ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) से जुड़े सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की नर्सिंग ऑफिसर ने दो डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। नर्स ने बताया कि डॉक्टरों ने सारी हदें पार दीं। आरोप है कि डॉ. शिवम यादव ने उससे कहा- कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर जैसा कांड तेरे साथ करेंगे। दरअसल, नर्सिंग ऑफिसर ने मंगलवार को डॉ. शिवम यादव और डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता के खिलाफ कंपू थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. शिवम यादव के चेंबर में अपने आवेदन पर मार्क कराकर रिसीविंग लेने गई थी। इसी दौरान डॉ. यादव ने हाथ पकड़ा और जातिगत अपशब्द कहे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो नर्स एचओडी के चेंबर में आते-जाते हुए नजर आई। इस मामले की जांच अब टीआई कंपू से सीएसपी इंदरगंज रोबिन जैन के पास पहुंच गई है। बुधवार को पीड़िता के बयान थाने में दर्ज किए गए, जबकि गुरुवार को उसके बयान कोर्ट में दर्ज होंगे। पुलिस ने बुधवार को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से CCTV फुटेज निगरानी में लिए हैं ताकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके। दैनिक भास्कर ने पीड़िता से बात कर पूरा घटनाक्रम जाना, पढ़िए.. ‘डेढ़ साल से झेल रही थी मानसिक उत्पीड़न’
पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर ने बताया, डेढ़ साल से मानसिक तनाव झेल रही हूं, लेकिन अब और सहन नहीं हो पा रहा था। डॉ. शिवम यादव और डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता ने सारी हदें पार कर दीं। मेरे मोबाइल में डॉक्टरों के कॉम्प्रोमाइज करने और सहयोग के लिए भेजे गए मैसेज मौजूद हैं, जो उसकी शिकायत को साबित करेंगे। कॉम्प्रोमाइज से इनकार करने पर बदला विभाग
पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत थी। जब उसने डॉक्टरों से कॉम्प्रोमाइज करने से इनकार किया, तो दो दिन पहले उसका ट्रांसफर पीडियाट्रिक विभाग में कर दिया गया। नर्स ने बताया कि ट्रांसफर लेटर उसके पास मौजूद है। मंगलवार को उसी आदेश की रसीद लेने एचओडी नेफ्रोलॉजी डॉ. शिवम यादव के चेंबर में गई थी। तभी डॉक्टर ने जातिगत गालियां दीं, अभद्रता की और कहा कि हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता की बात मानो और वो जैसा बोले वैसा करो। डॉक्टर ने बुरी नीयत से हाथ पकड़ लिया। धमकाया कि अगर बात नहीं मानी तो कोलकाता के जूनियर डॉक्टर जैसी हालत कर देंगे। दो महीने का वेतन काटकर परेशान किया
नवंबर और दिसंबर 2024 में उपस्थित होने के बावजूद मेरी अनुपस्थिति दर्शाकर वेतन काटा गया। सब कुछ सहन किया, लेकिन डॉक्टरों ने मेरी सहनशीलता को कमजोरी समझ लिया। कुछ समय से उन्होंने हर सीमा पार कर दी थी, और बीते दिन मेरी सहनशक्ति टूट गई। डॉक्टर बोले- ट्रांसफर किया इसलिए लगाए आरोप
डॉ. शिवम यादव ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं। महिला ठीक से काम नहीं कर रही थी, इसलिए दो दिन पहले उसका ट्रांसफर किया गया। इसी बात से नाराज होकर उसने झूठे आरोप लगाए हैं। वहीं, डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता ने कहा, मुझे इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। एफआईआर में मेरा नाम इसलिए आया है क्योंकि महिला ने बताया कि डॉ. शिवम यादव ने मेरा नाम लिया। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… नर्स का हाथ पकड़ा, एचओडी बोले-कम्प्रोमाइज करना होगा ग्वालियर के जया आरोग्य (जेएएच) सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टर ने नर्सिंग ऑफिसर से नौकरी के लिए ‘कम्प्रोमाइज’ करने की बात कही। बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। नर्स ने हाथ छुड़ाया तो उसे जातिगत अपशब्द कहे। