नक्सलियों के खिलाफ लगातार तेज हो रहे सुरक्षाबलों के अभियान के बीच समर्पण के लिए वक्त देने की अपील की गई है। इसका एक ऑडियो सामने आया, जिसमें एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के कथित प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सशस्त्र संघर्ष को विराम देने पर विचार करने के लिए 15 फरवरी तक का समय मांगा है। करीब 8 मिनट के इस ऑडियो में अनंत की एक पत्रकार से बातचीत है। जिसमें अनंत ये कहते सुनाई दे रहा है- हमारी MMC विशेष जोनल कमेटी भी हथियार छोड़कर सरकार के पुनर्वास और पुनर्मूल्यांकन योजना को स्वीकार करना चाहती है। हम तीनों राज्य सरकारों से अनुरोध करते हैं कि वे हमें वक्त दें। हालांकि, पुलिस-प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गई है कि अनंत नक्सलियों का प्रवक्ता है। अनंत ने आगे कहा- हमारी पार्टी जनवादी केंद्रीयता के उसूलों पर चलती है, इसलिए सामूहिक रूप से इस निर्णय को लेने में हमें कुछ वक्त लगेगा। साथियों से संपर्क करने और उक्त संदेश हमारी पद्धति के अनुरूप उन तक पहुंचाने में हमें वक्त चाहिए। पढ़िए, इस ऑडियो के प्रमुख अंश
पत्रकार- अनंत दादा, आप हमसे संपर्क करना चाहते थे। अगर आप बता पाएं कि आपकी पहचान क्या है, उसके बाद हम बातचीत आगे बढ़ाते हैं। अनंत- जी, फिलहाल तो मेरा नाम अनंत ही है। मैं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल कमेटी का सदस्य हूं, मतलब एमएमसी एजेंसी का सदस्य हूं। एमएमसी एजेंसी के प्रवक्ता के तौर पर जनता के सामने अपनी बात रखना चाहता हूं। सरकार के सामने अपनी बात रखना चाहता हूं। पत्रकार- जी, अगर आप बता देंगे कि आप क्या कुछ बात रखना चाहते हैं, उसके बाद मैं अपने कुछ सवाल पूछ लूंगा। अनंत- ठीक है, मैं स्टेटमेंट ही पढ़ देता हूं। इसके बाद अनंत ने नीचे दिए लेटर को पढ़कर सुनाया… एक गुट संघर्ष जारी रखना चाहता है
पत्रकार- आपका ये संदेश हम कोशिश करेंगे सरकार तक, जनता तक पहुंचाने की। मेरा एक सवाल था कि कल ही आप लोगों की केंद्रीय कमेटी की ओर से एक लेटर आया। जिसमें कहा गया कि पीएलजीए सप्ताह (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी वीक) मनाना है। तो एक गुट चाहता है कि लड़ाई जारी रहे। क्या आप लोग अब उनसे अलग हो गए हैं या आपके विचार ये हैं कि हमें अब हथियार नीचे रख देने चाहिए? अनंत- जी, हम इस राय पर हैं कि देश और दुनिया में जो परिस्थितियां बदली हैं, उनमें हथियारबंद संघर्ष सफल नहीं हो सकता। थोड़ी भिन्न राय है लेकिन पार्टी एक ही है। वो थोड़ा देर से समझेंगे इस बात को, लेकिन अगर जल्दी समझ जाएं तो और अच्छा है। पत्रकार- मैं आपकी बात जनता तक, दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा। हम चाहते हैं कि शांति की राह निकल आए। आप लोगों की सुरक्षित वापसी हो जाए। इसके प्रति जो भी हमारी जिम्मेदारी होगी, जवाबदेही होगी, जो कुछ हम कर सकते हैं, हम करने की कोशिश करेंगे। अनंत- ठीक है। एएसपी बोले- ऑडियो की जांच कर रहे
बालाघाट के एएसपी (नक्सल) आदर्श कांत शुक्ला ने कहा- ऑडियो की जांच की जा रही है। जिले में अनंत नाम के किसी व्यक्ति की कोई नक्सली प्रोफाइल नहीं है। बता दें कि हाल ही में सुरक्षाबलों ने माड़वी हिड़मा समेत कई हार्डकोर नक्सली मार गिराए हैं जबकि कई अन्य ने आत्मसमर्पण किया है। स्पेशल डीजी बोले- ऑपरेशन जारी रहेगा
बालाघाट ऑडियो मामले पर स्पेशल DG (एंटी नक्सल मूवमेंट) पवन श्रीवास्तव का कहना है कि नक्सल समस्या के पूरी तरह खत्म होने तक हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा। जिसको सरेंडर करना है वो आए और वो सरेंडर करे। ये खबर भी पढ़ें… ‘हिड़मा का एनकाउंटर नहीं… हत्या’, दिग्विजय के वीडियो पर बवाल छत्तीसगढ़ के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। दिग्विजय ने आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोढ़ी का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा गया कि ‘यह एनकाउंटर नहीं, हत्या थी।’ इस पर सांसद आलोक शर्मा ने कहा- राष्ट्र के लिए जो सैनिक शहीद होते हैं, उनके लिए दिग्विजय कुछ नहीं कहते। उनका बयान हमेशा आतंकवादियों के पक्ष में ही क्यों होता है? पढ़ें पूरी खबर…
