हरियाणा में हिसार के बालसमंद से एक पाकिस्तानी हिंदू परिवार को दिल्ली भेज दिया गया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस परिवार में कुल 15 सदस्य हैं। परिवार पिछले 7 महीने से बालसमंद में रह रहा था। परिवार में 3 लड़कियां, 8 बच्चे, 3 महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं। ये सभी पाकिस्तान के सिंध हैदराबाद से आए थे। परिवार एक अक्टूबर 2024 को वीजा समाप्त होने के बाद भी यहीं रह रहा था। परिवार एक निजी अस्पताल की जमीन पर बने कमरे में रह रहा था। सभी सदस्य खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहे थे। परिवार ने खुद को हिंदू बताया था। परिवार का कहना है कि वे पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते। उनका आरोप है कि पाकिस्तान में उन्हें बहुत प्रताड़ित किया जाता है। वे भारत में ही रहना चाहते हैं। हिसार पुलिस ने पूरे परिवार को बस में बिठाकर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप में भेज दिया है। आगे की कार्रवाई दिल्ली से की जाएगी। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को दिया सार्क वीजा रद्द कर दिया है। इसके बाद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का टाइम दिया गया है। 4 पॉइट्स में जानिए कैसे भारत आया पाकिस्तानी परिवार… 1. पाकिस्तान के सिंध हैदराबाद का रहने वाला, रिश्तेदार ने की मदद
राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान से आए कई परिवार कच्चे मकान बनाकर रह रहे थे। तत्कालीन आईएएस टीना डाबी की ओर से इन पाकिस्तान के विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी सिलसिले में दिल्ली निवासी हरिओम भी यहां पहुंचा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात यहां रह रहे दयालदास से हुई। दयालदास, जो 2011 से भारत में रह रहा था। वह भी पाक वीजा पर भारत आया था। दयाल दास ने हरिओम को बताया कि पाकिस्तान के सिंध हैदराबाद में उसकी फैमिली है, जो भारत आना चाहती है। क्योंकि हिंदू होने के नाते पाकिस्तान में उनके बच्चों को स्कूल में कुरान पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता है। बहन-बेटियों पर अत्याचार होता है, मारपीट की जाती है। 2. टूरिस्ट वीजा पर भारत पहुंचा, बाल समंद में आशियाना दिया
इसके बाद हरिओम और दयालदास ने मिलकर सिंध हैदराबाद निवासी शोभो और उसके परिवार को भारत लाने के प्रयास शुरू किए। 45 दिन के टूरिस्ट वीजा पर 25 अगस्त 2024 में इस परिवार को भारत बुला लिया गया। कुछ दिन यह परिवार दिल्ली में रहा, जहां उनकी मदद हरिओम ने की। दिल्ली में ही बालसमंद के निजी अस्पताल संचालक की जानकारी थी। हरिओम ने निजी अस्पताल के मालिक से इस संबंध में बात की। अस्पताल संचालक ने बताया कि उसकी काफी जमीन बालसमंद में है। इसके बाद शोभो के परिवार को बालसमंद में बसा दिया गया। रहने खाने पीने की सुविधा देकर अपने खेत में दिहाड़ी मजदूरी करवाई, ताकि परिवार का गुजारा चलता रहे। 3. वीजा अवधि खत्म, परिवार बोला- मौत मंजूर, पाकिस्तान नहीं जाएंगे
एक अक्टूबर 2024 को इस परिवार के टूरिस्ट वीजा की अवधि खत्म हो गई। मगर, परिवार वहीं रहता रहा। बालसमंद में इस परिवार की मदद करने वाले शमशेर ने इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। प्रशासन ने जब परिवार को लौटने को कहा तो शोभो ने हाथ जोड़कर कहा कि पाकिस्तान में महंगाई इतनी ज्यादा है कि वहां पर परिवार का रहना मुश्किल है। वहां खाने के लिए राशन नहीं है, महंगाई आसमान छू रही है। कपड़े तक खरीदने के लिए पैसे नहीं है। उसने कहा कि हम भारत में ही रहना चाहते हैं, मौत मंजूर है, लेकिन प्रताड़ना झेलने के लिए दोबारा पाकिस्तान नहीं जाएंगे। यहां मजदूरी कर किसी तरह अपना गुज़र-बसर कर लेंगे। 4. लॉन्ग टर्म वीजा के लिए किया आवेदन