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) से जुड़े सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की नर्सिंग ऑफिसर ने दो डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। नर्स ने बताया कि डॉक्टरों ने सारी हदें पार दीं। आरोप है कि डॉ. शिवम यादव ने उससे कहा- कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर जैसा कांड तेरे साथ करेंगे। दरअसल, नर्सिंग ऑफिसर ने मंगलवार को डॉ. शिवम यादव और डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता के खिलाफ कंपू थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि वह नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. शिवम यादव के चेंबर में अपने आवेदन पर मार्क कराकर रिसीविंग लेने गई थी। इसी दौरान डॉ. यादव ने हाथ पकड़ा और जातिगत अपशब्द कहे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो नर्स एचओडी के चेंबर में आते-जाते हुए नजर आई। इस मामले की जांच अब टीआई कंपू से सीएसपी इंदरगंज रोबिन जैन के पास पहुंच गई है। बुधवार को पीड़िता के बयान थाने में दर्ज किए गए, जबकि गुरुवार को उसके बयान कोर्ट में दर्ज होंगे। पुलिस ने बुधवार को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से CCTV फुटेज निगरानी में लिए हैं ताकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके। दैनिक भास्कर ने पीड़िता से बात कर पूरा घटनाक्रम जाना, पढ़िए.. ‘डेढ़ साल से झेल रही थी मानसिक उत्पीड़न’
पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर ने बताया, डेढ़ साल से मानसिक तनाव झेल रही हूं, लेकिन अब और सहन नहीं हो पा रहा था। डॉ. शिवम यादव और डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता ने सारी हदें पार कर दीं। मेरे मोबाइल में डॉक्टरों के कॉम्प्रोमाइज करने और सहयोग के लिए भेजे गए मैसेज मौजूद हैं, जो उसकी शिकायत को साबित करेंगे। कॉम्प्रोमाइज से इनकार करने पर बदला विभाग
पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत थी। जब उसने डॉक्टरों से कॉम्प्रोमाइज करने से इनकार किया, तो दो दिन पहले उसका ट्रांसफर पीडियाट्रिक विभाग में कर दिया गया। नर्स ने बताया कि ट्रांसफर लेटर उसके पास मौजूद है। मंगलवार को उसी आदेश की रसीद लेने एचओडी नेफ्रोलॉजी डॉ. शिवम यादव के चेंबर में गई थी। तभी डॉक्टर ने जातिगत गालियां दीं, अभद्रता की और कहा कि हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता की बात मानो और वो जैसा बोले वैसा करो। डॉक्टर ने बुरी नीयत से हाथ पकड़ लिया। धमकाया कि अगर बात नहीं मानी तो कोलकाता के जूनियर डॉक्टर जैसी हालत कर देंगे। दो महीने का वेतन काटकर परेशान किया
नवंबर और दिसंबर 2024 में उपस्थित होने के बावजूद मेरी अनुपस्थिति दर्शाकर वेतन काटा गया। सब कुछ सहन किया, लेकिन डॉक्टरों ने मेरी सहनशीलता को कमजोरी समझ लिया। कुछ समय से उन्होंने हर सीमा पार कर दी थी, और बीते दिन मेरी सहनशक्ति टूट गई। डॉक्टर बोले- ट्रांसफर किया इसलिए लगाए आरोप
डॉ. शिवम यादव ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं। महिला ठीक से काम नहीं कर रही थी, इसलिए दो दिन पहले उसका ट्रांसफर किया गया। इसी बात से नाराज होकर उसने झूठे आरोप लगाए हैं। वहीं, डॉ. गिरिजा शंकर गुप्ता ने कहा, मुझे इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। एफआईआर में मेरा नाम इसलिए आया है क्योंकि महिला ने बताया कि डॉ. शिवम यादव ने मेरा नाम लिया। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… नर्स का हाथ पकड़ा, एचओडी बोले-कम्प्रोमाइज करना होगा ग्वालियर के जया आरोग्य (जेएएच) सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टर ने नर्सिंग ऑफिसर से नौकरी के लिए ‘कम्प्रोमाइज’ करने की बात कही। बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। नर्स ने हाथ छुड़ाया तो उसे जातिगत अपशब्द कहे। पूरी खबर पढ़ें…