भाखड़ा नहर से पानी के बंटवारे को लेकर हरियाणा और पंजाब सरकार के बीच 3 दिन से सीधी लड़ाई चल रही है। AAP सरकार ने इसको लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में 2 घंटे तक ऑल पार्टी मीटिंग की। इसका न्योता पार्टी के अध्यक्षों को दिया गया था लेकिन सिर्फ BJP के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ही पहुंचे। कांग्रेस और अकाली दल ने प्रतिनिधि भेजे। मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसी बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय की पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और राजस्थान के अधिकारियों से मीटिंग शुरू हो चुकी है। जिसमें पानी को लेकर हुए विवाद के बाद की स्थिति को लेकर चर्चा की जाएगी। ऑल पार्टी मीटिंग के बाद किसने क्या कहा पंजाब CM भगवंत मान की 2 अहम बातें पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ की 2 अहम बातें वहीं इसको लेकर हरियाणा सरकार हाईकोर्ट में भी जाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक एडवोकेट जनरल को ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा गया है। हरियाणा की जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। मंत्री श्रुति चौधरी की 3 अहम बातें… हरियाणा में अधिकारियों के हेडक्वार्टर छोड़ने पर रोक: वहीं हरियाणा में पानी के संकट को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने सभी जिलों में तैनात एसई, एक्सईन, एसडीओ और जेई को किसी भी हालत में हेडक्वार्टर ना छोड़ने को कहा है। उन्होंने आदेश दिया कि जहां पानी की किल्लत है, वहां दूसरी जगह से पानी लेकर उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि हिसार, सिरसा, महेंद्रगढ़, नारनौल और फतेहाबाद में दिक्कत ज्यादा है। पेयजल की राशनिंग की जा रही है। हरियाणा और पंजाब में पानी के विवाद की वजह क्या..
बता दें कि पंजाब ने करीब 18 दिन से भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले साढ़े 8 हजार क्यूसिक पानी को घटाकर 4 हजार क्यूसिक कर दिया। पंजाब के CM भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा अपने कोटे का पानी मार्च में ही खत्म कर चुका है। वह 4 हजार क्यूसिक भी मानवता के आधार पर दे रहे हैं।
भाखड़ा नहर से पानी के बंटवारे को लेकर हरियाणा और पंजाब सरकार के बीच 3 दिन से सीधी लड़ाई चल रही है। AAP सरकार ने इसको लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में 2 घंटे तक ऑल पार्टी मीटिंग की। इसका न्योता पार्टी के अध्यक्षों को दिया गया था लेकिन सिर्फ BJP के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ही पहुंचे। कांग्रेस और अकाली दल ने प्रतिनिधि भेजे। मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसी बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय की पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और राजस्थान के अधिकारियों से मीटिंग शुरू हो चुकी है। जिसमें पानी को लेकर हुए विवाद के बाद की स्थिति को लेकर चर्चा की जाएगी। ऑल पार्टी मीटिंग के बाद किसने क्या कहा पंजाब CM भगवंत मान की 2 अहम बातें पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ की 2 अहम बातें वहीं इसको लेकर हरियाणा सरकार हाईकोर्ट में भी जाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक एडवोकेट जनरल को ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा गया है। हरियाणा की जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। मंत्री श्रुति चौधरी की 3 अहम बातें… हरियाणा में अधिकारियों के हेडक्वार्टर छोड़ने पर रोक: वहीं हरियाणा में पानी के संकट को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने सभी जिलों में तैनात एसई, एक्सईन, एसडीओ और जेई को किसी भी हालत में हेडक्वार्टर ना छोड़ने को कहा है। उन्होंने आदेश दिया कि जहां पानी की किल्लत है, वहां दूसरी जगह से पानी लेकर उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि हिसार, सिरसा, महेंद्रगढ़, नारनौल और फतेहाबाद में दिक्कत ज्यादा है। पेयजल की राशनिंग की जा रही है। हरियाणा और पंजाब में पानी के विवाद की वजह क्या..
बता दें कि पंजाब ने करीब 18 दिन से भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले साढ़े 8 हजार क्यूसिक पानी को घटाकर 4 हजार क्यूसिक कर दिया। पंजाब के CM भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा अपने कोटे का पानी मार्च में ही खत्म कर चुका है। वह 4 हजार क्यूसिक भी मानवता के आधार पर दे रहे हैं।