हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाले 24 वर्षीय युवक की अमेरिका के अर्कनास आई-40 हाईवे पर ट्रक में जिंदा जलकर मौत हो गई। दरअसल, एक ओवरसाइज लोडेड ट्रक ने साइड से टक्कर मारी दी थी। जिसके बाद ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। इस हादसे में मूल रूप से पानीपत और हाल करनाल के रहने वाले ट्रक ड्राइवर अमित कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जल चुका था। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और मृतक के परिजनों को डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही शव सौंपा जाएगा। हालांकि इस प्रक्रिया में 4 से 5 दिन लगने का अनुमान है। हादसे से जुड़े PHOTOS… अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, क्या है पूरी घटना… करनाल का रहने वाला था 24 वर्षीय अमित
अमित कुमार मूल रूप से पानीपत के कुराना गांव का रहने वाला था। जिसका परिवार पिछले दो दशकों से करनाल की नई अनाज मंडी के नजदीक रह रहा है।अमित अपने बड़े भाई अंकित के साथ अमेरिका में काम करता था।
अंकित 2016 में डंकी रूट से अमेरिका गया था और वहीं पर सेटल हो गया। अमित की अमेरिका जाने की इच्छा को ने जमीन बेचकर 60 लाख रुपए खर्च कर पूरा किया। अमित भी 2023 में डंकी रूट से ही अमेरिका पहुंचा। हादसा सुबह साढ़े 9 बजे हुआ
अमेरिकी समयानुसार यह हादसा 11 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 9 बजे अर्कनास आई-40 हाईवे के एक्जिट 166 पर हुआ। हादसे के समय अमित ट्रक खाली करके लौट रहा था। वह फ्यूल पंप से डीजल डलवाकर जैसे ही निकला, तभी एक ओवरसाइज लोडेड ट्रक ने उसके ट्रक को दाहिनी ओर से हिट कर दिया।
टक्कर इतनी तेज थी कि अमित का ट्रक सड़क किनारे पेड़ों से जा टकराया और उसी दौरान कैबिन वाले डीजल टैंक में ब्लास्ट हो गया। कुछ ही देर में पीछे का टैंक भी फट गया और ट्रक आग का गोला बन गया। अमित जिंदा ही आग की लपटों में घिर गया और बाहर नहीं निकल सका। परिवार ने बेची जमीन, फिर भेजा अमेरिका
हरपाल सिंह ने बताया कि अमित ने अमेरिका जाने का सपना देखा था। उसके पिता का निधन तब हो गया था जब उसका बड़ा भाई अंकित सिर्फ 6 साल का था। मां ने दोनों बेटों को पाला और आगे बढ़ाया। भाई अंकित पहले अमेरिका गया और फिर अमित ने भी वहां जाने की जिद की। डंकी रुट से सफर करते हुए अमित को अमेरिका पहुंचने में करीब 7 महीने लगे। वहां जाकर उसने पहले स्टोर में काम किया और फिर ट्रक ड्राइवर का लाइसेंस बनवाकर ड्राइविंग शुरू कर दी। मौत से 15 मिनट पहले ही भाई से की थी फोन पर बात
हादसे से महज 15 मिनट पहले ही अमित ने अपने भाई से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि वह ट्रक खाली करके लौट रहा है और डीजल डलवा लिया है। बातचीत सामान्य थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि यह अमित की आखिरी कॉल साबित होगी।
करीब साढ़े 9 बजे उसका ट्रक हादसे का शिकार हो गया और वह जिंदा जल गया। पुलिस ने जले हुए शरीर के हिस्सों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। अब डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट आने में 5 से 6 दिन का समय लगेगा।
हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाले 24 वर्षीय युवक की अमेरिका के अर्कनास आई-40 हाईवे पर ट्रक में जिंदा जलकर मौत हो गई। दरअसल, एक ओवरसाइज लोडेड ट्रक ने साइड से टक्कर मारी दी थी। जिसके बाद ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। इस हादसे में मूल रूप से पानीपत और हाल करनाल के रहने वाले ट्रक ड्राइवर अमित कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जल चुका था। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और मृतक के परिजनों को डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही शव सौंपा जाएगा। हालांकि इस प्रक्रिया में 4 से 5 दिन लगने का अनुमान है। हादसे से जुड़े PHOTOS… अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, क्या है पूरी घटना… करनाल का रहने वाला था 24 वर्षीय अमित
अमित कुमार मूल रूप से पानीपत के कुराना गांव का रहने वाला था। जिसका परिवार पिछले दो दशकों से करनाल की नई अनाज मंडी के नजदीक रह रहा है।अमित अपने बड़े भाई अंकित के साथ अमेरिका में काम करता था।
अंकित 2016 में डंकी रूट से अमेरिका गया था और वहीं पर सेटल हो गया। अमित की अमेरिका जाने की इच्छा को ने जमीन बेचकर 60 लाख रुपए खर्च कर पूरा किया। अमित भी 2023 में डंकी रूट से ही अमेरिका पहुंचा। हादसा सुबह साढ़े 9 बजे हुआ
अमेरिकी समयानुसार यह हादसा 11 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 9 बजे अर्कनास आई-40 हाईवे के एक्जिट 166 पर हुआ। हादसे के समय अमित ट्रक खाली करके लौट रहा था। वह फ्यूल पंप से डीजल डलवाकर जैसे ही निकला, तभी एक ओवरसाइज लोडेड ट्रक ने उसके ट्रक को दाहिनी ओर से हिट कर दिया।
टक्कर इतनी तेज थी कि अमित का ट्रक सड़क किनारे पेड़ों से जा टकराया और उसी दौरान कैबिन वाले डीजल टैंक में ब्लास्ट हो गया। कुछ ही देर में पीछे का टैंक भी फट गया और ट्रक आग का गोला बन गया। अमित जिंदा ही आग की लपटों में घिर गया और बाहर नहीं निकल सका। परिवार ने बेची जमीन, फिर भेजा अमेरिका
हरपाल सिंह ने बताया कि अमित ने अमेरिका जाने का सपना देखा था। उसके पिता का निधन तब हो गया था जब उसका बड़ा भाई अंकित सिर्फ 6 साल का था। मां ने दोनों बेटों को पाला और आगे बढ़ाया। भाई अंकित पहले अमेरिका गया और फिर अमित ने भी वहां जाने की जिद की। डंकी रुट से सफर करते हुए अमित को अमेरिका पहुंचने में करीब 7 महीने लगे। वहां जाकर उसने पहले स्टोर में काम किया और फिर ट्रक ड्राइवर का लाइसेंस बनवाकर ड्राइविंग शुरू कर दी। मौत से 15 मिनट पहले ही भाई से की थी फोन पर बात
हादसे से महज 15 मिनट पहले ही अमित ने अपने भाई से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि वह ट्रक खाली करके लौट रहा है और डीजल डलवा लिया है। बातचीत सामान्य थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि यह अमित की आखिरी कॉल साबित होगी।
करीब साढ़े 9 बजे उसका ट्रक हादसे का शिकार हो गया और वह जिंदा जल गया। पुलिस ने जले हुए शरीर के हिस्सों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। अब डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट आने में 5 से 6 दिन का समय लगेगा।