भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत की सीबीआई जांच जारी है। सीबीआई ने उन लोगों से पूछताछ की जिन्होंने पहली बार मनीषा का शव देखा ताकि पता चल सके उस दिन उन्होंने क्या देखा था। सीबीआई टीम ने प्ले-स्कूल संचालक, कॉलेज संचालक और स्थानीय दवा विक्रेता से भी पूछताछ की है। मनीषा के परिवार वालों से अब तक तीन बार पूछताछ की जा चुकी है। घटनास्थल पर भी सीबीआई टीम तीन बार जा चुकी है और वहां निरीक्षण कर चुकी है। टीम लगातार कदम-दर-कदम जांच कर रही है और हर शक के पहलू की तफ्तीश कर रही है। चश्मदीद से सीबीआई की पूछताछ, शव ऐसे मिला था सामने
भिवानी की शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में सीबीआई ने चश्मदीदों से पूछताछ की। गांव खरकड़ी निवासी सत्यपाल ने बताया कि सीबीआई की टीम के चार अधिकारी उसके पास पहुंचे थे। उस वक्त वह खेतों में बकरी चरा रहा था। उसके साथ गांव का ही ईश्वर भी था, जिसने सबसे पहले मनीषा का शव देखा था। सत्यपाल के मुताबिक, सीबीआई ने करीब 10-15 मिनट तक पूछताछ की और उस दिन की स्थिति जाननी चाही। सत्यपाल ने बताया कि जब ईश्वर खेतों में आया तो वहां कुत्ते लगे हुए थे। ईश्वर ने सोचा कि बकरी का बच्चा छोड़ा गया है और इसी बात को लेकर पहले दोनों में बातचीत हुई। बाद में जब दोनों खेत में पहुंचे तो कुत्तों का झुंड उनकी तरफ दौड़ा। उन्होंने डंडों से कुत्तों को भगाया, तभी मनीषा का शव दिखाई दिया। इसके बाद सीबीआई की टीम पूछताछ पूरी कर लौट गई। 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी सीबीआई
सीबीआई की टीम 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी। टीम ने सबसे पहले पुलिस से केस से जुड़े रिकॉर्ड मांगे और हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद सीबीआई ने मनीषा के प्ले-स्कूल संचालक से घंटों पूछताछ की। इस दौरान मनीषा से जुड़े कई सवाल किए गए। दवा विक्रेता से भी पूछताछ हुई, जिसमें मनीषा के स्प्रे लेने और दवा खरीदने से जुड़े सवाल पूछे गए। टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और कॉलेज संचालकों से भी जानकारी ली। वहीं मनीषा के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ हुई, जिसमें मनीषा की दिनचर्या और उससे जुड़े पहलुओं पर सवाल किए गए।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत की सीबीआई जांच जारी है। सीबीआई ने उन लोगों से पूछताछ की जिन्होंने पहली बार मनीषा का शव देखा ताकि पता चल सके उस दिन उन्होंने क्या देखा था। सीबीआई टीम ने प्ले-स्कूल संचालक, कॉलेज संचालक और स्थानीय दवा विक्रेता से भी पूछताछ की है। मनीषा के परिवार वालों से अब तक तीन बार पूछताछ की जा चुकी है। घटनास्थल पर भी सीबीआई टीम तीन बार जा चुकी है और वहां निरीक्षण कर चुकी है। टीम लगातार कदम-दर-कदम जांच कर रही है और हर शक के पहलू की तफ्तीश कर रही है। चश्मदीद से सीबीआई की पूछताछ, शव ऐसे मिला था सामने
भिवानी की शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में सीबीआई ने चश्मदीदों से पूछताछ की। गांव खरकड़ी निवासी सत्यपाल ने बताया कि सीबीआई की टीम के चार अधिकारी उसके पास पहुंचे थे। उस वक्त वह खेतों में बकरी चरा रहा था। उसके साथ गांव का ही ईश्वर भी था, जिसने सबसे पहले मनीषा का शव देखा था। सत्यपाल के मुताबिक, सीबीआई ने करीब 10-15 मिनट तक पूछताछ की और उस दिन की स्थिति जाननी चाही। सत्यपाल ने बताया कि जब ईश्वर खेतों में आया तो वहां कुत्ते लगे हुए थे। ईश्वर ने सोचा कि बकरी का बच्चा छोड़ा गया है और इसी बात को लेकर पहले दोनों में बातचीत हुई। बाद में जब दोनों खेत में पहुंचे तो कुत्तों का झुंड उनकी तरफ दौड़ा। उन्होंने डंडों से कुत्तों को भगाया, तभी मनीषा का शव दिखाई दिया। इसके बाद सीबीआई की टीम पूछताछ पूरी कर लौट गई। 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी सीबीआई
सीबीआई की टीम 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी। टीम ने सबसे पहले पुलिस से केस से जुड़े रिकॉर्ड मांगे और हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद सीबीआई ने मनीषा के प्ले-स्कूल संचालक से घंटों पूछताछ की। इस दौरान मनीषा से जुड़े कई सवाल किए गए। दवा विक्रेता से भी पूछताछ हुई, जिसमें मनीषा के स्प्रे लेने और दवा खरीदने से जुड़े सवाल पूछे गए। टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और कॉलेज संचालकों से भी जानकारी ली। वहीं मनीषा के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ हुई, जिसमें मनीषा की दिनचर्या और उससे जुड़े पहलुओं पर सवाल किए गए।