लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है। गीतांजलि ने न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में ये बाते कहीं। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लेह में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। गीतांजलि ने और क्या कहा…
गीतांजलि बोलीं- सोनम जेल के अनुभव पर किताब लिख रहे गीतांजलि आंगमो ने बताया कि सोनम जेल के अपने अनुभव पर जो किताब लिख रहे हैं, उसका टाइटल शायद फॉरएवर पॉजिटिव होगा। अगर वह कुछ चींटियों और उनके व्यवहार को देखते हैं, तो वह मुझसे चींटियों के व्यवहार पर किताबें लाने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि चींटियों के समुदाय में बहुत एकता, बहुत टीम भावना होती है। तो, शायद वह उसका अध्ययन करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वांगचुक को धूपघड़ी पर किताबें चाहिए थीं, क्योंकि उनके पास लंबे समय तक घड़ी नहीं थी। वांगचुक को मैकेनिकल घड़ियों सहित कोई भी डिवाइस रखने की इजाजत नहीं है। ———— ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक की पत्नी बोलीं- वे हिंसा नहीं फैला रहे थे:SC में कहा- तथ्य तोड़े-मरोड़े और अपराधी बता दिया; सोनम 3 महीने से जेल में हैं लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके पति का भाषण हिंसा फैलाने के लिए नहीं, बल्कि हिंसा को रोकने के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और वांगचुक को अपराधी की तरह दिखाने की कोशिश की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है। गीतांजलि ने न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में ये बाते कहीं। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लेह में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। गीतांजलि ने और क्या कहा…
गीतांजलि बोलीं- सोनम जेल के अनुभव पर किताब लिख रहे गीतांजलि आंगमो ने बताया कि सोनम जेल के अपने अनुभव पर जो किताब लिख रहे हैं, उसका टाइटल शायद फॉरएवर पॉजिटिव होगा। अगर वह कुछ चींटियों और उनके व्यवहार को देखते हैं, तो वह मुझसे चींटियों के व्यवहार पर किताबें लाने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि चींटियों के समुदाय में बहुत एकता, बहुत टीम भावना होती है। तो, शायद वह उसका अध्ययन करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वांगचुक को धूपघड़ी पर किताबें चाहिए थीं, क्योंकि उनके पास लंबे समय तक घड़ी नहीं थी। वांगचुक को मैकेनिकल घड़ियों सहित कोई भी डिवाइस रखने की इजाजत नहीं है। ———— ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक की पत्नी बोलीं- वे हिंसा नहीं फैला रहे थे:SC में कहा- तथ्य तोड़े-मरोड़े और अपराधी बता दिया; सोनम 3 महीने से जेल में हैं लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके पति का भाषण हिंसा फैलाने के लिए नहीं, बल्कि हिंसा को रोकने के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और वांगचुक को अपराधी की तरह दिखाने की कोशिश की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…