सिरसा में घग्घर ड्रेन टूटने से पानी खेतों ही नहीं गांवों में घरों तक पहुंच गया है। यह पानी एक तरफ खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर रहा है, तो दूसरी तरफ गांव में संक्रमित बीमारियां भी फैलना शुरू हो गई है। गांव में हालात ऐसे हैं कि गलियों तक पानी भरा हुआ है, उसकी निकासी भी नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को एलर्जी, बुखार की शिकायत आ रही है। पशु भी बीमार पड़ने लगे हैं। बच्चों का स्कूल भी जलभराव के कारण बंद है। मंदिर में क्लासें लग रही है। यह हकीकत है जिले के शक्कर मंदौरी गांव की। गांव के चारों ओर सेमनाला का पानी आ चुका है। गांव से बाहर जाने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। बरसाती पानी के साथ-साथ केमिकलयुक्त और गंदा पानी आ रहा है। हर किसी को इस पानी के अंदर से होकर गुजरना पड़ता है। अगर, कोई एक बार पानी से कोई गुजर जाता है तो उसे पांव या हाथों पर एलर्जी की शिकायत हो जाती है। नजला (जुकाम) की शिकायत वाले मरीजों को अधिक परेशानी होती है। हर घर में संक्रमित या मच्छर जनित बीमारियां फैल चुकी है। किसी को हाथ-पांव, पीठ एवं शरीर के अन्य हिस्से पर एलर्जी हो गई है। किसी को खांसी तो, कोई डेंगू-मलेरिया की चपेट में आ रहा है। इसका अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्रामीण बताते हैं एक महीने से यह दिक्कत है। मगर स्वास्थ्य विभाग से कोई भी टीम गांव में जांच के नहीं आई है। बड़ी बात है कि जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। दैनिक भास्कर एप के संवाददाता ने गांव की स्थिति का जायजा लिया तो मच्छरों के कारण 10 मिनट भी एक जगह बैठ पाना मुश्किल हो गया। सिविल अस्पताल में आयुष चिकित्सक के पास भेज रहे जांच कराने, त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं जिला सिविल अस्पताल में हर रोज त्वचा रोग के मरीज आते हैं। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण डॉक्टर मरीजों को आयुष डॉक्टर के पास जांच के लिए भेज देते हैं। अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में जाकर अपना इलाज करवा रहे हैं। महंगा इलाज करवाने को मजबूर है। खुद स्वास्थ्य विभाग ने इसे माना है। शक्कर मंदौरी गांव के मेडिकल संचालक से भी बात की तो उन्होंने बताया कि हर रोज एलर्जी, बुखार व जुकाम के करीब 100 मरीज दवा लेकर जाते हैं। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला दरअसल, हिसार-सिरसा घग्गर ड्रेन आदमपुर के चूली बागड़ियान, फतेहाबाद के जांडवाला गावं से होते हुए सिरसा जिले के चाहरवाला, शाहपुरिया और शक्कर मंदौरी में एंट्री होती है। इसके बाद यह नाथूसरी चौपटा एरिया से होते हुए ओटू हेड के पास घग्गर में मिल जाती है। इसलिए सबसे ज्यादा नुकसान चौपटा एरिया में ही है। यह ड्रेन टूटने से गुडियाखेड़ा, मोडियाखेड़ा, शाहपुरिया व शक्कर मंदौरी आदि गांव में खेत व सड़कों पर जलभराव की स्थिति है। पानी में मच्छर हो गए है और बदबू आने लगी है। इससे मच्छर जनित बीमारियां उत्पन्न हो गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से बात करने के बाद शुक्रवार को गांव में कैंप लगाया गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने इलाज कराया। यह है गांव के हालात इस वक्त गांव में प्राइमरी स्कूल और हाईस्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में दो से तीन फुट तक जलभराव है। पानी की निकासी हो नहीं रही। बिल्डिंग जर्जर हो रही है। ग्रामीण भी इस बिल्डिंग में बच्चों काे भेजने से डर रहे हैं। इस कारण स्कूल बंद कर दिया है। बच्चों की क्लासें गांव के मंदिर में लग