दिल्ली में लाल किले के पास कार विस्फोट के एक दिन बाद मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल का दृश्य दिल दहला देने वाला था। विस्फोट में मारे गए 8 लोगों के शव परिजन को सौंपे गए। इनमें टैक्सी ड्राइवर, बस कंडक्टर और दुकानदार शामिल हैं। शव इतने बुरी हालत में थे कि आसानी से उनकी पहचान भी नहीं हो सकी। ऐसा ही एक शव 34-वर्षीय व्यवसायी अमर कटारिया का था। उन्होंने अपने हाथ में ‘मॉम माय फर्स्ट लव’ और ‘डैड माय स्ट्रेंथ’ लिखा था, इसी टैटू की वजह से उनका शव पहचाना गया। वहीं, 35 वर्षीय मोहम्मद जुनमान ई-रिक्शा चलाते थे। उनका फोन रातभर बंद था, परिवार उन्हें खोजता रहा। चाचा इदरीस ने जुनमान की नीली शर्ट और जैकेट देखकर कहा- ये मेरा मोहम्मद है। उन्होंने बताया कि जुनमान की पत्नी दिव्यांग हैं और 3 बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। नौमान: कॉस्मेटिक्स दुकान के लिए सामान खरीदने आया था 22 वर्षीय नौमान अंसारी यूपी के शामली से अपनी कॉस्मेटिक्स दुकान के लिए सामान खरीदने दिल्ली आया था। विस्फोट ने उनकी भी जान ले ली। उनका चचेरा भाई अमन भी घायल है। नौमान परिवार में एकमात्र कमाने वाले थे। उनके बड़े भाई की किडनी फेलियर के कारण वे घर पर ही थे। मोहसिन: मेरठ से दिल्ली आए, घर चलाने के लिए ई-रिक्शा चलाते थे उत्तर-प्रदेश के मेरठ के रहने वाले 35 साल के मोहसिन बेहतर जीवन की तलाश में दिल्ली आए थे। उनकी मौत के बाद परिवार में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ- पत्नी सुल्ताना चाहती थीं कि उन्हें दिल्ली में दफनाया जाए, जबकि परिवार मेरठ ले जाना चाहता था। अंततः पुलिस की मदद से मेरठ में अंतिम संस्कार हुआ। अमर: बेटे के जिस टैटू पर पिता को गर्व था, उसी से शिनाख्त हुई 34-वर्षीय व्यवसायी अमर कटारिया सोमवार शाम मेट्रो पकड़ने जा रहे थे, तभी विस्फोट का शिकार हो गए। अमर के हाथ पर टैटू था जिसमें ‘मॉम माय फर्स्ट लव’ और ‘डैड माय स्ट्रेंथ’ और ‘कृति’ लिखा था। इस पर पिता को गर्व था। पिता जगदीश कटारिया ने बताया कि अस्पताल से फोन आया ‘मॉम माय फर्स्ट लव’ टैटू वाला आपका क्या लगता है? जाकर देखा तो वह मेरा बेटा था। पंकजः मीशो ने नौकरी से निकाला तो कैब चलाने लगा था 22 वर्षीय पंकज ने 12वीं तक पढ़ाई के बाद मीशो में काम शुरू किया था, जहां बाद में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस था, इसलिए कैब चलाना शुरू कर दिया। वह सोमवार शाम पड़ोसी को छोड़ने लाल किला गया था। पंकज के साले निकेश कुमार ने बताया कि मुझे ब्लास्ट की खबर मिली तो मैंने कई बार पंकज को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मैं उन्हें ढूंढने निकला तो हादसे का पता चला। वहां पंकज की कार आधी जली हुई हालत में मिली, उसका पिछला हिस्सा उड़ गया था। अंत में मॉर्चुरी में पंकज का शव मिला। मैप से समझें धमाका कहां हुआ
ग्राफिक से समझिए ब्लास्ट कैसे हुआ
उमर की कार का रूट ऐसा रहा गृह मंत्रालय ने ब्लास्ट की जांच NIA को सौंपी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ब्लास्ट की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंपी है। साथ ही ब्लास्ट को लेकर गृह मंत्रालय की मंगलवार शाम बैठक हुई। इसमें सभी जांच एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हुए। इससे पहले मंगलवार सुबह 11 बजे गृह मंत्री अमित शाह के घर पर एक बैठक हुई थी, जिसमें IB, NIA समेत जम्मू कश्मीर पुलिस के DGP भी शामिल हुए थे। ——————————- दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी चर्चा में:इंजीनियरिंग से लेकर डॉक्टर की पढ़ाई; 7 डॉक्टर्स समेत 13 हिरासत में दिल्ली में ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल लेवल पर सुर्खियों में आ गई है। मुजम्मिल कई साल से यहां जनरल फिजिशियन के तौर पर नौकरी कर रहा था और कैंपस के अंदर ही डॉक्टर क्वार्टर्स में रहता था। 