चलती ट्रेन से कचरा फेंकने पर संविदा कर्मचारी को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। दरअसल, अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12987) से कचरा बाहर ट्रैक पर फेंकने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ (OBHS) संजय सिंह चलती ट्रेन से कचरा फेंकते हुए नजर आ रहा है। मामला 4 नवंबर का है। उसने आगरा के पास ट्रैक पर कचरा फेंका था। इसका एक यात्री ने वीडियो बना लिया और बाद में रेलवे को भेज दिया। 7 नवंबर को मामला प्रशासन की जानकारी में आया। प्रशासन ने जांच के बाद 9 नवंबर को सुबह संविदा कर्मचारी संजय सिंह को बर्खास्त कर दिया। ठेका फर्म को भी दंडित किया है। उस पर पेनल्टी लगाई है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कितना जुर्माना होगा। DCM बोले- ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अजमेर मंडल के सीनियर डीसीएम मिहिर देव ने बताया- वीडियो सामने आने के बाद ठेकेदार के उस कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए OBHS कर्मचारियों को केवल सिलेक्टेड स्टेशनों पर ही कचरा फेंकने के लिए निर्देश दिया है। तत्काल प्रभाव से परामर्श अभियान शुरू किया गया है। कचरे के निपटारे के लिए रेलवे के नियम
यात्री को कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालना होता है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर गीला और सूखा कचरे के संग्रह के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखे होते हैं। अधिकृत विक्रेताओं और फेरीवालों को कूड़ा इकट्ठा करने के लिए अपने पास कूड़े की टोकरियां या कंटेनर रखने का नियम है। लंबी दूरी की महत्वपूर्ण मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा के दौरान उत्पन्न कचरे को इकट्ठा करने और कूड़ेदानों को खाली करने के लिए ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज योजना के तहत कर्मचारी तैनात होते हैं। ट्रेनों और स्टेशनों से एकत्र किए गए कचरे को अंतिम निपटान के लिए नगर निगम/नगर पालिका जैसे स्थानीय निकायों द्वारा नामित स्थानों पर भेजा जाता है। इन नियमों का उद्देश्य रेलवे परिसर में स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करना है। हेल्पलाइन नंबर और रेल मदद ऐप 139 पर कॉल करें RailMadad ऐप/वेबसाइट RailMadad पर जाएं और अपनी शिकायत का विवरण भरें। अन्य विकल्प ऐप का उपयोग कैसे करें प्ले स्टोर से ‘Rail Madad’ ऐप डाउनलोड करें। ऐप को खोलें और अपना नाम, मोबाइल नंबर/ईमेल आईडी और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करके पंजीकरण करें। रजिस्ट्रेशन के बाद लॉग इन करें। शिकायत दर्ज करने या सुझाव देने के लिए संबंधित टैब पर क्लिक करें। शिकायत का विवरण, जैसे घटना का स्थान, तारीख, समय और पूरा विवरण दर्ज करें, और यदि आवश्यक हो तो दस्तावेज या फोटो अपलोड करें। शिकायत सब्मिट करने के बाद, आप “Track Complaint” विकल्प पर जाकर उसकी स्थिति देख सकते हैं। रेल मदद ऐप की मुख्य विशेषताएं आप ट्रेन या स्टेशन से संबंधित किसी भी समस्या जैसे सीट गंदी होना, शौचालय की सफाई न होना, या कर्मचारियों के व्यवहार से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। आप अपनी शिकायत की लाइव स्थिति देख सकते हैं और जान सकते हैं कि उस पर क्या कार्रवाई हुई है। यह ऐप मेडिकल और सुरक्षा सहायता, दिव्यांग और महिला यात्रियों के लिए विशेष सेवाएं, और अन्य पूछताछ या सुझाव देने की सुविधा भी प्रदान करता है। शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाता है और समाधान के बाद आपसे फीडबैक भी लिया जाता है। यह ऐप मोबाइल ऐप और वेबसाइट दोनों पर उपलब्ध है।
