महाकुंभ का आज 41वां दिन है। मेला खत्म होने में 4 दिन और बचे हैं। आखिरी वीकेंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। मेला क्षेत्र के बाहरी हिस्सों में भीषण जाम लगा है। यमुना नदी पर बने ब्रिज की ओर जाने वाला रास्ता करीब 7 घंटे से जाम है। बांग्लादेश में 2022 में हुई ट्रेन में आग लगने की घटना को महाकुंभ की घटना बताकर अफवाह फैलाने वाले 34 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। लखनऊ से आई एक महिला ने बताया- शहर के बाहर बस ने उतार दिया। इसके बाद शटल बस से मेले के लिए रवाना हुई। बस में खड़े होकर आना पड़ा। आधे घंटे की दूरी तय करने में 4 घंटे लगे। प्रयागराज के सभी 7 एंट्री पॉइंट्स पर बाहर से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जा रहा है। शहर से बाहर बनी पार्किंग में गाड़ी पार्क करनी पड़ रही। यहां से संगम की दूरी 10 से 12 किमी है। एंट्री पॉइंट्स पर रोके गए श्रद्धालुओं को कम से कम 10-12 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। हालांकि, उनकी सुविधा के लिए प्रशासन शटल बसें, ई-रिक्शा, ऑटो, ठेले को चलने दे रहा है। हजारों की संख्या में बाइक वाले भी सवारी ढो रहे हैं। लेकिन, ये सभी मनमाना किराया वसूल रहे हैं। 3 तस्वीरें देखिए ऑटो और ई-रिक्शा वाले एक किमी के 100 रुपए तक वसूल रहे तो बाइक वाले 50 रुपए मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में लोगों को एंट्री पॉइंट्स से मेले तक जाने के लिए 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। दिल्ली से प्रयागराज की फ्लाइट का किराया इस समय 38 से 42 हजार रुपए के बीच बता रहा है। हालांकि, 26 फरवरी के बाद यह किराया सिर्फ 3 हजार रुपए दिख रहा है। ऐसे में इस समय किराया 12 गुना तक महंगा है। शनिवार शाम 6 बजे तक 1.29 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया। 13 जनवरी से अब तक करीब 60.02 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। सरकार ने कहा, इस समय दुनिया में 120 करोड़ सनातनी हैं। इनमें से 50 फीसदी लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर यह संख्या 65 करोड़ पार कर जाएगी। महाकुंभ के अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
महाकुंभ का आज 41वां दिन है। मेला खत्म होने में 4 दिन और बचे हैं। आखिरी वीकेंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। मेला क्षेत्र के बाहरी हिस्सों में भीषण जाम लगा है। यमुना नदी पर बने ब्रिज की ओर जाने वाला रास्ता करीब 7 घंटे से जाम है। बांग्लादेश में 2022 में हुई ट्रेन में आग लगने की घटना को महाकुंभ की घटना बताकर अफवाह फैलाने वाले 34 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। लखनऊ से आई एक महिला ने बताया- शहर के बाहर बस ने उतार दिया। इसके बाद शटल बस से मेले के लिए रवाना हुई। बस में खड़े होकर आना पड़ा। आधे घंटे की दूरी तय करने में 4 घंटे लगे। प्रयागराज के सभी 7 एंट्री पॉइंट्स पर बाहर से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जा रहा है। शहर से बाहर बनी पार्किंग में गाड़ी पार्क करनी पड़ रही। यहां से संगम की दूरी 10 से 12 किमी है। एंट्री पॉइंट्स पर रोके गए श्रद्धालुओं को कम से कम 10-12 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। हालांकि, उनकी सुविधा के लिए प्रशासन शटल बसें, ई-रिक्शा, ऑटो, ठेले को चलने दे रहा है। हजारों की संख्या में बाइक वाले भी सवारी ढो रहे हैं। लेकिन, ये सभी मनमाना किराया वसूल रहे हैं। 3 तस्वीरें देखिए ऑटो और ई-रिक्शा वाले एक किमी के 100 रुपए तक वसूल रहे तो बाइक वाले 50 रुपए मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में लोगों को एंट्री पॉइंट्स से मेले तक जाने के लिए 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। दिल्ली से प्रयागराज की फ्लाइट का किराया इस समय 38 से 42 हजार रुपए के बीच बता रहा है। हालांकि, 26 फरवरी के बाद यह किराया सिर्फ 3 हजार रुपए दिख रहा है। ऐसे में इस समय किराया 12 गुना तक महंगा है। शनिवार शाम 6 बजे तक 1.29 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया। 13 जनवरी से अब तक करीब 60.02 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। सरकार ने कहा, इस समय दुनिया में 120 करोड़ सनातनी हैं। इनमें से 50 फीसदी लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर यह संख्या 65 करोड़ पार कर जाएगी। महाकुंभ के अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…