बाजरे से चावल बन सकता है? ये सवाल अटपटा लग सकता है, लेकिन यह सच है। सोनीपत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) के वैज्ञानिकों ने ऐसा मोटा चावल तैयार किया है। जो मिलेट (मोटे अनाज) की श्रेणी में होगा। इसे तैयार करने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि इसे शुगर की मरीज भी खा सकेंगे। अगले महीने तक यह मार्केट में उपलब्ध होगा, हालांकि अभी कीमत तय नहीं है। NIFTEM के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने बताया कि डॉ. अंकुर ओझा और उनकी टीम ने बाजरे के अलावा 2 विशेष प्रकार के चावलों को मिलाकर यह मोटा चावल तैयार किया है। इस खोज को पेटेंट भी मिल गया है। यह एंटी ऑक्साइड है। नूडल्स की तरह इस चावल की खीर 5 मिनट में तैयार हो जाएगी। चावल का नाम ‘कंपोजिट राइस एक्टूडेड मिलेट’
NIFTEM के वैज्ञानिक डॉ. अंकुर ओझा ने बताया कि इसे बनाने के लिए एक्सट्रूजन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक से अनाज को हाई प्रेशर और तापमान में डालकर नया आकार दिया जाता है। इससे चावल हल्का भूरा हो जाता है और इसका स्वाद आम चावल जैसा ही होता है। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में मिला पेटेंट
इस नए चावल को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में पहचान मिली। दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में NIFTEM और उत्पादकों के बीच इसे बाजार में लाने के लिए समझौता हुआ। डॉ. ओझा के मुताबिक, यह चावल एक महीने में बाजार में आ जाएगा और यह अभी बिकने वाले चावल से 20% सस्ता होगा। बाजरा, काला नमक चावल और सफेद चावल को मिलाया
वैज्ञानिक डॉक्टर अंकुर ओझा ने बताया कि इस कंपोजिट राइस में तीन मुख्य घटक शामिल किए गए हैं। जिसमें सफेद चावल, काला नमक और बाजरा तीनों को मिलाकर तैयार किया गया है। इन तीनों को एक साथ मिलाकर पीसा गया और फिर एक्सट्रूजन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके हल्के भूरे रंग के नए चावल के दाने तैयार किए गए। यह मिश्रण पूरी तरह से प्राकृतिक है। इसमें किसी भी तरह का अतिरिक्त रंग नहीं मिलाया गया है। 1 पाउच से तैयार होगी 6 कटोरी खीर
डॉ. अंकुर ओझा के अनुसार, इस कृत्रिम चावल को बनाने के लिए 33% बाजार का चावल, 33% काला नमक और 33% काला चावल इस्तेमाल किया जाता है। इस चावल के एक पैकेट से 5 मिनट में 6 कटोरी खीर बन सकती है, जो खाने में स्वादिष्ट होती है। सबसे खास बात यह है कि इस खीर में आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। आमतौर पर दूध वाली चावल की खीर में आयरन और विटामिन सी नहीं पाया जाता। अब जानिए बाजार में कब आएगा चावल…
बाजरे से चावल बन सकता है? ये सवाल अटपटा लग सकता है, लेकिन यह सच है। सोनीपत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) के वैज्ञानिकों ने ऐसा मोटा चावल तैयार किया है। जो मिलेट (मोटे अनाज) की श्रेणी में होगा। इसे तैयार करने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि इसे शुगर की मरीज भी खा सकेंगे। अगले महीने तक यह मार्केट में उपलब्ध होगा, हालांकि अभी कीमत तय नहीं है। NIFTEM के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने बताया कि डॉ. अंकुर ओझा और उनकी टीम ने बाजरे के अलावा 2 विशेष प्रकार के चावलों को मिलाकर यह मोटा चावल तैयार किया है। इस खोज को पेटेंट भी मिल गया है। यह एंटी ऑक्साइड है। नूडल्स की तरह इस चावल की खीर 5 मिनट में तैयार हो जाएगी। चावल का नाम ‘कंपोजिट राइस एक्टूडेड मिलेट’
NIFTEM के वैज्ञानिक डॉ. अंकुर ओझा ने बताया कि इसे बनाने के लिए एक्सट्रूजन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक से अनाज को हाई प्रेशर और तापमान में डालकर नया आकार दिया जाता है। इससे चावल हल्का भूरा हो जाता है और इसका स्वाद आम चावल जैसा ही होता है। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में मिला पेटेंट
इस नए चावल को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में पहचान मिली। दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में NIFTEM और उत्पादकों के बीच इसे बाजार में लाने के लिए समझौता हुआ। डॉ. ओझा के मुताबिक, यह चावल एक महीने में बाजार में आ जाएगा और यह अभी बिकने वाले चावल से 20% सस्ता होगा। बाजरा, काला नमक चावल और सफेद चावल को मिलाया
वैज्ञानिक डॉक्टर अंकुर ओझा ने बताया कि इस कंपोजिट राइस में तीन मुख्य घटक शामिल किए गए हैं। जिसमें सफेद चावल, काला नमक और बाजरा तीनों को मिलाकर तैयार किया गया है। इन तीनों को एक साथ मिलाकर पीसा गया और फिर एक्सट्रूजन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके हल्के भूरे रंग के नए चावल के दाने तैयार किए गए। यह मिश्रण पूरी तरह से प्राकृतिक है। इसमें किसी भी तरह का अतिरिक्त रंग नहीं मिलाया गया है। 1 पाउच से तैयार होगी 6 कटोरी खीर
डॉ. अंकुर ओझा के अनुसार, इस कृत्रिम चावल को बनाने के लिए 33% बाजार का चावल, 33% काला नमक और 33% काला चावल इस्तेमाल किया जाता है। इस चावल के एक पैकेट से 5 मिनट में 6 कटोरी खीर बन सकती है, जो खाने में स्वादिष्ट होती है। सबसे खास बात यह है कि इस खीर में आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। आमतौर पर दूध वाली चावल की खीर में आयरन और विटामिन सी नहीं पाया जाता। अब जानिए बाजार में कब आएगा चावल…