दिल्ली ब्लास्ट में विस्फोटक के साथ खुद को उड़ाने वाले फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी ने नूंह में किराए पर कमरा लिया था। यह कमरा दिल्ली-अलवर रोड पर हिदायत कॉलोनी में है। ब्लास्ट से पहले उमर 10 दिन यहीं रहा। मकान एक महिला का है, फिलहाल इस पर ताला लटका हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 10 नवंबर को उमर यहीं से i-20 कार में विस्फोटक लेकर निकला था। यह घर अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिशियन शोएब की साली का है। शोएब पहले ही पुलिस हिरासत में है। शोएब ने ही 10 दिन के लिए उमर को यह कमरा दिलाया था। शोएब की साली मूल रूप से नूंह के गोलपुरी गांव की रहने वाली है। उसकी ससुराल खिल्लुका गांव में है। वहीं वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल (आतंकियों का ग्रुप) सामने आने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली में 2 FIR दर्ज की गई हैं। पहला केस नियम तोड़ने से जुड़ा है, जबकि दूसरा केस यूनिवर्सिटी द्वारा गलत तरीके से मान्यता लेने का है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इसके डॉक्टरों से जुड़े अपडेट्स उमर का नया CCTV फुटेज सामने आया
डॉ. उमर का 29 अक्टूबर एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में उमर यूनिवर्सिटी से कुछ दूरी पर स्थित एक मोबाइल शॉप में बैठा दिख रहा है। उसने एक मोबाइल चार्जिंग के लिए दुकानदार को दिया, जबकि दूसरा मोबाइल उसके हाथ में है। पुलिस ने इस शॉप के मालिक को हिरासत में लिया गया है। डॉ. शाहीन ने फर्जी पते पर लिया था सिम कार्ड
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की डॉ. शाहीन सईद ने फर्जी पते पर एक SIM कार्ड लिया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, यह SIM कार्ड 2023 में यूनिवर्सिटी के पास स्थित मस्जिद के पते पर लिया गया था। पुलिस अब इस SIM कार्ड के इनकमिंग और आउटगोइंग नंबरों की जांच कर रही है। मस्जिदों में पुलिस की चेकिंग
शनिवार को फरीदाबाद पुलिस ने मस्जिदों में चेकिंग की। यहां के इमामों की वेरिफिकेशन की गई। साथ ही कॉलोनियों में भी जम्मू-कश्मीर से संबंध रखने वाले लोगों के घरों की तलाशी ली गई। उनके बेड, अलमारी व अन्य जगहों पर रखे सामान को अच्छे तरीके से खंगाला गया। यूनिवर्सिटी के 15 डॉक्टर अंडरग्राउंड
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से डॉ. मुजम्मिल, लेडी डॉक्टर शाहीन सईद, यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक और एचआर विभाग में कार्यरत जमील को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को पश्चिम बंगाल से भी एक MBBS डॉक्टर हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद, लगभग 15 डॉक्टर अंडरग्राउंड हो गए हैं। इनके फोन भी बंद हैं। ये सभी डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में थे। यूनिवर्सिटी स्टाफ का कहना है कि जांच के डर से स्टाफ और छात्र यूनिवर्सिटी नहीं आ रहे। उमर ने नूंह में ATM से पैसे निकालने की कोशिश की
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट से पहले डॉ. उमर नबी ने नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका स्थित HDFC बैंक के ATM से पैसे निकाले की कोशिश की थी। ATM बंद होने के कारण उसने ATM पर तैनात गार्ड को रिश्वत देने की कोशिश की ताकि वह मशीन खुलवा सके, लेकिन वह पैसे निकालने में असफल रहा। इसके बाद डॉ. उमर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर चला गया। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
दिल्ली ब्लास्ट में विस्फोटक के साथ खुद को उड़ाने वाले फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी ने नूंह में किराए पर कमरा लिया था। यह कमरा दिल्ली-अलवर रोड पर हिदायत कॉलोनी में है। ब्लास्ट से पहले उमर 10 दिन यहीं रहा। मकान एक महिला का है, फिलहाल इस पर ताला लटका हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 10 नवंबर को उमर यहीं से i-20 कार में विस्फोटक लेकर निकला था। यह घर अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिशियन शोएब की साली का है। शोएब पहले ही पुलिस हिरासत में है। शोएब ने ही 10 दिन के लिए उमर को यह कमरा दिलाया था। शोएब की साली मूल रूप से नूंह के गोलपुरी गांव की रहने वाली है। उसकी ससुराल खिल्लुका गांव में है। वहीं वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल (आतंकियों का ग्रुप) सामने आने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली में 2 FIR दर्ज की गई हैं। पहला केस नियम तोड़ने से जुड़ा है, जबकि दूसरा केस यूनिवर्सिटी द्वारा गलत तरीके से मान्यता लेने का है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इसके डॉक्टरों से जुड़े अपडेट्स उमर का नया CCTV फुटेज सामने आया
डॉ. उमर का 29 अक्टूबर एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में उमर यूनिवर्सिटी से कुछ दूरी पर स्थित एक मोबाइल शॉप में बैठा दिख रहा है। उसने एक मोबाइल चार्जिंग के लिए दुकानदार को दिया, जबकि दूसरा मोबाइल उसके हाथ में है। पुलिस ने इस शॉप के मालिक को हिरासत में लिया गया है। डॉ. शाहीन ने फर्जी पते पर लिया था सिम कार्ड
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की डॉ. शाहीन सईद ने फर्जी पते पर एक SIM कार्ड लिया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, यह SIM कार्ड 2023 में यूनिवर्सिटी के पास स्थित मस्जिद के पते पर लिया गया था। पुलिस अब इस SIM कार्ड के इनकमिंग और आउटगोइंग नंबरों की जांच कर रही है। मस्जिदों में पुलिस की चेकिंग
शनिवार को फरीदाबाद पुलिस ने मस्जिदों में चेकिंग की। यहां के इमामों की वेरिफिकेशन की गई। साथ ही कॉलोनियों में भी जम्मू-कश्मीर से संबंध रखने वाले लोगों के घरों की तलाशी ली गई। उनके बेड, अलमारी व अन्य जगहों पर रखे सामान को अच्छे तरीके से खंगाला गया। यूनिवर्सिटी के 15 डॉक्टर अंडरग्राउंड
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से डॉ. मुजम्मिल, लेडी डॉक्टर शाहीन सईद, यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक और एचआर विभाग में कार्यरत जमील को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को पश्चिम बंगाल से भी एक MBBS डॉक्टर हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद, लगभग 15 डॉक्टर अंडरग्राउंड हो गए हैं। इनके फोन भी बंद हैं। ये सभी डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में थे। यूनिवर्सिटी स्टाफ का कहना है कि जांच के डर से स्टाफ और छात्र यूनिवर्सिटी नहीं आ रहे। उमर ने नूंह में ATM से पैसे निकालने की कोशिश की
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट से पहले डॉ. उमर नबी ने नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका स्थित HDFC बैंक के ATM से पैसे निकाले की कोशिश की थी। ATM बंद होने के कारण उसने ATM पर तैनात गार्ड को रिश्वत देने की कोशिश की ताकि वह मशीन खुलवा सके, लेकिन वह पैसे निकालने में असफल रहा। इसके बाद डॉ. उमर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर चला गया। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…