अवैध हथियार और गोला-बारूद काे लेकर एनआईए ने पटना, नालंदा, शेखपुरा समेत राज्य के सात ठिकानों के साथ हरियाणा और यूपी में छापेमारी कर चार आरोपियों काे गिरफ्तार किया है। इसमें पटना से शशि कुमार और शेखपुरा से रविरंजन काे गिरफ्तार किया है। बिहार के 7, हरियाणा के 2 और यूपी के 13 ठिकानों पर गुरुवार की सुबह से देर शाम तक चली छापेमारी में NIA ने बिहार से दो लोगों के अलावा हरियाणा के कुरुक्षेत्र से विजय कालरा और कुश कालरा काे दबोचा है। जांच के अनुसार ये सभी एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। जो हरियाणा से यूपी और फिर बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में अवैध गोला-बारूद की तस्करी बिक्री और खरीद में शामिल थे। शेखपुरा में नई दिल्ली और पटना से आई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने स्थानीय एसटीएफ और सिरारी थाना पुलिस के सहयोग से भदौस गांव में छापेमारी कर गुड्डू सिंह उर्फ रवि रंजन को गिरफ्तार किया है। टीम ने उसकी ब्रेजा कार को भी जब्त कर लिया है। गुड्डू को दिल्ली ले गई टीम गिरफ्तारी के बाद, टीम ने जयमंगला गांव में खड़ी उसकी सफेद रंग की ब्रेजा कार को जब्त कर लिया। दिल्ली और पटना से आई टीम ब्रेजा कार को स्थानीय थाने को सौंपने के बाद गिरफ्तार गुड्डू सिंह को रात में ही अपने साथ लेकर वापस लौट गई। छापेमारी में शामिल सिरारी थाना अध्यक्ष सह पुलिस सब इंस्पेक्टर आयुष कुमार ने बताया कि देर शाम दिल्ली और पटना से पहुंची NIA की टीम दो मजिस्ट्रेट के साथ थाने पर आई थी। उनके निर्देश पर पुलिस भदौस गांव पहुंची, जहां से शिव शंकर सिंह के बेटे गुड्डू सिंह उर्फ रवि रंजन को गिरफ्तार किया गया। आर्म्स एक्ट केस में जमानत पर था थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार गुड्डू सिंह के खिलाफ पहले से स्थानीय थाने में आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज है, जिसमें वह कोर्ट से जमानत पर था। विशेष टीम उसे हथियारों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर ले गई है। गुड्डू सिंह उर्फ रवि रंजन हथियारों और कारतूस की तस्करी में शामिल था। थाना अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यहां पहुंची विशेष टीम ने उसकी गिरफ्तारी के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी। टीम उसे गोपनीय तरीके से गिरफ्तार कर ले गई। अन्य सूत्रों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी आतंकी गिरोहों को हथियार तस्करी करने के मामले से जुड़ी हो सकती है। 2023 में गुड्डू का भाई गिरफ्तार हुआ था NIA टीम ने शेखपुरा जिला के भदौस गांव से गुड्डू सिंह को गिरफ्तार किया है। उसके पिता शिवशंकर सिंह डाक विभाग में पोस्टमैन है। वहीं उसके छोटे भाई रौशन कुमार को 27 अक्टूबर 2023 को बाऊ घाट थाना पुलिस ने गस्ती के दौरान गिरफ्तार किया था। उसके पास से मॉडर्न हथियारों में प्रयुक्त होने वाले 3110 जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद हुआ था। रौशन कुमार बाइक पर सवार होकर अपने गांव के ही एक सहयोगी छोटे सिंह के साथ बोरों में बंद हजारों कारतूस की खेप को अन्यत्र पहुंचाने जा रहा था। भदौसी की तरफ से वह घाट कुसुंभा की ओर बाइक से कारतूसों का जखीरा लेकर आ रहा था। इसी दौरान गस्ती टीम ने उसे धर दबोचा था। उस दिन गिरफ्तार रौशन का सहयोगी बाइक से कूदकर भाग निकला था। बता दें कि उस समय शेखपुरा के एसपी कार्तिकेय शर्मा और बाऊ घाट थाना अध्यक्ष संजीता कुमारी थी। रेड में एक करोड़ कैश जब्त गुरुवार को 22 ठिकानों में हुई रेड से करीब एक करोड़ रुपए और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। साथ ही कई डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें आपत्तिजनक डेटा मौजूद था। इसके अलावे फर्जी और संदिग्ध पहचान पत्र सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। जुलाई 2025 में अवैध हथियार केस में शुरू हुई कार्रवाई इस मामले की शुरुआत जुलाई 2025 में बिहार से हुई थी जब स्थानीय पुलिस ने कई अवैध हथियार बरामद होने के बाद राजेंद्र प्रसाद, कुमार अभिजीत शत्रुधन शर्मा और विशाल कुमार को गिरफ्तार किया था। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर एनआईए ने अगस्त 2025 में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। उत्तर भारत के कई राज्यों में फैला है नेटवर्क जांच में पता चला है कि उत्तर भारत में सक्रिय यह गिरोह कई राज्यों में अपना नेटवर्क चलाता था। यह समूह लंबे समय से पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में था। सू्त्रों के अनुसार, यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की बनाई गई साजिश से भी जुड़ सकता है।
