हरियाणा में 25 सितंबर को दीनदयाल लाडो-लक्ष्मी योजना का पोर्टल लॉन्च करते हुए दावा किया था कि 20 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना की पात्र होंगी, लेकिन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर तक सिर्फ साढ़े 6 लाख महिलाओं ने ही आवेदन किया है। इतने आवेदन भी तब हुए जब सभी जिलों में विशेष कैंप लगाए गए। अब इनमें से जिनके आवेदन सही होंगे, उन्हें 1 नवंबर से हर महीने 2100 रुपए मिलने शुरू होंगे। उदाहरण के तौर पर फतेहाबाद जिले में एक लाख रुपए तक की वार्षिक आय स्लैब में 95 हजार महिलाएं आ रही थीं। 27 अक्टूबर तक क्रीड के जरिए 4360 एप्लिकेशन आईं। इनमें से डाउटफुल एप्लिकेशन 501 रहीं। 3859 एप्लिकेशन पुश टू डिस्ट्रिक्ट फॉर अप्रूवल की गई। इनमें से सिर्फ 3842 आईडी जनरेट हुई हैं। बताया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन की शर्तों के अलावा एक डर भी बड़ी वजह बन रहा है। ये डर है पीला-गुलाबी राशन कार्ड कटने का। बताया जा रहा है कि महिलाओं को लग रहा है कि सरकार की ओर से 2100 रुपए मिलने से उनके BPL राशन कार्ड कट जाएंगे। हरियाणा में एक लाख रुपए सालाना आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, लेकिन 25 अक्टूबर तक सिर्फ 6.20 लाख महिलाओं ने ही इस योजना के तहत आवेदन किया है। इन आंकड़ों को देखने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी चिंता जाहिर की है, और अधिकारियों को इसको लेकर मेगा प्लानिंग बनाने के निर्देश दिए हैं। CM के पास पहुंच चुका इनपुट
इस योजना को प्रदेश में तीन विभाग संचालित कर रहे हैं। समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रीड संयुक्त रूप से इस योजना को सुचारू करने में लगे हुए हैं। चूंकि राज्य के स्थापना दिवस 1 नवंबर को योजना की पहली किस्त जानी है, इसलिए अधिकारी लगातार इसे लेकर CM काे अपडेट दे रहे हैं। अधिकारियों ने योजना के तहत कम आवेदन की सूचना भी मुख्यमंत्री को दी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी इसको लेकर चिंता जताई है। यहां पढ़िए CM को क्या दी गई जानकारी… अब 31 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन, 8 लाख पहुंच सकती है संख्या
दरअसल, जब इस योजना का ऐप लॉन्च हुआ था तो इसके आवेदन की 25 अक्टूबर लास्ट डेट तय की गई थी। हालांकि, अब मुख्यमंत्री ने 25 अक्टूबर की इस सीमा को हटाने के लिए कहा है, ताकि 31 अक्टूबर तक भी आवेदन करने वाली महिलाओं को भी योजना का लाभ मिल सके। जिसके बाद पात्र महिलाओं की संख्या करीब 8 लाख तक पहुंच सकती है। यदि 25 अक्टूबर तक का डेटा देखें तो इस योजना का लाभ सिर्फ साढ़े 6 लाख महिलाओं को ही मिलने वाला है। आवेदन के लिए जिलास्तर पर 4 स्टेप
दीन दयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना के तहत लिए आवेदन करने के बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल पर 4 स्टेप हैं। सबसे पहले हरियाणा परिवार पहचान पत्र ऑथोरिटी (क्रीड) से एप्लिकेशन रिसीव होती है। इन एप्लिकेशन को तीन स्टेप में बांटा जाता है। नंबर एक डाउटफुल एप्लिकेशन होल्ड फॉर अप्रूवल, नंबर दो एप्लिकेशन पुश टू डिस्ट्रिक्ट फॉर अप्रूवल और नंबर तीन अप्रूवल पेंडिंग। जो डाउटफुल होती है उनको डाउट दूर करने के लिए रोक लेते हैं। बाकी दोनों स्टेप पूरे करने पर DDLLY आईडी जनरेट होती है। जिनकी आईडी जनरेट हुई, उनको पैसा मिल जाएगा।
