चमोली स्थित श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए आज यानी 10 अक्टूबर को दोपहर एक बजे के बाद बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे सुखमणि साहिब के पाठ के बाद से शुरू हुई। यह प्रक्रिया पंच प्यारों की अगुवाई में संपन्न हुई, और इस साल की अंतिम अरदास दोपहर 12:30 बजे पढ़ी गई। इस अवसर पर सेना के गढ़वाल स्काउट और पंजाब बैंड ने मधुर संगीत प्रस्तुत किया, जिसकी धुनें सप्तश्रृंग की चोटियों में गूंज उठीं। बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि कपाट बंद होने के इस पावन अवसर पर 1500 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। इस साल हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या दर्ज की गई है। शुक्रवार तक 2 लाख 75 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका, जिससे पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए। इस साल हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खोले गए थे और आज 10 अक्टूबर को बंद हुए। इस तरह हेमकुंड साहिब की यात्रा इस साल 139 दिन चली। 2024 में कुल दर्शनार्थियों की संख्या 1 लाख 83 हजार 722 थी। इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे बेहतर प्रबंधन और यात्रा मार्ग की सुरक्षा प्रमुख कारण मानी जा रही है। इसके साथ ही लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी दोपहर 12:31 पर बंद कर दिए गए। वहीं पिछले दिनों हुई बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ है। आज हुई साल की अंतिम अरदास सिखों के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब में आज इस साल की अंतिम अरदास की हुई। इसके बाद शीतकाल के लिए कपाट बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घांघरिया पहुंचे। गुरुद्वारा गोविंद घाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि कपाट बंद होने के मौके पर पूरे गुरुद्वारे को विशेष रूप से सजाया गया था। इस दौरान सेवा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पंजाब और अन्य स्थानों से बैंड टीमें भी शामिल होंगी। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। 22 अक्टूबर से चार धाम के कपाट बंद होना शुरू होंगे वहीं श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। इसके अलावा 23 अक्टूबर भैया दूज के पर्व पर बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गंगोत्री धाम के कपाट 6 माह शीतकाल के लिए 22 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मूहूर्त में पूर्वाहन 11 बजकर 36 मिनट पर विधिविधान से बंद कर दिए जाएंगे।
चमोली स्थित श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए आज यानी 10 अक्टूबर को दोपहर एक बजे के बाद बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे सुखमणि साहिब के पाठ के बाद से शुरू हुई। यह प्रक्रिया पंच प्यारों की अगुवाई में संपन्न हुई, और इस साल की अंतिम अरदास दोपहर 12:30 बजे पढ़ी गई। इस अवसर पर सेना के गढ़वाल स्काउट और पंजाब बैंड ने मधुर संगीत प्रस्तुत किया, जिसकी धुनें सप्तश्रृंग की चोटियों में गूंज उठीं। बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि कपाट बंद होने के इस पावन अवसर पर 1500 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। इस साल हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या दर्ज की गई है। शुक्रवार तक 2 लाख 75 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका, जिससे पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए। इस साल हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खोले गए थे और आज 10 अक्टूबर को बंद हुए। इस तरह हेमकुंड साहिब की यात्रा इस साल 139 दिन चली। 2024 में कुल दर्शनार्थियों की संख्या 1 लाख 83 हजार 722 थी। इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे बेहतर प्रबंधन और यात्रा मार्ग की सुरक्षा प्रमुख कारण मानी जा रही है। इसके साथ ही लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी दोपहर 12:31 पर बंद कर दिए गए। वहीं पिछले दिनों हुई बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ है। आज हुई साल की अंतिम अरदास सिखों के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब में आज इस साल की अंतिम अरदास की हुई। इसके बाद शीतकाल के लिए कपाट बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घांघरिया पहुंचे। गुरुद्वारा गोविंद घाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि कपाट बंद होने के मौके पर पूरे गुरुद्वारे को विशेष रूप से सजाया गया था। इस दौरान सेवा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पंजाब और अन्य स्थानों से बैंड टीमें भी शामिल होंगी। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। 22 अक्टूबर से चार धाम के कपाट बंद होना शुरू होंगे वहीं श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। इसके अलावा 23 अक्टूबर भैया दूज के पर्व पर बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गंगोत्री धाम के कपाट 6 माह शीतकाल के लिए 22 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मूहूर्त में पूर्वाहन 11 बजकर 36 मिनट पर विधिविधान से बंद कर दिए जाएंगे।