- इनिशिएट, इम्प्रूव और ट्रांस्फॉर्म। उन्होंने कहा, आज भारत की बात सुनने को पूरा विश्व आतुर रहता है। मोदी सरकार ने भारत को पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनाकर इसे 2027 तक तीसरे स्थान की ओर अग्रसर कर दिया है। भारत की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को भारत अग्रसर: राजनाथ राजनाथ सिंह ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा, भारत वर्तमान में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है। उन्होंने छात्रों से कभी भी छोटे मन से कोई काम न करने की अपील की। क्वांटम कम्प्यूटिंग का है आने वाला समय- राजनाथ उन्होंने कहा कि IIT मंडी का विजन साइंस व टेक्नोलॉजी में लीडर बनना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने आप में नई डेवलपमेंट है, इसके असर को लेकर लगातार समझने की कोशिश जा रही। आने वाला समय क्वांटम कम्प्यूटिंग का है। इस दिशा में भारत भी काम कर रहा है। सनातन विरोधी नहीं मानते सुपर पावर: मंत्री राजनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी यही कहते थे कि छोटे मन से कभी कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कभी कोई खड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि सुपर पावर को मानो और आगे बढ़ते रहो। मगर कुछ तथाकथित सनातन विरोधी सुपर पावर को भी झूठला देते हैं। उन्हें इसका प्रमाण चाहिए होता है। उन्हें यह नहीं मालूम ही इंसान को जीवित रखने वाली सांस होती तो है, लेकिन वो दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि अपने पब्लिक जीवन में किसी संस्थान के स्थापना दिवस पर पहली बार आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है। मैंने सोचा सामान्य कार्यक्रम होगा, लेकिन यहां आकर कह सकता हूं कि मेरे लिए सरप्राइज है। मेधावी छात्रों-टीचरों को किया सम्मानित इस दौरान उन्होंने संस्थान के मेधावी छात्रों और उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों को यंग फैकल्टी फैलो अवॉर्ड, यंग अचीवर अवॉर्ड, स्टूडेंट्स एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड और स्टूडेंट्स टेक अवॉर्ड से नवाजा। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुन्दरगर में आयोजित पीएम किसान सम्मान समारोह में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, किसान सम्मान निधि की सोमवार को 19वीं किस्त पूरे देश के साथ हिमाचल के 9.75 लाख किसानों को जारी कर दी गई है। उन्होंने सुंदरनगर के 10 प्रगतिशील किसान सुभाष चंद, माया देवी, श्रवण कुमार, सीमा कुमारी, कुब्जा देवी, रमेश कुमार, लीना शर्मा, प्रेम लता, रूप सिंह, सुनीता देवी को सम्मानित किया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी IIT में सोमवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब 70 प्रतिशत रक्षा सामग्री का निर्माण खुद कर रहा है। पहले 70 प्रतिशत सामग्री आयात करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा, भारत ने अब रक्षा सामग्री का निर्यात शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में 23 हजार करोड़ रुपए की रक्षा सामग्री का निर्यात की है। 2029 तक इसे बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। राजनाथ ने कहा, आईआईटी मंडी पहले से ही डीआरडीओ के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में काम कर रहा है। उन्होंने इस संस्थान के छात्रों से एआई तकनीक का उपयोग कर रक्षा क्षेत्र में नए अनुसंधान करने का आग्रह किया। उन्होंने आईआईटी की एक नई परिभाषा भी दी- इनिशिएट, इम्प्रूव और ट्रांस्फॉर्म। उन्होंने कहा, आज भारत की बात सुनने को पूरा विश्व आतुर रहता है। मोदी सरकार ने भारत को पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनाकर इसे 2027 तक तीसरे स्थान की ओर अग्रसर कर दिया है। भारत की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को भारत अग्रसर: राजनाथ राजनाथ सिंह ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा, भारत वर्तमान में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है। उन्होंने छात्रों से कभी भी छोटे मन से कोई काम न करने की अपील की। क्वांटम कम्प्यूटिंग का है आने वाला समय- राजनाथ उन्होंने कहा कि IIT मंडी का विजन साइंस व टेक्नोलॉजी में लीडर बनना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने आप में नई डेवलपमेंट है, इसके असर को लेकर लगातार समझने की कोशिश जा रही। आने वाला समय क्वांटम कम्प्यूटिंग का है। इस दिशा में भारत भी काम कर रहा है। सनातन विरोधी नहीं मानते सुपर पावर: मंत्री राजनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी यही कहते थे कि छोटे मन से कभी कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कभी कोई खड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि सुपर पावर को मानो और आगे बढ़ते रहो। मगर कुछ तथाकथित सनातन विरोधी सुपर पावर को भी झूठला देते हैं। उन्हें इसका प्रमाण चाहिए होता है। उन्हें यह नहीं मालूम ही इंसान को जीवित रखने वाली सांस होती तो है, लेकिन वो दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि अपने पब्लिक जीवन में किसी संस्थान के स्थापना दिवस पर पहली बार आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है। मैंने सोचा सामान्य कार्यक्रम होगा, लेकिन यहां आकर कह सकता हूं कि मेरे लिए सरप्राइज है। मेधावी छात्रों-टीचरों को किया सम्मानित इस दौरान उन्होंने संस्थान के मेधावी छात्रों और उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों को यंग फैकल्टी फैलो अवॉर्ड, यंग अचीवर अवॉर्ड, स्टूडेंट्स एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड और स्टूडेंट्स टेक अवॉर्ड से नवाजा। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुन्दरगर में आयोजित पीएम किसान सम्मान समारोह में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, किसान सम्मान निधि की सोमवार को 19वीं किस्त पूरे देश के साथ हिमाचल के 9.75 लाख किसानों को जारी कर दी गई है। उन्होंने सुंदरनगर के 10 प्रगतिशील किसान सुभाष चंद, माया देवी, श्रवण कुमार, सीमा कुमारी, कुब्जा देवी, रमेश कुमार, लीना शर्मा, प्रेम लता, रूप सिंह, सुनीता देवी को सम्मानित किया।