भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली शिक्षिका मनीषा की मौत की जांच सीबीआई कर रही है। इसी कड़ी में सीबीआई की टीम शनिवार को ढिगावा मंडी स्थित उस लाइब्रेरी में पहुंची, जहां मनीषा कोचिंग लेती थी। वहां टीम ने लाइब्रेरी संचालकों से पूछताछ की और मनीषा के बारे में जानकारी जुटाई। जांच एजेंसी लगातार मनीषा से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि उसकी मौत की असल वजह का खुलासा हो सके। सीबीआई पिछले 10 दिनों से भिवानी में रहकर मामले की हर कड़ी को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मनीषा का शव 13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों में मिला था। इस घटना को एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक मौत का असली कारण सामने नहीं आया है, जिससे लोगों के मन में कई सवाल हैं। घटनास्थल पर सीबीआई की जांच
शुक्रवार को दिल्ली से एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम गांव सिंघानी पहुंची। टीम ने उस खेत का निरीक्षण किया, जहां मनीषा का शव मिला था। यहां से मौत से जुड़े अहम सबूत इकट्ठे किए गए। इस दौरान सीबीआई ने मौके पर कई लोगों से पूछताछ भी की। इनमें तोशाम के डीएसपी दलीप कुमार, लोहारू डीएसपी संजीव कुमार, सस्पेंड की गई पुलिसकर्मी शंकुतला, बकरी पालक और चश्मदीद सत्यपाल, खेत मालिक पवन, खेत के साझेदार सांझी और शव देखने वाले ईश्वर शामिल थे। सभी को घटनास्थल पर बुलाकर सवाल-जवाब किए गए। सत्यपाल बोले- मैंने सीबीआई को सारी बातें बताई
बकरी चराने वाले चश्मदीद सत्यपाल ने बताया कि सीबीआई ने उसे फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। जब वह वहां पहुंचा तो टीम ने उससे पूछा कि शव मिलने वाले दिन उसने क्या देखा था। उसने उस दिन की पूरी घटना सीबीआई को बता दी। सत्यपाल के साथ ही खेत के साझेदार ईश्वर और खेत मालिक पवन को भी जांच में शामिल किया गया और उनसे मौके पर सवाल-जवाब किए गए। पुलिस ने घटनास्थल को किया था सील
पुलिस ने पहले ही घटनास्थल को टेप लगाकर सुरक्षित कर दिया था, ताकि जांच में कोई रुकावट न आए। घटनास्थल से जुड़े फोटो और वीडियो भी पुलिस ने सीबीआई को दे दिए हैं। इससे पहले सीबीआई टीम खुद भी वहां जाकर जांच कर चुकी है। जांच के दौरान मनीषा के परिवार, प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक और लाइब्रेरी संचालकों से पूछताछ की गई। 11 अगस्त को लापता, 13 को मिला शव
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल पढ़ाने के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 13 अगस्त को उनका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। एक महीना बीत जाने के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हत्या थी या आत्महत्या। भिवानी पुलिस ने एक सुसाइड नोट दिखाकर इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन परिवार और गांव के लोग इस पर यकीन नहीं कर रहे। इसी वजह से मामला सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने हत्या समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कर ली है और 3 सितंबर से भिवानी में रहकर हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली शिक्षिका मनीषा की मौत की जांच सीबीआई कर रही है। इसी कड़ी में सीबीआई की टीम शनिवार को ढिगावा मंडी स्थित उस लाइब्रेरी में पहुंची, जहां मनीषा कोचिंग लेती थी। वहां टीम ने लाइब्रेरी संचालकों से पूछताछ की और मनीषा के बारे में जानकारी जुटाई। जांच एजेंसी लगातार मनीषा से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि उसकी मौत की असल वजह का खुलासा हो सके। सीबीआई पिछले 10 दिनों से भिवानी में रहकर मामले की हर कड़ी को जोड़कर सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मनीषा का शव 13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों में मिला था। इस घटना को एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक मौत का असली कारण सामने नहीं आया है, जिससे लोगों के मन में कई सवाल हैं। घटनास्थल पर सीबीआई की जांच
शुक्रवार को दिल्ली से एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम गांव सिंघानी पहुंची। टीम ने उस खेत का निरीक्षण किया, जहां मनीषा का शव मिला था। यहां से मौत से जुड़े अहम सबूत इकट्ठे किए गए। इस दौरान सीबीआई ने मौके पर कई लोगों से पूछताछ भी की। इनमें तोशाम के डीएसपी दलीप कुमार, लोहारू डीएसपी संजीव कुमार, सस्पेंड की गई पुलिसकर्मी शंकुतला, बकरी पालक और चश्मदीद सत्यपाल, खेत मालिक पवन, खेत के साझेदार सांझी और शव देखने वाले ईश्वर शामिल थे। सभी को घटनास्थल पर बुलाकर सवाल-जवाब किए गए। सत्यपाल बोले- मैंने सीबीआई को सारी बातें बताई
बकरी चराने वाले चश्मदीद सत्यपाल ने बताया कि सीबीआई ने उसे फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। जब वह वहां पहुंचा तो टीम ने उससे पूछा कि शव मिलने वाले दिन उसने क्या देखा था। उसने उस दिन की पूरी घटना सीबीआई को बता दी। सत्यपाल के साथ ही खेत के साझेदार ईश्वर और खेत मालिक पवन को भी जांच में शामिल किया गया और उनसे मौके पर सवाल-जवाब किए गए। पुलिस ने घटनास्थल को किया था सील
पुलिस ने पहले ही घटनास्थल को टेप लगाकर सुरक्षित कर दिया था, ताकि जांच में कोई रुकावट न आए। घटनास्थल से जुड़े फोटो और वीडियो भी पुलिस ने सीबीआई को दे दिए हैं। इससे पहले सीबीआई टीम खुद भी वहां जाकर जांच कर चुकी है। जांच के दौरान मनीषा के परिवार, प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक और लाइब्रेरी संचालकों से पूछताछ की गई। 11 अगस्त को लापता, 13 को मिला शव
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल पढ़ाने के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 13 अगस्त को उनका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। एक महीना बीत जाने के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हत्या थी या आत्महत्या। भिवानी पुलिस ने एक सुसाइड नोट दिखाकर इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन परिवार और गांव के लोग इस पर यकीन नहीं कर रहे। इसी वजह से मामला सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने हत्या समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कर ली है और 3 सितंबर से भिवानी में रहकर हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।