पंजाब सरकार की दिवाली बंपर लॉटरी का 11 करोड़ का इनाम जीतने वाला आखिरकार 4 दिन बाद मिल गया। अमित राजस्थान के जयपुर में सब्जी की रेहड़ी लगाते हैं। मंगलवार को वह अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ चंडीगढ़ स्थित पंजाब स्टेट लॉटरीज ऑफिस में लॉटरी क्लेम करने पहुंचे। सरकार उन्हें चेक सौपेंगी। अमित ने बताया कि मैं गलियों में आलू-टमाटर बेचकर अपने परिवार का गुजारा करता हूं। विश्वास नहीं हो रहा कि मेरी लॉटरी निकली है। कभी रेहड़ी लगाते समय पुलिस वालों से गालियां सुननी पड़ती थीं। मैं हनुमान जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे इस काबिल बना दिया। मैंने पहली बार टिकट खरीदा है। यहां आने के लिए मेरे पास किराए के पैसे भी नहीं थे। लोगों से उधार लेकर यहां पहुंचा हूं। अब मेरी किस्मत पूरी तरह बदल गई है। अमित सेहरा ने ये भी कहा कि उसके दोस्त ने उसे लाटरी टिकट खरीदने के पैसे दिए थे। इस इनाम में से उसकी 2 बेटियों को मैं 50-50 लाख रुपए दूंगा और उनका कन्यादान भी करूंगा। अब जानिए 11 करोड़ जीतने वाले अमित ने क्या कहा… सवाल: परिवार में कौन-कौन है?
जवाब: पहले हम 4 भाई थे। 3 भाई और मां का स्वर्गवास हो चुका है। मैं अकेला बचा हूं। 2 भाभी हैं, उनके बच्चे हैं। मेरी पत्नी और 2 बच्चे है। सभी की जिम्मेदारी मैं उठा रहा हूं। सवाल: लॉटरी का टिकट कैसे खरीदा? बठिंडा कैसे आए?
जवाब: मैं पंजाब घूमना चाहता था। यहां हर समय गुरुद्वारे खुले रहते हैं। मेरे भाई मुकेश के ताऊजी मोगा में रहते हैं, इसलिए मैं उनके पास आया था। रास्ते में हम बठिंडा में रुके। मुझे पहले पता नहीं था कि अमृतसर किधर है और बठिंडा किधर, क्योंकि मैं पहले कभी पंजाब नहीं आया था। वहां सब पंजाबी में लिखा था, जो मुझे समझ नहीं आ रहा था। हम चाय पीने के लिए रुके। मुकेश ने मुझे रतन लॉटरी एजेंसी के बारे में बताया। उसने कहा कि उसने 2-3 बार वहां से लॉटरी खरीदी है और उसकी लॉटरी निकली भी है। उसने मुझे भी लॉटरी खरीदने के लिए कहा। मैंने वहां से टिकट खरीदा और आज मेरी किस्मत बदल गई। सवाल: अब इन पैसों का क्या करोगे?
जवाब: जिसने मुझे लॉटरी खरीदने का तरीका बताया और टिकट दिलवाया, वो मेरा दोस्त मुकेश है। मैं उसकी दोनों बेटियों को 50-50 लाख रुपए दूंगा। मेरी मां नहीं हैं, मैंने उन्हें कभी नहीं देखा। मेरी बहन भी नहीं है, और न ही मेरी कोई बेटी है। मैं जानता हूं कि मां, बेटी और बहन का क्या दर्जा होता है। सवाल: लॉटरी निकलने के बाद आप मिले नहीं, इसका क्या किस्सा है?
जवाब: रियल बात यह है कि मेरे पास यहां आने के लिए पैसे नहीं थे। मेरे पास किराया नहीं था। ऐसे जैसे कर किराया मांगकर यहां तक पहुंचा हूं। सवाल: फिर अब आप कैसे यहां तक पहुंचे। क्या दोस्त लेकर आए?
