अजमेर के वायुसेना जवान की गोली लगने से मौत हो गई। पश्चिम बंगाल के हासीमारा एयरफोर्स स्टेशन पर पोस्टेड पुलकित (26) एयरमैन थे। उनका आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलकित के पिता ने बताया उन्हें 9 सितंबर की शाम को गोली लगी थी। फायरिंग के कारणों की जांच चल रही है। परिवार को 10 सितंबर को घटना की जानकारी मिली थी। पुलकित ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे। वे 3 सितंबर को छुट्टी पर आए थे। उन्होंने बहनों के साथ 5 सितंबर को जयपुर में बर्थडे भी सेलिब्रेट किया था। इसके बाद ड्यूटी पर लौटे थे। 7 साल पहले जॉइन की थी एयरफोर्स अजमेर के कोटड़ा के रहने वाले पुलकित की पार्थिव देह शुक्रवार सुबह उनके घर लाई गई। यहां कुछ देर अंतिम दर्शनों के बाद उनकी देह को राम नगर में उनके पुश्तैनी घर ले जाया गया। यहां से अंतिम यात्रा निकाली गई। जानकारी के अनुसार पुलकित ने बीटेक करने के बाद साल 2018 में एयरफोर्स जॉइन की थी। उनकी पहली पोस्टिंग बेंगलुरु में हुई थी। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अधिकारी हैं। परिवार में दो बड़ी बहनें और मां हैं। ऑपरेशन सिंदूर में फिरोजपुर में हुई थी पोस्टिंग जवान के पिता ने बताया कि पुलकित पढ़ाई में काफी होशियार थे। सेना में जाने का उनका हमेशा से सपना था। घटना वाले दिन शाम को उनसे बात हुई थी। वो ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे। इस दौरान उनकी पोस्टिंग फिरोजपुर में थी। उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। भारतीय एयरफोर्स का हिस्सा रहना सम्मान की बात है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक पुलकित ने खुद को गोली मारी है। हालांकि एयरफोर्स और परिजनों ने कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया है। जवान की अंतिम यात्रा से जुड़े PHOTOS…
अजमेर के वायुसेना जवान की गोली लगने से मौत हो गई। पश्चिम बंगाल के हासीमारा एयरफोर्स स्टेशन पर पोस्टेड पुलकित (26) एयरमैन थे। उनका आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलकित के पिता ने बताया उन्हें 9 सितंबर की शाम को गोली लगी थी। फायरिंग के कारणों की जांच चल रही है। परिवार को 10 सितंबर को घटना की जानकारी मिली थी। पुलकित ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे। वे 3 सितंबर को छुट्टी पर आए थे। उन्होंने बहनों के साथ 5 सितंबर को जयपुर में बर्थडे भी सेलिब्रेट किया था। इसके बाद ड्यूटी पर लौटे थे। 7 साल पहले जॉइन की थी एयरफोर्स अजमेर के कोटड़ा के रहने वाले पुलकित की पार्थिव देह शुक्रवार सुबह उनके घर लाई गई। यहां कुछ देर अंतिम दर्शनों के बाद उनकी देह को राम नगर में उनके पुश्तैनी घर ले जाया गया। यहां से अंतिम यात्रा निकाली गई। जानकारी के अनुसार पुलकित ने बीटेक करने के बाद साल 2018 में एयरफोर्स जॉइन की थी। उनकी पहली पोस्टिंग बेंगलुरु में हुई थी। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अधिकारी हैं। परिवार में दो बड़ी बहनें और मां हैं। ऑपरेशन सिंदूर में फिरोजपुर में हुई थी पोस्टिंग जवान के पिता ने बताया कि पुलकित पढ़ाई में काफी होशियार थे। सेना में जाने का उनका हमेशा से सपना था। घटना वाले दिन शाम को उनसे बात हुई थी। वो ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे। इस दौरान उनकी पोस्टिंग फिरोजपुर में थी। उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। भारतीय एयरफोर्स का हिस्सा रहना सम्मान की बात है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक पुलकित ने खुद को गोली मारी है। हालांकि एयरफोर्स और परिजनों ने कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया है। जवान की अंतिम यात्रा से जुड़े PHOTOS…