हिमाचल प्रदेश विधानसभा विंटर सेशन में आज (बुधवार) सदन में रेरा यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल, सरकार ने रेरा चयन समिति में बदलाव किया है। चीफ जस्टिस की जगह मुख्य सचिव को चयन समिति का चीफ बनाया गया है। इस पर विपक्ष भड़क उठा है और आज सदन से नारेबाजी करते हुए बाहर आ गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर गोपनीयता और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार रेरा को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है, जबकि केंद्र सरकार पहले से इस पर कानून लागू कर चुकी है। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा- हाईकोर्ट को इस मामले से बाहर रखने का क्या औचित्य है, जबकि 2016 में बनाए गए मूल कानून में हाईकोर्ट की भी भागीदारी थी। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है और यह विधेयक केंद्र सरकार तथा न्यायालयों की ताकत को चुनौती देने जैसा है। सीएम सुखविंदर सुक्खू ने कहा- विपक्ष न्यायपालिका का सम्मान करने के बजाय केवल कटाक्ष कर रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भाजपा पर हुई आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार न्यायपालिका के प्रति सम्मानपूर्ण है। सदन में ये विधेयक भी पारित विपक्ष की गैर मौजूदगी में विधानसभा में भू संपदा विनियमन और विकास (संशोधन) विधेयक 2025 आज पारित कर दिया गया। सदन में आज हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक स्थापना (संशोधन) अधिनियम तथा कर्मचारी भर्ती व सेवा (संशोधन) विधेयकों को भी मंजूरी दी। कर्मचारी भर्ती विधेयक पर विपक्ष के कड़े आरोपों और विरोध के बावजूद इसे भी पारित किया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को बिना उचित विचार-विमर्श के परेशान कर रही है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। कांग्रेस विधायकों ने दिया धरना तपोवन धर्मशाला में भोजनावकाश के वक्त कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस विधायकों-मंत्रियों ने नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। सत्तापक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार कर्मचारियों का न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में जमा 10 हजार करोड़ रुपए वापस नहीं लौटा रही है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार की पहली कैबिनेट से लेकर अब तक लिए गए सभी फैसले की समीक्षा करने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने पहली कैबिनेट में ही कर्मचारियों को OPS बहाल की थी। जयराम ठाकुर की इस स्टेटमेंट के बाद कर्मचारी डरे हुए हैं। कांग्रेस ने कर्मचारियों का एनपीएस स्कीम के तहत केंद्र के पास जमा पैसा लौटाने की मांग की है। सदन में गूंजा नई नौकरियों का सवाल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने राज्य चयन आयोग के माध्यम से दी गई नौकरियों का मामला उठाया। मगर विपक्ष को इसका जवाब नहीं मिल पाया। इस पर विपक्ष ने सरकार पर जानबूझकर सूचनाएं छिपाने के आरोप लगाए। भाजपा विधायक डॉ. जनक राज, सुधीर शर्मा, लोकेंद्र कुमार और दीप राज ने सरकार से राज्य चयन आयोग के माध्यम से दी नौकरियों से जुड़ा सवाल पूछा था। सरकार ने जवाब में कहा- सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर डॉ. जनक राज ने कहा- यह सवाल पिछले विधानसभा सत्र में भी पूछा जा चुका है, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सीएम बोले- पूर्व सरकार में भ्रष्टाचार का अड्डा बना चयन आयोग सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब में कहा- पूर्व में BJP सरकार के समय अधीनस्थ चयन सेवाएं बोर्ड हमीरपुर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था। पूर्व की भाजपा सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसलिए, वर्तमान सरकार ने उस बोर्ड को पूरी तरह भंग कर दिया और राज्य चयन आयोग का गठन किया है। ऐसे में नौकरियों से जुड़े मामलों की छानबीन और जानकारी जुटाई जा रही है। पटवारियों को 645 पद भरने जा रही सरकार: नेगी राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा- प्रदेश में पटवारियों के बहुत अधिक पद रिक्त हैं। पूर्व भाजपा सरकार ने भर्तियों नहीं की। इस कारण काम भी प्रभावित हो रहा है। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल का जवाब देते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा- कैबिनेट में पटवारी के 645 पद भरने को मंजूरी दी गई है। भर्तियां करने के लिए आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है। तिब्बत निर्वासित सरकार सदन की कार्यवाही देखने पहुंची सदन की कार्यवाही देखने के लिए तिब्बत निर्वासित सरकार में स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, सचिव व अन्य सदस्य हिमाचल विधानसभा पहुंचे। सभी ने VIP दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। यह पहला मौका है जब तपोवन धर्मशाला विधानसभा पहुंचकर केंद्रीय तिब्बत प्रशासन के स्पीकर खेपों सोनम टेंफेल, डिप्टी स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग, सचिव और अन्य अधिकारी सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। बता दें कि धर्मशाला में तिब्बत निर्वासित संसद का मुख्यालय है। इसके बाद, तिब्बत निर्वासित सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा विंटर सेशन में आज (बुधवार) सदन में रेरा यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल, सरकार ने रेरा चयन समिति में बदलाव किया है। चीफ जस्टिस की जगह मुख्य सचिव को चयन समिति का चीफ बनाया गया है। इस पर विपक्ष भड़क उठा है और आज सदन से नारेबाजी करते हुए बाहर आ गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर गोपनीयता और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार रेरा को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है, जबकि केंद्र सरकार पहले से इस पर कानून लागू कर चुकी है। