उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र का आज अंतिम दिन था। आखिर में स्पीकर ऋतु खंडूरी ने अपने भाषण के साथ सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले 10 सालों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं, आज दिनभर कई बार भाजपा और कांग्रेस के विधायक आपस में भिड़ते दिखे। मूल निवास और डेमोग्राफी के मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मामला इतना बढ़ गया की आदेश सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, धारचूला से कांग्रेस के विधायक हरीश धामी, भुवन सिंह कापड़ी अपनी सीट से खड़े होकर बोलने लग गए। पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने कहा कि प्रदेश में कई लोग ऐसे हैं, जो भूमिहीन है। 2015-16 में भूमिहीनों को जमीन दी गई है लेकिन आज उनसे छीनने का काम हो रहा है। इसके बाद स्पीकर ऋतु खंडूरी ने सभी को टोकते हुए प्रीतम सिंह को बोलने का मौका दिया। इससे पहले चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना से नौजवान तनाव में है। नमामि गंगे में 26 हजार करोड़ खर्च किए गए। फिर भी हरकी पौड़ी में गंगा स्वच्छ क्यों नहीं? सदन की कार्यवाही की कुछ PHOTOS देखें…
उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र का आज अंतिम दिन था। आखिर में स्पीकर ऋतु खंडूरी ने अपने भाषण के साथ सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले 10 सालों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं, आज दिनभर कई बार भाजपा और कांग्रेस के विधायक आपस में भिड़ते दिखे। मूल निवास और डेमोग्राफी के मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मामला इतना बढ़ गया की आदेश सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, धारचूला से कांग्रेस के विधायक हरीश धामी, भुवन सिंह कापड़ी अपनी सीट से खड़े होकर बोलने लग गए। पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने कहा कि प्रदेश में कई लोग ऐसे हैं, जो भूमिहीन है। 2015-16 में भूमिहीनों को जमीन दी गई है लेकिन आज उनसे छीनने का काम हो रहा है। इसके बाद स्पीकर ऋतु खंडूरी ने सभी को टोकते हुए प्रीतम सिंह को बोलने का मौका दिया। इससे पहले चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना से नौजवान तनाव में है। नमामि गंगे में 26 हजार करोड़ खर्च किए गए। फिर भी हरकी पौड़ी में गंगा स्वच्छ क्यों नहीं? सदन की कार्यवाही की कुछ PHOTOS देखें…