रही है। गांव के खेत सेमनाला के पानी से डूबे पड़े हैं और गलियों में भी पानी आया हुआ है। ग्रामीणों ने घरों के गेट पर मिट्टी से भरे कट्टे लगा रखे हैं। ग्रामीणों ने पानी निकासी की मांग उठाते हुए मेडिकल कैंप लगाने का अपील की है। पशु भी चपेट में आए, कुछ भेड़ों की हुई मौत पशुपालक बोले कि, इस पानी से भेड़-बकरियों में भी बीमारी का प्रकोप देखने को मिला है। इस वजह से चरवाहों ने भेड़-बकरियों को गांव से बाहर ले जाना बंद कर दिया है और घर पर ही चारा डाल रहे हैं। पानी से गुजरने वाली भेड़ों के पांव में सूजन आ गई है और कुछ भेड़ों के खुर में कीड़े पड़ने की शिकायत है। कुछ भेड़ों की मौत भी हो चुकी है। भैंस भी मच्छरों के कारण बीमार हो रही है और दूध देना तक कम कर दिया है। गांव के हालात के बारे में इन फोटोज से जानिए… यह कहना है शक्कर मंदौरी गांव के लोगों का गंदे पानी से लोगों में त्वचा रोग और बुखार से डेंगू-मलेरिया के लक्षण आ रहे : साहिल साहिल सहारण ने बताया कि गांव में ऐसे हालात है कि फसलें सारी खराब हो गई। गांव में इतना ज्यादा पानी भर गया कि वो पानी बदबू भी मारने लग गया। उसमें मच्छर भी ज्यादा पैदा हो गए। लोगों को इतनी ज्यादा बीमारी होने लगी। जैसे त्वचा रोग और बुखार से डेंगू-मलेरिया के भी लक्षण आ रहे हैं। लोग मेडिकल से दवा ले रहे हैं और चौपटा से लेकर आते हैं। गांव से बाहर निकलते समय देखना पड़ता है कि कौन सी साइड से निकले। दिन में 100 मरीज दवा लेने आते हैं : मेडिकल स्टोर संचालक शक्कर मंदोरी से सहारण मेडिकॉज संचालक सुभाष सहारण ने बताया कि पिछले काफी दिनों से गांव में ड्रेन टूटने से आया पानी भरा हुआ है। इस गंदे पानी को निकालने की भी सुविधा नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी दो से चार बार आए और झूठा आश्वासन देकर चले गए। इस पानी के कारण गांव में बहुत से लोगों को एलर्जी की दिक्कत हो रखी है। पूरे दिन पानी से गुजरने पर पांव की ऐडी से नीचे की चमडी भी गलने को हाे गई है। दिन में करीब 100 मरीज ऐसे दवा लेने आते हैं, जिनको एलर्जी, नजला, खांसी व बुखार के होते हैं। पशुओं को भी दिक्कत आ रही है। पशुओं को पांव में खूर खराब हो रखे हैं और बुखार आ रही है। चौपटा, भटटू से एलर्जी के लिए 3 हजार की दवा ली : राजेंद्र राजेंद्र बोले कि मच्छरों के कारण एलर्जी हो रखी है। बुरा हाल हो रखा है। मुझे खुद पूरे शरीर पर एलर्जी हो रखी है। मैंने चौपटा, भटटू से करीब तीन हजार रुपए की दवा ले ली, जिनका कोई असर नहीं हुआ। किसी को कहने से कोई फायदा नहीं। गंदे पानी ने गांव को बीमारियों को जकड़ लिया : दीवान दीवान सहारण बोले कि गांव में स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। गांव के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। गांव की हर गली में गंदा पानी भरा हुआ है। बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं। इस गंदे पानी ने गांव को बीमारियों को जकड़ लिया है। गांव में एलर्जी व बुखार की दिक्कत है। स्वास्थ्य विभाग से न कोई डॉक्टर टीम आई है। गांव के चारों और पानी है और सारी फसल बर्बाद हो चुकी है। हाल ये हैं कि इस बार गांव से एक भी ट्राली मंडी में बिकने नहीं जाएगी। स्थानीय नेता आते हैं। आकर फोटो खिंचाकर चले गए। कांग्रेस वाले कहते कि हमारी सरकार नहीं है। इनेलो वाले आकर कहते कि हमारा विधायक नहीं है। बीजेपी का जिलाध्यक्ष आया था और पानी निकासी के लिए दो घंटे में मोटर मंगवाने के लिए कहा था। उसके बाद उनका फोन भी नहीं मिल रहा। गांव में हालात खराब, जांच के लिए नहीं आई टीम, निजी अस्पतालों से ला रहे दवा : सरपंच श्रीचंद शक्कर मंदोरी के सरपंच श्रीचंद