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा- हाईकोर्ट को इस मामले से बाहर रखने का क्या औचित्य है, जबकि 2016 में बनाए गए मूल कानून में हाईकोर्ट की भी भागीदारी थी। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है और यह विधेयक केंद्र सरकार तथा न्यायालयों की ताकत को चुनौती देने जैसा है। सीएम सुखविंदर सुक्खू ने कहा- विपक्ष न्यायपालिका का सम्मान करने के बजाय केवल कटाक्ष कर रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भाजपा पर हुई आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार न्यायपालिका के प्रति सम्मानपूर्ण है। सदन में ये विधेयक भी पारित विपक्ष की गैर मौजूदगी में विधानसभा में भू संपदा विनियमन और विकास (संशोधन) विधेयक 2025 आज पारित कर दिया गया। सदन में आज हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक स्थापना (संशोधन) अधिनियम तथा कर्मचारी भर्ती व सेवा (संशोधन) विधेयकों को भी मंजूरी दी। कर्मचारी भर्ती विधेयक पर विपक्ष के कड़े आरोपों और विरोध के बावजूद इसे भी पारित किया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को बिना उचित विचार-विमर्श के परेशान कर रही है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। कांग्रेस विधायकों ने दिया धरना तपोवन धर्मशाला में भोजनावकाश के वक्त कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस विधायकों-मंत्रियों ने नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। सत्तापक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार कर्मचारियों का न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में जमा 10 हजार करोड़ रुपए वापस नहीं लौटा रही है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार की पहली कैबिनेट से लेकर अब तक लिए गए सभी फैसले की समीक्षा करने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने पहली कैबिनेट में ही कर्मचारियों को OPS बहाल की थी। जयराम ठाकुर की इस स्टेटमेंट के बाद कर्मचारी डरे हुए हैं। कांग्रेस ने कर्मचारियों का एनपीएस स्कीम के तहत केंद्र के पास जमा पैसा लौटाने की मांग की है। सदन में गूंजा नई नौकरियों का सवाल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने राज्य चयन आयोग के माध्यम से दी गई नौकरियों का मामला उठाया। मगर विपक्ष को इसका जवाब नहीं मिल पाया। इस पर विपक्ष ने सरकार पर जानबूझकर सूचनाएं छिपाने के आरोप लगाए। भाजपा विधायक डॉ. जनक राज, सुधीर शर्मा, लोकेंद्र कुमार और दीप राज ने सरकार से राज्य चयन आयोग के माध्यम से दी नौकरियों से जुड़ा सवाल पूछा था। सरकार ने जवाब में कहा- सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर डॉ. जनक राज ने कहा- यह सवाल पिछले विधानसभा सत्र में भी पूछा जा चुका है, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सीएम बोले- पूर्व सरकार में भ्रष्टाचार का अड्डा बना चयन आयोग सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब में कहा- पूर्व में BJP सरकार के समय अधीनस्थ चयन सेवाएं बोर्ड हमीरपुर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था। पूर्व की भाजपा सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसलिए, वर्तमान सरकार ने उस बोर्ड को पूरी तरह भंग कर दिया और राज्य चयन आयोग का गठन किया है। ऐसे में नौकरियों से जुड़े मामलों की छानबीन और जानकारी जुटाई जा रही है। पटवारियों को 645 पद भरने जा रही सरकार: नेगी राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा- प्रदेश में पटवारियों के बहुत अधिक पद रिक्त हैं। पूर्व भाजपा सरकार ने भर्तियों नहीं की। इस कारण काम भी प्रभावित हो रहा है। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल का जवाब देते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा- कैबिनेट में पटवारी के 645 पद भरने को मंजूरी दी गई है। भर्तियां करने के लिए आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है। तिब्बत निर्वासित सरकार सदन की कार्यवाही देखने पहुंची सदन की कार्यवाही देखने के लिए तिब्बत निर्वासित सरकार में स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, सचिव व अन्य सदस्य हिमाचल विधानसभा पहुंचे। सभी ने VIP दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। यह पहला मौका है जब तपोवन धर्मशाला विधानसभा पहुंचकर केंद्रीय तिब्बत प्रशासन के स्पीकर खेपों सोनम टेंफेल, डिप्टी स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग, सचिव और अन्य अधिकारी सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। बता दें कि धर्मशाला में तिब्बत निर्वासित संसद का मुख्यालय है। इसके बाद, तिब्बत निर्वासित सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की।