मोहाली पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों का संबंध टैक्सी ड्राइवर अनिल कुमार के अपहरण और हत्या से निकला है। अनिल, जो नयागांव का निवासी था, घर से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन सवारी लेने गया था और उसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। उसकी कार रोपड़ टोल पर देखी गई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल बशीर, मुनीश सिंह और एजाज अहमद के रूप में हुई है। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी। आरोपियों से खुलासे के बाद मिला शव
तीनों आरोपियों ने पुलिस को टैक्सी ड्राइवर के अपहरण और मर्डर की जानकारी दी। साथ ही युवक के शव के बारे में खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, युवक का शव मोहाली से बरामद हुआ है, जबकि कार किसी अन्य जिले से पुलिस ने जब्त की है। आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल की गई .32 बोर पिस्तौल भी बरामद की गई है। मुख्य आरोपी साहिल बशीर पहले से ही यूएपीए और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित है। उसका भाई एजाज अहमद भी पहले हथियारों के साथ गिरफ्तार हो चुका है। दोनों जैश-ए-मोहम्मद के ओवरग्राउंड वर्कर बताए जा रहे हैं। परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं हुआ
अनिल ने शुक्रवार रात करीब 10 बजे आखिरी बार घर पर फोन किया था। उस समय उसने बताया था कि वह खरड़ इलाके से सवारी लेकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन जा रहा है। उसने यह भी कहा था कि यह उसकी दिन की आखिरी बुकिंग है और इसके बाद वह सीधे घर आकर खाना खाएगा। लेकिन इसके बाद से परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। रेलवे स्टेशन की जगह कार रोपड़ की तरफ गई
जब अनिल का कोई पता नहीं चला तो परिवार ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि रात करीब 11:45 बजे उसकी कार कुराली टोल प्लाजा से गुजरी। कार के नंबर से इसकी पहचान हुई। परिवार ने टोल प्लाजा का सीसीटीवी फुटेज देखा, जिसमें कार को एक अज्ञात व्यक्ति चला रहा है और उसके बगल वाली सीट पर दूसरा शख्स बैठा है। कार चालक ने काले कपड़े से अपना मुंह ढका हुआ था। रात 1:02 बजे बहराम टोल प्लाजा पर दिखी
परिवार को आशंका है कि अनिल के साथ कोई अनहोनी हुई है। जानकारी के अनुसार, कुराली के बाद उसकी कार रात 12:03 बजे रोपड़ की ओर जाने वाले रास्ते पर पड़ने वाले एक अन्य टोल प्लाजा से गुजरी। इसके बाद यह कार रात करीब 1:02 बजे बहराम टोल प्लाजा पर देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुराली से बहराम टोल प्लाजा तक पहुंचने में सामान्यतः 40 से 45 मिनट का समय लगता है, लेकिन अनिल की कार को लगभग 1 घंटा लगा। ऐसे में परिवार को आशंका है कि रास्ते में करीब 15 मिनट गाड़ी रोककर अनिल के साथ कोई वारदात हुई होगी।
मोहाली पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों का संबंध टैक्सी ड्राइवर अनिल कुमार के अपहरण और हत्या से निकला है। अनिल, जो नयागांव का निवासी था, घर से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन सवारी लेने गया था और उसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। उसकी कार रोपड़ टोल पर देखी गई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल बशीर, मुनीश सिंह और एजाज अहमद के रूप में हुई है। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी। आरोपियों से खुलासे के बाद मिला शव
तीनों आरोपियों ने पुलिस को टैक्सी ड्राइवर के अपहरण और मर्डर की जानकारी दी। साथ ही युवक के शव के बारे में खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, युवक का शव मोहाली से बरामद हुआ है, जबकि कार किसी अन्य जिले से पुलिस ने जब्त की है। आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल की गई .32 बोर पिस्तौल भी बरामद की गई है। मुख्य आरोपी साहिल बशीर पहले से ही यूएपीए और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित है। उसका भाई एजाज अहमद भी पहले हथियारों के साथ गिरफ्तार हो चुका है। दोनों जैश-ए-मोहम्मद के ओवरग्राउंड वर्कर बताए जा रहे हैं। परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं हुआ
अनिल ने शुक्रवार रात करीब 10 बजे आखिरी बार घर पर फोन किया था। उस समय उसने बताया था कि वह खरड़ इलाके से सवारी लेकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन जा रहा है। उसने यह भी कहा था कि यह उसकी दिन की आखिरी बुकिंग है और इसके बाद वह सीधे घर आकर खाना खाएगा। लेकिन इसके बाद से परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। रेलवे स्टेशन की जगह कार रोपड़ की तरफ गई
जब अनिल का कोई पता नहीं चला तो परिवार ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि रात करीब 11:45 बजे उसकी कार कुराली टोल प्लाजा से गुजरी। कार के नंबर से इसकी पहचान हुई। परिवार ने टोल प्लाजा का सीसीटीवी फुटेज देखा, जिसमें कार को एक अज्ञात व्यक्ति चला रहा है और उसके बगल वाली सीट पर दूसरा शख्स बैठा है। कार चालक ने काले कपड़े से अपना मुंह ढका हुआ था। रात 1:02 बजे बहराम टोल प्लाजा पर दिखी
परिवार को आशंका है कि अनिल के साथ कोई अनहोनी हुई है। जानकारी के अनुसार, कुराली के बाद उसकी कार रात 12:03 बजे रोपड़ की ओर जाने वाले रास्ते पर पड़ने वाले एक अन्य टोल प्लाजा से गुजरी। इसके बाद यह कार रात करीब 1:02 बजे बहराम टोल प्लाजा पर देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुराली से बहराम टोल प्लाजा तक पहुंचने में सामान्यतः 40 से 45 मिनट का समय लगता है, लेकिन अनिल की कार को लगभग 1 घंटा लगा। ऐसे में परिवार को आशंका है कि रास्ते में करीब 15 मिनट गाड़ी रोककर अनिल के साथ कोई वारदात हुई होगी।