ग्वालियर में बच्चों को दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवा एजीथ्रोमाइसिन ओरल सस्पेंशन सिरप में कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। एक महिला ने इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद ड्रग विभाग ने तत्काल सिरप के बांटने पर रोक लगा दी है। सैंपल जांच के लिए भोपाल की लैब में भेजे हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में इस दवा को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। ये एंटीबायोटिक पूरे प्रदेश में सप्लाई की जाती है। महिला ने सिरप में देखे कीड़े, की शिकायत
यह मामला जिला अस्पताल मुरार के अधीन प्रसूति गृह अस्पताल का है। मंगलवार को ओपीडी में बच्चे को दिखाने आई एक महिला को डॉक्टर ने एजिथ्रोमाइसिन सिरप दवा वितरण केंद्र से दिलवाया था। जब महिला ने सिरप खोला, तो उसमें काले रंग के कीड़े जैसे तत्व दिखाई दिए। महिला ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा को दी, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। देखिए तीन तस्वीरें दूसरे केंद्रों से वापस मंगा रहे दवाइयां
ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा के नेतृत्व में जांच टीम ने अस्पताल के दवा स्टोर से एजिथ्रोमाइसिन सिरप के सैंपल लिए। ड्रग विभाग ने वितरण केंद्रों पर भेजी गई इस बैच की खेप को वापस मंगाया है। विभाग ने एहतियात के तौर पर अन्य दवाओं के भी सैंपल जांच के लिए लिए हैं। दूसरे जिलों में इस दवा की खेप की जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित सिरप की खेप भोपाल स्थित सरकारी स्टोर से सप्लाई की गई थी। ड्रग विभाग अब बैच नंबर के आधार पर यह पता लगा रहा है कि यह दवा अन्य जिलों में भी तो नहीं पहुंची। सिविल सर्जन बोले-तीन दिन पहले आई थी महिला
सिविल सर्जन राजेश शर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले एक महिला ओपीडी से सिरप की बोतल लेकर गई थी। घर जाकर बोतल खोलने पर उसमें कीड़े निकले। महिला की शिकायत के बाद ड्रग विभाग को सूचना दे दी थी। ड्रग विभाग ने स्टोर रूम से सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। तीन स्टेप की जांच के बाद ही होती है सप्लाई
मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉपॅरिशन लिमिटेड के एमडी मयंक अग्रवाल ने बताया कि महिला ने 4 दिन पहले अस्पताल से एंटीबायोटिक सिरप की बोतल ली थी। संभव है कि घर में बोतल खुली रहने के कारण उसमें कोई कीड़ा चला गया हो। जिस बैच की बोतल की शिकायत आई है, उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। बोतल की सप्लाई तीन स्टेप की जांच पूरी होने के बाद ही की जाती है। यह एंटीबायोटिक सिरप पूरे प्रदेश में सप्लाई की जाती है। यह खबर भी पढ़ें
कफ सिरप केस- छिंदवाड़ा के एक और बच्चे की मौत; MP में मौत का आंकड़ा 26 पहुंचा
छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार सुबह चौरई क्षेत्र की एक और मासूम, 3 साल 6 माह की अम्बिका विश्वकर्मा की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मौत के साथ ही मध्य प्रदेश में सिरप कांड से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा अब 26 पर पहुंच गया है। पढ़ें पूरी खबर
ग्वालियर में बच्चों को दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवा एजीथ्रोमाइसिन ओरल सस्पेंशन सिरप में कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। एक महिला ने इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद ड्रग विभाग ने तत्काल सिरप के बांटने पर रोक लगा दी है। सैंपल जांच के लिए भोपाल की लैब में भेजे हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में इस दवा को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। ये एंटीबायोटिक पूरे प्रदेश में सप्लाई की जाती है। महिला ने सिरप में देखे कीड़े, की शिकायत
यह मामला जिला अस्पताल मुरार के अधीन प्रसूति गृह अस्पताल का है। मंगलवार को ओपीडी में बच्चे को दिखाने आई एक महिला को डॉक्टर ने एजिथ्रोमाइसिन सिरप दवा वितरण केंद्र से दिलवाया था। जब महिला ने सिरप खोला, तो उसमें काले रंग के कीड़े जैसे तत्व दिखाई दिए। महिला ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा को दी, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। देखिए तीन तस्वीरें दूसरे केंद्रों से वापस मंगा रहे दवाइयां
ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा के नेतृत्व में जांच टीम ने अस्पताल के दवा स्टोर से एजिथ्रोमाइसिन सिरप के सैंपल लिए। ड्रग विभाग ने वितरण केंद्रों पर भेजी गई इस बैच की खेप को वापस मंगाया है। विभाग ने एहतियात के तौर पर अन्य दवाओं के भी सैंपल जांच के लिए लिए हैं। दूसरे जिलों में इस दवा की खेप की जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित सिरप की खेप भोपाल स्थित सरकारी स्टोर से सप्लाई की गई थी। ड्रग विभाग अब बैच नंबर के आधार पर यह पता लगा रहा है कि यह दवा अन्य जिलों में भी तो नहीं पहुंची। सिविल सर्जन बोले-तीन दिन पहले आई थी महिला
सिविल सर्जन राजेश शर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले एक महिला ओपीडी से सिरप की बोतल लेकर गई थी। घर जाकर बोतल खोलने पर उसमें कीड़े निकले। महिला की शिकायत के बाद ड्रग विभाग को सूचना दे दी थी। ड्रग विभाग ने स्टोर रूम से सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। तीन स्टेप की जांच के बाद ही होती है सप्लाई
मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉपॅरिशन लिमिटेड के एमडी मयंक अग्रवाल ने बताया कि महिला ने 4 दिन पहले अस्पताल से एंटीबायोटिक सिरप की बोतल ली थी। संभव है कि घर में बोतल खुली रहने के कारण उसमें कोई कीड़ा चला गया हो। जिस बैच की बोतल की शिकायत आई है, उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। बोतल की सप्लाई तीन स्टेप की जांच पूरी होने के बाद ही की जाती है। यह एंटीबायोटिक सिरप पूरे प्रदेश में सप्लाई की जाती है। यह खबर भी पढ़ें
कफ सिरप केस- छिंदवाड़ा के एक और बच्चे की मौत; MP में मौत का आंकड़ा 26 पहुंचा
छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार सुबह चौरई क्षेत्र की एक और मासूम, 3 साल 6 माह की अम्बिका विश्वकर्मा की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मौत के साथ ही मध्य प्रदेश में सिरप कांड से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा अब 26 पर पहुंच गया है। पढ़ें पूरी खबर