नक्सलियों के खिलाफ लगातार तेज हो रहे सुरक्षाबलों के अभियान के बीच समर्पण के लिए वक्त देने की अपील की गई है। इसका एक ऑडियो सामने आया, जिसमें एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के कथित प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सशस्त्र संघर्ष को विराम देने पर विचार करने के लिए 15 फरवरी तक का समय मांगा है। करीब 8 मिनट के इस ऑडियो में अनंत की एक पत्रकार से बातचीत है। जिसमें अनंत ये कहते सुनाई दे रहा है- हमारी MMC विशेष जोनल कमेटी भी हथियार छोड़कर सरकार के पुनर्वास और पुनर्मूल्यांकन योजना को स्वीकार करना चाहती है। हम तीनों राज्य सरकारों से अनुरोध करते हैं कि वे हमें वक्त दें। हालांकि, पुलिस-प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गई है कि अनंत नक्सलियों का प्रवक्ता है। अनंत ने आगे कहा- हमारी पार्टी जनवादी केंद्रीयता के उसूलों पर चलती है, इसलिए सामूहिक रूप से इस निर्णय को लेने में हमें कुछ वक्त लगेगा। साथियों से संपर्क करने और उक्त संदेश हमारी पद्धति के अनुरूप उन तक पहुंचाने में हमें वक्त चाहिए। पढ़िए, इस ऑडियो के प्रमुख अंश
पत्रकार- अनंत दादा, आप हमसे संपर्क करना चाहते थे। अगर आप बता पाएं कि आपकी पहचान क्या है, उसके बाद हम बातचीत आगे बढ़ाते हैं। अनंत- जी, फिलहाल तो मेरा नाम अनंत ही है। मैं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल कमेटी का सदस्य हूं, मतलब एमएमसी एजेंसी का सदस्य हूं। एमएमसी एजेंसी के प्रवक्ता के तौर पर जनता के सामने अपनी बात रखना चाहता हूं। सरकार के सामने अपनी बात रखना चाहता हूं। पत्रकार- जी, अगर आप बता देंगे कि आप क्या कुछ बात रखना चाहते हैं, उसके बाद मैं अपने कुछ सवाल पूछ लूंगा। अनंत- ठीक है, मैं स्टेटमेंट ही पढ़ देता हूं। इसके बाद अनंत ने नीचे दिए लेटर को पढ़कर सुनाया… एक गुट संघर्ष जारी रखना चाहता है
पत्रकार- आपका ये संदेश हम कोशिश करेंगे सरकार तक, जनता तक पहुंचाने की। मेरा एक सवाल था कि कल ही आप लोगों की केंद्रीय कमेटी की ओर से एक लेटर आया। जिसमें कहा गया कि पीएलजीए सप्ताह (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी वीक) मनाना है। तो एक गुट चाहता है कि लड़ाई जारी रहे। क्या आप लोग अब उनसे अलग हो गए हैं या आपके विचार ये हैं कि हमें अब हथियार नीचे रख देने चाहिए? अनंत- जी, हम इस राय पर हैं कि देश और दुनिया में जो परिस्थितियां बदली हैं, उनमें हथियारबंद संघर्ष सफल नहीं हो सकता। थोड़ी भिन्न राय है लेकिन पार्टी एक ही है। वो थोड़ा देर से समझेंगे इस बात को, लेकिन अगर जल्दी समझ जाएं तो और अच्छा है। पत्रकार- मैं आपकी बात जनता तक, दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा। हम चाहते हैं कि शांति की राह निकल आए। आप लोगों की सुरक्षित वापसी हो जाए। इसके प्रति जो भी हमारी जिम्मेदारी होगी, जवाबदेही होगी, जो कुछ हम कर सकते हैं, हम करने की कोशिश करेंगे। अनंत- ठीक है। एएसपी बोले- ऑडियो की जांच कर रहे
बालाघाट के एएसपी (नक्सल) आदर्श कांत शुक्ला ने कहा- ऑडियो की जांच की जा रही है। जिले में अनंत नाम के किसी व्यक्ति की कोई नक्सली प्रोफाइल नहीं है। बता दें कि हाल ही में सुरक्षाबलों ने माड़वी हिड़मा समेत कई हार्डकोर नक्सली मार गिराए हैं जबकि कई अन्य ने आत्मसमर्पण किया है। स्पेशल डीजी बोले- ऑपरेशन जारी रहेगा
बालाघाट ऑडियो मामले पर स्पेशल DG (एंटी नक्सल मूवमेंट) पवन श्रीवास्तव का कहना है कि नक्सल समस्या के पूरी तरह खत्म होने तक हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा। जिसको सरेंडर करना है वो आए और वो सरेंडर करे। ये खबर भी पढ़ें… ‘हिड़मा का एनकाउंटर नहीं… हत्या’, दिग्विजय के वीडियो पर बवाल छत्तीसगढ़ के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। दिग्विजय ने आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोढ़ी का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा गया कि ‘यह एनकाउंटर नहीं, हत्या थी।’ इस पर सांसद आलोक शर्मा ने कहा- राष्ट्र के लिए जो सैनिक शहीद होते हैं, उनके लिए दिग्विजय कुछ नहीं कहते। उनका बयान हमेशा आतंकवादियों के पक्ष में ही क्यों होता है? पढ़ें पूरी खबर…