गुरुग्राम की 21 वर्षीय युवती ने अपनी मल्टी नेशनल कंपनी (MNC) में मेंटल हेल्थ के लिए छुट्टी लेने को लेकर अपना दर्दनाक अनुभव शेयर किया है। रेडिट पर पोस्ट डालकर उसने बताया कि जब वह मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रही थी, तो उसके मैनेजरों ने उसकी परवाह करने के बजाय उसका मजाक उड़ाया। रेडिट पर उनकी विस्तृत पोस्ट अब वायरल हो गई है, जिससे कॉर्पोरेट कंपनियों में मेंटल हेल्थ के प्रति सहानुभूति और जागरूकता की कमी के बारे में चर्चा छिड़ गई है, क्योंकि हाल के दिनों में गुरुग्राम की कॉर्पोरेट्स में आए दिन प्रोफेशनल्स द्वारा सुसाइड करने के केस सामने आ रहे हैं। इस तरह उड़ाया मजाक
युवती ने लिखा कि वह कई सप्ताह से मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रही थी। उसने अपने मैनेजरों को कई बार बताया, लेकिन किसी ने न तो उसकी बात सुनी और न ही परवाह दिखाई। एक दिन ऑफिस में उसकी हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ गई। उन्होंने बताया- मैं सांस नहीं ले पा रही थी, मेरी धड़कन तेज हो रही थीं, मैं लगातार रो रही थी, फिर भी कुछ नहीं बदला। एचआर को भेजा मेल, मैनेजर नाराज हो गए
उसने अपने एचआर को मेल किया, जिसमें लिखा “नमस्ते, आशा करती हूं आप कुशल मंगल होंगे। मैं आपको यह बताने के लिए लिख रही हूं कि मैं इस समय मानसिक रूप से ठीक महसूस नहीं कर रही हूं। मेरे निजी जीवन में बहुत कुछ ऐसा चल रहा है जिसे मैं इस समय साझा करने में सहज नहीं हूं, लेकिन यह एक ऐसे पॉइंट पर पहुंच गया है, जहां मैं बहुत अधिक तनावग्रस्त महसूस कर रही हूं और इससे निपटने में असमर्थ हूं। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस अवधि के दौरान अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने और पेशेवर सहायता लेने के लिए कुछ समय का अवकाश दें। निजी जीवन में भी टेंशन, ऑफिस में झूठा कहा गया
युवती ने आगे कहा कि मेरे निजी जीवन में बहुत कुछ ऐसा चल रहा है जिसे मैं साझा करने में सहज नहीं हूं। उसकी इस मेल से सहानुभूति की बजाय मैनेजर नाराज हो गए। एक सहकर्मी ने बताया कि मैनेजरों ने पीठ पीछे उनका मजाक भी उड़ाया और ऑफिस में उसे झूठा कहा गया। यहां तक कि एक सुपरवाइजर भी उनकी बातों में शामिल हो गया और उसने और नमक मिर्च डाल दी। मैनेजर ने वॉट्सएप पर मैसेज कर कहा, लॉगइन कर सकती हो क्या
युवती ने कहा कि इस घटना ने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपने मानसिक सेहत के बारे में ईमानदार होना लोगों का हंसने का कारण बन जाएगा। उसके ईमेल के ठीक बाद उसके मैनेजर ने उसे वॉट्सऐप पर संदेश भेजकर पूछा कि क्या वह अभी भी लॉग इन कर सकती है और कॉल ले सकती है, जबकि उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह अस्वस्थ है। यूजर ने किया स्पोर्ट
रेडिट यूजर्स ने उनकी पोस्ट पर स्पोर्ट किया है। कई लोगों ने सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया। कई लोगों ने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करने पर उन्हें नजरअंदाज किए जाने या उनका मजाक उड़ाए जाने के अपने अनुभव भी साझा किए। एक यूजर ने कहा कि हां, इस देश में मानसिक स्वास्थ्य एक मजाक है, लेकिन इससे भी बदतर बात यह है कि भारत में अपने मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को साझा करना। एक यूजर ने लिखा- आपकी समस्याओं की परवाह नहीं
एक यूजर ने कमेंट किया कि कॉर्पोरेट कंपनियों को आपकी समस्याओं की परवाह नहीं है, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर आप नौकरी छोड़ भी देते हैं, तो आपकी जगह लेने के लिए कई लोग मौजूद हैं। अपना समय निकालिए और बेहतर होने के लिए थेरेपी पर ध्यान केंद्रित कीजिए। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ होने के नाते, मैं आपको किसी पेशेवर से सलाह लेने की सलाह देने के बजाय, जोर देकर कहूंगा, इससे वाकई मदद मिलती है। एक और ने लिखा कि आपका मैनेजर आपका दोस्त नहीं है। आप जरूरत से ज्यादा बातें शेयर कर रहे हैं। बस कह दीजिए कि आपकी तबीयत ठीक नहीं है और अपना लैपटॉप बंद कर दीजिए।
