मणिपुर के संयुक्त नगा परिषद (UNC) ने केंद्र सरकार के खिलाफ ‘व्यापार प्रतिबंध’ शुरू किया है। इसके तहत बुधवार को नागा-प्रधान इलाकों और राज्य से निकलने वाले नेशनल हाईवे 2 और 37 को ब्लॉक किया। अब यहां पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है। UNC केंद्र के 1643KM लंबे भारत-म्यांमार बॉर्डर पर फेंसिंग और फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) समाप्त करने के फैसले का विरोध कर रहा है। साथ ही UNC 26 अगस्त 2025 को केंद्र के साथ हुई असफल बैठक और उनकी चिंताओं पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने से भी नाराज है। UNC ने इलाकों को ब्लॉक किया गया उनमें सेनापति, उखरुल और तमेंगलॉन्ग जिले शामिल हैं। इससे मणिपुर के अन्य हिस्सों में आपूर्ति लाइन बाधित हो गई है, जिसमें केंद्रीय घाटी और दक्षिणी कुकी-प्रधान पहाड़ी क्षेत्र भी शामिल हैं। UNC की मांग है कि नागा-प्रधान क्षेत्रों में बॉर्डर फेंसिंग को रोका जाना चाहिए। साथ ही FMR बहाल किया जाना चाहिए और नागा शांति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। क्यों महत्वपूर्ण है NH-2 और 37 हाईवे NH-2 और 37 हाईवे मणिपुर और पूरे पूर्वोत्तर के लिए बेहद जरूरी है। NH2 नगालैंड के दीमापुर को मणिपुर की राजधानी इंफाल से जोड़ता है। हाईवे मणिपुर-नगालैंड-मिजोरम का शेष भारत से संपर्क बनाए रखता है। मणिपुर में जरूरतों, जैसे – खाने-पीने का सामान, दवा, ईंधन और व्यापार के सामान, इसी हाईवे से आते-जाते हैं। वहीं, NH37 असम के बदरपुर से इंफाल को जोड़ता है। यह क्षेत्रीय परिवहन और व्यापार को आसान बनाता है। दोनों हाईवे सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच व्यापार, पर्यटन और आपसी जुड़ाव बनाए रखने के लिए दोनों हाईवे जीवनरेखा की तरह काम करते हैं। PM मोदी 13 सितंबर को मणिपुर जा सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर जा सकते हैं। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पीएम मिजोरम में रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। मणिपुर हिंसा के बाद मोदी का यह पहला मणिपुर दौरा है। मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। दौरे की तैयारियों के बीच जिला मजिस्ट्रेट धरुण कुमार ने चुराचांदपुर जिले में गुरुवार को नो-ड्रोन जोन घोषित कर दिया है। आदेश के मुताबिक, अब जिले की सीमा में बिना सरकारी अनुमति के कोई भी ड्रोन, UAV, गुब्बारे या अन्य उड़ने वाले यंत्र उड़ाना प्रतिबंधित होगा। चुराचांदपुर कुकी बहुल है और मिजोरम से सटा हुआ है। 4 पॉइंट्स में समझिए मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं। ………………………… मणिपुर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कांग्रेस सांसद गौरव गोगाई ने कहा- पीएम को मणिपुर के लोगों से माफी मांगने चाहिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा था कि PM मोदी की मणिपुर की संभावित यात्रा को किसी लक्ष्य का अंत नहीं मानना चाहिए, बल्कि राज्य में शांति, न्याय, सुलह और लोकतंत्र को वापस लाने की लंबी यात्रा की सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा था कि PM की संभावित यात्रा दो साल पहले होनी चाहिए थी। पढ़ें पूरी खबर… मणिपुर में सरकार-कुकी के बीच समझौते से कौन खुश: मैतेई बोले- ये एकतरफा, PM मोदी आए तो क्या बदलेगा मणिपुर में सरकार और कुकी संगठनों के बीच हुए समझौते के मायने मैतेई लीडर दो लाइन में समझा देते हैं। नाम ना जाहिर करने की शर्त पर वे कहते हैं कि शांति चाहिए तो सबको साथ लेकर चलना था। वहीं, कुकी कम्युनिटी का कहना है ‘हम केंद्र सरकार से जो उम्मीद कर रहे थे, ये समझौता उससे काफी कम है।’ पूरी खबर पढ़ें…