जवाब: मैंने लोगों से उधार लेकर पैसे जुटाए। मेरे दोस्त मुकेश ने भी मेरी कुछ मदद की। मैंने चार-पांच लोगों से उधार मांगे, तब जाकर मैं यहां तक आ पाया। मुझे रास्ता तो पता नहीं था। हम सात-आठ लोग साथ आए। गाड़ी से आने में चौदह-पंद्रह हजार रुपये खर्च हो गए। मैंने कई लोगों से हाथ जोड़कर पैसे मांगे, किसी से 500 लिए तो किसी से 300। बठिंडा में खरीदा था लॉटरी का टिकट
पंजाब स्टेट डियर दिवाली बंपर 2025 लॉटरी में कुल 36 करोड़ 14 लाख 78 हजार रुपए के इनाम बांटे गए। इस लॉटरी में लगभग 18 लाख 84 हजार टिकट बिके थे। लुधियाना, पटियाला और जालंधर में भी लोगों को छोटे-मोटे इनाम मिले थे। अमित ने बठिंडा में ही लॉटरी का टिकट (नंबर A 438586) खरीदा था। इसके बाद अमित जयपुर चला गया। वहां उसका मोबाइल खराब हो गया। जब उसकी लॉटरी निकली तो उसके नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन वह लगातार बंद आ रहा था। 30 दिन में दावा करना होता है
इस साल 200000 से 999999 नंबरों की तीन सीरीज (A, B और C) में कुल 24 लाख लॉटरी टिकट छापे गए थे। अगर आपने कोई इनाम जीता है, तो रिजल्ट आने के 30 दिनों के अंदर आपको पंजाब स्टेट लॉटरीज के दफ्तर (चंडीगढ़ में) में अपना टिकट जमा करना होगा। आप खुद जाकर या पोस्ट के जरिए भी अप्लाई कर सकते हैं। अगर 30 दिनों के अंदर आपने इनाम के लिए अप्लाई नहीं किया, तो आपको इनाम नहीं मिलेगा। इनाम की रकम देते वक्त, सरकार टैक्स काट लेगी। पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी बैन
पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पूरी तरह से बंद है। पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग न तो ऑनलाइन टिकट बेचता है और न ही चलाता है। इसलिए सरकार की मान्यता प्राप्त दुकानों से लॉटरी बेची जाती हैं। अगर आपके पास टिकट की फोटोकॉपी है या ऑनलाइन टिकट है, तो वो मान्य नहीं होती। लॉटरी विभाग कभी भी इनाम जीतने वालों से ऑनलाइन पैसे या टैक्स नहीं मांगता। अगर आपको कोई शक हो या आपके साथ धोखा हो जाए, तो तुरंत पुलिस में शिकायत कर सकते हैं।
—————————- ये खबर भी पढ़ें :- लुधियाना में 11 साल का बच्चा बना करोड़पति:मामा से जिद कर खरीदी थी आखिरी टिकट, 1 करोड़ का इनाम निकला पंजाब के लुधियाना में 11 साल का बच्चा करोड़पति बन गया है। अचानक किस्मत में आई इस दौलत से परिवार बेहद खुश है। घर में बैंडबाजा बज रहा है। हर कोई इस बच्चे को लक्की कह रहा है। कह रहा है कि इसकी वजह से ही घर बैठे-बैठे यह दौलत मिली है। इस बच्चे का नाम है आरव है, जो मूलरुप से होशियारपुर का रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब सरकार की दिवाली बंपर लॉटरी का 11 करोड़ का इनाम जीतने वाला आखिरकार 4 दिन बाद मिल गया। अमित राजस्थान के जयपुर में सब्जी की रेहड़ी लगाते हैं। मंगलवार को वह अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ चंडीगढ़ स्थित पंजाब स्टेट लॉटरीज ऑफिस में लॉटरी क्लेम करने पहुंचे। सरकार उन्हें चेक सौपेंगी। अमित ने बताया कि मैं गलियों में आलू-टमाटर बेचकर अपने परिवार का गुजारा करता हूं। विश्वास नहीं हो रहा कि मेरी लॉटरी निकली है। कभी रेहड़ी लगाते समय पुलिस वालों से गालियां सुननी पड़ती थीं। मैं हनुमान जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे इस काबिल बना दिया। मैंने पहली बार टिकट खरीदा है। यहां आने के लिए मेरे पास किराए के पैसे भी नहीं थे। लोगों से उधार लेकर यहां पहुंचा हूं। अब मेरी किस्मत पूरी तरह बदल गई है। अमित सेहरा ने ये भी कहा कि उसके दोस्त ने उसे लाटरी टिकट खरीदने के पैसे दिए थे। इस इनाम में से उसकी 2 बेटियों को मैं 50-50 लाख रुपए दूंगा और उनका कन्यादान भी करूंगा। अब जानिए 11 करोड़ जीतने वाले अमित ने क्या कहा… सवाल: परिवार में कौन-कौन है?
जवाब: पहले हम 4 भाई थे। 3 भाई और मां का स्वर्गवास हो चुका है। मैं अकेला बचा हूं। 2 भाभी हैं, उनके बच्चे हैं। मेरी पत्नी और 2 बच्चे है। सभी की जिम्मेदारी मैं उठा रहा हूं। सवाल: लॉटरी का टिकट कैसे खरीदा? बठिंडा कैसे आए?