अवैध हथियार और गोला-बारूद काे लेकर एनआईए ने पटना, नालंदा, शेखपुरा समेत राज्य के सात ठिकानों के साथ हरियाणा और यूपी में छापेमारी कर चार आरोपियों काे गिरफ्तार किया है। इसमें पटना से शशि कुमार और शेखपुरा से रविरंजन काे गिरफ्तार किया है। बिहार के 7, हरियाणा के 2 और यूपी के 13 ठिकानों पर गुरुवार की सुबह से देर शाम तक चली छापेमारी में NIA ने बिहार से दो लोगों के अलावा हरियाणा के कुरुक्षेत्र से विजय कालरा और कुश कालरा काे दबोचा है। जांच के अनुसार ये सभी एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। जो हरियाणा से यूपी और फिर बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में अवैध गोला-बारूद की तस्करी बिक्री और खरीद में शामिल थे। शेखपुरा में नई दिल्ली और पटना से आई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने स्थानीय एसटीएफ और सिरारी थाना पुलिस के सहयोग से भदौस गांव में छापेमारी कर गुड्डू सिंह उर्फ रवि रंजन को गिरफ्तार किया है। टीम ने उसकी ब्रेजा कार को भी जब्त कर लिया है। गुड्डू को दिल्ली ले गई टीम गिरफ्तारी के बाद, टीम ने जयमंगला गांव में खड़ी उसकी सफेद रंग की ब्रेजा कार को जब्त कर लिया। दिल्ली और पटना से आई टीम ब्रेजा कार को स्थानीय थाने को सौंपने के बाद गिरफ्तार गुड्डू सिंह को रात में ही अपने साथ लेकर वापस लौट गई। छापेमारी में शामिल सिरारी थाना अध्यक्ष सह पुलिस सब इंस्पेक्टर आयुष कुमार ने बताया कि देर शाम दिल्ली और पटना से पहुंची NIA की टीम दो मजिस्ट्रेट के साथ थाने पर आई थी। उनके निर्देश पर पुलिस भदौस गांव पहुंची, जहां से शिव शंकर सिंह के बेटे गुड्डू सिंह उर्फ रवि रंजन को गिरफ्तार किया गया। आर्म्स एक्ट केस में जमानत पर था थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार गुड्डू सिंह के खिलाफ पहले से स्थानीय थाने में आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज है, जिसमें वह कोर्ट से जमानत पर था। विशेष टीम उसे हथियारों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर ले गई है। गुड्डू सिंह उर्फ रवि रंजन हथियारों और कारतूस की तस्करी में शामिल था। थाना अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यहां पहुंची विशेष टीम ने उसकी गिरफ्तारी के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी। टीम उसे गोपनीय तरीके से गिरफ्तार कर ले गई। अन्य सूत्रों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी आतंकी गिरोहों को हथियार तस्करी करने के मामले से जुड़ी हो सकती है। 2023 में गुड्डू का भाई गिरफ्तार हुआ था NIA टीम ने शेखपुरा जिला के भदौस गांव से गुड्डू सिंह को गिरफ्तार किया है। उसके पिता शिवशंकर सिंह डाक विभाग में पोस्टमैन है। वहीं उसके छोटे भाई रौशन कुमार को 27 अक्टूबर 2023 को बाऊ घाट थाना पुलिस ने गस्ती के दौरान गिरफ्तार किया था। उसके पास से मॉडर्न हथियारों में प्रयुक्त होने वाले 3110 जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद हुआ था। रौशन कुमार बाइक पर सवार होकर अपने गांव के ही एक सहयोगी छोटे सिंह के साथ बोरों में बंद हजारों कारतूस की खेप को अन्यत्र पहुंचाने जा रहा था। भदौसी की तरफ से वह घाट कुसुंभा की ओर बाइक से कारतूसों का जखीरा लेकर आ रहा था। इसी दौरान गस्ती टीम ने उसे धर दबोचा था। उस दिन गिरफ्तार रौशन का सहयोगी बाइक से कूदकर भाग निकला था। बता दें कि उस समय शेखपुरा के एसपी कार्तिकेय शर्मा और बाऊ घाट थाना अध्यक्ष संजीता कुमारी थी। रेड में एक करोड़ कैश जब्त गुरुवार को 22 ठिकानों में हुई रेड से करीब एक करोड़ रुपए और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। साथ ही कई डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें आपत्तिजनक डेटा मौजूद था। इसके अलावे फर्जी और संदिग्ध पहचान पत्र सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। जुलाई 2025 में अवैध हथियार केस में शुरू हुई कार्रवाई इस मामले की शुरुआत जुलाई 2025 में बिहार से हुई थी जब स्थानीय पुलिस ने कई अवैध हथियार बरामद होने के बाद राजेंद्र प्रसाद, कुमार अभिजीत शत्रुधन शर्मा और विशाल कुमार को गिरफ्तार किया था। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर एनआईए ने अगस्त 2025 में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। उत्तर भारत के कई राज्यों में फैला है नेटवर्क जांच में पता चला है कि उत्तर भारत में सक्रिय यह गिरोह कई राज्यों में अपना नेटवर्क चलाता था। यह समूह लंबे समय से पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में था। सू्त्रों के अनुसार, यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की बनाई गई साजिश से भी जुड़ सकता है।