मणिपुर के संयुक्त नगा परिषद (UNC) ने केंद्र सरकार के खिलाफ ‘व्यापार प्रतिबंध’ शुरू किया है। इसके तहत बुधवार को नागा-प्रधान इलाकों और राज्य से निकलने वाले नेशनल हाईवे 2 और 37 को ब्लॉक किया। अब यहां पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है। UNC केंद्र के 1643KM लंबे भारत-म्यांमार बॉर्डर पर फेंसिंग और फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) समाप्त करने के फैसले का विरोध कर रहा है। साथ ही UNC 26 अगस्त 2025 को केंद्र के साथ हुई असफल बैठक और उनकी चिंताओं पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने से भी नाराज है। UNC ने इलाकों को ब्लॉक किया गया उनमें सेनापति, उखरुल और तमेंगलॉन्ग जिले शामिल हैं। इससे मणिपुर के अन्य हिस्सों में आपूर्ति लाइन बाधित हो गई है, जिसमें केंद्रीय घाटी और दक्षिणी कुकी-प्रधान पहाड़ी क्षेत्र भी शामिल हैं। UNC की मांग है कि नागा-प्रधान क्षेत्रों में बॉर्डर फेंसिंग को रोका जाना चाहिए। साथ ही FMR बहाल किया जाना चाहिए और नागा शांति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। क्यों महत्वपूर्ण है NH-2 और 37 हाईवे NH-2 और 37 हाईवे मणिपुर और पूरे पूर्वोत्तर के लिए बेहद जरूरी है। NH2 नगालैंड के दीमापुर को मणिपुर की राजधानी इंफाल से जोड़ता है। हाईवे मणिपुर-नगालैंड-मिजोरम का शेष भारत से संपर्क बनाए रखता है। मणिपुर में जरूरतों, जैसे – खाने-पीने का सामान, दवा, ईंधन और व्यापार के सामान, इसी हाईवे से आते-जाते हैं। वहीं, NH37 असम के बदरपुर से इंफाल को जोड़ता है। यह क्षेत्रीय परिवहन और व्यापार को आसान बनाता है। दोनों हाईवे सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच व्यापार, पर्यटन और आपसी जुड़ाव बनाए रखने के लिए दोनों हाईवे जीवनरेखा की तरह काम करते हैं। PM मोदी 13 सितंबर को मणिपुर जा सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर जा सकते हैं। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पीएम मिजोरम में रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। मणिपुर हिंसा के बाद मोदी का यह पहला मणिपुर दौरा है। मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। दौरे की तैयारियों के बीच जिला मजिस्ट्रेट धरुण कुमार ने चुराचांदपुर जिले में गुरुवार को नो-ड्रोन जोन घोषित कर दिया है। आदेश के मुताबिक, अब जिले की सीमा में बिना सरकारी अनुमति के कोई भी ड्रोन, UAV, गुब्बारे या अन्य उड़ने वाले यंत्र उड़ाना प्रतिबंधित होगा। चुराचांदपुर कुकी बहुल है और मिजोरम से सटा हुआ है। 4 पॉइंट्स में समझिए मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं। ………………………… मणिपुर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कांग्रेस सांसद गौरव गोगाई ने कहा- पीएम को मणिपुर के लोगों से माफी मांगने चाहिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा था कि PM मोदी की मणिपुर की संभावित यात्रा को किसी लक्ष्य का अंत नहीं मानना चाहिए, बल्कि राज्य में शांति, न्याय, सुलह और लोकतंत्र को वापस लाने की लंबी यात्रा की सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा था कि PM की संभावित यात्रा दो साल पहले होनी चाहिए थी। पढ़ें पूरी खबर… मणिपुर में सरकार-कुकी के बीच समझौते से कौन खुश: मैतेई बोले- ये एकतरफा, PM मोदी आए तो क्या बदलेगा मणिपुर में सरकार और कुकी संगठनों के बीच हुए समझौते के मायने मैतेई लीडर दो लाइन में समझा देते हैं। नाम ना जाहिर करने की शर्त पर वे कहते हैं कि शांति चाहिए तो सबको साथ लेकर चलना था। वहीं, कुकी कम्युनिटी का कहना है ‘हम केंद्र सरकार से जो उम्मीद कर रहे थे, ये समझौता उससे काफी कम है।’ पूरी खबर पढ़ें…