दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक सिस्टम में आई खराबी की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। यह फैसला केंद्र सरकार ने शुक्रवार शाम को ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) कार्यालय में बैठक में लिया। इसमें एयरपोर्ट, सुरक्षा एजेंसियों समेत अन्य सभी स्टेकहोल्डरों को बुलाया गया था। जांच में ये भी देखा जाएगा कि कहीं इसमें बाहरी ताकत या साइबर हमले का हाथ तो नहीं था। 7 नवंबर को IGI पर ATC के ऑटोमैटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में तकनीकी खराबी से फ्लाइटस ऑपरेशन 12 घंटे से ज्यादा प्रभावित रहा था। 800 से ज्यादा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स देरी से उड़ीं थीं, जबकि 20 को रद्द करना पड़ा था। एयरपोर्ट का ऑपरेशन 48 घंटे के बाद नॉर्मल हुआ। सिस्टम में खराबी की 2 थ्योरी अब जानिए 7 नवंबर को क्या हुआ था? दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के ऑटोमेटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में शुक्रवार को तकनीकी खराबी आने से फ्लाइटस ऑपरेशन 12 घंटे से ज्यादा प्रभावित रहा था। 800 से ज्यादा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स देरी से उड़ीं और 20 को रद्द करना पड़ा। सिस्टम में खराबी सुबह 9 बजे आई थी। रात करीब साढ़े 9 बजे ठीक हुई थी। हालांकि गुरुवार शाम को भी शिकायत मिली थीं। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने शुक्रवार शाम 8:45 बजे बताया था कि AMSS सिस्टम एक्टिव है और अब ठीक से काम कर रहा है। सिस्टम ग्लिच के कारण दिनभर पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर परेशान होते रहे थे। बोर्डिंग गेट के पास लंबी कतारें लगी थीं। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के अनुसार सभी फ्लाइट में एवरेज 50 मिनट की देरी हुई थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट लेट होने का असर मुंबई, भोपाल, चंड़ीगढ़, अमृतसर समेत देशभर के कई एयरपोर्ट्स पर भी दिखा था। दिल्ली से वहां आने-जाने वाली फ्लाइट भी लेट हुईं थीं। इंडिगो, एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयरलाइंस ने दिनभर उड़ानों की जानकारी दी थी। गड़बड़ी के दौरान मैन्युअल काम करना पड़ा
एटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि AMSS लागू होने से पहले एयरलाइंस से फ्लाइट प्लान मैन्युअली मिलता था। यह सिस्टम आने के बाद मैसेजिंग से फ्लाइट प्लान मिलने लगा और उसी आधार पर एटीसी से टेक ऑफ और लैंडिंग के निर्णय किए जाने लगे। सिस्टम क्रैश होने के बाद शुक्रवार को एयरपोर्ट पर मैन्युअल काम करना पड़ा। एयरपोर्ट अफसरों ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि AMSS लगातार सुधर रहा है लेकिन यात्री अपनी एयरलाइंस से संपर्क में रहें ताकि उड़ान की रियल टाइम सूचना मिले। दिल्ली एयरपोर्ट की 3 तस्वीरें… ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम क्या है जानिए AMSS (ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम) एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस से जुड़ा कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है। AMSS के जरिए हजारों टेक्स्ट-बेस्ड मैसेज हर दिन पायलट, ग्राउंड स्टाफ और दूसरे एयरपोर्ट्स तक रीयल-टाइम भेजे जाते हैं। इन मैसेज में क्या होता है- यह कैसे काम करता है? एयरलाइन या पायलट फ्लाइट-प्लान डालते हैं। AMSS उस डेटा को चेक करके सही जगह (ATC, दूसरे एयरपोर्ट, संबंधित एयरलाइन) तक पहुंचाता है। अगर रूट या मौसम बदलता है, तो सिस्टम तुरंत सभी को अपडेट भेजता है। यह पूरे एयर ट्रैफिक रूट को सिंक रखता है। अगर AMSS काम न करे तो क्या होता है? अगर सिस्टम फेल हो जाए, जैसे दिल्ली में हुआ — हवाई जहाजों की ट्रैफिक पुलिस है ATC, AI इमेज से समझिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) एयरपोर्ट्स पर मौजूद सेंट्रल कंट्रोलिंग सिस्टम होता है। यह हवाई जहाजों को जमीन पर, हवा में और आसमान के अलग-अलग हिस्सों में निर्देश जारी करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो यह ट्रैफिक पुलिस की तरह ही है, लेकिन सिर्फ हवाई जहाजों के लिए। दुनिया के सबसे बड़ा एयरपोर्ट सिस्टम फेलियर ………………………………