चलती ट्रेन से कचरा फेंकने पर संविदा कर्मचारी को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। दरअसल, अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12987) से कचरा बाहर ट्रैक पर फेंकने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ (OBHS) संजय सिंह चलती ट्रेन से कचरा फेंकते हुए नजर आ रहा है। मामला 4 नवंबर का है। उसने आगरा के पास ट्रैक पर कचरा फेंका था। इसका एक यात्री ने वीडियो बना लिया और बाद में रेलवे को भेज दिया। 7 नवंबर को मामला प्रशासन की जानकारी में आया। प्रशासन ने जांच के बाद 9 नवंबर को सुबह संविदा कर्मचारी संजय सिंह को बर्खास्त कर दिया। ठेका फर्म को भी दंडित किया है। उस पर पेनल्टी लगाई है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कितना जुर्माना होगा। DCM बोले- ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अजमेर मंडल के सीनियर डीसीएम मिहिर देव ने बताया- वीडियो सामने आने के बाद ठेकेदार के उस कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए OBHS कर्मचारियों को केवल सिलेक्टेड स्टेशनों पर ही कचरा फेंकने के लिए निर्देश दिया है। तत्काल प्रभाव से परामर्श अभियान शुरू किया गया है। कचरे के निपटारे के लिए रेलवे के नियम
यात्री को कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालना होता है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर गीला और सूखा कचरे के संग्रह के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखे होते हैं। अधिकृत विक्रेताओं और फेरीवालों को कूड़ा इकट्ठा करने के लिए अपने पास कूड़े की टोकरियां या कंटेनर रखने का नियम है। लंबी दूरी की महत्वपूर्ण मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा के दौरान उत्पन्न कचरे को इकट्ठा करने और कूड़ेदानों को खाली करने के लिए ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज योजना के तहत कर्मचारी तैनात होते हैं। ट्रेनों और स्टेशनों से एकत्र किए गए कचरे को अंतिम निपटान के लिए नगर निगम/नगर पालिका जैसे स्थानीय निकायों द्वारा नामित स्थानों पर भेजा जाता है। इन नियमों का उद्देश्य रेलवे परिसर में स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करना है। हेल्पलाइन नंबर और रेल मदद ऐप 139 पर कॉल करें RailMadad ऐप/वेबसाइट RailMadad पर जाएं और अपनी शिकायत का विवरण भरें। अन्य विकल्प ऐप का उपयोग कैसे करें प्ले स्टोर से ‘Rail Madad’ ऐप डाउनलोड करें। ऐप को खोलें और अपना नाम, मोबाइल नंबर/ईमेल आईडी और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करके पंजीकरण करें। रजिस्ट्रेशन के बाद लॉग इन करें। शिकायत दर्ज करने या सुझाव देने के लिए संबंधित टैब पर क्लिक करें। शिकायत का विवरण, जैसे घटना का स्थान, तारीख, समय और पूरा विवरण दर्ज करें, और यदि आवश्यक हो तो दस्तावेज या फोटो अपलोड करें। शिकायत सब्मिट करने के बाद, आप “Track Complaint” विकल्प पर जाकर उसकी स्थिति देख सकते हैं। रेल मदद ऐप की मुख्य विशेषताएं आप ट्रेन या स्टेशन से संबंधित किसी भी समस्या जैसे सीट गंदी होना, शौचालय की सफाई न होना, या कर्मचारियों के व्यवहार से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। आप अपनी शिकायत की लाइव स्थिति देख सकते हैं और जान सकते हैं कि उस पर क्या कार्रवाई हुई है। यह ऐप मेडिकल और सुरक्षा सहायता, दिव्यांग और महिला यात्रियों के लिए विशेष सेवाएं, और अन्य पूछताछ या सुझाव देने की सुविधा भी प्रदान करता है। शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाता है और समाधान के बाद आपसे फीडबैक भी लिया जाता है। यह ऐप मोबाइल ऐप और वेबसाइट दोनों पर उपलब्ध है।