मुरैना के सरकारी स्कूल में स्टूडेंट्स से ईंटें उठाने और रेत छानने का काम कराया गया। मामला जिले की पोरसा तहसील के औरेठी गांव में शासकीय हाई स्कूल में गुरुवार का है। इसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया। वीडियो में दो छात्र तसले में रखकर ईंटें ढोते दिख रहे हैं। वहीं, कुछ छात्राएं बिल्डिंग के चबूतरे पर खड़े होकर छन्ने से रेत छानती दिख रही हैं। एक पुरुष और एक महिला टीचर भी स्कूली बच्चों के साथ काम करते नजर आ रहे हैं। एक मिस्री भी नीचे बैठकर काम कर रहा है। बीआरसी बोले- जांच करा रहे
मामले पर पोरसा बीआरसी शैलेन्द्र सिंह तोमर ने कहा- वीडियो में छात्रों के मजदूरी करते दिखने की पुष्टि हुई है। जांच कराई जा रही है कि यह काम जबरदस्ती कराया गया या बच्चों ने स्वेच्छा से किया? कलेक्टर बोले- संभाग आयुक्त को भेजेंगे प्रस्ताव
वहीं, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले को आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा- मामले में प्राचार्य की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संभाग आयुक्त को भेजा जाएगा। कलेक्टर ने बीआरसी तोमर के बयान को गैर जिम्मेदाराना भी करार दिया। खबर पर आप अपनी राय दे सकते हैं… ये खबर भी पढे़ं… छात्रों का खाना 10 साल से ‘खा रहे अफसर’ रीवा के सरकारी स्कूल में 10 साल से भी ज्यादा समय से मध्याह्न भोजन नहीं बंट रहा है। संभवत: यह प्रदेश का इकलौता स्कूल होगा, जहां बच्चों को सप्ताह में एक भी दिन भोजन नसीब नहीं होता है। मामले की शिकायत जनवरी में संकुल से लेकर जिले तक की गई, लेकिन 10 महीने बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब अभिभावकों ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की है। पढ़ें पूरी खबर…
मुरैना के सरकारी स्कूल में स्टूडेंट्स से ईंटें उठाने और रेत छानने का काम कराया गया। मामला जिले की पोरसा तहसील के औरेठी गांव में शासकीय हाई स्कूल में गुरुवार का है। इसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया। वीडियो में दो छात्र तसले में रखकर ईंटें ढोते दिख रहे हैं। वहीं, कुछ छात्राएं बिल्डिंग के चबूतरे पर खड़े होकर छन्ने से रेत छानती दिख रही हैं। एक पुरुष और एक महिला टीचर भी स्कूली बच्चों के साथ काम करते नजर आ रहे हैं। एक मिस्री भी नीचे बैठकर काम कर रहा है। बीआरसी बोले- जांच करा रहे
मामले पर पोरसा बीआरसी शैलेन्द्र सिंह तोमर ने कहा- वीडियो में छात्रों के मजदूरी करते दिखने की पुष्टि हुई है। जांच कराई जा रही है कि यह काम जबरदस्ती कराया गया या बच्चों ने स्वेच्छा से किया? कलेक्टर बोले- संभाग आयुक्त को भेजेंगे प्रस्ताव
वहीं, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले को आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा- मामले में प्राचार्य की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संभाग आयुक्त को भेजा जाएगा। कलेक्टर ने बीआरसी तोमर के बयान को गैर जिम्मेदाराना भी करार दिया। खबर पर आप अपनी राय दे सकते हैं… ये खबर भी पढे़ं… छात्रों का खाना 10 साल से ‘खा रहे अफसर’ रीवा के सरकारी स्कूल में 10 साल से भी ज्यादा समय से मध्याह्न भोजन नहीं बंट रहा है। संभवत: यह प्रदेश का इकलौता स्कूल होगा, जहां बच्चों को सप्ताह में एक भी दिन भोजन नसीब नहीं होता है। मामले की शिकायत जनवरी में संकुल से लेकर जिले तक की गई, लेकिन 10 महीने बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब अभिभावकों ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की है। पढ़ें पूरी खबर…