ने बताया इस वक्त गांव में हालात बहुत खराब हो चुके हैं। स्कूल की बिल्डिंग भी कंडम होने से बच्चों को मंदिर में शिफ्ट कर दिया है। बच्चों को यहां बैठा भी नहीं सकते, ताकि कोई हादसा न हो। बारिश अधिक होने से खतरा बना हुआ है। डीसी व जिला परिषद चेयरमैन गांव में दौरा कर चुके हैं और पानी निकासी के लिए डीजल एवं हर मदद का आश्वासन दिया है। सरंपच बोले कि गांव में लोगों को एलर्जी हो रखी है। स्वास्थ्य विभाग से तो जांच के लिए कोई टीम नहीं आई है। लोग चौपटा जाकर या प्राइवेट अस्पतालों में जाकर करवा रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि स्वास्थ्य विभाग से टीम आए और सभी की जांच करवाए आदमी तो बोलकर बता सकता है, पर पशु बोल भी नहीं पाते, 20 भेड़ें मर गई : लीलूराम लीलूराम बोले कि ड्रेन टूटने के कारण भेड़-बकरियों की दुर्गति हो रखी है। कोई समाधान हो नहीं रहा। आदमी तो बोलकर कह सकता है, पर ये पशु कुछ कह भी नहीं पाते। गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। इस गंदे पानी में से गुजर नहीं सकती। बाड़े में ही बांध रखी है और यहीं पर चारा लाकर डालते हैं। पानी में चलने से भेड़-बकरियों के पांव में सूजन आ गई है और खुरों में कीड़े पड़ गए हैं। 15-20 भेड़ें इसी बीमारी के कारण मर गई। 50 से 60 भेड़ों में यह दिक्कत आई हुई है। इस बार तो हद हो गई। सीएमओ बोले-हमने मेडिकल टीम भेजी, अस्पताल में ओपीडी में हुई बढ़ोतरी सिरसा स्वास्थ्य विभाग से सीएमओ डॉ. महेंद्र भादू ने बताया कि सिविल अस्पताल में इस तरह केस बढ़े हैं। नाथुसरी चौपटा के कुछ गांव है, जहां पर जलभराव की स्थिति है। वहां पर उल्टी, दस्त, बुखार और त्वचा रोग केसों में बढ़ोतरी हुई है। उनके लिए मेडिकल ऑफिसर, सीएचओ और तीन मोबाइल टीम की डयूटी लगाई है और गांव में सर्वे कर रहे हैं।
सिरसा में घग्घर ड्रेन टूटने से पानी खेतों ही नहीं गांवों में घरों तक पहुंच गया है। यह पानी एक तरफ खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर रहा है, तो दूसरी तरफ गांव में संक्रमित बीमारियां भी फैलना शुरू हो गई है। गांव में हालात ऐसे हैं कि गलियों तक पानी भरा हुआ है, उसकी निकासी भी नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को एलर्जी, बुखार की शिकायत आ रही है। पशु भी बीमार पड़ने लगे हैं। बच्चों का स्कूल भी जलभराव के कारण बंद है। मंदिर में क्लासें लग रही है। यह हकीकत है जिले के शक्कर मंदौरी गांव की। गांव के चारों ओर सेमनाला का पानी आ चुका है। गांव से बाहर जाने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। बरसाती पानी के साथ-साथ केमिकलयुक्त और गंदा पानी आ रहा है। हर किसी को इस पानी के अंदर से होकर गुजरना पड़ता है। अगर, कोई एक बार पानी से कोई गुजर जाता है तो उसे पांव या हाथों पर एलर्जी की शिकायत हो जाती है। नजला (जुकाम) की शिकायत वाले मरीजों को अधिक परेशानी होती है। हर घर में संक्रमित या मच्छर जनित बीमारियां फैल चुकी है। किसी को हाथ-पांव, पीठ एवं शरीर के अन्य हिस्से पर एलर्जी हो गई है। किसी को खांसी तो, कोई डेंगू-मलेरिया की चपेट में आ रहा है। इसका अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। ग्रामीण बताते हैं एक महीने से यह दिक्कत है। मगर स्वास्थ्य विभाग से कोई भी टीम गांव में जांच के नहीं आई है। बड़ी बात है कि जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। दैनिक भास्कर एप के संवाददाता ने गांव की स्थिति का जायजा लिया तो मच्छरों के कारण 10 मिनट भी एक जगह बैठ पाना मुश्किल हो गया। सिविल अस्पताल में आयुष चिकित्सक के पास भेज रहे जांच कराने, त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं जिला सिविल अस्पताल में हर रोज त्वचा रोग के मरीज आते हैं। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण डॉक्टर मरीजों को आयुष डॉक्टर के पास जांच के लिए भेज देते हैं। अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में जाकर अपना इलाज करवा रहे हैं। महंगा इलाज करवाने को मजबूर है। खुद स्वास्थ्य विभाग ने इसे माना है। शक्कर मंदौरी गांव के मेडिकल संचालक से भी बात की तो उन्होंने बताया कि हर रोज एलर्जी, बुखार व जुकाम के करीब 100 मरीज दवा लेकर जाते हैं। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला दरअसल, हिसार-सिरसा घग्गर ड्रेन आदमपुर के चूली बागड़ियान, फतेहाबाद के जांडवाला गावं से होते हुए सिरसा जिले के चाहरवाला, शाहपुरिया और शक्कर मंदौरी में एंट्री होती है। इसके बाद यह नाथूसरी चौपटा एरिया से होते हुए ओटू हेड के पास घग्गर में मिल जाती है। इसलिए सबसे ज्यादा नुकसान चौपटा एरिया में ही है। यह ड्रेन टूटने से गुडियाखेड़ा, मोडियाखेड़ा, शाहपुरिया व शक्कर मंदौरी आदि गांव में खेत व सड़कों पर जलभराव की स्थिति है। पानी में मच्छर हो गए है और बदबू आने लगी है। इससे मच्छर जनित बीमारियां उत्पन्न हो गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से बात करने के बाद शुक्रवार को गांव में कैंप लगाया गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने इलाज कराया। यह है गांव के हालात इस वक्त गांव में प्राइमरी स्कूल और हाईस्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में दो से तीन फुट तक जलभराव है। पानी की निकासी हो नहीं रही। बिल्डिंग जर्जर हो रही है। ग्रामीण भी इस बिल्डिंग में बच्चों काे भेजने से डर रहे हैं। इस कारण स्कूल बंद कर दिया है। बच्चों की क्लासें गांव के मंदिर में लग रही है। गांव के खेत सेमनाला के पानी से डूबे पड़े हैं और गलियों में भी पानी आया हुआ है। ग्रामीणों ने घरों के गेट पर मिट्टी से भरे कट्टे लगा रखे हैं। ग्रामीणों ने पानी निकासी की मांग उठाते हुए मेडिकल कैंप लगाने का अपील की है। पशु भी चपेट में आए, कुछ भेड़ों की हुई मौत पशुपालक बोले कि, इस पानी से भेड़-बकरियों में भी बीमारी का प्रकोप देखने को मिला है। इस वजह से चरवाहों ने भेड़-बकरियों को गांव से बाहर ले जाना बंद कर दिया है और घर पर ही चारा डाल रहे हैं। पानी से गुजरने वाली भेड़ों के पांव में सूजन आ गई है और कुछ भेड़ों के खुर में कीड़े पड़ने की शिकायत है। कुछ भेड़ों की मौत भी हो चुकी है। भैंस भी मच्छरों के कारण बीमार हो रही है और दूध देना तक कम कर दिया है। गांव के हालात के बारे में इन फोटोज से जानिए… यह कहना है शक्कर मंदौरी गांव के लोगों का गंदे पानी से लोगों में त्वचा रोग और बुखार से डेंगू-मलेरिया के लक्षण आ रहे : साहिल साहिल सहारण ने बताया कि गांव में ऐसे हालात है कि फसलें सारी खराब हो गई। गांव में इतना ज्यादा पानी भर गया कि वो पानी बदबू भी मारने लग गया। उसमें मच्छर भी ज्यादा पैदा हो गए। लोगों को इतनी ज्यादा बीमारी होने लगी। जैसे त्वचा रोग और बुखार से डेंगू-मलेरिया के भी लक्षण आ रहे हैं। लोग मेडिकल से दवा ले रहे हैं और चौपटा से लेकर आते हैं। गांव से बाहर निकलते समय देखना पड़ता है कि कौन सी साइड से निकले। दिन में 100 मरीज दवा लेने आते हैं : मेडिकल स्टोर संचालक शक्कर मंदोरी से सहारण मेडिकॉज संचालक सुभाष सहारण ने बताया कि पिछले काफी दिनों से गांव में ड्रेन टूटने से आया पानी भरा हुआ है। इस गंदे पानी को निकालने की भी सुविधा नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी दो से चार बार आए और झूठा आश्वासन देकर चले गए। इस पानी के कारण गांव में बहुत से लोगों को एलर्जी की दिक्कत हो रखी है। पूरे दिन पानी से गुजरने पर पांव की ऐडी से नीचे की चमडी भी गलने को हाे गई है। दिन में करीब 100 मरीज ऐसे दवा लेने आते हैं, जिनको एलर्जी, नजला, खांसी व बुखार के होते हैं। पशुओं को भी दिक्कत आ रही है। पशुओं को पांव में खूर खराब हो रखे हैं और बुखार आ रही है। चौपटा, भटटू से एलर्जी के लिए 3 हजार की दवा ली : राजेंद्र राजेंद्र बोले कि मच्छरों के कारण एलर्जी हो रखी है। बुरा हाल हो रखा है। मुझे खुद पूरे शरीर पर एलर्जी हो रखी है। मैंने चौपटा, भटटू से करीब तीन हजार रुपए की दवा ले ली, जिनका कोई असर नहीं हुआ। किसी को कहने से कोई फायदा नहीं। गंदे पानी ने गांव को बीमारियों को जकड़ लिया : दीवान दीवान सहारण बोले कि गांव में स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। गांव के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। गांव की हर गली में गंदा पानी भरा हुआ है। बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं। इस गंदे पानी ने गांव को बीमारियों को जकड़ लिया है। गांव में एलर्जी व बुखार की दिक्कत है। स्वास्थ्य विभाग से न कोई डॉक्टर टीम आई है। गांव के चारों और पानी है और सारी फसल बर्बाद हो चुकी है। हाल ये हैं कि इस बार गांव से एक भी ट्राली मंडी में बिकने नहीं जाएगी। स्थानीय नेता आते हैं। आकर फोटो खिंचाकर चले गए। कांग्रेस वाले कहते कि हमारी सरकार नहीं है। इनेलो वाले आकर कहते कि हमारा विधायक नहीं है। बीजेपी का जिलाध्यक्ष आया था और पानी निकासी के लिए दो घंटे में मोटर मंगवाने के लिए कहा था। उसके बाद उनका फोन भी नहीं मिल रहा। गांव में हालात खराब, जांच के लिए नहीं आई टीम, निजी अस्पतालों से ला रहे दवा : सरपंच श्रीचंद शक्कर मंदोरी के सरपंच श्रीचंद ने बताया इस वक्त गांव में हालात बहुत खराब हो चुके हैं। स्कूल की बिल्डिंग भी कंडम होने से बच्चों को मंदिर में शिफ्ट कर दिया है। बच्चों को यहां बैठा भी नहीं सकते, ताकि कोई हादसा न हो। बारिश अधिक होने से खतरा बना हुआ है। डीसी व जिला परिषद चेयरमैन गांव में दौरा कर चुके हैं और पानी निकासी के लिए डीजल एवं हर मदद का आश्वासन दिया है। सरंपच बोले कि गांव में लोगों को एलर्जी हो रखी है। स्वास्थ्य विभाग से तो जांच के लिए कोई टीम नहीं आई है। लोग चौपटा जाकर या प्राइवेट अस्पतालों में जाकर करवा रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि स्वास्थ्य विभाग से टीम आए और सभी की जांच करवाए आदमी तो बोलकर बता सकता है, पर पशु बोल भी नहीं पाते, 20 भेड़ें मर गई : लीलूराम लीलूराम बोले कि ड्रेन टूटने के कारण भेड़-बकरियों की दुर्गति हो रखी है। कोई समाधान हो नहीं रहा। आदमी तो बोलकर कह सकता है, पर ये पशु कुछ कह भी नहीं पाते। गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। इस गंदे पानी में से गुजर नहीं सकती। बाड़े में ही बांध रखी है और यहीं पर चारा लाकर डालते हैं। पानी में चलने से भेड़-बकरियों के पांव में सूजन आ गई है और खुरों में कीड़े पड़ गए हैं। 15-20 भेड़ें इसी बीमारी के कारण मर गई। 50 से 60 भेड़ों में यह दिक्कत आई हुई है। इस बार तो हद हो गई। सीएमओ बोले-हमने मेडिकल टीम भेजी, अस्पताल में ओपीडी में हुई बढ़ोतरी सिरसा स्वास्थ्य विभाग से सीएमओ डॉ. महेंद्र भादू ने बताया कि सिविल अस्पताल में इस तरह केस बढ़े हैं। नाथुसरी चौपटा के कुछ गांव है, जहां पर जलभराव की स्थिति है। वहां पर उल्टी, दस्त, बुखार और त्वचा रोग केसों में बढ़ोतरी हुई है। उनके लिए मेडिकल ऑफिसर, सीएचओ और तीन मोबाइल टीम की डयूटी लगाई है और गांव में सर्वे कर रहे हैं।