हरियाणा में 25 सितंबर को दीनदयाल लाडो-लक्ष्मी योजना का पोर्टल लॉन्च करते हुए दावा किया था कि 20 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना की पात्र होंगी, लेकिन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर तक सिर्फ साढ़े 6 लाख महिलाओं ने ही आवेदन किया है। इतने आवेदन भी तब हुए जब सभी जिलों में विशेष कैंप लगाए गए। अब इनमें से जिनके आवेदन सही होंगे, उन्हें 1 नवंबर से हर महीने 2100 रुपए मिलने शुरू होंगे। उदाहरण के तौर पर फतेहाबाद जिले में एक लाख रुपए तक की वार्षिक आय स्लैब में 95 हजार महिलाएं आ रही थीं। 27 अक्टूबर तक क्रीड के जरिए 4360 एप्लिकेशन आईं। इनमें से डाउटफुल एप्लिकेशन 501 रहीं। 3859 एप्लिकेशन पुश टू डिस्ट्रिक्ट फॉर अप्रूवल की गई। इनमें से सिर्फ 3842 आईडी जनरेट हुई हैं। बताया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन की शर्तों के अलावा एक डर भी बड़ी वजह बन रहा है। ये डर है पीला-गुलाबी राशन कार्ड कटने का। बताया जा रहा है कि महिलाओं को लग रहा है कि सरकार की ओर से 2100 रुपए मिलने से उनके BPL राशन कार्ड कट जाएंगे। हरियाणा में एक लाख रुपए सालाना आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, लेकिन 25 अक्टूबर तक सिर्फ 6.20 लाख महिलाओं ने ही इस योजना के तहत आवेदन किया है। इन आंकड़ों को देखने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी चिंता जाहिर की है, और अधिकारियों को इसको लेकर मेगा प्लानिंग बनाने के निर्देश दिए हैं। CM के पास पहुंच चुका इनपुट
इस योजना को प्रदेश में तीन विभाग संचालित कर रहे हैं। समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रीड संयुक्त रूप से इस योजना को सुचारू करने में लगे हुए हैं। चूंकि राज्य के स्थापना दिवस 1 नवंबर को योजना की पहली किस्त जानी है, इसलिए अधिकारी लगातार इसे लेकर CM काे अपडेट दे रहे हैं। अधिकारियों ने योजना के तहत कम आवेदन की सूचना भी मुख्यमंत्री को दी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी इसको लेकर चिंता जताई है। यहां पढ़िए CM को क्या दी गई जानकारी… अब 31 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन, 8 लाख पहुंच सकती है संख्या
दरअसल, जब इस योजना का ऐप लॉन्च हुआ था तो इसके आवेदन की 25 अक्टूबर लास्ट डेट तय की गई थी। हालांकि, अब मुख्यमंत्री ने 25 अक्टूबर की इस सीमा को हटाने के लिए कहा है, ताकि 31 अक्टूबर तक भी आवेदन करने वाली महिलाओं को भी योजना का लाभ मिल सके। जिसके बाद पात्र महिलाओं की संख्या करीब 8 लाख तक पहुंच सकती है। यदि 25 अक्टूबर तक का डेटा देखें तो इस योजना का लाभ सिर्फ साढ़े 6 लाख महिलाओं को ही मिलने वाला है। आवेदन के लिए जिलास्तर पर 4 स्टेप
दीन दयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना के तहत लिए आवेदन करने के बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल पर 4 स्टेप हैं। सबसे पहले हरियाणा परिवार पहचान पत्र ऑथोरिटी (क्रीड) से एप्लिकेशन रिसीव होती है। इन एप्लिकेशन को तीन स्टेप में बांटा जाता है। नंबर एक डाउटफुल एप्लिकेशन होल्ड फॉर अप्रूवल, नंबर दो एप्लिकेशन पुश टू डिस्ट्रिक्ट फॉर अप्रूवल और नंबर तीन अप्रूवल पेंडिंग। जो डाउटफुल होती है उनको डाउट दूर करने के लिए रोक लेते हैं। बाकी दोनों स्टेप पूरे करने पर DDLLY आईडी जनरेट होती है। जिनकी आईडी जनरेट हुई, उनको पैसा मिल जाएगा।