गुरुग्राम की 21 वर्षीय युवती ने अपनी मल्टी नेशनल कंपनी (MNC) में मेंटल हेल्थ के लिए छुट्टी लेने को लेकर अपना दर्दनाक अनुभव शेयर किया है। रेडिट पर पोस्ट डालकर उसने बताया कि जब वह मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रही थी, तो उसके मैनेजरों ने उसकी परवाह करने के बजाय उसका मजाक उड़ाया। रेडिट पर उनकी विस्तृत पोस्ट अब वायरल हो गई है, जिससे कॉर्पोरेट कंपनियों में मेंटल हेल्थ के प्रति सहानुभूति और जागरूकता की कमी के बारे में चर्चा छिड़ गई है, क्योंकि हाल के दिनों में गुरुग्राम की कॉर्पोरेट्स में आए दिन प्रोफेशनल्स द्वारा सुसाइड करने के केस सामने आ रहे हैं। इस तरह उड़ाया मजाक
युवती ने लिखा कि वह कई सप्ताह से मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रही थी। उसने अपने मैनेजरों को कई बार बताया, लेकिन किसी ने न तो उसकी बात सुनी और न ही परवाह दिखाई। एक दिन ऑफिस में उसकी हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ गई। उन्होंने बताया- मैं सांस नहीं ले पा रही थी, मेरी धड़कन तेज हो रही थीं, मैं लगातार रो रही थी, फिर भी कुछ नहीं बदला। एचआर को भेजा मेल, मैनेजर नाराज हो गए
उसने अपने एचआर को मेल किया, जिसमें लिखा “नमस्ते, आशा करती हूं आप कुशल मंगल होंगे। मैं आपको यह बताने के लिए लिख रही हूं कि मैं इस समय मानसिक रूप से ठीक महसूस नहीं कर रही हूं। मेरे निजी जीवन में बहुत कुछ ऐसा चल रहा है जिसे मैं इस समय साझा करने में सहज नहीं हूं, लेकिन यह एक ऐसे पॉइंट पर पहुंच गया है, जहां मैं बहुत अधिक तनावग्रस्त महसूस कर रही हूं और इससे निपटने में असमर्थ हूं। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस अवधि के दौरान अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने और पेशेवर सहायता लेने के लिए कुछ समय का अवकाश दें। निजी जीवन में भी टेंशन, ऑफिस में झूठा कहा गया
युवती ने आगे कहा कि मेरे निजी जीवन में बहुत कुछ ऐसा चल रहा है जिसे मैं साझा करने में सहज नहीं हूं। उसकी इस मेल से सहानुभूति की बजाय मैनेजर नाराज हो गए। एक सहकर्मी ने बताया कि मैनेजरों ने पीठ पीछे उनका मजाक भी उड़ाया और ऑफिस में उसे झूठा कहा गया। यहां तक कि एक सुपरवाइजर भी उनकी बातों में शामिल हो गया और उसने और नमक मिर्च डाल दी। मैनेजर ने वॉट्सएप पर मैसेज कर कहा, लॉगइन कर सकती हो क्या
युवती ने कहा कि इस घटना ने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपने मानसिक सेहत के बारे में ईमानदार होना लोगों का हंसने का कारण बन जाएगा। उसके ईमेल के ठीक बाद उसके मैनेजर ने उसे वॉट्सऐप पर संदेश भेजकर पूछा कि क्या वह अभी भी लॉग इन कर सकती है और कॉल ले सकती है, जबकि उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह अस्वस्थ है। यूजर ने किया स्पोर्ट
रेडिट यूजर्स ने उनकी पोस्ट पर स्पोर्ट किया है। कई लोगों ने सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया। कई लोगों ने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करने पर उन्हें नजरअंदाज किए जाने या उनका मजाक उड़ाए जाने के अपने अनुभव भी साझा किए। एक यूजर ने कहा कि हां, इस देश में मानसिक स्वास्थ्य एक मजाक है, लेकिन इससे भी बदतर बात यह है कि भारत में अपने मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को साझा करना। एक यूजर ने लिखा- आपकी समस्याओं की परवाह नहीं
एक यूजर ने कमेंट किया कि कॉर्पोरेट कंपनियों को आपकी समस्याओं की परवाह नहीं है, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर आप नौकरी छोड़ भी देते हैं, तो आपकी जगह लेने के लिए कई लोग मौजूद हैं। अपना समय निकालिए और बेहतर होने के लिए थेरेपी पर ध्यान केंद्रित कीजिए। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ होने के नाते, मैं आपको किसी पेशेवर से सलाह लेने की सलाह देने के बजाय, जोर देकर कहूंगा, इससे वाकई मदद मिलती है। एक और ने लिखा कि आपका मैनेजर आपका दोस्त नहीं है। आप जरूरत से ज्यादा बातें शेयर कर रहे हैं। बस कह दीजिए कि आपकी तबीयत ठीक नहीं है और अपना लैपटॉप बंद कर दीजिए।