जवाब: मैं पंजाब घूमना चाहता था। यहां हर समय गुरुद्वारे खुले रहते हैं। मेरे भाई मुकेश के ताऊजी मोगा में रहते हैं, इसलिए मैं उनके पास आया था। रास्ते में हम बठिंडा में रुके। मुझे पहले पता नहीं था कि अमृतसर किधर है और बठिंडा किधर, क्योंकि मैं पहले कभी पंजाब नहीं आया था। वहां सब पंजाबी में लिखा था, जो मुझे समझ नहीं आ रहा था। हम चाय पीने के लिए रुके। मुकेश ने मुझे रतन लॉटरी एजेंसी के बारे में बताया। उसने कहा कि उसने 2-3 बार वहां से लॉटरी खरीदी है और उसकी लॉटरी निकली भी है। उसने मुझे भी लॉटरी खरीदने के लिए कहा। मैंने वहां से टिकट खरीदा और आज मेरी किस्मत बदल गई। सवाल: अब इन पैसों का क्या करोगे?
जवाब: जिसने मुझे लॉटरी खरीदने का तरीका बताया और टिकट दिलवाया, वो मेरा दोस्त मुकेश है। मैं उसकी दोनों बेटियों को 50-50 लाख रुपए दूंगा। मेरी मां नहीं हैं, मैंने उन्हें कभी नहीं देखा। मेरी बहन भी नहीं है, और न ही मेरी कोई बेटी है। मैं जानता हूं कि मां, बेटी और बहन का क्या दर्जा होता है। सवाल: लॉटरी निकलने के बाद आप मिले नहीं, इसका क्या किस्सा है?
जवाब: रियल बात यह है कि मेरे पास यहां आने के लिए पैसे नहीं थे। मेरे पास किराया नहीं था। ऐसे जैसे कर किराया मांगकर यहां तक पहुंचा हूं। सवाल: फिर अब आप कैसे यहां तक पहुंचे। क्या दोस्त लेकर आए?
जवाब: मैंने लोगों से उधार लेकर पैसे जुटाए। मेरे दोस्त मुकेश ने भी मेरी कुछ मदद की। मैंने चार-पांच लोगों से उधार मांगे, तब जाकर मैं यहां तक आ पाया। मुझे रास्ता तो पता नहीं था। हम सात-आठ लोग साथ आए। गाड़ी से आने में चौदह-पंद्रह हजार रुपये खर्च हो गए। मैंने कई लोगों से हाथ जोड़कर पैसे मांगे, किसी से 500 लिए तो किसी से 300। बठिंडा में खरीदा था लॉटरी का टिकट
पंजाब स्टेट डियर दिवाली बंपर 2025 लॉटरी में कुल 36 करोड़ 14 लाख 78 हजार रुपए के इनाम बांटे गए। इस लॉटरी में लगभग 18 लाख 84 हजार टिकट बिके थे। लुधियाना, पटियाला और जालंधर में भी लोगों को छोटे-मोटे इनाम मिले थे। अमित ने बठिंडा में ही लॉटरी का टिकट (नंबर A 438586) खरीदा था। इसके बाद अमित जयपुर चला गया। वहां उसका मोबाइल खराब हो गया। जब उसकी लॉटरी निकली तो उसके नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन वह लगातार बंद आ रहा था। 30 दिन में दावा करना होता है
इस साल 200000 से 999999 नंबरों की तीन सीरीज (A, B और C) में कुल 24 लाख लॉटरी टिकट छापे गए थे। अगर आपने कोई इनाम जीता है, तो रिजल्ट आने के 30 दिनों के अंदर आपको पंजाब स्टेट लॉटरीज के दफ्तर (चंडीगढ़ में) में अपना टिकट जमा करना होगा। आप खुद जाकर या पोस्ट के जरिए भी अप्लाई कर सकते हैं। अगर 30 दिनों के अंदर आपने इनाम के लिए अप्लाई नहीं किया, तो आपको इनाम नहीं मिलेगा। इनाम की रकम देते वक्त, सरकार टैक्स काट लेगी। पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी बैन
पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पूरी तरह से बंद है। पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग न तो ऑनलाइन टिकट बेचता है और न ही चलाता है। इसलिए सरकार की मान्यता प्राप्त दुकानों से लॉटरी बेची जाती हैं। अगर आपके पास टिकट की फोटोकॉपी है या ऑनलाइन टिकट है, तो वो मान्य नहीं होती। लॉटरी विभाग कभी भी इनाम जीतने वालों से ऑनलाइन पैसे या टैक्स नहीं मांगता। अगर आपको कोई शक हो या आपके साथ धोखा हो जाए, तो तुरंत पुलिस में शिकायत कर सकते हैं।
—————————- ये खबर भी पढ़ें :- लुधियाना में 11 साल का बच्चा बना करोड़पति:मामा से जिद कर खरीदी थी आखिरी टिकट, 1 करोड़ का इनाम निकला पंजाब के लुधियाना में 11 साल का बच्चा करोड़पति बन गया है। अचानक किस्मत में आई इस दौलत से परिवार बेहद खुश है। घर में बैंडबाजा बज रहा है। हर कोई इस बच्चे को लक्की कह रहा है। कह रहा है कि इसकी वजह से ही घर बैठे-बैठे यह दौलत मिली है। इस बच्चे का नाम है आरव है, जो मूलरुप से होशियारपुर का रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर…