यूपी के बहराइच में आदमखोर भेड़िया फिर लौट आया है। मां की गोद से 3 महीने की बच्ची को खींच ले गया। मां चिल्लाई तो पिता भेड़िए के पीछे दौड़ा, लेकिन अंधेरे में भेड़िया भाग गया। 3 घंटे बाद घर से करीब 600 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची का शव मिला। भेड़िया पूरा शरीर खा गया था। सिर्फ गेंद के बराबर सिर की हड्डी मिली। हाथ-पैर और धड़ गायब थे। बगल में ब्रेसलेट (कड़ा) पड़ा था, जिससे बच्ची की पहचान हुई। बच्ची का सिर देखकर मां-पिता बेसुध हो गए। पूरा मामला बौंडी थाना क्षेत्र के गांव भौंरी बहोरवा का है। भेड़िए ने शुक्रवार सुबह 3 बजे उस वक्त हमला किया, जब मां बच्ची को लेकर बरामदे में सो रही थी। पिछले 48 घंटे में जिले में भेड़िए के हमले में 2 बच्चों की मौत हो चुकी है। इससे पहले, बुधवार को भेड़िए ने 7 साल की बच्ची को मार डाला था। पिछले साल जुलाई-सितंबर में बहराइच की महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों में 9 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा घायल हुए थे। तब वन विभाग ने अभियान चलाकर 6 भेड़िए पकड़े थे। सालभर बाद इलाके में फिर से दहशत का माहौल है। रूह कंपाने वाली 2 तस्वीरें देखिए- चलिए, सिलसिलेवार पूरी घटना पढ़ते हैं- बौंडी थाना क्षेत्र के भौंरी बहोरवा गांव में दिनेश तिवारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी रानी ने बताया, ‘मैं अपनी तीन महीने की बच्ची संध्या को लेकर बरामदे में सो रही थी। रात करीब 3 बजे अचानक भेड़िया वहां आ गया और बच्ची को जबड़े में दबोचकर भाग निकला। उसकी आवाज से मेरी नींद खुली। देखा तो भेड़िया बेटी को जबड़े में दबाकर खेत की ओर ले जा रहा था। मैंने शोर मचाया तो पति और परिजन जाग गए। पति ने लाठी लेकर भेड़िए का पीछा किया, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।’ बच्ची के पिता ने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया और वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीण और वन विभाग की टीम खेतों में बच्ची की तलाश करने लगे। सुबह 6 बजे गन्ने के खेत में बच्ची की सिर्फ खोपड़ी की हड्डी मिली। बाकी शरीर भेड़िया खा चुका था। पिता बोले- हाथ के ब्रेसलेट से पहचाना
बच्ची के पिता दिनेश तिवारी ने बताया- खेत में पड़ी खोपड़ी से तो मैं शव को पहचान ही नहीं पाया। लेकिन पास में ही मेरी बेटी के हाथ का ब्रेसलेट और कुछ दूरी पर फटे हुए कपड़े पड़े थे। इन्हीं से मैंने बेटी के शव की पहचान की। हम लोगों ने ग्रामीणों और वन विभाग के साथ मिलकर आसपास के करीब 1 किलोमीटर एरिया में शव के बाकी हिस्सों को खोजा, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हो सका। DFO बोले- भेड़िए के पैर के निशान मिले
वन विभाग के डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया- हमले के पैटर्न और पगचिह्न भेड़िए के लग रहे हैं। इलाके में गश्त बढ़ाई गई है। पिंजरे लगाए जाएंगे। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। दो दिन पहले 7 साल की बच्ची बनी शिकार 10 सितंबर को भी बहराइच में कैसरगंज इलाके में भेड़िए ने 7 साल की बच्ची को मार डाला था। रात 10 बजे भेड़िया चुपके से घर में घुसा। उस वक्त मासूम खाना खा रही थी। बच्ची को जबड़े में दबोचकर भागने लगा। बेटी की चीख सुनकर पास में ही लेटे पिता और चाचा लाठी लेकर दौड़े, लेकिन अंधेरे के चलते भेड़िया भाग गया। परिजनों ने चिल्लाकर गांव वालों को बुलाया। इसके बाद पूरी रात गांव वाले लाठी लेकर बच्ची को तलाशते रहे, लेकिन नहीं मिली। बुधवार सुबह घर से 800 मीटर दूर खेत में बच्ची का शव मिला था। शुक्रवार को जहां भेड़िए का हमला हुआ, वहां से इसकी दूरी 8 किमी दूर है। (पढ़ें पूरी खबर) पिछले साल भेड़ियों ने 9 की जान ली थी
बहराइच में पिछले साल भी भेड़ियों ने इलाके में दहशत मचाई थी। जुलाई-सितंबर 2024 में महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों में 9 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा घायल हुए थे। तब वन विभाग ने 6 भेड़ियों को पकड़ा था। —————– ये खबर भी पढ़ें- यूपी में कैमरे पर लाशों का सौदा, पोस्टमॉर्टम कर्मचारी-पुलिस की डील, बोले- एक लाश डेढ़ लाख में ‘महीने में 30 से 40 लाशें निकल जाती हैं। आप बहुत कम दे रहे हैं। अभी पुराना रिकॉर्ड देखा जाए… उस समय डेढ़ लाख का रेट चल रहा था। राममूर्ति वाले डेढ़ लाख रुपए देकर जाते थे।’ यह दावा है बरेली के पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारी सुनील का। यूपी के बरेली में लाशों का सौदा हो रहा है। पढ़िए पूरी खबर…