इसकी जानकारी हिसार के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन को भी हुई। उन्होंने इसकी जानकारी संबंधित थाने से मंगाई। पता चला कि वीजा समाप्ति के बाद इस परिवार ने दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा भी अप्लाई किया था। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली कार्यालय को इसकी जानकारी दी। तब से परिवार यहीं रह रहा था और पुलिस इन लोगो के सम्पर्क में रही और हर जानकारी दिल्ली देती रही। अब पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने देश में रह रहे सभी पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करने के साथ ही उन्हें 48 घंटे में वापस वतन लौटने के निर्देश दिए है। इसी कड़ी में हिसार पुलिस ने भी इस परिवार को बस में भरकर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप भेज दिया है। पुलिस बोली- परिवार को दिल्ली भेजा
हिसार पुलिस के बालसमंद चौकी इंचार्ज शेषकरण ने बताया कि इस परिवार को हिसार पुलिस ने बस में बैठाकर दिल्ली भेज दिया है। दिल्ली के पाकिस्तानी कैंप में इन्हे छोड़ा गया है। आगामी कार्रवाई भारत सरकार करेगी। पुलिस के मुताबिक वीजा समाप्ति के बाद भी भारत में रहे इस परिवार का 45 दिन का वीजा लगा था। भारत आने के बाद इस परिवार ने वापस अपने देश जाने से मना कर दिया था। वीजा समाप्ति के बाद इस परिवार ने दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा भी अप्लाई किया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के फैसले…
हरियाणा में हिसार के बालसमंद से एक पाकिस्तानी हिंदू परिवार को दिल्ली भेज दिया गया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस परिवार में कुल 15 सदस्य हैं। परिवार पिछले 7 महीने से बालसमंद में रह रहा था। परिवार में 3 लड़कियां, 8 बच्चे, 3 महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं। ये सभी पाकिस्तान के सिंध हैदराबाद से आए थे। परिवार एक अक्टूबर 2024 को वीजा समाप्त होने के बाद भी यहीं रह रहा था। परिवार एक निजी अस्पताल की जमीन पर बने कमरे में रह रहा था। सभी सदस्य खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहे थे। परिवार ने खुद को हिंदू बताया था। परिवार का कहना है कि वे पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते। उनका आरोप है कि पाकिस्तान में उन्हें बहुत प्रताड़ित किया जाता है। वे भारत में ही रहना चाहते हैं। हिसार पुलिस ने पूरे परिवार को बस में बिठाकर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप में भेज दिया है। आगे की कार्रवाई दिल्ली से की जाएगी। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को दिया सार्क वीजा रद्द कर दिया है। इसके बाद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का टाइम दिया गया है। 4 पॉइट्स में जानिए कैसे भारत आया पाकिस्तानी परिवार… 1. पाकिस्तान के सिंध हैदराबाद का रहने वाला, रिश्तेदार ने की मदद
राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान से आए कई परिवार कच्चे मकान बनाकर रह रहे थे। तत्कालीन आईएएस टीना डाबी की ओर से इन पाकिस्तान के विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी सिलसिले में दिल्ली निवासी हरिओम भी यहां पहुंचा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात यहां रह रहे दयालदास से हुई। दयालदास, जो 2011 से भारत में रह रहा था। वह भी पाक वीजा पर भारत आया था। दयाल दास ने हरिओम को बताया कि पाकिस्तान के सिंध हैदराबाद में उसकी फैमिली है, जो भारत आना चाहती है। क्योंकि हिंदू होने के नाते पाकिस्तान में उनके बच्चों को स्कूल में कुरान पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता है। बहन-बेटियों पर अत्याचार होता है, मारपीट की जाती है। 2. टूरिस्ट वीजा पर भारत पहुंचा, बाल समंद में आशियाना दिया
इसके बाद हरिओम और दयालदास ने मिलकर सिंध हैदराबाद निवासी शोभो और उसके परिवार को भारत लाने के प्रयास शुरू किए। 45 दिन के टूरिस्ट वीजा पर 25 अगस्त 2024 में इस परिवार को भारत बुला लिया गया। कुछ दिन यह परिवार दिल्ली में रहा, जहां उनकी मदद हरिओम ने की। दिल्ली में ही बालसमंद के निजी अस्पताल संचालक की जानकारी थी। हरिओम ने निजी अस्पताल के मालिक से इस संबंध में बात की। अस्पताल संचालक ने बताया कि उसकी काफी जमीन बालसमंद में है। इसके बाद शोभो के परिवार को बालसमंद में बसा दिया गया। रहने खाने पीने की सुविधा देकर अपने खेत में दिहाड़ी मजदूरी करवाई, ताकि परिवार का गुजारा चलता रहे। 3. वीजा अवधि खत्म, परिवार बोला- मौत मंजूर, पाकिस्तान नहीं जाएंगे
एक अक्टूबर 2024 को इस परिवार के टूरिस्ट वीजा की अवधि खत्म हो गई। मगर, परिवार वहीं रहता रहा। बालसमंद में इस परिवार की मदद करने वाले शमशेर ने इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। प्रशासन ने जब परिवार को लौटने को कहा तो शोभो ने हाथ जोड़कर कहा कि पाकिस्तान में महंगाई इतनी ज्यादा है कि वहां पर परिवार का रहना मुश्किल है। वहां खाने के लिए राशन नहीं है, महंगाई आसमान छू रही है। कपड़े तक खरीदने के लिए पैसे नहीं है। उसने कहा कि हम भारत में ही रहना चाहते हैं, मौत मंजूर है, लेकिन प्रताड़ना झेलने के लिए दोबारा पाकिस्तान नहीं जाएंगे। यहां मजदूरी कर किसी तरह अपना गुज़र-बसर कर लेंगे। 4. लॉन्ग टर्म वीजा के लिए किया आवेदन
इसकी जानकारी हिसार के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन को भी हुई। उन्होंने इसकी जानकारी संबंधित थाने से मंगाई। पता चला कि वीजा समाप्ति के बाद इस परिवार ने दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा भी अप्लाई किया था। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली कार्यालय को इसकी जानकारी दी। तब से परिवार यहीं रह रहा था और पुलिस इन लोगो के सम्पर्क में रही और हर जानकारी दिल्ली देती रही। अब पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने देश में रह रहे सभी पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करने के साथ ही उन्हें 48 घंटे में वापस वतन लौटने के निर्देश दिए है। इसी कड़ी में हिसार पुलिस ने भी इस परिवार को बस में भरकर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप भेज दिया है। पुलिस बोली- परिवार को दिल्ली भेजा
हिसार पुलिस के बालसमंद चौकी इंचार्ज शेषकरण ने बताया कि इस परिवार को हिसार पुलिस ने बस में बैठाकर दिल्ली भेज दिया है। दिल्ली के पाकिस्तानी कैंप में इन्हे छोड़ा गया है। आगामी कार्रवाई भारत सरकार करेगी। पुलिस के मुताबिक वीजा समाप्ति के बाद भी भारत में रहे इस परिवार का 45 दिन का वीजा लगा था। भारत आने के बाद इस परिवार ने वापस अपने देश जाने से मना कर दिया था। वीजा समाप्ति के बाद इस परिवार ने दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा भी अप्लाई किया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के फैसले…