फ्लाइट में देरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली के बाद काठमांडू एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी: शाम 5.30 बजे से उड़ानें रुकीं; 100 अंतराराष्ट्रीय 250 घरेलू फ्लाइट्स पर असर नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को तकनीकी खराबी आने के कारण सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोक दी गईं। एयरपोर्ट के प्रवक्ता रिजी शेरपा ने बताया कि रनवे की लाइटिंग सिस्टम में दिक्कत आ गई है। खराबी शाम करीब 5:30 बजे (स्थानीय समय) पर सामने आई। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक सिस्टम में आई खराबी की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। यह फैसला केंद्र सरकार ने शुक्रवार शाम को ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) कार्यालय में बैठक में लिया। इसमें एयरपोर्ट, सुरक्षा एजेंसियों समेत अन्य सभी स्टेकहोल्डरों को बुलाया गया था। जांच में ये भी देखा जाएगा कि कहीं इसमें बाहरी ताकत या साइबर हमले का हाथ तो नहीं था। 7 नवंबर को IGI पर ATC के ऑटोमैटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में तकनीकी खराबी से फ्लाइटस ऑपरेशन 12 घंटे से ज्यादा प्रभावित रहा था। 800 से ज्यादा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स देरी से उड़ीं थीं, जबकि 20 को रद्द करना पड़ा था। एयरपोर्ट का ऑपरेशन 48 घंटे के बाद नॉर्मल हुआ। सिस्टम में खराबी की 2 थ्योरी अब जानिए 7 नवंबर को क्या हुआ था? दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के ऑटोमेटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में शुक्रवार को तकनीकी खराबी आने से फ्लाइटस ऑपरेशन 12 घंटे से ज्यादा प्रभावित रहा था। 800 से ज्यादा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स देरी से उड़ीं और 20 को रद्द करना पड़ा। सिस्टम में खराबी सुबह 9 बजे आई थी। रात करीब साढ़े 9 बजे ठीक हुई थी। हालांकि गुरुवार शाम को भी शिकायत मिली थीं। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने शुक्रवार शाम 8:45 बजे बताया था कि AMSS सिस्टम एक्टिव है और अब ठीक से काम कर रहा है। सिस्टम ग्लिच के कारण दिनभर पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर परेशान होते रहे थे। बोर्डिंग गेट के पास लंबी कतारें लगी थीं। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के अनुसार सभी फ्लाइट में एवरेज 50 मिनट की देरी हुई थी। दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट लेट होने का असर मुंबई, भोपाल, चंड़ीगढ़, अमृतसर समेत देशभर के कई एयरपोर्ट्स पर भी दिखा था। दिल्ली से वहां आने-जाने वाली फ्लाइट भी लेट हुईं थीं। इंडिगो, एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयरलाइंस ने दिनभर उड़ानों की जानकारी दी थी। गड़बड़ी के दौरान मैन्युअल काम करना पड़ा
एटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि AMSS लागू होने से पहले एयरलाइंस से फ्लाइट प्लान मैन्युअली मिलता था। यह सिस्टम आने के बाद मैसेजिंग से फ्लाइट प्लान मिलने लगा और उसी आधार पर एटीसी से टेक ऑफ और लैंडिंग के निर्णय किए जाने लगे। सिस्टम क्रैश होने के बाद शुक्रवार को एयरपोर्ट पर मैन्युअल काम करना पड़ा। एयरपोर्ट अफसरों ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि AMSS लगातार सुधर रहा है लेकिन यात्री अपनी एयरलाइंस से संपर्क में रहें ताकि उड़ान की रियल टाइम सूचना मिले। दिल्ली एयरपोर्ट की 3 तस्वीरें… ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम क्या है जानिए AMSS (ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम) एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस से जुड़ा कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है। AMSS के जरिए हजारों टेक्स्ट-बेस्ड मैसेज हर दिन पायलट, ग्राउंड स्टाफ और दूसरे एयरपोर्ट्स तक रीयल-टाइम भेजे जाते हैं। इन मैसेज में क्या होता है- यह कैसे काम करता है? एयरलाइन या पायलट फ्लाइट-प्लान डालते हैं। AMSS उस डेटा को चेक करके सही जगह (ATC, दूसरे एयरपोर्ट, संबंधित एयरलाइन) तक पहुंचाता है। अगर रूट या मौसम बदलता है, तो सिस्टम तुरंत सभी को अपडेट भेजता है। यह पूरे एयर ट्रैफिक रूट को सिंक रखता है। अगर AMSS काम न करे तो क्या होता है? अगर सिस्टम फेल हो जाए, जैसे दिल्ली में हुआ — हवाई जहाजों की ट्रैफिक पुलिस है ATC, AI इमेज से समझिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) एयरपोर्ट्स पर मौजूद सेंट्रल कंट्रोलिंग सिस्टम होता है। यह हवाई जहाजों को जमीन पर, हवा में और आसमान के अलग-अलग हिस्सों में निर्देश जारी करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो यह ट्रैफिक पुलिस की तरह ही है, लेकिन सिर्फ हवाई जहाजों के लिए। दुनिया के सबसे बड़ा एयरपोर्ट सिस्टम फेलियर ………………………………
फ्लाइट में देरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली के बाद काठमांडू एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी: शाम 5.30 बजे से उड़ानें रुकीं; 100 अंतराराष्ट्रीय 250 घरेलू फ्लाइट्स पर असर नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को तकनीकी खराबी आने के कारण सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोक दी गईं। एयरपोर्ट के प्रवक्ता रिजी शेरपा ने बताया कि रनवे की लाइटिंग सिस्टम में दिक्कत आ गई है। खराबी शाम करीब 5:30 बजे (स्थानीय समय) पर सामने आई। पूरी खबर पढ़ें…