यूपी के बहराइच में आदमखोर भेड़िया फिर लौट आया है। मां की गोद से 3 महीने की बच्ची को खींच ले गया। मां चिल्लाई तो पिता भेड़िए के पीछे दौड़ा, लेकिन अंधेरे में भेड़िया भाग गया। 3 घंटे बाद घर से करीब 600 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची का शव मिला। भेड़िया पूरा शरीर खा गया था। सिर्फ गेंद के बराबर सिर की हड्डी मिली। हाथ-पैर और धड़ गायब थे। बगल में ब्रेसलेट (कड़ा) पड़ा था, जिससे बच्ची की पहचान हुई। बच्ची का सिर देखकर मां-पिता बेसुध हो गए। पूरा मामला बौंडी थाना क्षेत्र के गांव भौंरी बहोरवा का है। भेड़िए ने शुक्रवार सुबह 3 बजे उस वक्त हमला किया, जब मां बच्ची को लेकर बरामदे में सो रही थी। पिछले 48 घंटे में जिले में भेड़िए के हमले में 2 बच्चों की मौत हो चुकी है। इससे पहले, बुधवार को भेड़िए ने 7 साल की बच्ची को मार डाला था। पिछले साल जुलाई-सितंबर में बहराइच की महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों में 9 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा घायल हुए थे। तब वन विभाग ने अभियान चलाकर 6 भेड़िए पकड़े थे। सालभर बाद इलाके में फिर से दहशत का माहौल है। रूह कंपाने वाली 2 तस्वीरें देखिए- चलिए, सिलसिलेवार पूरी घटना पढ़ते हैं- बौंडी थाना क्षेत्र के भौंरी बहोरवा गांव में दिनेश तिवारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी रानी ने बताया, ‘मैं अपनी तीन महीने की बच्ची संध्या को लेकर बरामदे में सो रही थी। रात करीब 3 बजे अचानक भेड़िया वहां आ गया और बच्ची को जबड़े में दबोचकर भाग निकला। उसकी आवाज से मेरी नींद खुली। देखा तो भेड़िया बेटी को जबड़े में दबाकर खेत की ओर ले जा रहा था। मैंने शोर मचाया तो पति और परिजन जाग गए। पति ने लाठी लेकर भेड़िए का पीछा किया, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।’ बच्ची के पिता ने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया और वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीण और वन विभाग की टीम खेतों में बच्ची की तलाश करने लगे। सुबह 6 बजे गन्ने के खेत में बच्ची की सिर्फ खोपड़ी की हड्डी मिली। बाकी शरीर भेड़िया खा चुका था। पिता बोले- हाथ के ब्रेसलेट से पहचाना
बच्ची के पिता दिनेश तिवारी ने बताया- खेत में पड़ी खोपड़ी से तो मैं शव को पहचान ही नहीं पाया। लेकिन पास में ही मेरी बेटी के हाथ का ब्रेसलेट और कुछ दूरी पर फटे हुए कपड़े पड़े थे। इन्हीं से मैंने बेटी के शव की पहचान की। हम लोगों ने ग्रामीणों और वन विभाग के साथ मिलकर आसपास के करीब 1 किलोमीटर एरिया में शव के बाकी हिस्सों को खोजा, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हो सका। DFO बोले- भेड़िए के पैर के निशान मिले
वन विभाग के डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया- हमले के पैटर्न और पगचिह्न भेड़िए के लग रहे हैं। इलाके में गश्त बढ़ाई गई है। पिंजरे लगाए जाएंगे। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। दो दिन पहले 7 साल की बच्ची बनी शिकार 10 सितंबर को भी बहराइच में कैसरगंज इलाके में भेड़िए ने 7 साल की बच्ची को मार डाला था। रात 10 बजे भेड़िया चुपके से घर में घुसा। उस वक्त मासूम खाना खा रही थी। बच्ची को जबड़े में दबोचकर भागने लगा। बेटी की चीख सुनकर पास में ही लेटे पिता और चाचा लाठी लेकर दौड़े, लेकिन अंधेरे के चलते भेड़िया भाग गया। परिजनों ने चिल्लाकर गांव वालों को बुलाया। इसके बाद पूरी रात गांव वाले लाठी लेकर बच्ची को तलाशते रहे, लेकिन नहीं मिली। बुधवार सुबह घर से 800 मीटर दूर खेत में बच्ची का शव मिला था। शुक्रवार को जहां भेड़िए का हमला हुआ, वहां से इसकी दूरी 8 किमी दूर है। (पढ़ें पूरी खबर) पिछले साल भेड़ियों ने 9 की जान ली थी
बहराइच में पिछले साल भी भेड़ियों ने इलाके में दहशत मचाई थी। जुलाई-सितंबर 2024 में महसी तहसील में भेड़ियों के हमलों में 9 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा घायल हुए थे। तब वन विभाग ने 6 भेड़ियों को पकड़ा था। —————– ये खबर भी पढ़ें- यूपी में कैमरे पर लाशों का सौदा, पोस्टमॉर्टम कर्मचारी-पुलिस की डील, बोले- एक लाश डेढ़ लाख में ‘महीने में 30 से 40 लाशें निकल जाती हैं। आप बहुत कम दे रहे हैं। अभी पुराना रिकॉर्ड देखा जाए… उस समय डेढ़ लाख का रेट चल रहा था। राममूर्ति वाले डेढ़ लाख रुपए देकर जाते थे।’ यह दावा है बरेली के पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारी सुनील का। यूपी के बरेली में लाशों का सौदा हो रहा है। पढ़िए पूरी खबर…