7 डाक्टरों समेत 13 लोगों को यहां से हिरासत में लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में लाल किले के पास कार विस्फोट के एक दिन बाद मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल का दृश्य दिल दहला देने वाला था। विस्फोट में मारे गए 8 लोगों के शव परिजन को सौंपे गए। इनमें टैक्सी ड्राइवर, बस कंडक्टर और दुकानदार शामिल हैं। शव इतने बुरी हालत में थे कि आसानी से उनकी पहचान भी नहीं हो सकी। ऐसा ही एक शव 34-वर्षीय व्यवसायी अमर कटारिया का था। उन्होंने अपने हाथ में ‘मॉम माय फर्स्ट लव’ और ‘डैड माय स्ट्रेंथ’ लिखा था, इसी टैटू की वजह से उनका शव पहचाना गया। वहीं, 35 वर्षीय मोहम्मद जुनमान ई-रिक्शा चलाते थे। उनका फोन रातभर बंद था, परिवार उन्हें खोजता रहा। चाचा इदरीस ने जुनमान की नीली शर्ट और जैकेट देखकर कहा- ये मेरा मोहम्मद है। उन्होंने बताया कि जुनमान की पत्नी दिव्यांग हैं और 3 बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। नौमान: कॉस्मेटिक्स दुकान के लिए सामान खरीदने आया था 22 वर्षीय नौमान अंसारी यूपी के शामली से अपनी कॉस्मेटिक्स दुकान के लिए सामान खरीदने दिल्ली आया था। विस्फोट ने उनकी भी जान ले ली। उनका चचेरा भाई अमन भी घायल है। नौमान परिवार में एकमात्र कमाने वाले थे। उनके बड़े भाई की किडनी फेलियर के कारण वे घर पर ही थे। मोहसिन: मेरठ से दिल्ली आए, घर चलाने के लिए ई-रिक्शा चलाते थे उत्तर-प्रदेश के मेरठ के रहने वाले 35 साल के मोहसिन बेहतर जीवन की तलाश में दिल्ली आए थे। उनकी मौत के बाद परिवार में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ- पत्नी सुल्ताना चाहती थीं कि उन्हें दिल्ली में दफनाया जाए, जबकि परिवार मेरठ ले जाना चाहता था। अंततः पुलिस की मदद से मेरठ में अंतिम संस्कार हुआ। अमर: बेटे के जिस टैटू पर पिता को गर्व था, उसी से शिनाख्त हुई 34-वर्षीय व्यवसायी अमर कटारिया सोमवार शाम मेट्रो पकड़ने जा रहे थे, तभी विस्फोट का शिकार हो गए। अमर के हाथ पर टैटू था जिसमें ‘मॉम माय फर्स्ट लव’ और ‘डैड माय स्ट्रेंथ’ और ‘कृति’ लिखा था। इस पर पिता को गर्व था। पिता जगदीश कटारिया ने बताया कि अस्पताल से फोन आया ‘मॉम माय फर्स्ट लव’ टैटू वाला आपका क्या लगता है? जाकर देखा तो वह मेरा बेटा था। पंकजः मीशो ने नौकरी से निकाला तो कैब चलाने लगा था 22 वर्षीय पंकज ने 12वीं तक पढ़ाई के बाद मीशो में काम शुरू किया था, जहां बाद में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस था, इसलिए कैब चलाना शुरू कर दिया। वह सोमवार शाम पड़ोसी को छोड़ने लाल किला गया था। पंकज के साले निकेश कुमार ने बताया कि मुझे ब्लास्ट की खबर मिली तो मैंने कई बार पंकज को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मैं उन्हें ढूंढने निकला तो हादसे का पता चला। वहां पंकज की कार आधी जली हुई हालत में मिली, उसका पिछला हिस्सा उड़ गया था। अंत में मॉर्चुरी में पंकज का शव मिला। मैप से समझें धमाका कहां हुआ
ग्राफिक से समझिए ब्लास्ट कैसे हुआ
उमर की कार का रूट ऐसा रहा गृह मंत्रालय ने ब्लास्ट की जांच NIA को सौंपी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ब्लास्ट की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंपी है। साथ ही ब्लास्ट को लेकर गृह मंत्रालय की मंगलवार शाम बैठक हुई। इसमें सभी जांच एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हुए। इससे पहले मंगलवार सुबह 11 बजे गृह मंत्री अमित शाह के घर पर एक बैठक हुई थी, जिसमें IB, NIA समेत जम्मू कश्मीर पुलिस के DGP भी शामिल हुए थे। ——————————- दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी चर्चा में:इंजीनियरिंग से लेकर डॉक्टर की पढ़ाई; 7 डॉक्टर्स समेत 13 हिरासत में दिल्ली में ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल लेवल पर सुर्खियों में आ गई है। मुजम्मिल कई साल से यहां जनरल फिजिशियन के तौर पर नौकरी कर रहा था और कैंपस के अंदर ही डॉक्टर क्वार्टर्स में रहता था। 7 डाक्टरों समेत 13 लोगों को यहां से हिरासत में लिया है। पूरी खबर पढ़ें…